नागपुर स्नातक एमएलसी चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी अभिजीत वंजारी ने भाजपा के सुधाकर कोहाले को हराया महाराष्ट्र विधान परिषद के नागपुर संभाग स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस के मौजूदा एमएलसी अभिजीत वंजारी ने कड़े मुकाबले के बाद भाजपा के सुधाकर कोहाले को 3,271 वोटों से पराजित कर दिया है। महाराष्ट्र विधान परिषद के नागपुर संभाग स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस पार्टी ने रोमांचक मुकाबले के बाद अपनी जीत दर्ज की है। कांग्रेस के मौजूदा एमएलसी अभिजीत वंजारी ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार को 3,271 मतों के अंतर से हराकर इस सीट पर अपना कब्जा बरकरार रखा। इस चुनाव में वोटो की गिनती मंगलवार सुबह शुरू हुई थी, जो मैराथन प्रक्रिया के बाद गुरुवार तड़के जाकर पूरी हुई। अंतिम परिणाम के मुताबिक कांग्रेस के अभिजीत वंजारी को कुल 67,231 वोट हासिल हुए, जबकि उनके सामने मैदान में उतरे भाजपा प्रत्याशी और पूर्व विधायक सुधाकर कोहाले को 63,960 वोट मिले। देवेंद्र फडणवीस और नितिन गडकरी के गृह नगर में भाजपा को झटका नागपुर संभाग स्नातक सीट का यह परिणाम भारतीय जनता पार्टी के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि यह क्षेत्र महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का गृह नगर है। दोनों ही प्रमुख नेताओं ने पार्टी उम्मीदवार सुधाकर कोहाले के समर्थन में जोरदार प्रचार अभियान चलाया था। हालांकि तमाम प्रयासों के बावजूद मतदाताओं ने कांग्रेस के अभिजीत वंजारी पर भरोसा जताया। मतगणना के शुरुआती चरणों में मुकाबला बेहद पेचीदा रहा था और बुधवार को वोटों की गिनती के दूसरे दौर के बाद भाजपा प्रत्याशी कोहाले अपने कांग्रेस प्रतिद्वंद्वी से 4,294 वोटों की बढ़त बनाए हुए थे। पहली वरीयता के कोटे से चूके प्रत्याशी, दूसरी वरीयता से हुआ फैसला इस चुनाव में पहली और दूसरी दोनों वरीयता के वोटों की गिनती करनी पड़ी। पहली वरीयता (फर्स्ट प्रेफरेंस) के वोटों के दूसरे दौर की समाप्ति पर भाजपा के सुधाकर कोहाले को 60,924 वोट प्राप्त हुए थे, वहीं कांग्रेस के अभिजीत वंजारी के खाते में 56,630 वोट आए थे। इसी मुकाबले में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरे नितेश कराले ने भी 24,249 वोट हासिल किए। पहले दौर में किसी भी प्रत्याशी को जीत के लिए तय न्यूनतम कोटा हासिल नहीं हो सका। इसके चलते चुनाव अधिकारियों को दूसरी वरीयता (सेकंड प्रेफरेंस) के वोटों की गिनती और एलिमिनेशन राउंड (छंटनी प्रक्रिया) शुरू करनी पड़ी। छंटनी का दौर खत्म होने के बाद अभिजीत वंजारी का आंकड़ा 67,231 पर पहुंचा और कोहाले 63,960 वोटों पर सिमट गए, जिससे वंजारी को विजयी घोषित किया गया। अभिजीत वंजारी की लगातार दूसरी जीत का सियासी सफर अभिजीत गोविंदराव वंजारी ने नागपुर संभाग स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से लगातार दूसरी बार जीत हासिल कर अपनी मजबूत पकड़ साबित की है। इससे पूर्व उन्होंने 2020 के चुनाव में भी इस सीट पर जीत दर्ज की थी, जब उन्होंने भाजपा प्रत्याशी संदीप जोशी को पराजित किया था। पेशे से वकील और शिक्षाविद अभिजीत वंजारी लंबे समय से कांग्रेस संगठन से जुड़े हुए हैं। नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का राजनीतिक इतिहास काफी महत्वपूर्ण रहा है, क्योंकि लंबे समय तक इस सीट का प्रतिनिधित्व केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने किया था और वे कई कार्यकाल तक यहां से एमएलसी रहे थे। वंजारी की इस ताजा जीत ने क्षेत्र में कांग्रेस के प्रभाव को एक बार फिर रेखांकित किया है। इसका आप पर असर नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के इस चुनाव परिणाम से राज्य स्तर पर राजनीतिक समीकरणों और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व पर सीधा असर पड़ेगा। • महाराष्ट्र में: विधान परिषद चुनाव के इस नतीजे से विपक्षी खेमे का मनोबल बढ़ेगा। सत्ताधारी गठबंधन के लिए आगामी चुनावों से पहले संगठनात्मक स्तर पर रणनीति की समीक्षा करना जरूरी हो जाएगा। • नागपुर संभाग में: स्नातक मतदाताओं का प्रतिनिधित्व अगले छह साल के कार्यकाल तक अभिजीत वंजारी के हाथ में रहेगा। स्थानीय शिक्षित युवाओं और डिग्री धारकों से जुड़े मुद्दों पर विधान परिषद में मौजूदा नेतृत्व अपनी बात जारी रखेगा। • मतदाताओं के लिए: वरीयता आधारित मतदान प्रणाली में प्रत्येक वोट और दूसरी वरीयता के महत्व की पुष्टि हुई है। मतदाताओं को यह स्पष्ट हुआ कि करीबी मुकाबलों में एलिमिनेशन प्रक्रिया किस तरह अंतिम परिणाम बदल सकती है। • राजनीतिक दलों के लिए: शीर्ष नेतृत्व के गृह क्षेत्र में प्रचार के बावजूद परिणाम अलग आ सकते हैं। स्थानीय संगठनात्मक जुड़ाव और व्यक्तिगत संपर्क स्नातक सीटों पर निर्णयक भूमिका निभाते हैं। ऐसा क्यों हुआ यह चुनाव परिणाम पहले दौर में किसी उम्मीदवार को निर्धारित जीत का कोटा न मिलने और दूसरी वरीयता के वोटों की छंटनी के कारण इस मोड़ पर पहुंचा। • सीधा कारण: प्रथम वरीयता मतों में कोटा पूरा न होने के कारण एलिमिनेशन राउंड कराना पड़ा। छंटनी प्रक्रिया के दौरान दूसरी वरीयता के मतों के अंतरण से अभिजीत वंजारी 3,271 वोटों की निर्णायक बढ़त बनाकर जीत गए। • चुनावी पृष्ठभूमि: बुधवार को दूसरे दौर तक भाजपा के सुधाकर कोहाले 4,294 मतों से आगे चल रहे थे, जबकि निर्दलीय नितेश कराले को 24,249 वोट मिले। तीसरे प्रत्याशी को मिले वोटों के बंटवारे और वरीयता मतों के स्थानांतरण ने अंतिम दौर में संतुलन बदल दिया। • ऐतिहासिक स्थिति: नागपुर स्नातक सीट लंबे समय तक केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का गढ़ रही थी, जिसे 2020 में अभिजीत वंजारी ने भाजपा के संदीप जोशी को हराकर जीता था। वंजारी की यह जीत उसी निरंतरता और स्नातक वर्ग में उनकी मजबूत पैठ को दर्शाती है। सवाल-जवाब 1. नागपुर स्नातक एमएलसी चुनाव में किसकी जीत हुई? कांग्रेस के मौजूदा एमएलसी अभिजीत गोविंदराव वंजारी ने इस चुनाव में जीत दर्ज की है। 2. अभिजीत वंजारी ने अपने प्रतिद्वंद्वी को कितने वोटों के अंतर से हराया? उन्होंने भाजपा उम्मीदवार सुधाकर कोहाले को 3,271 वोटों के अंतर से हराया। 3. विजेता और उपविजेता को कुल कितने-कितने वोट मिले? अभिजीत वंजारी को कुल 67,231 वोट मिले, जबकि भाजपा के सुधाकर कोहाले को 63,960 वोट हासिल हुए। 4. निर्दलीय उम्मीदवार नितेश कराले को कितने मत मिले? निर्दलीय प्रत्याशी नितेश कराले ने पहली वरीयता की मतगणना में 24,249 वोट हासिल किए। 5. वोटों की गिनती कब शुरू हुई और कब समाप्त हुई? मतगणना मंगलवार की सुबह शुरू हुई थी और गुरुवार तड़के जाकर पूरी हुई। 6. फैसला दूसरी वरीयता के वोटों से क्यों हुआ? पहले दौर में किसी भी उम्मीदवार को जीत के लिए निर्धारित जरूरी वोटों का कोटा नहीं मिल सका था, इसलिए एलिमिनेशन राउंड करना पड़ा। 7. अभिजीत वंजारी ने इससे पहले यह सीट कब जीती थी? अभिजीत वंजारी ने इससे पहले 2020 के चुनाव में भाजपा के संदीप जोशी को हराकर यह सीट जीती थी। https://trendkia.com/maharashtra/nagpur-snataka-mlc-chunava-men-congress-pratyashi-abhijit-wanjari-ne-bjp-ke-sudhakar-kohale-ko-haraya-52818 TrendKia — Har trend, sabse pehle.