राज्य की भर्ती व्यवस्था सुधारने महाराष्ट्र सरकार ने बनाई विशेष समिति, छह डिवीजनों में जाकर सुनेगी छात्रों की बात महाराष्ट्र सरकार ने 4 सितंबर 2026 के आदेश से हाई-लेवल टास्क फोर्स बनाई है, जो राज्य के सभी 6 डिवीजनों में जाकर छात्रों और अभिभावकों से भर्ती परीक्षा सुधार पर सीधी बातचीत करेगी। महाराष्ट्र में भर्ती परीक्षाओं को लेकर उठने वाले सवालों के बीच राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। 4 सितंबर 2026 को जारी एक सरकारी आदेश के जरिए राज्य में एक हाई-लेवल टास्क फोर्स बनाई गई है, जिसका मकसद भर्ती परीक्षा प्रणाली को पहले से ज्यादा सुरक्षित, पारदर्शी, भरोसेमंद और उम्मीदवारों के हित में बनाना है। यह टास्क फोर्स मौजूदा व्यवस्था की गहराई से पड़ताल करेगी और उसके बाद जरूरी बदलावों का खाका सरकार के सामने रखेगी। हर डिवीजन में पहुंचकर सुनेगी छात्रों की परेशानी टास्क फोर्स सिर्फ रिपोर्ट या आंकड़ों के आधार पर काम नहीं करेगी। इसके सदस्य खुद राज्य के सभी 6 डिवीजनों में जाकर छात्रों, प्रतियोगी परीक्षा देने वाले उम्मीदवारों, उनके अभिभावकों, शिक्षकों और शिक्षण संस्थानों से रूबरू मुलाकात करेंगे। इन बैठकों में लोगों की शिकायतें, सुझाव और अनुभव सुने जाएंगे, ताकि जमीनी हकीकत के आधार पर सुधार तय किए जा सकें। कब, कहां होगा किस डिवीजन का दौरा टास्क फोर्स ने हर डिवीजन के लिए अलग तारीख और जगह तय की है। पुणे डिवीजन में यह बैठक 12 सितंबर 2026 को सावित्रीबाई फुले पुणे यूनिवर्सिटी में होगी, जिसके लिए सुझाव pune-examreformstaskforce@maharashtra.gov.in पर भेजे जा सकते हैं। नागपुर डिवीजन का दौरा 16 सितंबर 2026 को सिविल लाइन्स स्थित सदर पुलिस स्टेशन के पीछे नियोजन भवन के DPDC हॉल में रखा गया है, इसका ईमेल nagpur-examreformstaskforce@maharashtra.gov.in है। अमरावती डिवीजन में 17 सितंबर 2026 को बैठक होगी, सुझाव amravati-examreformstaskforce@maharashtra.gov.in पर भेजे जा सकते हैं। छत्रपति संभाजीनगर डिवीजन का कार्यक्रम 21 सितंबर 2026 को आमखास मैदान के पास स्मार्ट सिटी ऑफिस में तय है, ईमेल csn-examreformstaskforce@maharashtra.gov.in है। कोंकण डिवीजन में यह बातचीत 29 सितंबर 2026 को मुंबई के चेतना कॉलेज और मुंबई सबअर्बन कलेक्टर ऑफिस में होगी, संपर्क के लिए konkan-examreformstaskforce@maharashtra.gov.in दिया गया है। वहीं नासिक डिवीजन का दौरा 30 सितंबर 2026 को नासिक के कलेक्टर ऑफिस में होगा, जिसके लिए nashik-examreformstaskforce@maharashtra.gov.in ईमेल जारी किया गया है। जो नागरिक या संबंधित पक्ष खुद बैठक में शामिल नहीं हो पाएंगे, वे अपने सुझाव और फीडबैक अपने-अपने डिवीजन के ऊपर बताए गए ईमेल पते पर भेज सकते हैं। दौरे के दौरान भाग लेने की प्रक्रिया और बाकी जानकारी संबंधित डिवीजनल कमिश्नर के दफ्तर की ओर से अलग से जारी की जाएगी। सिफारिशों से तय होगी आगे की रणनीति इन सभी बैठकों में मिलने वाले सुझावों और शिकायतों का अध्ययन करने के बाद टास्क फोर्स अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। इसमें भर्ती परीक्षाओं में होने वाली गड़बड़ियों को रोकने, परीक्षा की सुरक्षा बढ़ाने, पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने के साथ-साथ उसे और ज्यादा उम्मीदवार-केंद्रित बनाने के उपाय शामिल होंगे। पेपर लीक पर पहले से सख्त हैं फडणवीस मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पेपर लीक और परीक्षाओं में गड़बड़ी के मामलों में शुरू से सख्त रवैया अपनाते रहे हैं। केंद्र सरकार ने पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं को रोकने के लिए संसद में नया कानून पारित किया है। महाराष्ट्र में इससे जुड़ा राज्य का अपना कानून पहले से लागू है, लेकिन केंद्र का कानून तुलनात्मक रूप से ज्यादा सख्त माना जा रहा है। यही वजह है कि मुख्यमंत्री फडणवीस ने निर्देश दिए थे कि केंद्र का यह कड़ा कानून महाराष्ट्र में भी लागू किया जाए। अब गठित यह टास्क फोर्स उसी सख्ती की अगली कड़ी मानी जा रही है। इसका आप पर असर यह टास्क फोर्स सीधे तौर पर महाराष्ट्र में भर्ती परीक्षा देने वाले लाखों उम्मीदवारों की जिंदगी से जुड़ा फैसला है। • भारत में: अगर यह मॉडल कामयाब रहा तो बाकी राज्य भी परीक्षा सुधार के लिए इसी तरह की डिवीजन-स्तरीय संवाद प्रणाली अपना सकते हैं। इससे देशभर में भर्ती परीक्षाओं की सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर बहस तेज होगी। • महाराष्ट्र में: राज्य के छात्रों और अभिभावकों को सितंबर 2026 में तय तारीखों पर पुणे, नागपुर, अमरावती, छत्रपति संभाजीनगर, मुंबई और नासिक में सीधे अपनी बात रखने का मौका मिलेगा। जो लोग बैठक में नहीं पहुंच पाएंगे, वे दिए गए ईमेल पते पर लिखकर भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। • समय सीमा: सभी छह डिवीजनों के दौरे 12 सितंबर से 30 सितंबर 2026 के बीच पूरे किए जाने हैं, यानी उम्मीदवारों के पास सुझाव भेजने के लिए सीमित समय ही होगा। • आगे का असर: टास्क फोर्स की सिफारिशों के आधार पर आने वाले समय में भर्ती परीक्षाओं की सुरक्षा व्यवस्था, पेपर सेटिंग और निगरानी प्रक्रिया में बदलाव देखने को मिल सकते हैं। ऐसा क्यों हुआ यह टास्क फोर्स अचानक नहीं बनी है, बल्कि पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी को लेकर लंबे समय से चली आ रही चिंताओं का नतीजा है। • केंद्र का सख्त कानून: हाल ही में केंद्र सरकार ने पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं पर रोक लगाने के लिए संसद में नया, पहले से ज्यादा सख्त कानून पारित किया। • राज्य का पुराना कानून कमजोर पड़ा: महाराष्ट्र में पहले से अपना राज्य कानून मौजूद था, लेकिन केंद्र का कानून ज्यादा कठोर होने के कारण उसे तुलनात्मक रूप से कमजोर माना गया। • सीएम का सीधा निर्देश: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पहले ही निर्देश दिए थे कि केंद्र का कड़ा कानून महाराष्ट्र में भी लागू किया जाए, जिससे साफ है कि सरकार परीक्षा सुरक्षा को लेकर गंभीर है। • अगला कदम टास्क फोर्स: इसी सख्ती की अगली कड़ी के तौर पर 4 सितंबर 2026 के आदेश से टास्क फोर्स बनाई गई, ताकि जमीनी स्तर पर मौजूद खामियों को सीधे उम्मीदवारों से सुनकर दूर किया जा सके। सवाल-जवाब 1. टास्क फोर्स का गठन कब हुआ? 4 सितंबर 2026 के सरकारी आदेश के जरिए महाराष्ट्र सरकार ने इस हाई-लेवल टास्क फोर्स का गठन किया है। 2. यह टास्क फोर्स किस मकसद से बनाई गई है? भर्ती परीक्षा प्रणाली को ज्यादा सुरक्षित, पारदर्शी, विश्वसनीय और उम्मीदवार-केंद्रित बनाने के लिए जरूरी सुधारों का सुझाव देने के लिए। 3. टास्क फोर्स कहां-कहां दौरा करेगी? टास्क फोर्स राज्य के सभी 6 डिवीजनों, पुणे, नागपुर, अमरावती, छत्रपति संभाजीनगर, कोंकण और नासिक का व्यक्तिगत रूप से दौरा करेगी। 4. पुणे डिवीजन का दौरा कब और कहां होगा? 12 सितंबर 2026 को सावित्रीबाई फुले पुणे यूनिवर्सिटी, पुणे में। 5. नागपुर डिवीजन की बैठक कहां रखी गई है? 16 सितंबर 2026 को सिविल लाइन्स स्थित नियोजन भवन के DPDC हॉल में। 6. कोंकण और नासिक डिवीजन के दौरे कब हैं? कोंकण डिवीजन का दौरा 29 सितंबर 2026 को मुंबई में और नासिक डिवीजन का दौरा 30 सितंबर 2026 को नासिक के कलेक्टर ऑफिस में होगा। 7. जो लोग बैठक में शामिल नहीं हो पाएंगे, वे सुझाव कैसे भेजें? वे अपने डिवीजन के लिए दिए गए ईमेल पते, जैसे pune-examreformstaskforce@maharashtra.gov.in पर अपने सुझाव भेज सकते हैं। 8. पेपर लीक को लेकर सीएम फडणवीस का क्या रुख रहा है? मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने केंद्र के ज्यादा सख्त पेपर लीक कानून को महाराष्ट्र में भी लागू करने के निर्देश पहले ही दिए थे। https://trendkia.com/maharashtra/rajya-ki-bharti-vyavastha-sudharane-maharashtra-sarakara-ne-banai-vishesha-samiti-chhaha-divijanon-men-jakara-sunegi-chhatron-ki-b-29560 TrendKia — Har trend, sabse pehle.