# प्रवर्तन निदेशालय का दोहरे बैंक घोटालों पर शिकंजा, इलेक्ट्रोथर्म की 43.65 करोड़ की संपत्ति कुर्क और यवतमाल में छापे

> प्रवर्तन निदेशालय ने बैंक धोखाधड़ी मामलों में सख्त रुख अपनाते हुए इलेक्ट्रोथर्म की करोड़ों की संपत्ति अटैच की है, वहीं महाराष्ट्र के यवतमाल में सहकारी बैंक घोटाले के सिलसिले में कई ठिकानों पर तलाशी ली है।

**Type:** article · **Category:** महाराष्ट्र · **Published:** 2026-10-01 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/maharashtra/pravartana-nideshalaya-ka-dohare-bainka-ghotalon-para-shiknja-electrotherm-ki-43-65-karora-ki-snpatti-kurka-aura-yavatmal-men-chha-41361 · **Language:** Hindi
**Tags:** प्रवर्तन निदेशालय, इलेक्ट्रोथर्म इंडिया, बैंक फ्रॉड, यस बैंक, यवतमाल घोटाला, बाबाजी दाते महिला सहकारी बैंक, मनी लॉन्ड्रिंग, आरबीआई

बैंकों के साथ धोखाधड़ी और वित्तीय अनियमितताओं के मामलों में प्रवर्तन निदेशालय ने दो अलग-अलग राज्यों में व्यापक कार्रवाई अंजाम दी है। गुजरात में केंद्रीय जांच एजेंसी के अहमदाबाद जोनल कार्यालय ने मेसर्स इलेक्ट्रोथर्म (इंडिया) लिमिटेड के विरुद्ध मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम, 2002 के तहत कदम उठाते हुए 43.65 करोड़ रुपये मूल्य की चल संपत्तियों को अनंतिम रूप से कुर्क किया है। वित्तीय धोखाधड़ी की जड़ तक पहुंचने के लिए की गई इस कार्रवाई से कॉर्पोरेट जगत और बैंकिंग क्षेत्र में सख्त संदेश गया है।

## इलेक्ट्रोथर्म मामले में जब्त संपत्तियां और कुल आंकड़ा
अहमदाबाद कार्यालय द्वारा की गई कुर्की की इस कार्रवाई में यस बैंक के दो अलग-अलग खातों में जमा 25.08 करोड़ रुपये की नकदी शामिल है। इसके साथ ही जांच एजेंसी ने कंपनी प्रमोटर्स के 13,57,775 शेयर भी अपने कब्जे में ले लिए हैं, जिनका वर्तमान बाजार मूल्य लगभग 18.57 करोड़ रुपये आंका गया है। इन नई संपत्तियों के जुड़ने के बाद इस पूरे बैंक फ्रॉड प्रकरण में अब तक की गई जब्ती, कुर्की और बैंक खातों को फ्रीज करने का कुल आंकड़ा 81.97 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि मनी लॉन्ड्रिंग के इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए विस्तृत छानबीन लगातार आगे बढ़ रही है।

## यवतमाल के महिला सहकारी बैंक में 242 करोड़ का घोटाला
वहीं दूसरी ओर, महाराष्ट्र के यवतमाल जिले में स्थित बाबाजी दाते महिला सहकारी बैंक में हुए 242 करोड़ रुपये के बड़े वित्तीय घोटाले पर भी केंद्रीय एजेंसी का शिकंजा कसा है। मुंबई जोनल यूनिट ने धन शोधन निवारण कानून के तहत यवतमाल के 9 प्रमुख परिसरों पर सघन तलाशी अभियान संचालित किया। यह कार्रवाई अवधूतवाड़ी पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई विभिन्न प्राथमिकियों के आधार पर शुरू की गई है, जिनमें बैंक प्रबंधन से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों, कर्मचारियों और अनुचित लाभ लेने वाले कर्जदारों को नामजद किया गया था।

## नियमों की अनदेखी और लाइसेंस निरस्तीकरण
बाबाजी दाते महिला सहकारी बैंक लिमिटेड महाराष्ट्र सहकारी सोसायटी अधिनियम, 1960 की धारा 9(1) के अंतर्गत पंजीकृत संस्था थी। बैंक में जमाकर्ताओं के पैसों के दुरुपयोग और व्यवस्थित धोखाधड़ी की व्यापक शिकायतें मिलने के बाद राज्य सरकार ने इसका विशेष ऑडिट कराया था। इस आधिकारिक ऑडिट में सामने आया कि बैंक के सीईओ, चेयरपर्सन, निदेशकों और अन्य अधिकारियों ने बाहरी वैल्यूअर्स, ऑडिटर्स और चुनिंदा कर्जदारों के साथ मिलकर एक संगठित षड्यंत्र रचा था। लोन बांटते समय न तो पर्याप्त जमानत ली गई और न ही कर्जदारों की वित्तीय क्षमता का सत्यापन किया गया। इसके बाद ऋण राशि को नियमों तथा भारतीय रिज़र्व बैंक के दिशा-निर्देशों के विपरीत अन्यत्र ट्रांसफर कर दिया गया। इसी वित्तीय कुप्रबंधन के चलते भारतीय रिज़र्व बैंक ने वर्ष 2022 में बैंक का बैंकिंग लाइसेंस हमेशा के लिए रद्द कर दिया था।

## इसका आप पर असर
बैंकों और वित्तीय संस्थानों में होने वाले घोटालों पर जांच एजेंसियों की सख्त कार्रवाई आम नागरिकों की गाढ़ी कमाई की सुरक्षा तय करती है।

- **भारत में:** बैंकिंग धोखाधड़ी के खिलाफ संपत्तियों की जब्ती से कर्ज लेकर गबन करने वाली कंपनियों पर नकेल कसती है। इससे वित्तीय प्रणाली में अनुशासन बना रहता है और बैंकों का एनपीए कम करने में मदद मिलती है।
- **महाराष्ट्र में:** यवतमाल में सहकारी बैंक के खिलाफ कार्रवाई से उन स्थानीय जमाकर्ताओं को राहत की उम्मीद बंधती है जिनका पैसा फंसा था। हालांकि लाइसेंस रद्द होने से खाताधारकों को अपनी नियमित जमा पूंजी की वापसी के लिए तय कानूनी प्रक्रियाओं का इंतजार करना पड़ता है।
- **कॉर्पोरेट शेयरधारकों के लिए:** प्रमोटर्स के शेयरों और बैंक खातों के अटैच होने से संबंधित कंपनियों के संचालन और बाजार साख पर सीधा नकारात्मक असर पड़ता है। निवेशकों को ऐसी जांच के दायरे में आई कंपनियों के वित्तीय जोखिमों का पुनर्मूल्यांकन करना चाहिए।
- **सहकारी बैंक ग्राहकों के लिए:** किसी भी सहकारी बैंक में खाता खोलने या जमा करने से पहले उसके ऑडिट रिकॉर्ड और नियामक स्थिति की पुष्टि करना बेहद जरूरी हो जाता है। नियामक निगरानी मजबूत होने से भविष्य में छोटे खाताधारकों के हितों की रक्षा होती है।

## ऐसा क्यों हुआ
यह कानूनी कार्रवाई गैर-निष्पादित ऋणों के सुनियोजित डायवर्जन और सहकारी बैंकिंग व्यवस्था में आंतरिक मिलीभगत के पुख्ता सबूत मिलने के कारण हुई है।

- **कर्ज की रकम का अवैध डायवर्जन:** इलेक्ट्रोथर्म मामले में जांच एजेंसियों ने बैंक से लिए गए फंड के गलत इस्तेमाल और मनी लॉन्ड्रिंग के सबूत पाए थे। इसी वित्तीय लेन-देन की भरपाई और कानूनी प्रक्रिया के तहत करोड़ों की चल संपत्ति कुर्क की गई।
- **ऑडिट में उजागर हुआ संस्थागत षड्यंत्र:** यवतमाल के सहकारी बैंक में राज्य सरकार द्वारा कराए गए विशेष ऑडिट में उच्च अधिकारियों और ऑडिटर्स की साठगांठ साबित हुई। जांच में पाया गया कि बिना किसी वित्तीय क्षमता जांचे और बिना पर्याप्त गारंटी के बड़े पैमाने पर ऋण स्वीकृत किए गए थे।
- **नियामक नियमों का खुला उल्लंघन:** बैंक प्रबंधन ने भारतीय रिज़र्व बैंक के अनिवार्य दिशा-निर्देशों की अनदेखी करते हुए फंड्स को अन्यत्र मोड़ दिया था। इसी घोर अनियमितता के चलते केंद्रीय बैंक ने वर्ष 2022 में बैंक का संचालन लाइसेंस पहले ही रद्द कर दिया था।
- **पुलिस प्राथमिकियों के बाद ईडी की एंट्री:** अवधूतवाड़ी थाने में दर्ज कई आपराधिक मुकदमों के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग का मामला बना। इसके बाद अपराध की आय का पता लगाने के लिए 9 विभिन्न ठिकानों पर तलाशी अभियान शुरू किया गया।

## सवाल-जवाब

### 1. प्रवर्तन निदेशालय ने इलेक्ट्रोथर्म मामले में कुल कितने रुपये की संपत्ति कुर्क की है?
जांच एजेंसी ने ताजा कार्रवाई में 43.65 करोड़ रुपये की चल संपत्ति कुर्क की है, जिसके साथ कुल अटैचमेंट की राशि 81.97 करोड़ रुपये हो गई है।

### 2. इलेक्ट्रोथर्म से जुड़े किन बैंक खातों और शेयरों पर कार्रवाई की गई है?
यस बैंक के दो खातों में मौजूद 25.08 करोड़ रुपये और प्रमोटर्स के 18.57 करोड़ रुपये मूल्य के 13,57,775 शेयर अटैच किए गए हैं।

### 3. महाराष्ट्र के यवतमाल में किस बैंक के खिलाफ जांच चल रही है?
यवतमाल में बाबाजी दाते महिला सहकारी बैंक लिमिटेड से जुड़े 242 करोड़ रुपये के घोटाले की जांच चल रही है।

### 4. यवतमाल में तलाशी अभियान किस आधार पर चलाया गया?
अवधूतवाड़ी पुलिस स्टेशन में बैंक अधिकारियों, कर्मचारियों और कर्जदारों के खिलाफ दर्ज कई प्राथमिकियों के आधार पर 9 ठिकानों पर छापे मारे गए।

### 5. बाबाजी दाते महिला सहकारी बैंक का लाइसेंस क्यों रद्द किया गया था?
विशेष ऑडिट में बड़े घोटाले और आरबीआई के नियमों की अनदेखी सामने आने के बाद वर्ष 2022 में आरबीआई ने इसका लाइसेंस रद्द कर दिया था।

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