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  "title": "एनडीए में नहीं जाएंगे शरद पवार, महाराष्ट्र में पार्टी के विलय की अटकलों पर विजय वडेट्टीवार का बड़ा बयान",
  "summary": "महाराष्ट्र की राजनीति में शरद पवार के स्वास्थ्य और एनडीए में जाने की चर्चाओं के बीच कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने स्पष्ट किया है कि पवार कभी एनडीए में शामिल नहीं होंगे।",
  "content": "महाराष्ट्र की सियासी गलियारों में एक बार फिर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है, जिसका केंद्र एनसीपी (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार हैं। वर्तमान में मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती शरद पवार को लेकर राज्य में तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। इन अटकलों में मुख्य रूप से एनसीपी के दोनों प्रतिद्वंद्वी धड़ों के बीच संभावित विलय और शरद पवार के एनडीए में शामिल होने की बातें सामने आ रही हैं। इन तमाम राजनीतिक चर्चाओं के बीच कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और विधायक विजय वडेट्टीवार ने सामने आकर इन दाースों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि शरद पवार कभी भी एनडीए में नहीं जाने वाले हैं।\n\n \n\nशरद पवार के एनडीए में जाने की संभावनाओं पर विराम\n जब मीडिया की तरफ से यह सवाल किया गया कि क्या वाकई शरद पवार के एनडीए में जाने को लेकर कोई बातचीत चल रही है, तो कांग्रेस नेता ने बेहद साफगोई से जवाब दिया। विजय वडेट्टीवार ने कहा कि उन्हें ऐसा बिल्कुल नहीं लगता और पवार साहब एनडीए का रुख नहीं करेंगे। उन्होंने शरद पवार की राजनीतिक पृष्ठभूमि का जिक्र करते हुए कहा कि वे हमेशा से एक अलग विचारधारा के नेता रहे हैं जो हमेशा प्रगतिशील कार्यक्रमों और सिद्धांतों को आगे बढ़ाने के लिए समर्पित रहे हैं। पिछले कई दशकों और विशेषकर पिछले 15 वर्षों के दौरान वे लगातार विपक्ष में डटे रहे और कभी भी इस तरह का समझौतावादी निर्णय नहीं लिया। यहां तक कि जब उनकी अपनी पार्टी में बड़ी टूट हुई और उसे दो हिस्सों में बांटा गया, तब भी उन्होंने कभी ऐसा कदम उठाने के बारे में नहीं सोचा।\n\n विजय वडेट्टीवार ने आगे विस्तार से बताते हुए कहा कि शरद पवार ने अपनी जिंदगी के आखिरी सांस तक यही बात कही है कि वे महात्मा ज्योतिराव फुले, राजर्षि शाहू महाराज, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर और छत्रपति शिवाजी महाराज के विचारों को अपने जीवन में लेकर आगे बढ़ते रहेंगे। यही उनकी मूल राजनीतिक प्रेरणा और विचारधारा है। नेता ने यह भी स्पष्ट किया कि बीमारी की स्थिति में बड़े नेताओं का एक-दूसरे से मिलना-जुलना और उनका हालचाल पूछना एक आम बात है, इसलिए किसी की अस्पताल में मुलाकात को राजनीतिक समीकरणों से जोड़ना पूरी तरह बेबुनियाद है। उनके अनुसार, शरद पवार के एनडीए में शामिल होने या उसे समर्थन देने दूर-दूर तक कोई भी चांस दिखाई नहीं देता है।\n\n \n\nएनसीपी के दोनों गुटों के मर्जर की संभावनाओं को नकारा\n महाराष्ट्र में एनसीपी के दोनों गुटों के मर्जर के संबंध में बात करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने दो टूक शब्दों में कहा कि ऐसा बिल्कुल नहीं होने वाला है। उन्होंने कहा कि अजित दादा के जाने के बाद वर्तमान एनसीपी के भीतर भारी घमासान मचा हुआ है और संगठन के अंदर हीस जबरदस्त टकराव की स्थिति बनी हुई है। दोनों खेमों के बीच इतनी बड़ी दूरियां बन चुकी हैं कि अब कोई भी किसी दूसरे का नेतृत्व स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है। पार्टी के भीतर मतभेद गहरे हो चुके हैं और तालमेल बिठाना बेहद कठिन हो गया है।\n\n कांग्रेस नेता ने कुछ नेताओं के रुख पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन लोगों पर ईडी की जांच की तलवार लटक रही है और जिनके हाथ पत्थर के नीचे दबे हुए हैं, वे केवल सत्ता के साथ चिपके रहने और जेल की सलाखों के पीछे जाने से बचने के लिएनित नए प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह केवल कुछ खास नेताओं की व्यक्तिगत मानसिकता है क्योंकि उनके खिलाफ चल रही कानूनी जांच काफी आगे बढ़ चुकी है। भारतीय जनता पार्टी की कार्यशैली पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने जोड़ा कि भाजपा की पुरानी रणनीति यही रही है कि पहले किसी पर भ्रष्टाचार के आरोप मढ़ो और बाद में उसी व्यक्ति को अपनी पार्टी में शामिल कर लो।\n\n ये भी पढ़ें- \"सुप्रिया सुले तैयार हो गई हैं\", PM मोदी ने शरद पवार से फोन पर कहा, NCP सुप्रीमो ने दिया जवाब\n\n \"शरद पवार को NDA में आना चाहिए, पहले आ गए होते तो बन सकते थे राष्ट्रपति\", रामदास आठवले का बड़ा बयान\n\nइसका आप पर असर\nमहाराष्ट्र की राजनीति में चल रही इन चर्चाओं का सीधा असर राज्य के आम मतदाताओं और राजनीतिक समीकरणों पर पड़ सकता है।\n\n• भारत में: राष्ट्रीय स्तर पर इस तरह के राजनीतिक घटनाक्रम क्षेत्रीय दलों की रणनीतियों और महायुति-महाविकास आघाड़ी के बीच बनने वाले समीकरणों को प्रभावित करते हैं। इससे आने वाले चुनावों से पहले राज्य की जनता के बीच राजनीतिक स्थिरता और गठबंधनों को लेकर असमंजस की स्थिति बन सकती है।\n• महाराष्ट्र में: महाराष्ट्र के मतदाताओं और स्थानीय कार्यकर्ताओं के लिए इन अटकलों का सीधा मतलब यह है कि एनसीपी के दोनों गुटों के एक होने की संभावना फिलहाल बहुत कम है। राज्य के लोगों को यह स्पष्ट होता है कि वैचारिक मतभेद और कानूनी जांच के दबाव के चलते क्षेत्रीय दलों में उथल-पुथल बनी रहेगी।\n\nऐसा क्यों हुआ\nयह राजनीतिक हलचल शरद पवार के अस्पताल में भर्ती होने और राज्य में दोनों एनसीपी गुटों के बीच विलय की अटकलें शुरू होने के बाद तेज हुई।\n\n• अस्पताल में भर्ती होना: एनसीपी प्रमुख शरद पवार के मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती होने के बाद उनके राजनीतिक भविष्य और संभावित गठबंधनों को लेकर अटकलों का बाजार गर्म हो गया था।\n• पार्टी के भीतर टूट: एनसीपी में पहले हुई बड़ी फूट और दोनों गुटों के बीच नेतृत्व को लेकर चल रहे गहरे मतभेदों के कारण विलय की चर्चाओं को बल मिला।\n• ईडी जांच का दबाव: कुछ नेताओं पर चल रही केंद्रीय जांच एजेंसियों की जांच को लेकर यह तर्क दिया जा रहा है कि सत्ता में बने रहने के लिए कुछ लोग समझौते का प्रयास कर रहे हैं।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. शरद पवार इस समय कहाँ भर्ती हैं?\nशरद पवार मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती हैं।\n\n2. एनसीपी के विलय की अटकलों पर किस नेता ने बयान दिया है?\nकांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधायक विजय वडेट्टीवार ने इन अटकलों पर बयान दिया है।\n\n3. विजय वडेट्टीवार ने एनडीए में जाने को लेकर क्या कहा है?\nविजय वडेट्टीवार ने स्पष्ट किया है कि शरद पवार एनडीए में नहीं जाएंगे।\n\n4. शरद पवार किन महापुरुषों के विचारों को लेकर आगे बढ़ने की बात करते हैं?\nशरद पवार फुले, शाहू, आंबेडकर और शिवाजी महाराज के विचारों को लेकर आगे बढ़ने की बात करते हैं।\n\n5. क्या एनसीपी के दोनों गुटों का मर्जर होगा?\nविजय वडेट्टीवार के अनुसार एनसीपी का मर्जर बिल्कुल नहीं होगा क्योंकि दोनों गुटों में बड़ा टकराव है।",
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