# पुणे केतन अग्रवाल मर्डर केस में पिता ने मंगेतर के पूरे परिवार पर जताया हत्या की साजिश का शक

> पुणे में लोहागढ़ किले से धक्का देकर मारे गए बिल्डर केतन अग्रवाल के पिता विशाल अग्रवाल ने मंगेतर सिया गोयल के पूरे परिवार पर साजिश का शक जताया है। उन्होंने केस को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने और उज्ज्वल निकम को विशेष सरकारी वकील नियुक्त करने की मांग उठाई है।

**Type:** article · **Category:** महाराष्ट्र · **Published:** 2026-09-22 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/maharashtra/pune-ketan-agarwal-murder-case-men-pita-ne-mngetara-siyya-goyal-ke-pure-parivara-para-jataya-hatya-ki-sajisha-ka-shaka-36512 · **Language:** Hindi
**Tags:** केतन अग्रवाल हत्याकांड, पुणे क्राइम, लोहागढ़ किला, सिया गोयल, उज्ज्वल निकम, विशाल अग्रवाल, पुणे ग्रामीण पुलिस

पुणे में रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की मौत की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस जांच लगातार आगे बढ़ रही है, लेकिन इसी बीच मृतक के पिता विशाल अग्रवाल के नए बयानों ने इस पूरे घटनाक्रम को एक नया मोड़ दे दिया है। विशाल अग्रवाल ने सार्वजनिक तौर पर यह आशंका जताई है कि उनके बेटे की हत्या की साजिश में सिर्फ गिरफ्तार आरोपी ही नहीं, बल्कि मंगेतर सिया गोयल के परिवार के कई अन्य सदस्य भी शामिल हो सकते हैं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि यह उनका व्यक्तिगत संदेह है और अदालत में पुलिस द्वारा पेश किए गए दस्तावेजों को पढ़ने के बाद ही वह इस विषय पर कोई आधिकारिक व विस्तृत बयान दे पाएंगे।

 पुणे ग्रामीण पुलिस ने इस मामले की गहन छानबीन के बाद अदालत में 5000 से ज्यादा पन्नों, यानी करीब 5053 पन्नों का एक बेहद विस्तृत आरोप पत्र पेश किया है। पुलिस की इस चार्जशीट में केतन अग्रवाल की मंगेतर सिया गोयल, उसके साथी चेतन चौधरी और तीसरे सहयोगी रितेश हांगे को मुख्य आरोपी के रूप में नामजद किया गया है। 18 जून को लोहागढ़ किले की ऊंचाई से नीचे गिरने के बाद केतन अग्रवाल की जान चली गई थी। शुरुआत में इसे एक सामान्य हादसा समझा जा रहा था, लेकिन पुलिस की तफ्तीश में यह बात सामने आई कि यह कोई दुर्घटना नहीं बल्कि पूर्व नियोजित और सोची समझी साजिश के तहत की गई हत्या थी।

 

## सिया गोयल के परिजनों पर पिता की गंभीर आशंकाएं

केतन अग्रवाल के पिता विशाल अग्रवाल ने जांच के दायरे को लेकर सवाल उठाते हुए कहा है कि उन्हें अब भी लगता है कि सिया गोयल के माता-पिता, भाई, चाचा और चाची भी इस खूनी खेल की साजिश में पर्दे के पीछे से जुड़े हो सकते हैं। उनका कहना है कि शादी के रिश्ते से जुड़े इस पूरे मामले में परिवार की भूमिका को पूरी तरह से नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि सिया के पिता, मां, भाई, चाचा और चाची की क्या भूमिका रही है, इसकी बारीकी से पड़ताल होनी चाहिए।

 इसके साथ ही विशाल अग्रवाल ने यह भी रेखांकित किया कि यह बात फिलहाल केवल उनके मन का संदेह और आशंका है, न कि न्यायिक रूप से सिद्ध कोई तथ्य। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस ने अदालत में जो आरोप पत्र दाखिल किया है, उसका अध्ययन किए बिना वह किसी भी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचना चाहते। उन्होंने कहा कि आरोप पत्र के हर पन्ने का विश्लेषण करने के बाद ही वह पुलिस जांच की दिशा और सिया के परिजनों की वास्तविक स्थिति पर स्पष्ट राय जाहिर करेंगे।

 

## अदालत से मांगी गई 5053 पन्नों की चार्जशीट की नकल

विशाल अग्रवाल ने यह सुनिश्चित करने के लिए कि उनके पास पुलिस जांच के सभी तथ्य मौजूद हों, अदालत का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने मामले में दाखिल की गई चार्जशीट की प्रमाणित प्रति हासिल करने के लिए औपचारिक अर्जी दी है। उनका कहना है कि जब तक वह आरोप पत्र में दर्ज गवाहों के बयान, तकनीकी साक्ष्य और फॉरेंसिक रिपोर्ट को खुद नहीं देख लेते, तब तक पूरी स्थिति को समझ पाना संभव नहीं है।

 पुणे ग्रामीण पुलिस की ओर से तैयार किया गया यह आरोप पत्र करीब 5053 पन्नों का है, जिसमें जांच अधिकारियों ने घटना की कड़ियों को जोड़ने के लिए कई तकनीकी व भौतिक सबूत जुटाए हैं। इस भारी भरकम दस्तावेज से ही यह साफ हो सकेगा कि पुलिस ने सिया गोयल के परिवार के अन्य सदस्यों से पूछताछ की थी या नहीं, और क्या उनके खिलाफ किसी तरह के सबूत या सुराग रिकॉर्ड पर दर्ज हैं।

 

## फास्ट ट्रैक कोर्ट और उज्ज्वल निकम को वकील बनाने की मांग

बेटे को न्याय दिलाने के लिए विशाल अग्रवाल ने कानूनी प्रक्रिया को तेज करने की मांग उठाई है। वह चाहते हैं कि इस पूरे मामले की सुनवाई किसी सामान्य अदालत के बजाय फास्ट ट्रैक कोर्ट में दिन प्रतिदिन के आधार पर कराई जाए ताकि आरोपियों को जल्द से जल्द सजा मिल सके। उनका कहना है कि न्यायिक प्रक्रिया में किसी भी तरह की ढिलाई से न्याय मिलने में देरी नहीं होनी चाहिए।

 इसके अलावा उन्होंने राज्य सरकार से यह भी मांग की है कि देश के जाने माने और वरिष्ठ आपराधिक वकील उज्ज्वल निकम को इस केस में विशेष लोक अभियोजक यानी स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर नियुक्त किया जाए। विशाल अग्रवाल का कहना है कि उन्होंने इस संबंध में पहले भी सरकार के स्तर पर अपना अनुरोध पत्र भेजा था और अब वह एक बार फिर सरकार से जरूरी अधिसूचना जारी करने की अपील कर रहे हैं ताकि पीड़ित पक्ष की ओर से उज्ज्वल निकम अदालत में मजबूती से दलीलें पेश कर सकें।

 

## गुपचुप शादी और फर्जी इंस्टाग्राम खाते का षड्यंत्र

विशाल अग्रवाल ने मीडिया में चल रही उन चर्चाओं और जानकारियों पर भी कड़े सवाल खड़े किए हैं, जिनमें मुख्य आरोपी सिया गोयल और सह आरोपी चेतन चौधरी के बीच कथित रूप से पहले से हुई गुपचुप शादी का दावा किया गया था। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर सिया गोयल और चेतन चौधरी के बीच वाकई पहले से कोई वैवाहिक संबंध था, तो फिर सिया के परिजनों ने उसकी शादी केतन अग्रवाल से तय कराने और उसे आगे बढ़ाने का प्रयास क्यों किया था। उनका कहना है कि यह एक ऐसा सवाल है जिसका उत्तर जांच रिपोर्ट और अदालत में रखे जाने वाले दस्तावेजी साक्ष्यों से ही सामने आ पाएगा।

 पुलिस जांच से सामने आए घटनाक्रम के अनुसार, 18 जून को लोहागढ़ किले की ऊंची चट्टान से धक्का देकर केतन की जान ली गई थी। इसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सिया गोयल, चेतन चौधरी और रितेश हांगे को अपनी हिरासत में लिया था। जांच में यह सनसनीखेज पहलू सामने आया कि आरोपियों ने केतन को जाल में फंसाने के लिए सोशल मीडिया पर ‘माही’ नाम से एक फर्जी इंस्टाग्राम प्रोफाइल बनाई थी। इस फर्जी प्रोफाइल के माध्यम से ही केतन को विश्वास में लेकर सिया के साथ लोहागढ़ किले पर घूमने जाने के लिए राजी किया गया था।

 जब वे तीनों और केतन किले के सुनसान इलाके में पहुंचे, तब वहां से केतन को कथित तौर पर चट्टान से नीचे खाई में धकेल दिया गया। जांच से जुड़े अन्य विवरणों में यह भी सामने आया कि इस कथित आपराधिक योजना की नींव मार्च 2026 में ही रख दी गई थी। शुरुआती योजना में केतन को जान से मारने के बजाय उसे गंभीर रूप से घायल करने का विचार था, जिसे बाद में हत्या के रूप में अंजाम दिया गया। हालांकि इन सभी दावों और आरोपों की अंतिम सत्यता अदालत में पेश होने वाले गवाहों और सबूतों की कसौटी पर ही परखी जाएगी।

 

## दोषियों के लिए फांसी की सजा की अपील

विशाल अग्रवाल ने अपनी मांग दोहराते हुए कहा कि जिस किसी ने भी उनके बेटे की जान ली है या इस घिनौने अपराध में किसी भी रूप में सहयोग दिया है, उसे कानून के तहत सबसे कठोर दंड मिलना चाहिए। उन्होंने अदालत और प्रशासन से अपील की कि सभी दोषियों को मौत की सजा यानी फांसी के फंदे तक पहुंचाया जाए ताकि समाज में एक सख्त संदेश जा सके।

 वर्तमान में इस पूरे मामले की कानूनी तस्वीर 5053 पन्नों के आरोप पत्र की न्यायिक समीक्षा और अदालत में चलने वाली सुनवाई से ही साफ होगी। खासकर सिया गोयल के माता-पिता, भाई और चाचा-चाची की कथित भूमिका के संदर्भ में केतन के पिता द्वारा लगाए गए आरोपों की सच्चाई या उसका खंडन आने वाले दिनों में अदालत के सामने आने वाले पक्के साक्ष्यों के जरिए ही तय हो सकेगा।

## इसका आप पर असर
पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में 5053 पन्नों की चार्जशीट दाखिल होने और पिता द्वारा मंगेतर के पूरे परिवार पर साजिश के आरोप लगाए जाने से कानूनी व सामाजिक स्तर पर कई अहम प्रभाव सामने आए हैं।

- **महाराष्ट्र में:** इस संवेदनशील मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने की मांग से स्थानीय अदालती प्रक्रिया तेज होने के आसार हैं। पीड़ित परिवार द्वारा उज्ज्वल निकम को विशेष सरकारी वकील बनाने की मांग पर राज्य सरकार को जल्द ही अधिसूचना पर निर्णय लेना होगा।
- **पुणे में:** लोहागढ़ किले जैसे लोकप्रिय पर्यटन व ट्रैकिंग स्थलों पर सुरक्षा और निगरानी को लेकर स्थानीय प्रशासन पर दबाव बढ़ सकता है। इसके अलावा वैवाहिक रिश्तों और सगाई से पहले परिवारों के आपसी सत्यापन और पृष्ठभूमि की जांच को लेकर स्थानीय समाज में जागरूकता बढ़ेगी।
- **सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं के लिए:** फर्जी प्रोफाइल बनाकर लोगों को सुनसान जगहों पर बुलाने जैसे डिजिटल अपराधों के प्रति आम इंटरनेट यूजर्स को अधिक सतर्क रहना होगा। किसी भी अनजान या संदेहास्पद सोशल मीडिया संदेश पर भरोसा करके निजी यात्राओं पर निकलने से पहले पूरी सावधानी बरतना जरूरी है।
- **कानूनी और पुलिस व्यवस्था के लिए:** 5050 से अधिक पन्नों की विस्तृत चार्जशीट यह दर्शाती है कि गंभीर आपराधिक साजिशों में डिजिटल फॉरेंसिक साक्ष्य कितने महत्वपूर्ण हो चुके हैं। मामले में अदालत का रुख यह तय करेगा कि मुख्य आरोपियों के अलावा संदेह के घेरे में आए अन्य परिजनों पर आगे क्या कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

## ऐसा क्यों हुआ
केतन अग्रवाल हत्याकांड का मामला एक कथित सुनियोजित आपराधिक षड्यंत्र से जुड़ा है, जिसकी जांच पुणे ग्रामीण पुलिस द्वारा की गई है। इस घटनाक्रम और हालिया आरोपों के पीछे कई विशिष्ट कारण और परिस्थितियां सामने आई हैं।

- **सगाई और कथित गुप्त विवाह का विवाद:** मुख्य आरोपी सिया गोयल और सह-आरोपी चेतन चौधरी के बीच कथित रूप से पहले से गुप्त विवाह होने की बातें सामने आई थीं। केतन के पिता ने सवाल उठाया है कि यदि यह संबंध पहले से था, तो सिया के परिजनों द्वारा केतन के साथ उसका रिश्ता क्यों तय किया गया, जो इस विवाद की प्रमुख जड़ बना।
- **फर्जी सोशल मीडिया आईडी से रची गई साजिश:** पुलिस जांच के अनुसार आरोपियों ने 'माही' नाम से एक फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट तैयार किया था। इस डिजिटल जाल के माध्यम से केतन को विश्वास में लेकर सिया के साथ लोहागढ़ किले जाने के लिए तैयार किया गया, जहां उसे चट्टान से धक्का दिया गया।
- **मार्च 2026 से जारी कथित योजना:** जांच रिपोर्टों से संकेत मिले हैं कि इस आपराधिक षड्यंत्र की शुरुआत मार्च 2026 में हुई थी। शुरुआत में योजना केतन को गंभीर रूप से घायल करने की थी, जो बाद में जानलेवा हमले में बदल गई।
- **अपुष्ट पारिवारिक भूमिका और चार्जशीट की समीक्षा:** केतन के पिता ने सिया के माता-पिता, भाई और चाचा-चाची पर भी साजिश में शामिल होने का शक जताया है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया है कि यह केवल उनकी निजी आशंका है और इसकी पुष्टि केवल 5053 पन्नों की चार्जशीट पढ़ने और अदालत में साक्ष्य पेश होने के बाद ही हो सकेगी।

## सवाल-जवाब

### 1. केतन अग्रवाल की मौत कब और कहां हुई थी?
केतन अग्रवाल की मौत 18 जून को पुणे के लोहागढ़ किले की चट्टान से नीचे गिरने के कारण हुई थी।

### 2. पुलिस ने मामले में कितने पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है?
पुणे ग्रामीण पुलिस ने अदालत में 5000 से अधिक, यानी करीब 5053 पन्नों का विस्तृत आरोप पत्र दाखिल किया है।

### 3. केतन के पिता ने किन लोगों पर हत्या की साजिश का शक जताया है?
केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने गिरफ्तार आरोपियों के अलावा मंगेतर सिया गोयल के माता-पिता, भाई, चाचा और चाची पर साजिश में शामिल होने का शक जताया है।

### 4. इस मामले में किन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है?
पुलिस ने मामले में सिया गोयल, चेतन चौधरी और रितेश हांगे को आरोपी बनाकर गिरफ्तार किया है।

### 5. केतन को लोहागढ़ किले पर ले जाने के लिए क्या तरीका अपनाया गया था?
जांच के अनुसार आरोपियों ने 'माही' नाम से एक फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट बनाया था, जिसके जरिए केतन को सिया के साथ किले पर जाने के लिए तैयार किया गया था।

### 6. केतन के पिता ने कानूनी प्रक्रिया के लिए क्या प्रमुख मांगें रखी हैं?
उन्होंने केस की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने, उज्ज्वल निकम को विशेष सरकारी वकील नियुक्त करने और दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग की है।

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