मणिपुर में जनगणना की प्रक्रिया स्थगित, एनआरसी लागू करने की मांग पर केंद्र का बड़ा कदम मणिपुर में जनसंख्या गणना के काम को केंद्र सरकार ने टाल दिया है। राज्य में एनआरसी को पहले लागू करने की मांग के बीच यह फैसला नई दिल्ली में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में लिया गया। मणिपुर में जनसंख्या गणना के काम को फिलहाल रोक दिया गया है। नई दिल्ली स्थित गृह मंत्रालय में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के बाद केंद्र सरकार ने सोमवार को यह बड़ा निर्णय लिया। यह कदम राज्य के भीतर उन लगातार उठ रही माँगों के बीच उठाया गया है, जिनमें जनगणना शुरू होने से पहले नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजंस को लागू करने पर जोर दिया जा रहा था। उच्च स्तरीय बैठक में हुआ फैसला गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई इस अहम बैठक में मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला, मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह और केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन समेत कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। इस दौरान राज्य के मौजूदा हालात की समीक्षा की गई और जनता के विभिन्न वर्गों के साथ-साथ नागरिक समाज संगठनों द्वारा एनआरसी को लेकर रखी गई माँगों पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय नेतृत्व का जताया आभार केंद्र सरकार के इस फैसले के बाद राज्य के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने केंद्रीय नेतृत्व के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि यह कदम राज्य की जनता की भावनाओं और आकांक्षाओं को पूरी तरह से दर्शाता है। सोशल मीडिया पर साझा की प्रतिक्रिया सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और अन्य केंद्रीय नेताओं ने राज्य के लोगों की आकांक्षाओं को पूरा कर दिया है। मुख्यमंत्री ने उन 14 नागरिक समाज संगठनों के प्रतिनिधियों और भाजपा विधायकों के प्रतिनिधिमंडल के प्रयासों की भी सराहना की जिन्होंने हाल ही में नई दिल्ली का दौरा किया था। उन्होंने कहा कि केंद्रीय नेताओं और अधिकारियों के साथ लगातार संवाद के परिणामस्वरूप ही यह निर्णय संभव हो पाया है। इसके साथ ही उन्होंने राज्य के लोगों को आश्वस्त किया कि मणिपुर सरकार और केंद्र सरकार दोनों ही जनता की उम्मीदों को पूरा करने के लिए पूरी तरह समर्पित हैं। इसका आप पर असर मणिपुर में जनगणना के टलने से प्रशासनिक योजनाओं और स्थानीय स्तर पर होने वाले जनसांख्यिकीय डेटा संकलन की समय सारणी प्रभावित होगी। • भारत में: देश के बाकी हिस्सों में जनगणना की प्रक्रिया और उससे जुड़े प्रशासनिक कार्यों पर इसका कोई सीधा असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि यह निर्णय विशेष रूप से मणिपुर की स्थानीय परिस्थितियों और माँगों से जुड़ा है। • मणिपुर में: राज्य के नागरिकों और संगठनों को अपनी मुख्य माँग यानी एनआरसी लागू कराने के लिए अपनी बात केंद्रीय स्तर पर रखने का अवसर मिल गया है, जिससे स्थानीय स्तर पर चल रही चर्चाओं और राजनीतिक गतिविधियों पर सीधा प्रभाव पड़ेगा। सवाल-जवाब 1. मणिपुर में जनगणना को किसने स्थगित किया? केंद्रीय गृह मंत्रालय ने नई दिल्ली में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद मणिपुर में जनगणना को स्थगित कर दिया। 2. इस बैठक की अध्यक्षता किसने की? यह उच्च स्तरीय बैठक केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित की गई थी। 3. बैठक में मणिपुर से कौन-कौन शामिल हुआ? बैठक में मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला और मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह उपस्थित थे। 4. जनगणना टालने की मुख्य वजह क्या थी? राज्य में जनगणना से पहले नेशनल रजिस्टर ऑफ Citzens को लागू करने की निरंतर माँग के कारण यह निर्णय लिया गया। 5. मुख्यमंत्री ने इस फैसले पर क्या प्रतिक्रिया दी? मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए इसे जनता की आकांक्षाओं की पूर्ति बताया। https://trendkia.com/manipur/centre-defers-census-in-manipur-amid-demand-for-nrc-implementation-25351 TrendKia — Har trend, sabse pehle.