# मणिपुर आय से अधिक संपत्ति मामला: पूर्व कस्टम्स इंस्पेक्टर सेइखोलेन किपगेन की ₹1.99 करोड़ की प्रॉपर्टी अटैच

> प्रवर्तन निदेशालय ने मणिपुर में धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत पूर्व कस्टम्स इंस्पेक्टर सेइखोलेन किपगेन और उनके परिजनों की ₹1.99 करोड़ की अचल संपत्तियों को अनंतिम रूप से अटैच किया है।

**Type:** article · **Category:** मणिपुर · **Published:** 2026-08-13 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/manipur/manipur-aya-se-adhika-snpatti-mamala-purva-kastamsa-inspektara-seikholen-kipgen-ki-1-99-karora-ki-proparti-ataicha-16315 · **Language:** Hindi
**Tags:** मणिपुर, प्रवर्तन निदेशालय, सेइखोलेन किपगेन, मनी लॉन्ड्रिंग, पीएमएलए, सीबीआई, कांगपोकपी, इंफाल

मणिपुर में मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पूर्व कस्टम्स और सेंट्रल एक्साइज इंस्पेक्टर सेइखोलेन किपगेन और उनके परिवार से जुड़ी ₹1.99 करोड़ मूल्य की अचल संपत्तियों को अनंतिम रूप से जब्त किया है। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के प्रावधानों के तहत की गई है। एजेंसी के अनुसार जब्त की गई परिसंपत्तियों को अपराध की आय से अर्जित संपत्ति माना गया है।

## जब्त संपत्तियों का विवरण और भौगोलिक दायरा
प्रवर्तन निदेशालय के इंफाल सब-जोनल कार्यालय द्वारा जारी आदेश के तहत कुल दो अचल संपत्तियों को कुर्क किया गया है। इनमें मणिपुर के कांगपोकपी जिले और इंफाल ईस्ट जिले में स्थित होमस्टेड जमीन और उन पर बने आवासीय भवन और ढांचे शामिल हैं। इनमें से एक संपत्ति सेइखोलेन किपगेन के नाम पर पंजीकृत है, जबकि दूसरी संपत्ति उनकी पत्नी वाहनेइथेम लूसी किपगेन के नाम पर दर्ज है। एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि मामले में आगे की कानूनी जांच अभी जारी है।

## सीबीआई एफआईआर और विशेष अदालत में दायर चार्जशीट
इस वित्तीय जांच की नींव केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की इंफाल स्थित भ्रष्टाचार विरोधी शाखा द्वारा दर्ज एक प्राथमिकी (FIR) पर आधारित है। सीबीआई ने किपगेन के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोपों में मामला दर्ज किया था। सीबीआई की शुरुआती जांच के आधार पर 22 दिसंबर 2022 को विशेष अदालत के समक्ष इस मामले में औपचारिक आरोप पत्र दायर किया गया था, जिसके बाद ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के कोण से अपनी जांच शुरू की।

## 2015 से 2021 के दौरान जुटाई गई अनुपातहीन संपत्ति
केंद्रीय जांच एजेंसी की गहन वित्तीय पड़ताल में सामने आया कि 1 जनवरी 2015 से 3 दिसंबर 2021 की अवधि के दौरान सेइखोलेन किपगेन और उनके परिजनों की संपत्तियों में अप्रत्याशित बढ़ोतरी हुई। जांच के निष्कर्षों के अनुसार इस समयावधि में उनके पास मौजूद कुल परिसंपत्तियां उनकी आय के वैध और ज्ञात स्रोतों की तुलना में लगभग ₹1.99 करोड़ अधिक पाई गईं।

## मनी लॉन्ड्रिंग की कार्यप्रणाली और वित्तीय हेरफेर
एजेंसी ने जांच में पाया कि अवैध रूप से अर्जित नकदी को सफेद करने के लिए एक सोची-समझी रणनीति अपनाई गई थी। किपगेन कथित तौर पर नकदी अपने ससुर को सुरक्षित रखने के लिए सौंपते थे। इसके बाद यह रकम ससुर के बैंक खातों में जमा कराई जाती थी और फिर वहां से किपगेन, उनकी पत्नी वाहनेइथेम लूसी किपगेन तथा अन्य व्यक्तियों के खातों में भेजी जाती थी। इसके अतिरिक्त किपगेन के निर्देशों पर ससुर के खातों से विक्रेताओं को सीधे भुगतान भी किए जाते थे। इस तरह घुमाकर लाई गई रकम का उपयोग पत्नी के नाम पर जमीन खरीदने और उस पर आलीशान आवासीय मकान के निर्माण में किया गया। इस पूरी व्यवस्था को ससुर की ओर से मिले उपहार के रूप में प्रस्तुत किया गया, जबकि प्राथमिक साक्ष्यों से स्पष्ट हुआ कि ससुर के पास ऐसा कोई स्वतंत्र वित्तीय आधार नहीं था जिससे वे इतना बड़ा उपहार दे पाते।

## इसका आप पर असर
- **भारत भर में:** सरकारी पदों पर रहते हुए आय से अधिक संपत्ति बनाने और मनी लॉन्ड्रिंग करने वालों के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों की सख्त कार्रवाई का यह स्पष्ट संदेश है।
- **मणिपुर में:** कांगपोकपी और इंफाल ईस्ट जैसे जिलों में बेनामी या गलत तरीकों से बनाई गई संपत्तियों पर प्रशासन की कड़ी निगरानी बनी हुई है।

## सवाल-जवाब

### 1. प्रवर्तन निदेशालय ने मणिपुर में कितने रुपये की संपत्ति अटैच की है?
प्रवर्तन निदेशालय ने मणिपुर में पूर्व कस्टम्स इंस्पेक्टर सेइखोलेन किपगेन और उनके परिवार से जुड़ी ₹1.99 करोड़ मूल्य की संपत्तियों को अटैच किया है।

### 2. यह मामला किस अधिकारी और किस विभाग से जुड़ा है?
यह मामला कस्टम्स और सेंट्रल एक्साइज के पूर्व इंस्पेक्टर सेइखोलेन किपगेन से संबंधित है।

### 3. अटैच की गई संपत्तियां किन जिलों में स्थित हैं?
यह संपत्तियां मणिपुर के कांगपोकपी और इंफाल ईस्ट जिलों में स्थित होमस्टेड जमीन और आवासीय भवन हैं।

### 4. सीबीआई ने इस मामले में चार्जशीट कब दायर की थी?
सीबीआई की भ्रष्टाचार विरोधी शाखा ने 22 दिसंबर 2022 को विशेष अदालत में आरोप पत्र दायर किया था।

### 5. काले धन को सफेद करने के लिए क्या तरीका अपनाया गया था?
नकद रकम को ससुर के बैंक खातों में जमा कराकर किपगेन, उनकी पत्नी और विक्रेताओं को भेजा गया और इसे ससुर से मिले 'उपहार' के रूप में दिखाया गया।

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