# पालघर में मेला देखकर लौट रहे छात्रों की बाइक दुर्घटनाग्रस्त, दो की मौत और तीन घायल

> महाराष्ट्र के पालघर जिले में आश्रम स्कूल से छिपकर मेला देखने गए पांच छात्रों की बाइक गड्ढे में गिर गई। इस सड़क हादसे में दो छात्रों की मौत हो गई और तीन गंभीर रूप से घायल हो गए।

**Type:** article · **Category:** महाराष्ट्र · **Published:** 2026-10-20 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/maharashtra/palghar-men-mela-dekhakara-lauta-rahe-chhatron-ki-baika-durghatanagrasta-do-ki-mauta-aura-tina-ghayala-49798 · **Language:** Hindi
**Tags:** पालघर हादसा, सड़क दुर्घटना, जव्हार तालुका, महाराष्ट्र न्यूज़, छात्र मौत, ITDP कार्रवाई

महाराष्ट्र के पालघर जिले से एक बहुत ही दुखद और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक आश्रम स्कूल के पाँच छात्र बिना किसी को बताए चुपके से पास के एक गाँव में लगे मेले में शामिल होने के लिए निकल गए थे। जब वे वापस अपने हॉस्टल लौट रहे थे, तो उनकी बाइक अचानक फिसल गई और सड़क के किनारे बने एक गहरे गड्ढे में जा गिरी। इस भयानक सड़क हादसे में दो छात्रों की मौके पर ही जान चली गई, जबकि उनके तीन अन्य साथी गंभीर रूप से घायल हो गए। यह पूरी घटना सोमवार तड़के जव्हार तालुका के इलाके में हुई, जिसके बाद पूरे शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है।

## मेले से लौटने के दौरान हुआ दर्दनाक हादसा

जव्हार पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने इस दुर्घटना के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि ये सभी छात्र हॉस्टल से चुपचाप निकलकर एक ही बाइक पर सवार होकर बाहर गए थे। 19 अक्टूबर को रात करीब 2:30 बजे से 3:00 बजे के बीच जब वे वापस अपने स्कूल लौट रहे थे, तब कोंग्डी घाट के पास उनकी तेज रफ्तार बाइक नियंत्रण खो बैठी और एक भीषण दुर्घटना का शिकार हो गई। इस दर्दनाक हादसे में सुमित मोतीराम भिंगल (18) और प्रीतम गणेश पोटिंडा (15) नामक दो छात्रों की मौत हो गई। इसके अलावा तीन अन्य छात्र इस दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनका इलाज अभी चल रहा है।

## अस्पताल में भर्ती और लापरवाही के आरोप

घटना की जानकारी देते हुए पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हादसे के वक्त वहाँ से गुजर रहे एक अन्य वाहन चालक ने तुरंत जव्हार पुलिस को इस दुर्घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुँची और सभी घायलों को फौरन जव्हार के एक कॉटेज अस्पताल में भर्ती कराया गया। लेकिन छात्रों की हालत बेहद गंभीर होने के कारण डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर और उन्नत इलाज के लिए नासिक के एक बड़े अस्पताल में रेफर कर दिया। इस दुखद घटना के सामने आने के बाद अब यह बड़ा सवाल उठ रहा है कि आखिर हॉस्टल के हेडमास्टर, वार्डन और नाइट वॉचमैन की मौजूदगी और कड़ी निगरानी के बावजूद, ये पाँचों छात्र इतनी रात को बिना किसी की जानकारी के बाहर कैसे निकल गए।

## प्रशासनिक कार्रवाई और कारण बताओ नोटिस

इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए इंटीग्रेटेड ट्राइबल डेवलपमेंट प्रोजेक्ट यानी ITDP की एक विशेषजाँच समिति ने अपनी रिपोर्ट सौंपी है, जिसमें सुरक्षा व्यवस्था में भारी लापरवाही और खामियाँ सामने आई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, हॉस्टल के अंदर ऐसे बाहरी छात्रों को भी आने की अनुमति दी जाती थी जो उस आवासीय विद्यालय में नहीं रहते थे। इसके अलावा, पहले भी कई बार चेतावनी दिए जाने के बावजूद परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे खराब पड़े थे और उन्हें ठीक नहीं कराया गया था। इस लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई करते हुए ITDP प्रोजेक्ट ऑफिसर और जव्हार के असिस्टेंट कलेक्टर पालघर के जिला प्रशासन के निर्देश पर स्कूल प्रबंधन, प्रधानाध्यापक, वार्डन और सुरक्षा चौकीदार को औपचारिक तौर पर कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है।

## आपराधिक मुकदमा दर्ज करने की जोरदार माँग

घटना के बाद जनता में भारी आक्रोश है और छात्रों की सुरक्षा में हुई भारी चूकों को देखते हुए स्थानीय शिक्षण संस्थान ने तुरंत प्रभाव से प्रधानाध्यापक, हॉस्टल वार्डन और नाइट वॉचमैन को सस्पेंड कर दिया है। इसके बावजूद, एक स्थानीय संगठन ने कड़ा रुख अपनाते हुए माँग की है कि इन सभी जिम्मेदार लोगों यानी स्कूल के प्रधानाध्यापक, वार्डन, रात के चौकीदार और प्रबंधन के ट्रस्टियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता यानी BNS के सुसंगत प्रावधानों के तहत सख्त आपराधिक मामला दर्ज किया जाना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा न हो सके।

## इसका आप पर असर
यह घटना विशेष रूप से आवासीय विद्यालयों और हॉस्टलों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है, जिसका असर पूरे देश के शैक्षणिक संस्थानों पर पड़ना तय है।

- **भारत में:** देश भर के सभी आवासीय विद्यालयों और छात्रवासों में सुरक्षा मानकों की नए सिरे से समीक्षा की जाएगी। प्रशासन रात के समय छात्रों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए नाइट विजन कैमरे और सख्त पहरेदारी अनिवार्य कर सकता है।

- **पालघर में:** स्थानीय अभिभावकों में अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता फैल गई है और वे स्कूलों में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की माँग कर रहे हैं। प्रशासन ने जिले के सभी आश्रम स्कूलों और हॉस्टलों में औचक निरीक्षण तेज करने के आदेश दिए हैं।

## ऐसा क्यों हुआ
यह दुखद हादसा हॉस्टल प्रबंधन की भारी लापरवाही और रात के समय सुरक्षा तंत्र के पूरी तरह फेल हो जाने के कारण हुआ। छात्रों का बिना रोक-टोक बाहर निकलना और खराब सीसीटीवी कैमरों का समय पर ठीक न होना इस दुर्घटना की मुख्य वजह बने।

- **सुरक्षा में बड़ी चूक:** हॉस्टल के भीतर रात के समय पहरा देने वाले चौकीदार और वार्डन अपनी ड्यूटी पर मुस्तैद नहीं थे, जिससे छात्रों को परिसर से चुपचाप बाहर निकलने का मौका मिल गया।

- **कैमरे खराब होना:** परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे लंबे समय से खराब पड़े थे, जिसके कारण प्रबंधन को छात्रों की इस गतिविधि की समय रहते भनक नहीं लग पाई।

- **बाहरी लोगों की एंट्री:** जाँच समिति की रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ कि हॉस्टल परिसर में बिना अनुमति के बाहरी छात्रों का आना-जाना लगा रहता था, जिससे अनुशासन पूरी तरह चरमरा गया था।

## सवाल-जवाब

### 1. यह दुर्घटना कहाँ और किस समय हुई?
यह दुर्घटना महाराष्ट्र के पालघर जिले के जव्हार तालुका में 19 अक्टूबर को तड़के 2:30 से 3:00 बजे के बीच हुई।

### 2. इस हादसे में कितने छात्रों की मौत हुई?
इस सड़क हादसे में सुमित मोतीराम भिंगल और प्रीतम गणेश पोटिंडा नाम के दो छात्रों की मौत हो गई।

### 3. छात्र हॉस्टल से बाहर क्यों गए थे?
छात्र हॉस्टल से चुपके से निकलकर पास के सरसुन गाँव में नवरात्रि उत्सव का मेला देखने गए थे।

### 4. घायल छात्रों का इलाज कहाँ चल रहा है?
घायल छात्रों को पहले जव्हार के कॉटेज अस्पताल ले जाया गया था, और बाद में उनकी गंभीर हालत को देखते हुए नासिक के अस्पताल में रेफर कर दिया गया।

### 5. प्रशासन ने किन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की है?
इंटीग्रेटेड ट्राइबल डेवलपमेंट प्रोजेक्ट की रिपोर्ट के आधार पर स्कूल के हेडमास्टर, वार्डन और नाइट वॉचमैन को सस्पेंड कर दिया गया है।

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