# रविंद्र चव्हाण ने साधा राहुल गांधी पर निशाना, कहा 40 साल तक सहयोगी दलों के सहारे चली पार्टी

> महाराष्ट्र भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान का हवाला देते हुए कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है।

**Type:** article · **Category:** महाराष्ट्र · **Published:** 2026-10-09 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/maharashtra/ravindra-chavan-ne-sadha-rahul-gandhi-para-nishana-kaha-40-sala-taka-sahayogi-dalon-ke-sahare-chali-parti-45446 · **Language:** Hindi
**Tags:** रविंद्र चव्हाण, अमित शाह, राहुल गांधी, भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस, महाराष्ट्र राजनीति, पश्चिम बंगाल

महाराष्ट्र भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण ने कांग्रेस पर राजनीतिक अवसरवादिता और दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हालिया संबोधन को सोशल मीडिया मंच पर साझा करते हुए उन्होंने विपक्षी दल की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए। चव्हाण ने आरोप लगाया कि कांग्रेस हमेशा अपनी राजनीतिक सुविधा और स्वार्थ के अनुसार ही अपने तेवर और रुख बदलती रहती है, जो उसके पारंपरिक राजनीतिक चरित्र को उजागर करता है।

## सहयोगी दलों की सरकारों और चुनावी असफलताओं पर उठाए सवाल
सोशल मीडिया पर अपनी बात रखते हुए रविंद्र चव्हाण ने कहा कि कई राज्यों में बीते 40-40 वर्षों से कांग्रेस का अपना कोई नेता मुख्यमंत्री की कुर्सी तक नहीं पहुंच सका है। ऐसे क्षेत्रों में केवल उनके गठबंधन सहयोगियों के नेतृत्व में ही सरकारें चलती रही हैं। उन्होंने राहुल गांधी और कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ नेताओं पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जब चुनाव में हार का सामना करना पड़ता है तो वे वोट चोरी का शोर मचाने लगते हैं, लेकिन दशकों से अपनी गिरती साख और जमीनी हकीकत पर पूरी तरह चुप्पी साध लेते हैं। अपनी टिप्पणी में उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह का रवैया उल्टे चोर द्वारा कोतवाल को डांटने जैसा है।

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## पश्चिम बंगाल में अमित शाह का कांग्रेस पर प्रहार
इस पूरे राजनीतिक विवाद की पृष्ठभूमि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस संबोधन से जुड़ी है, जो उन्होंने पश्चिम बंगाल में भाजपा विधायक दल की बैठक के दौरान दिया था। कोलकाता में पार्टी विधायकों को संबोधित करते हुए अमित शाह ने देश के अलग-अलग राज्यों में कांग्रेस की कमजोर होती राजनीतिक स्थिति का विस्तार से जिक्र किया था। उन्होंने रेखांकित किया कि देश के कई बड़े हिस्सों में लंबे समय से कांग्रेस सत्ता से बाहर है और उसका कोई मुख्यमंत्री तक नहीं बन पाया है।

अमित शाह ने कांग्रेस को चुनावी झटकों के बाद अपनी गलतियों का निष्पक्ष आत्ममंथन करने का सुझाव दिया। इसके साथ ही उन्होंने राहुल गांधी के नेतृत्व क्षमता पर सीधे सवाल उठाते हुए कहा कि जब से उन्होंने पार्टी की कमान संभाली है, तब से देश भर के मतदाताओं ने बार-बार चुनावों के माध्यम से कांग्रेस के खिलाफ स्पष्ट जनादेश दिया है।

## विपक्षी गठबंधन की एकता और भविष्य पर तंज
अमित शाह ने विपक्षी मोर्चे ‘INDIA’ गठबंधन की वर्तमान स्थिति पर भी तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में यह पूरा गठबंधन एक बार फिर आंतरिक दबावों के चलते बिखरने की कगार पर पहुंच गया है। इस बयान के जरिए उन्होंने न केवल कांग्रेस की रणनीतिक क्षमता बल्कि विपक्षी एकजुटता के दावों को भी कठघरे में खड़ा किया। रविंद्र चव्हाण द्वारा इस भाषण को आगे बढ़ाने के बाद दोनों राजनीतिक दलों के बीच जुबानी जंग और अधिक तेज हो गई है।

## इसका आप पर असर
इस राजनीतिक बयानबाजी से मतदाताओं और राजनीतिक कार्यकर्ताओं के बीच चुनावी रणनीतियों को लेकर स्पष्ट संदेश जाता है।

- **राष्ट्रीय स्तर पर:** प्रमुख दलों के बीच तेज होते आरोप-प्रत्यारोप आगामी चुनावों से पहले गठबंधन की राजनीति और विपक्षी एकता पर चर्चा को बढ़ावा देंगे। आम नागरिक आगामी नीतिगत बहसों और राजनीतिक स्थिरता को लेकर राजनीतिक दलों के रुख पर नजर रख सकते हैं।
- **महाराष्ट्र में:** प्रदेश स्तर के नेताओं द्वारा केंद्रीय भाषणों को उठाने से राज्य की स्थानीय राजनीति में टकराव और तेज होगा। स्थानीय कार्यकर्ताओं और मतदाताओं के लिए गठबंधन सहयोगियों की भूमिका को लेकर राजनीतिक तस्वीर अधिक स्पष्ट होगी।
- **राजनीतिक जवाबदेही पर:** चुनावी परिणामों के बाद दलों द्वारा एक-दूसरे के ट्रैक रिकॉर्ड और पुराने शासन काल पर सवाल उठाए जाने की प्रवृत्ति बढ़ेगी। इससे नागरिकों को राजनीतिक वादों और वास्तविक प्रदर्शन के बीच तुलना करने का अवसर मिलता है।
- **विपक्षी मोर्चे पर:** क्षेत्रीय दलों और राष्ट्रीय नेतृत्व के बीच समन्वय को लेकर बहस तेज होगी। इससे आम जनता को यह समझने में मदद मिलेगी कि विभिन्न दल सत्ता में भागीदारी को लेकर किस तरह की नीतियां अपनाते हैं।

## ऐसा क्यों हुआ
यह राजनीतिक टकराव केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा पश्चिम बंगाल में पार्टी विधायकों के सामने दिए गए भाषण के बाद उत्पन्न हुआ है।

- **अमित शाह का संबोधन:** केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कोलकाता में पश्चिम बंगाल भाजपा विधायक दल की बैठक के दौरान कांग्रेस के घटते जनाधार पर टिप्पणी की थी। इस बैठक में उन्होंने कई राज्यों में कांग्रेस के लंबे समय से सत्ता से बाहर रहने का उदाहरण दिया था।
- **रविंद्र चव्हाण द्वारा साझा किया जाना:** महाराष्ट्र भाजपा अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण ने अमित शाह के भाषण के प्रमुख अंशों को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए कांग्रेस नेतृत्व पर सीधा हमला बोला। उन्होंने पार्टी की राजनीति को अवसरवादी करार दिया और सहयोगी दलों पर उसकी निर्भरता रेखांकित की।
- **नेतृत्व और गठबंधन पर सवाल:** भाजपा नेताओं द्वारा राहुल गांधी के नेतृत्व और विपक्षी गठबंधन की स्थिरता पर लगातार संशय जताया जा रहा है। इसी सिलसिले में चुनाव परिणामों और नेतृत्व क्षमता को लेकर तीखी राजनीतिक टिप्पणियां की गईं।

## सवाल-जवाब

### 1. रविंद्र चव्हाण ने कांग्रेस पर क्या मुख्य आरोप लगाए हैं?
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपनी राजनीतिक सुविधा के अनुसार रुख बदलती है और कई राज्यों में 40 वर्षों से उसका अपना मुख्यमंत्री नहीं बन सका है।

### 2. अमित शाह ने यह भाषण कहां दिया था?
अमित शाह ने यह संबोधन पश्चिम बंगाल के कोलकाता में भाजपा विधायक दल की बैठक के दौरान दिया था।

### 3. अमित शाह ने राहुल गांधी के नेतृत्व के बारे में क्या कहा?
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व संभालने के बाद से मतदाताओं ने लगातार चुनावों में कांग्रेस के खिलाफ जनादेश दिया है।

### 4. विपक्षी गठबंधन को लेकर क्या टिप्पणी की गई?
अमित शाह ने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी गठबंधन एक बार फिर बिखरने की स्थिति में पहुंच रहा है।

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