आइजोल में एनआईए की बड़ी कार्रवाई, यूकेएनए प्रमुख थांगखोमांग हाओकिप समेत मणिपुर के दो कुकी छात्र नेता गिरफ्तार राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने मिजोरम की राजधानी आइजोल में अभियान चलाकर यूनाइटेड कुकी नेशनल आर्मी के कमांडर इन चीफ थांगखोमांग हाओकिप, उसके ड्राइवर और मणिपुर के दो छात्र नेताओं को हिरासत में लिया। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने मिजोरम की राजधानी आइजोल में एक बड़ा सुरक्षा अभियान चलाते हुए मणिपुर के दो कुकी छात्र नेताओं को अपनी हिरासत में ले लिया है। यह गिरफ्तारी गुरुवार को आइजोल के खातला इलाके में स्थित एक होटल से की गई। इस कार्रवाई से ठीक पहले केंद्रीय एजेंसी ने असम राइफल्स के सहयोग से यूनाइटेड कुकी नेशनल आर्मी (यूकेएनए) के कमांडर इन चीफ थांगखोमांग हाओकिप और उसके ड्राइवर को शहर के बाहरी हिस्से से पकड़ा था। खातला इलाके के होटल से हुई छात्र नेताओं की धरपकड़ अधिकारियों के अनुसार, असम राइफल्स की मदद से पहले शहर के बाहरी इलाके में घेराबंदी कर यूकेएनए प्रमुख थांगखोमांग हाओकिप और उसके वाहन चालक को दबोचा गया। इसके तुरंत बाद जांच एजेंसी की टीम ने आइजोल के खातला इलाके में मौजूद एक होटल पर छापा मारकर मणिपुर से ताल्लुक रखने वाले दोनों कुकी छात्र नेताओं को गिरफ्तार किया। वर्तमान में दोनों छात्र नेता, संगठन प्रमुख हाओकिप और उसका ड्राइवर सभी केंद्रीय जांच एजेंसी की कस्टडी में हैं। आपराधिक मामलों में वांछित है यूकेएनए प्रमुख सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि यूकेएनए का शीर्ष कमांडर थांगखोमांग हाओकिप मणिपुर में दर्ज कई गंभीर आपराधिक मुकदमों में वांछित चल रहा था। हालांकि पकड़े गए दोनों छात्र नेताओं पर दर्ज विशिष्ट आरोपों और उनसे जुड़े मामलों का विस्तृत ब्योरा तत्काल सामने नहीं आ सका है। इस कार्रवाई के संदर्भ में एक अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि पहले इस तरह की चर्चा थी कि सहायक खुफिया ब्यूरो (एसआईबी) भी इस अभियान का हिस्सा था, लेकिन इस पूरी कार्रवाई और गिरफ्तारियों में एसआईबी की कोई भूमिका नहीं रही है। सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशंस समझौते से बाहर है संगठन यूनाइटेड कुकी नेशनल आर्मी केंद्र या राज्य सरकार के साथ किसी सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशंस (एसओओ) समझौते का हिस्सा नहीं है। इस विद्रोही गुट पर पूर्वोत्तर क्षेत्र में कई हिंसक वारदातों को अंजाम देने के आरोप लगते रहे हैं। इसमें कांगपोकपी जिले के राष्ट्रीय राजमार्ग-37 (इंफाल-जिरीबाम सड़क) पर कोटलेन के पास 10 जून 2024 को हुआ हमला भी शामिल है, जिसमें तत्कालीन मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के अग्रिम सुरक्षा काफिले पर घात लगाकर गोलीबारी की गई थी। इसका आप पर असर पूर्वोत्तर के संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्रों में उग्रवाद और कानून व्यवस्था को लेकर सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी बेहद सख्त हो गई है। • भारत में: सीमावर्ती राज्यों में उग्रवादी गतिविधियों पर लगाम कसने के लिए केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां अंतर-राज्यीय समन्वय बढ़ा रही हैं। सुरक्षा जांच तेज होने से संवेदनशील क्षेत्रों में आवाजाही पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। • मिजोरम और मणिपुर में: आइजोल और पड़ोसी क्षेत्रों के होटलों तथा राजमार्गों पर सुरक्षा बलों द्वारा पहचान पत्रों की जांच और तलाशी अभियान बढ़ाए जा सकते हैं। यात्रियों और स्थानीय नागरिकों को यात्रा के दौरान अपने पहचान पत्र साथ रखने और अतिरिक्त जांच के लिए तैयार रहने की सलाह दी जाती है। • नागरिक सुरक्षा: राष्ट्रीय राजमार्गों पर सुरक्षा बलों के काफिलों की गश्त और निगरानी और मजबूत की जाएगी। इससे संवेदनशील मार्गों पर सफर करने वाले आम यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। • छात्र संगठनों के लिए: छात्र संगठनों से जुड़ी गतिविधियों और उनके प्रतिनिधियों की गतिविधियों पर जांच एजेंसियों की नजर बनी रहेगी। किसी भी तरह के गैरकानूनी तत्वों से संपर्क से बचने के लिए सतर्कता बरती जा रही है। ऐसा क्यों हुआ यह कार्रवाई मणिपुर में दर्ज कई आपराधिक मुकदमों और पूर्वोत्तर में गैर-हस्ताक्षरकर्ता विद्रोही गुटों द्वारा की गई हिंसक घटनाओं की जांच के सिलसिले में की गई है। • आपराधिक मुकदमों की जांच: यूकेएनए का स्वयंभू प्रमुख थांगखोमांग हाओकिप मणिपुर में दर्ज कई गंभीर अपराधों में वांछित था, जिसकी तलाश लंबे समय से की जा रही थी। केंद्रीय एजेंसी ने इन मुकदमों की जांच को आगे बढ़ाने के लिए उसकी आवाजाही पर नजर रखी हुई थी। • छात्र नेताओं की मौजूदगी: हाओकिप की शहर के बाहरी क्षेत्र में गिरफ्तारी के बाद उसी नेटवर्क से जुड़े इनपुट के आधार पर खातला के होटल में छापा मारा गया। वहां मणिपुर के दो छात्र नेताओं की मौजूदगी पाए जाने पर उन्हें हिरासत में ले लिया गया। • घात लगाकर किए गए हमले का इतिहास: यूकेएनए सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशंस समझौते का हिस्सा नहीं है और इसने 10 जून 2024 को राष्ट्रीय राजमार्ग-37 पर तत्कालीन मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के अग्रिम सुरक्षा काफिले पर हमला किया था। इस पृष्ठभूमि के चलते सुरक्षा बल संगठन के नेतृत्व को निष्क्रिय करने के प्रयास में लगे हुए थे। सवाल-जवाब 1. एनआईए ने आइजोल में किन लोगों को गिरफ्तार किया है? जांच एजेंसी ने यूकेएनए के कमांडर इन चीफ थांगखोमांग हाओकिप, उसके ड्राइवर और मणिपुर के दो कुकी छात्र नेताओं को हिरासत में लिया है। 2. यह गिरफ्तारियां आइजोल में किस जगह से हुईं? हाओकिप और उसके ड्राइवर को शहर के बाहरी इलाके से पकड़ा गया, जबकि दोनों छात्र नेताओं को आइजोल के खातला स्थित एक होटल से हिरासत में लिया गया। 3. इस ऑपरेशन में कौन-से सुरक्षा बल शामिल थे? यह कार्रवाई एनआईए ने असम राइफल्स की मदद से की, जबकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि एसआईबी की इसमें कोई भूमिका नहीं थी। 4. यूकेएनए पर किस प्रमुख हमले का आरोप है? संगठन पर 10 जून 2024 को कांगपोकपी में राष्ट्रीय राजमार्ग-37 पर तत्कालीन मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के अग्रिम सुरक्षा काफिले पर घात लगाकर हमला करने का आरोप है। https://trendkia.com/manipur/aizawl-men-nia-ki-bari-karravai-ukna-pramukha-thangkhomang-haokip-sameta-manipur-ke-do-kuki-chhatra-neta-giraphtara-38286 TrendKia — Har trend, sabse pehle.