सांस के संक्रमण से उबरे शरद पवार, मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल से मिली छुट्टी सीने और सांस के संक्रमण के इलाज के बाद एनसीपी-एसपी प्रमुख शरद पवार को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद पवार की सेहत में काफी सुधार दर्ज होने के बाद शनिवार को उन्हें मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। वरिष्ठ नेता को सीने और सांस की नली में संक्रमण के चलते चिकित्सा निगरानी में रखा गया था। अस्पताल से डिस्चार्ज किए जाने के तुरंत बाद वे पास में ही स्थित अपने निजी आवास के लिए रवाना हो गए। पुणे से मुंबई तक चला उपचार पचासी वर्षीय शरद पवार को स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं के चलते सबसे पहले 2 नवंबर को पुणे स्थित रूबी हॉल क्लीनिक में दाखिल कराया गया था। वहां प्राथमिक उपचार के पश्चात उन्हें 4 नवंबर को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी। हालांकि, स्वास्थ्य में अपेक्षित स्थिरता न दिखने के बाद उन्हें आगे के सघन उपचार के लिए मुंबई के प्रतिष्ठित ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां चिकित्सकों के एक दल ने लगातार तीन दिनों तक उनके स्वास्थ्य की निगरानी की और संक्रमण पर नियंत्रण पाने के बाद शनिवार को उन्हें घर लौटने की अनुमति दी। नेताओं और उद्योगपतियों का लगा तांता पवार के अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान विभिन्न राजनीतिक दलों के दिग्गजों और प्रमुख हस्तियों का उनसे मिलने पहुंचने का सिलसिला बना रहा। शुक्रवार देर रात कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार शिंदे और बालासाहेब थोराट उनका हालचाल जानने पहुंचे। इसी दौरान एनसीपी नेता दिलीप वलसे-पाटिल भी अस्पताल में मौजूद रहे। इसके अलावा देश के जाने-माने उद्योगपति गौतम अडानी और वरिष्ठ राजनेता प्रफुल्ल पटेल ने भी अस्पताल जाकर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी पवार की कुशलक्षेम पूछने अस्पताल पहुंचे थे। राजनीतिक अटकलों पर विराम अस्पताल में नेताओं के लगातार आने-जाने के बीच महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में एनसीपी के दोनों गुटों के संभावित विलय को लेकर चर्चाएं तेज हो गई थीं। इस तरह की बातें सामने आ रही थीं कि सुनील तटकरे और प्रफुल्ल पटेल के नेतृत्व वाला खेमा दोनों पक्षों को एक साथ लाने के पक्ष में है, जबकि भारतीय जनता पार्टी भी पवार की अगुवाई वाले गुट को एनडीए के साथ देखने की इच्छुक बताई जा रही थी। हालांकि, सुनेत्रा पवार और पार्थ पवार की ओर से इस तरह के किसी भी कदम का विरोध किए जाने की बात कही जा रही थी। गुरुवार शाम जब प्रफुल्ल पटेल ने ब्रीच कैंडी अस्पताल का रुख किया, तब इन चर्चाओं को और बल मिला। स्वास्थ्य और व्यक्तिगत संबंधों पर जोर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इन अटकलों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि इस मुलाकात का कोई राजनीतिक संदर्भ नहीं था। उन्होंने कहा कि शरद पवार की सेहत काफी बेहतर है और उन्हें जल्द ही छुट्टी मिल जाएगी। शिंदे ने रेखांकित किया कि बैठक के दौरान किसी भी राजनीतिक विषय पर बातचीत नहीं हुई। उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी फोन करके पवार के स्वास्थ्य की व्यक्तिगत जानकारी हासिल की। शिंदे के अनुसार, प्रधानमंत्री हमेशा से निजी संबंधों और दलगत राजनीति को पूरी तरह से अलग रखने की परंपरा का पालन करते हैं। इसका आप पर असर शरद पवार के स्वस्थ होने से महाराष्ट्र की विपक्षी राजनीति और पार्टी कार्यकर्ताओं में सक्रियता लौटने की संभावना है। • महाराष्ट्र में: महाविकास अघाड़ी और एनसीपी-एसपी के कार्यकर्ताओं को वरिष्ठ नेता की सक्रियता से नई ऊर्जा मिलेगी। उनके ठीक होने से आगामी रणनीतिक फैसलों और बैठकों में उनकी प्रत्यक्ष भागीदारी सुनिश्चित होगी। • राष्ट्रीय स्तर पर: विपक्षी गठबंधन के प्रमुख रणनीतिकार की सेहत सुधरने से राष्ट्रीय राजनीति में समन्वय को मजबूती मिलेगी। विपक्षी दलों के बीच नीतिगत परामर्श के लिए उनका मार्गदर्शन पूर्ववत उपलब्ध रहेगा। • गठबंधन राजनीति: विभिन्न दलों के नेताओं के हालचाल जानने पहुंचने से राजनीतिक संवाद का माहौल सुधरा है। नेताओं की व्यक्तिगत सद्भावना से कटुता कम होने और आपसी संवाद जारी रहने की उम्मीद है। • कार्यकर्ताओं के लिए: चुनावी और संगठनात्मक तैयारियों के बीच नेता की अनुपस्थिति को लेकर बनी चिंता समाप्त हो गई है। पार्टी की भावी रैलियों और जनसंपर्क अभियानों के कार्यक्रम बिना किसी बड़ी रुकावट के आगे बढ़ सकेंगे। ऐसा क्यों हुआ शरद पवार को उम्र संबंधी संवेदनशीलता और मौसमी बदलाव के चलते सांस और सीने में संक्रमण की शिकायत हुई थी। इसके चलते डॉक्टरों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती करके निरंतर चिकित्सा निगरानी में रखने का निर्णय लिया। • प्राथमिक संक्रमण: पच्चासी वर्ष की उम्र में सीने में जकड़न और सांस लेने में असुविधा के कारण उन्हें पहले पुणे के रूबी हॉल क्लीनिक में भर्ती कराया गया था। वहां दो दिन के उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी स्थिति को स्थिर पाया था। • सावधानीपूर्वक मुंबई में भर्ती: पुणे से छुट्टी मिलने के बाद संक्रमण के पूर्ण समाधान और बेहतर निगरानी के लिए उन्हें मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल स्थानांतरित किया गया। वहां तीन दिनों तक विशेषज्ञ चिकित्सकों ने एंटीबायोटिक और सहायक उपचार दिया। • चिकित्सकीय निगरानी की आवश्यकता: अधिक उम्र और पूर्व की स्वास्थ्य समस्याओं को देखते हुए डॉक्टरों ने किसी भी जोखिम से बचने के लिए उन्हें छुट्टी देने से पहले संक्रमण पूरी तरह खत्म होने का इंतजार किया। सवाल-जवाब 1. शरद पवार को किस अस्पताल से छुट्टी दी गई है? उन्हें शनिवार को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल से तीन दिनों के उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। 2. शरद पवार को किस समस्या के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था? उन्हें सीने और सांस की नली में संक्रमण के इलाज के लिए अस्पताल में दाखिल कराया गया था। 3. ब्रीच कैंडी से पहले उनका इलाज कहां हुआ था? मुंबई से पहले उन्हें 2 नवंबर को पुणे के रूबी हॉल क्लीनिक में भर्ती कराया गया था, जहां से वे 4 नवंबर को डिस्चार्ज हुए थे। 4. अस्पताल में शरद पवार से कौन-कौन से प्रमुख नेता मिलने पहुंचे थे? सुशील कुमार शिंदे, बालासाहेब थोराट, दिलीप वलसे-पाटिल, प्रफुल्ल पटेल, एकनाथ शिंदे और उद्योगपति गौतम अडानी उनसे मिलने पहुंचे थे। 5. क्या अस्पताल में किसी राजनीतिक मुद्दे या विलय पर चर्चा हुई? उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने स्पष्ट किया कि मुलाकात पूरी तरह स्वास्थ्य संबंधी थी और किसी भी राजनीतिक विषय पर चर्चा नहीं हुई। 6. क्या प्रधानमंत्री मोदी ने शरद पवार की सेहत की जानकारी ली? हां, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने व्यक्तिगत तौर पर शरद पवार के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। https://trendkia.com/maharashtra/sansa-ke-snkramana-se-ubare-sharad-pawar-mumbai-ke-breach-candy-aspatala-se-mili-chhutti-57438 TrendKia — Har trend, sabse pehle.