# शिवाजी पार्क में बिना अनुमति प्रदर्शन पर कॉकरोच जनता पार्टी के 500 कार्यकर्ताओं पर मुंबई पुलिस की कार्रवाई

> मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर शिवाजी पार्क में बिना अनुमति जुटे प्रदर्शनकारियों पर केस दर्ज हुआ है। इस विरोध प्रदर्शन में शबाना आजमी, नसीरुद्दीन शाह और विशाल ददलानी समेत कई हस्तियां शामिल हुईं।

**Type:** article · **Category:** महाराष्ट्र · **Published:** 2026-10-03 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/maharashtra/shivaji-park-men-bina-anumati-pradarshana-para-cockroach-janata-party-ke-500-karyakartaon-para-mumbai-police-ki-karravai-42426 · **Language:** Hindi
**Tags:** शिवाजी पार्क, मुंबई पुलिस, ज्ञानेश कुमार, कॉकरोच जनता पार्टी, शबाना आजमी, नसीरुद्दीन शाह, विशाल ददलानी, देवेंद्र फडणवीस

महाराष्ट्र की राजधानी में दादर स्थित शिवाजी पार्क के बाहर बिना प्रशासनिक मंजूरी शक्ति प्रदर्शन करने पर पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। कॉकरोच जनता पार्टी के आयोजकों तथा 400 से 500 अज्ञात समर्थकों पर सरकारी आदेशों का उल्लंघन करने, आम रास्ते पर लाउडस्पीकर बजाने और कानून व्यवस्था बिगाड़ने के आरोपों में 3 अक्टूबर को प्राथमिकी दर्ज कर ली गई। यह पूरा प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के तत्काल पद छोड़ने की मांग को लेकर आयोजित किया गया था।

## प्रतिबंध के बावजूद मीनाताई ठाकरे मेमोरियल के पास भारी जमावड़ा
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार यह पूरा घटनाक्रम 2 अक्टूबर को शाम 4 बजे से 7 बजे के दौरान सामने आया। शिवाजी पार्क पुलिस थाने की सीमा में स्थित मीनाताई ठाकरे मेमोरियल के सामने गेट नंबर 6 पर भारी तादाद में लोग पहुंच गए। पुलिस ने पहले ही इस इलाके में सार्वजनिक सभा करने की औपचारिक मंजूरी देने से इनकार कर दिया था। इसके बावजूद प्रदर्शनकारियों ने सार्वजनिक सड़क घेर ली और नारेबाजी शुरू कर दी। जांच अधिकारियों का कहना है कि सड़क पर ध्वनि विस्तारक यंत्र भी बिना पूर्व अनुमति के लगा दिए गए थे, जिससे यातायात बाधित हुआ और कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती खड़ी हो गई।

## सीजेपी के शीर्ष सदस्यों पर नामजद कानूनी कार्रवाई
पुलिस की प्राथमिक रिपोर्ट में संगठन के प्रमुख पदाधिकारियों के नाम स्पष्ट तौर पर दर्ज किए गए हैं। नामजद आरोपियों में अजिंक्य शिंदे, प्रणय अहीरे, आशुतोष रंका, आफरीन नवाज, सौम्या कोर्डे, अंकित भारद्वाज, विजय मलंगी, योगेश इंगले, सौरव दास और संगठन के संस्थापक अभिजीत दिपके शामिल हैं। इनके अलावा सैकड़ों अज्ञात समर्थकों को भी मामले में शामिल किया गया है। चुनाव आयोग के भीतर आंतरिक मतभेदों की सामने आई जानकारियों के बाद संगठन ने इस विरोध मार्च को अपने आंदोलन का 'सीजन 2' घोषित किया था। संगठन ने इसे आधिकारिक तौर पर जेल भरो प्रदर्शन का नाम दिया था।

## सिनेमा जगत और नागरिक समाज की जानी-मानी हस्तियों की मौजूदगी
दादर इलाके में सुरक्षाबलों की सख्त नाकेबंदी और चप्पे-चप्पे पर बैरिकेडिंग के बाद भी हजारों आम नागरिक तथा समर्थक मैदान के आसपास एकत्र हो गए। इस विरोध प्रदर्शन को कला, संगीत और सिनेमा जगत के जाने-माने चेहरों ने सीधे मंच पर पहुंचकर अपना समर्थन दिया। कार्यक्रम में अभिनेत्री शबाना आजमी, अभिनेता नसीरुद्दीन शाह और संगीतकार विशाल ददलानी व्यक्तिगत रूप से मौजूद रहे। इन सभी वक्ताओं ने नागरिकों के मताधिकार की रक्षा करने और लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता बनाए रखने के विषय पर अपनी राय रखी। इसके साथ ही अभिनेता प्रकाश राज ने भी एक रिकॉर्डेड वीडियो संदेश के जरिए अपनी बात रखी और लोकतांत्रिक मूल्यों को बचाने का आह्वान किया। प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार तथा चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ लगातार नारे गूंजते रहे।

## मंच से सरकार को चुनौती और तीखे बयान
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने केंद्र और राज्य नेतृत्व पर सीधा हमला बोला। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार तथा महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की नीतियों की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि मतदान के अधिकारों की हिफाजत के लिए शांतिपूर्वक एकत्र होना नागरिकों का बुनियादी संवैधानिक अधिकार है। पुलिस की चेतावनियों का जवाब देते हुए दिपके ने कहा, 
> “अगर आपने तीन महीने कहा होता तो पूरा मुंबई शहर पूरी तरह ठप हो जाता।”
 इस तरह के तीखे भाषणों के बाद पुलिस ने धाराएं जोड़ते हुए अपनी जांच तेज कर दी है।

## इसका आप पर असर
इस विरोध प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई का सीधा असर शहर की यातायात व्यवस्था और सार्वजनिक विरोध प्रदर्शनों के नियमों पर पड़ेगा।

- **मुंबई में:** दादर और शिवाजी पार्क के आसपास पुलिस सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। स्थानीय यात्रियों को आगामी दिनों में इस मार्ग पर बैरिकेडिंग और जांच के कारण संभावित देरी का ध्यान रखना चाहिए।
- **भारत में:** सार्वजनिक स्थानों पर बिना पूर्व अनुमति के सभा या लाउडस्पीकर लगाने पर पुलिस की कानूनी सख्ती जारी रहेगी। नागरिक अधिकार संगठनों और राजनीतिक दलों को धरने या रैलियों के लिए आधिकारिक पुलिस अनुमति लेना अनिवार्य रहेगा।
- **प्रदर्शनकारियों पर:** नामजद सदस्यों और अज्ञात समर्थकों को पुलिस जांच और कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। इसमें सरकारी नियमों के उल्लंघन के तहत अदालती प्रक्रियाओं से गुजरना शामिल हो सकता है।
- **आम नागरिकों के लिए:** चुनावी सुधारों और लोकतांत्रिक संस्थाओं को लेकर सार्वजनिक विमर्श और राजनीतिक बयानबाजी में तेजी देखने को मिलेगी। विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक समूह इस मुद्दे पर आगे भी अपनी आवाज उठा सकते हैं।

## ऐसा क्यों हुआ
यह विरोध प्रदर्शन मुख्य रूप से चुनाव आयोग में कथित आंतरिक मतभेदों और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग के कारण आयोजित हुआ था। प्रशासन द्वारा अनुमति न दिए जाने के बावजूद भारी भीड़ इकट्ठा होने से कानूनी कार्रवाई हुई।

- **सीईसी का इस्तीफा:** प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग चुनाव आयोग के भीतर कथित मतभेदों के चलते मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का तत्काल इस्तीफा सुनिश्चित करना थी। इसी मुद्दे को आधार बनाकर सीजेपी ने अपने आंदोलन के दूसरे चरण की शुरुआत की थी।
- **अनुमति का अभाव:** पुलिस ने शिवाजी पार्क जैसे संवेदनशील और व्यस्त सार्वजनिक स्थल पर प्रदर्शन करने की कोई प्रशासनिक मंजूरी नहीं दी थी। इसके बावजूद सैकड़ों समर्थकों ने मीनाताई ठाकरे मेमोरियल के सामने सार्वजनिक सड़क पर जमावड़ा लगा लिया।
- **लाउडस्पीकर और अव्यवस्था:** प्रदर्शनकारियों ने बिना आवश्यक अनुमति के लाउडस्पीकर लगाए और आम रास्ते पर नारेबाजी की। इससे दादर इलाके में यातायात अवरुद्ध हुआ और कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने की आशंका पैदा हुई।
- **आंदोलन का पूर्व आह्वान:** आयोजकों ने इसे औपचारिक जेल भरो आंदोलन घोषित किया था और प्रशासन की चेतावनियों के बावजूद बड़ी संख्या में लोगों को जुटने के लिए प्रेरित किया था।

## सवाल-जवाब

### 1. मुंबई पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी के कितने समर्थकों पर मामला दर्ज किया है?
पुलिस ने 10 नामजद सदस्यों समेत लगभग 400 से 500 अज्ञात समर्थकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।

### 2. यह विरोध प्रदर्शन किस जगह और किस समय आयोजित किया गया था?
यह प्रदर्शन 2 अक्टूबर को शाम 4 बजे से 7 बजे के बीच दादर वेस्ट में मीनाताई ठाकरे मेमोरियल के सामने शिवाजी पार्क गेट नंबर 6 पर हुआ था।

### 3. प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग क्या थी?
प्रदर्शनकारी चुनाव आयोग में आंतरिक मतभेदों की खबरों के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे की मांग कर रहे थे।

### 4. किन प्रमुख हस्तियों ने इस प्रदर्शन में भाग लिया या समर्थन दिया?
अभिनेत्री शबाना आजमी, अभिनेता नसीरुद्दीन शाह और संगीतकार विशाल ददलानी व्यक्तिगत रूप से शामिल हुए, जबकि अभिनेता प्रकाश राज ने वीडियो संदेश के माध्यम से समर्थन दिया।

### 5. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर किन बातों को लेकर आरोप लगाए हैं?
पुलिस ने बिना अनुमति के सड़क पर गैरकानूनी रूप से जमा होने, नारेबाजी करने और बिना मंजूरी लाउडस्पीकर लगाने के आरोप लगाए हैं।

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