मणिपुर में पीएमएफएमई योजना के तहत 2835 लाभार्थियों को मिली वित्तीय मदद मणिपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने पीएमएफएमई योजना के तहत 2835 लाभार्थियों को सब्सिडी वितरित की। मणिपुर में छोटे और असंगठित खाद्य प्रसंस्करण व्यवसायों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने गुरुवार को प्रधानमंत्री फॉर्मलाइजेशन ऑफ माइक्रो फूड प्रोसेसिंग एंटरप्राइजेज यानी पीएमएफएमई योजना के अंतर्गत कुल 2,835 लाभार्थियों को वित्तीय सहायता और सब्सिडी वितरित की है। इस योजना के माध्यम से इन उद्यमों को आधुनिक बनाने, उनके कामकाज का विस्तार करने और उन्हें औपचारिक अर्थव्यवस्था का हिस्सा बनाने में मदद मिलेगी। विशेष कार्यक्रम और वितरण की प्रक्रिया यह कार्यक्रम इंफाल के युमनाम लेइकाई युमजाओ लैरेम्बी लैम्पक में आयोजित किया गया था, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के मौके पर विशेष रूप से आयोजित किया गया था। इस समारोह के दौरान कुछ चयनित लाभार्थियों को अपने हाथों से चेक सौंपे गए, जबकि बाकी सभी पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर यानी डीबीटी के जरिए सब्सिडी की राशि सीधे भेज दी गई। सेल्फ हेल्प ग्रुप्स को मिली पहली किस्त इस वितरण अभियान के तहत, खाद्य प्रसंस्करण गतिविधियों से जुड़ी सेल्फ हेल्प ग्रुप्स यानी एसएचजी की प्रत्येक महिला सदस्य को पहली किस्त के रूप में 5,000 रुपये की राशि प्रदान की गई है। इन सभी समूहों ने साल 2022 से 2024 के बीच इस योजना के तहत वित्तीय सहायता प्राप्त करने के लिए आवेदन किया था। केंद्र सरकार की ओर से इस योजना के लिए फंड पहले ही जारी कर दिया गया था, जिसके बाद एरिया लेवल फेडरेशन ने पात्र लाभार्थियों के बीच इस राशि के वितरण का निर्णय लिया था। नेतृत्व की सराहना और शांति की अपील समारोह को संबोधित करते हुए युमनाम खेमचंद सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के लंबे सार्वजनिक जीवन और बिना एक भी दिन आराम किए देश सेवा में उनके अटूट समर्पण की खुलकर प्रशंसा की। इसके साथ ही, उन्होंने मणिपुर के मौजूदा हालातों पर भी चिंता जताई और राज्य में स्थायी शांति तथा सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए सभी समुदायों से आपसी एकता बनाए रखने की अपील की। बंद और नाकेबंदी से दूर रहने का आग्रह मुख्यमंत्री ने नागरिकों से स्पष्ट रूप से आग्रह किया कि वे राज्य में किसी भी तरह के बंद और नाकेबंदी जैसे व्यवधानों से पूरी तरह दूर रहें। उन्होंने कहा कि विभिन्न समुदायों के लोगों के बीच आपसी सौहार्द और समझ के बंधन धीरे-धीरे मजबूत हो रहे हैं, इसलिए सभी को मिलकर शांति और सामान्य जीवन को वापस पटरी पर लाने के लिए सामूहिक प्रयास करने की आवश्यकता है ताकि राज्य में स्थायी शांति कायम हो सके। इसका आप पर असर यह योजना मणिपुर के छोटे उद्यमियों और खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े लोगों के लिए आर्थिक रूप से बेहद लाभकारी साबित होगी। • भारत में: यह पहल देश भर में असंगठित खाद्य व्यवसायों को मुख्यधारा की अर्थव्यवस्था से जोड़ने की व्यापक राष्ट्रीय नीति का हिस्सा है। • मणिपुर में: राज्य के 2,835 लाभार्थियों को सीधे आर्थिक सहायता मिलने से स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार और छोटे व्यवसायों को मजबूती मिलेगी। • वित्तीय लाभ: महिला सेल्फ हेल्प ग्रुप्स की प्रत्येक सदस्य को पहली किस्त के रूप में 5,000 रुपये की सीधी नकद राशि प्राप्त हुई है। • पारदर्शिता: अधिकांश लाभार्थियों को सब्सिडी की राशि सीधे बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से भेजी गई है, जिससे बिचौलियों की गुंजाइश खत्म होती है। • दैनिक जीवन: राज्य के निवासियों से शांति बनाए रखने और बंद तथा नाकेबंदी से बचने की अपील की गई है ताकि सामान्य जनजीवन और व्यापारिक गतिविधियां सुचारू रूप से चल सकें। ऐसा क्यों हुआ यह वित्तीय सहायता केंद्र सरकार की ओर से पहले ही स्वीकृत और जारी किए गए फंड के माध्यम से दी गई है। • योजना का उद्देश्य: असंगठित क्षेत्र के छोटे खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों को औपचारिक अर्थव्यवस्था में लाना और उनका आधुनिकीकरण करना इस योजना का मुख्य आधार है। • आवेदन प्रक्रिया: स्वयं सहायता समूहों ने वर्ष 2022 से 2024 के बीच इस सरकारी सहायता के लिए औपचारिक आवेदन किए थे। • वितरण का निर्णय: केंद्र से राशि मिलने के बाद एरिया लेवल फेडरेशन ने सभी पात्र आवेदकों की जांच कर उनके बीच सब्सिडी बांटने का निर्णय लिया। • शांति की अपील: राज्य में चल रहे तनाव के बीच सामाजिक सौहार्द बढ़ाने और विकास कार्यों को गति देने के लिए यह वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। सवाल-जवाब 1. मणिपुर में कितने लाभार्थियों को पीएमएफएमई योजना के तहत सहायता मिली है? मणिपुर में कुल 2,835 लाभार्थियों को इस योजना के तहत वित्तीय सहायता प्रदान की गई है। 2. इस सहायता राशि का वितरण कहाँ किया गया था? यह वितरण इंफाल के युमनाम लेइकाई युमजाओ लैरेम्बी लैम्पक में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान किया गया। 3. स्वयं सहायता समूहों की प्रत्येक सदस्य को कितनी पहली किस्त मिली है? खाद्य प्रसंस्करण गतिविधियों से जुड़े एसएचजी की प्रत्येक महिला सदस्य को पहली किस्त के तौर पर 5,000 रुपये मिले हैं। 4. योजना के तहत लाभार्थियों को पैसे कैसे मिले? कुछ लोगों को मंच पर चेक सौंपे गए, जबकि शेष लाभार्थियों को डीबीटी के जरिए सीधे उनके बैंक खातों में राशि भेजी गई। 5. लाभार्थियों ने इस सहायता के लिए कब आवेदन किया था? इन लाभार्थियों ने वर्ष 2022 से 2024 के बीच इस योजना के लिए आवेदन किया था। https://trendkia.com/manipur/2835-beneficiaries-in-manipur-receive-assistance-under-pmfme-scheme-33055 TrendKia — Har trend, sabse pehle.