# पुणे लोहगढ़ मर्डर केस में तीसरी गिरफ्तारी, दोस्त रितेश हिंगे को थी साजिश की पूरी भनक

> केतन अग्रवाल हत्याकांड में पुणे पुलिस ने मुख्य आरोपी चेतन चौधरी के दोस्त रितेश हिंगे को गिरफ्तार किया है, पुलिस का दावा है कि उसे हत्या की साजिश के बारे में पहले से पूरी जानकारी थी।

**Type:** article · **Category:** महाराष्ट्र · **Published:** 2026-09-05 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/maharashtra/pune-lohgad-mardara-kesa-men-tisari-giraphtari-dosta-ritesh-hinge-ko-thi-sajisha-ki-puri-bhanaka-28304 · **Language:** Hindi
**Tags:** केतन अग्रवाल हत्याकांड, सिया गोयल, चेतन चौधरी, रितेश हिंगे, पुणे पुलिस, लोहगढ़ किला, हत्या की साजिश

केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में पुणे पुलिस ने एक और गिरफ्तारी की है। मुख्य आरोपी चेतन चौधरी के करीबी दोस्त और क्लासमेट रितेश हिंगे को हिरासत में लिया गया है। जांच अधिकारियों का दावा है कि रितेश इस पूरे षड्यंत्र से वाकिफ था और उसे हत्या की योजना की पहले से पूरी जानकारी थी। अदालत ने उसे 12 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेजा है और इस केस में उसे सह-आरोपी बनाया जाएगा।

## लोहगढ़ किले पर हुई थी मौत, पहले माना गया था हादसा
केतन अग्रवाल की जान लोहगढ़ किले से गिरने की वजह से गई थी। शुरुआत में इसे एक सामान्य दुर्घटना मान लिया गया था, लेकिन जब पुलिस ने मामले की तह तक जाकर जांच शुरू की तो यह साफ हो गया कि यह हादसा नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या थी। इस केस में केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस के मुताबिक जून महीने में मंगेतर और उसके प्रेमी ने मिलकर इस हत्या को अंजाम दिया था। आरोप है कि केतन को सोच-समझकर लोहगढ़ ले जाया गया और वहां खाई में धकेल दिया गया, ताकि इसे हादसे जैसा दिखाया जा सके। जांच आगे बढ़ी तो सामने आया कि चेतन चौधरी के क्लासमेट रितेश हिंगे को भी इस पूरी साजिश की जानकारी पहले से थी, जिसके बाद पुलिस का शक उस पर गहराता चला गया।

## 18 जून को हुई थी साजिश पर बातचीत
पुलिस सूत्रों के मुताबिक हत्या से पहले 18 जून को लोहगढ़ किले पर चेतन चौधरी और उसकी गर्लफ्रेंड सिया गोयल ने रितेश हिंगे के साथ इस पूरी योजना और उसे किस तरह अंजाम दिया जाना है, इस पर विस्तार से बातचीत की थी। बताया गया कि दोनों ने रितेश से कई बार आग्रह किया कि वह हत्या वाले दिन उनके साथ लोहगढ़ चले, लेकिन हर बार उसने मना कर दिया। पुलिस को यही बात शक के दायरे में ले आई कि उसे हत्या से पहले ही इस साजिश की भनक थी, भले ही वह मौके पर मौजूद नहीं था। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि केतन अग्रवाल की मौत के तुरंत बाद चेतन चौधरी सीधे रितेश से मिलने गया था, जबकि सिया गोयल भी लगातार उसके संपर्क में बनी रही। जांचकर्ताओं का मानना है कि इस लगातार संपर्क और मौत के तुरंत बाद हुई मुलाकात से यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि रितेश इस पूरे मामले में केवल एक बाहरी व्यक्ति नहीं बल्कि साजिश की जानकारी रखने वाला शख्स था।

## कौन है रितेश हिंगे
पुलिस ने चेतन चौधरी के मोबाइल फोन की जांच से मिली जानकारी के आधार पर ही रितेश हिंगे तक अपनी पहुंच बनाई। मूल रूप से बीड जिले का रहने वाला रितेश फिलहाल पुणे के बालेवाड़ी इलाके में एक निजी कंपनी में नौकरी करता है। सूत्रों के अनुसार वह मई महीने के आखिरी हफ्ते से ही चेतन चौधरी के लगातार संपर्क में था, यानी हत्या से करीब तीन हफ्ते पहले से दोनों के बीच बातचीत चल रही थी। पुलिस अब उससे विस्तार से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि उसे इस साजिश के बारे में कितनी गहराई से जानकारी थी और क्या उसने हत्या की योजना बनाने या उसे अंजाम देने में कोई सीधी भूमिका निभाई थी।

## आगे की जांच में क्या होगा
रितेश हिंगे की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को उम्मीद है कि इस पूरी साजिश की बाकी कड़ियां भी जल्द जुड़ जाएंगी। जांचकर्ता यह भी पता लगाने में जुटे हैं कि इस षड्यंत्र में और कौन-कौन लोग शामिल रहे होंगे। पुलिस हिरासत की अवधि के दौरान रितेश से विस्तार से पूछताछ की जाएगी, ताकि हत्या की पूरी टाइमलाइन, उसमें शामिल हर व्यक्ति की भूमिका और साजिश रचने के पीछे की पूरी वजह सामने आ सके।

## इसका आप पर असर
यह गिरफ्तारी दिखाती है कि फोन रिकॉर्ड और डिजिटल सुराग किसी साजिश को उजागर करने में कितने अहम साबित हो सकते हैं।

- **भारत में:** इस केस से साफ होता है कि आजकल हत्या जैसी वारदातों की जांच में मोबाइल कॉल डिटेल और मैसेज बड़ी भूमिका निभाते हैं। इससे आम लोगों को यह सीख मिलती है कि किसी अपराध की योजना में शामिल होना, भले ही खुद वारदात न करें, कानूनी तौर पर सह-आरोपी बनाए जाने का आधार बन सकता है।
- **पुणे और महाराष्ट्र में:** इस केस की सुनवाई पुणे की अदालत में चल रही है और रितेश हिंगे को 12 सितंबर तक हिरासत में रखा गया है, यानी अगली कार्रवाई और खुलासे इसी तारीख के आसपास सामने आ सकते हैं। लोहगढ़ किला महाराष्ट्र के लोकप्रिय ट्रेकिंग स्थलों में शामिल है, ऐसे में इस केस के बाद वहां जाने वाले पर्यटकों और ट्रेकर्स की सुरक्षा को लेकर स्थानीय प्रशासन की चौकसी बढ़ सकती है।

## सवाल-जवाब

### 1. रितेश हिंगे कौन है?
वह पुणे के केतन अग्रवाल हत्याकांड के मुख्य आरोपी चेतन चौधरी का दोस्त और क्लासमेट है, जो मूल रूप से बीड जिले का रहने वाला है।

### 2. रितेश हिंगे को कब गिरफ्तार किया गया और उसे कब तक हिरासत में रखा गया है?
पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर 12 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।

### 3. पुलिस को शक क्यों है कि रितेश को साजिश की जानकारी थी?
क्योंकि हत्या से पहले 18 जून को लोहगढ़ किले पर चेतन और सिया ने उसके साथ हत्या की योजना पर बात की थी, और हत्या वाले दिन साथ चलने को कहे जाने पर उसने बार-बार मना किया था।

### 4. केतन अग्रवाल की मौत कैसे हुई थी?
उनकी मौत लोहगढ़ किले से गिरने से हुई थी, जिसे शुरुआत में हादसा माना गया लेकिन बाद की जांच में यह हत्या साबित हुई।

### 5. इस मामले में अब तक कितने लोग गिरफ्तार हो चुके हैं?
अब तक तीन लोग गिरफ्तार हो चुके हैं, केतन की मंगेतर सिया गोयल, उसका कथित प्रेमी चेतन चौधरी और दोस्त रितेश हिंगे।

### 6. रितेश हिंगे क्या काम करता है?
वह पुणे के बालेवाड़ी इलाके में एक निजी कंपनी में नौकरी करता है।

### 7. पुलिस रितेश हिंगे तक कैसे पहुंची?
चेतन चौधरी के मोबाइल फोन की जांच से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने रितेश हिंगे का पता लगाया।

### 8. क्या रितेश हिंगे हत्या वाले दिन लोहगढ़ किले पर मौजूद था?
नहीं, सूत्रों के मुताबिक चेतन और सिया के बार-बार कहने के बावजूद उसने हत्या वाले दिन लोहगढ़ जाने से मना कर दिया था।

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