मणिपुर हाई कोर्ट में पुलिस का खुलासा, उखरुल के NH-202 पर 58 FIR दर्ज और व्यापक बल तैनात मणिपुर हाई कोर्ट में उखरुल जिला पुलिस ने स्टेटस रिपोर्ट दाखिल कर बताया कि फरवरी 2026 से एनएच-202 पर 58 एफआईआर दर्ज की गई हैं और जरूरी सामान की सुरक्षित आवाजाही के लिए भारी सुरक्षा बल तैनात हैं। मणिपुर के उखरुल जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग 202 (NH-202) पर हुए अपराधों और हिंसक घटनाओं के सिलसिले में पुलिस ने कुल 58 एफआईआर (FIR) दर्ज की हैं। यह कानूनी कार्रवाई इस साल फरवरी में कुकी और नागा समुदायों के बीच भड़की जातीय झड़पों के बाद से की गई है। उखरुल जिला पुलिस ने 25 अगस्त को मणिपुर हाई कोर्ट के समक्ष एक विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट पेश कर यह आधिकारिक जानकारी साझा की। यह रिपोर्ट एक जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई के दौरान दाखिल की गई, जिसमें राजमार्ग पर नागरिकों की सुरक्षित आवाजाही और आवश्यक सामग्रियों को ले जाने वाले वाहनों के लिए निर्बाध मार्ग सुनिश्चित करने की मांग की गई थी। राजमार्ग की अहमियत और प्रशासन के कदम अदालत में जमा की गई रिपोर्ट में पुलिस और जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि एनएच-202 उखरुल और पड़ोसी कामजोंग जिले के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण आर्थिक और आपूर्ति जीवनरेखा है। यह राजमार्ग इन पहाड़ी इलाकों को राज्य की राजधानी इंफाल से जोड़ता है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सड़क जाम की कोशिशों को नाकाम करने, सार्वजनिक सुरक्षा बनाए रखने और वाहनों की बेरोक-टोक आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने त्वरित, सख्त और निष्पक्ष कानूनी और परिचालन कदम उठाए हैं। एफआईआर का विवरण और एनआईए को ट्रांसफर मामले पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, एनएच-202 के महादेव से टी एम कासोम वाले हिस्से में रिपोर्ट किए गए सभी संज्ञेय अपराधों को लिटन पुलिस स्टेशन में तुरंत दर्ज किया गया है। 8 फरवरी 2026 को संघर्ष की शुरुआत के बाद से अब तक 58 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। इनमें से दो संवेदनशील मामलों की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप दी गई है। इनमें से एक मामला कुकी पीड़ितों से जुड़ा है, जबकि दूसरा मामला तांगखुल पीड़ितों से संबंधित है। इसके अतिरिक्त, गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA) के तहत आने वाले अन्य मामलों को भी एनआईए को सौंपने की कानूनी प्रक्रिया जारी है। राजमार्ग सुरक्षा के लिए भारी सुरक्षा बलों की तैनाती नागरिकों और जरूरी सामान के वाहनों की सुरक्षा के लिए एनएच-202 पर बड़े पैमाने पर सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है, जो रोड ओपनिंग ऑपरेशन, एरिया डोमिनेशन और कान्वॉय एस्कॉर्ट का काम कर रहे हैं। लिटन पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की दो कंपनियां, सीमा सुरक्षा बल (BSF) की नौ कंपनियां, थल सेना और असम राइफल्स के आठ कॉलम तैनात किए गए हैं। इसके अलावा 6ठें मणिपुर राइफल्स की एक प्लाटून और एक सेक्शन के साथ-साथ स्थानीय पुलिस के नियमित जवान भी राजमार्ग पर लगातार गश्त और सुरक्षा दे रहे हैं ताकि आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बिना किसी रुकावट के जारी रहे। इसका आप पर असर एनएच-202 पर कड़ी सुरक्षा और कानूनी कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य पूर्वी मणिपुर के निवासियों के लिए आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति और आवाजाही को बहाल करना है। • मणिपुर में: क्षेत्रीय केंद्रों को जोड़ने वाले प्रमुख माल ढुलाई गलियारों को मजबूत सुरक्षा दी जा रही है ताकि जरूरी सामान की कीमतें स्थिर रहें। परिवहन अधिकारियों द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि राशन, दवाएं और ईंधन दूरदराज के इलाकों तक बिना रुकावट पहुंचे। • उखरुल और कामजोंग में: महादेव से टी एम कासोम मार्ग पर नियमित सशस्त्र सुरक्षा मिलने से स्थानीय निवासियों के लिए आवाजाही अधिक सुरक्षित होगी। इन जिलों के व्यापारी इंफाल से माल की आवक अधिक नियमित होने की उम्मीद कर सकते हैं। • यात्रियों और ट्रांसपोर्टरों के लिए: एनएच-202 पर वाणिज्यिक वाहन चालकों के लिए पुलिस कान्वॉय का समय निर्धारित किया गया है ताकि जोखिम कम हो सके। वाहन चालकों को सलाह दी जाती है कि वे आधिकारिक सुरक्षा निर्देशों का पालन करें और जांच चौकियों पर सहयोग करें। • कानूनी कार्रवाई: एनआईए को मामले सौंपे जाने से पीड़ितों से जुड़ी हिंसक घटनाओं की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच सुनिश्चित होगी। यूएपीए के तहत कार्रवाई से राजमार्ग पर अवैध नाकेबंदी और जबरन वसूली की गतिविधियों पर रोक लगेगी। सवाल-जवाब 1. उखरुल में NH-202 से जुड़ी घटनाओं को लेकर कितनी FIR दर्ज की गई हैं? उखरुल जिला पुलिस ने 8 फरवरी 2026 को हिंसा शुरू होने के बाद से NH-202 के महादेव से टी एम कासोम खंड पर 58 एफआईआर लिटन पुलिस स्टेशन में दर्ज की हैं। 2. राष्ट्रीय राजमार्ग 202 इस क्षेत्र के लिए क्यों महत्वपूर्ण है? एनएच-202 उखरुल और कामजोंग जिलों को इंफाल से जोड़ने वाली प्राथमिक आर्थिक और आपूर्ति जीवनरेखा है, जिससे आवश्यक वस्तुओं का परिवहन होता है। 3. NH-202 की सुरक्षा में कौन-कौन से सुरक्षा बल तैनात हैं? सुरक्षा में सीआरपीएफ की 2 कंपनियां, बीएसएफ की 9 कंपनियां, सेना और असम राइफल्स के 8 कॉलम, 6ठें मणिपुर राइफल्स की 1 प्लाटून और 1 सेक्शन तथा स्थानीय पुलिस शामिल हैं। 4. क्या किसी मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी को सौंपी गई है? हाँ, कुकी और तांगखुल पीड़ितों से जुड़े दो मामलों की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंपी गई है, और यूएपीए के तहत अन्य मामलों को स्थानांतरित करने की प्रक्रिया जारी है। 5. मणिपुर हाई कोर्ट में यह स्टेटस रिपोर्ट कब पेश की गई? उखरुल जिला पुलिस ने राजमार्ग पर सुरक्षित आवाजाही की मांग करने वाली जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान 25 अगस्त 2026 को हाई कोर्ट में यह रिपोर्ट पेश की। https://trendkia.com/manipur/manipur-high-court-me-police-ka-khulasa-ukhrul-ke-nh-202-par-58-fir-darj-aur-vyapak-bal-tainat-23684 TrendKia — Har trend, sabse pehle.