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  "title": "मणिपुर: कांगपोकपी के गांव में तड़के गोलीबारी के बाद स्कूल में लगाई आग",
  "summary": "मणिपुर के कांगपोकपी जिले में सोमवार तड़के लुनजांग गांव में गोलीबारी हुई, जिसके कुछ घंटों बाद वहां एक प्राथमिक स्कूल को आग के हवाले कर दिया गया।",
  "content": "मणिपुर के कांगपोकपी जिले में सोमवार तड़के लुनजांग गांव में अचानक गोलीबारी शुरू हो गई और कुछ घंटों बाद इसी इलाके के एक प्राथमिक स्कूल में आग लगा दी गई।\n\nतड़के शुरू हुई फायरिंग\nपुलिस के मुताबिक सुबह करीब 5 बजे कुछ हथियारबंद लोग गांव पर हमले की नीयत से आगे बढ़े, जिसके बाद वहां तैनात सुरक्षाबलों ने जवाबी फायरिंग शुरू कर दी। यह गोलीबारी करीब आधे घंटे तक चलती रही, हालांकि इसमें किसी के घायल होने की खबर नहीं है।\n\nलुनजांग गांव चलवा पुलिस थाने के अंतर्गत आता है और थाने से करीब 12 किलोमीटर दूर है। इस गांव में करीब 40 लोग रहते हैं, साथ ही यहां मणिपुर राइफल्स की एक चौकी और इंडिया रिजर्व बटालियन (आईआरबी) के विस्थापित जवान भी तैनात हैं।\n\nस्कूल जलकर राख\nगोलीबारी थमने के बाद आईटी रोड पर कुकी बहुल इलाके में स्थित लुनजांग यूजेबी स्कूल को कथित तौर पर आग के हवाले कर दिया गया और यह पूरी तरह जलकर खाक हो गया। स्थानीय लोगों ने इसके लिए एनएससीएन (आईएम) और जेडयूएफ-के के सदस्यों को जिम्मेदार ठहराया है, हालांकि प्रशासन की ओर से अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने में जुटी है कि गोलीबारी और आगजनी के पीछे असल वजह क्या रही।\n\nआईटी रोड पर बढ़ती तनातनी\nयह घटना आईटी रोड इलाके में लगातार हो रहे हमलों और जवाबी हमलों की एक और कड़ी है, जहां दोनों समुदायों के लोग बार-बार एक-दूसरे पर गांवों और आम लोगों को निशाना बनाने का आरोप लगाते रहे हैं। इन आपसी आरोपों ने इस पूरे इलाके में तनाव और गहरा दिया है।\n\nदो दिन पहले चुराचांदपुर में मुठभेड़\nकांगपोकपी की यह घटना उस मुठभेड़ के महज दो दिन बाद हुई है, जिसमें चुराचांदपुर जिले में भारतीय सेना और असम राइफल्स की संयुक्त टुकड़ी ने यूनाइटेड कुकी नेशनल आर्मी (यूकेएनए) के दो उग्रवादियों को मार गिराया था, जबकि दो अन्य घायल हुए थे। मुठभेड़ के बाद जब उग्रवादियों के शिविर की तलाशी ली गई तो वहां से हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद हुआ, जिसमें दो एमए राइफलें, एक एके-56 राइफल, एक लठोड गन, सात लठोड ग्रेनेड, 15 एके मैगजीन, एके-56 के 371 राउंड, एमए राइफल के 601 राउंड और एसएलआर के 172 राउंड शामिल थे।\n\nइसका आप पर असर\nयह ताजा झड़प सीधे तौर पर मणिपुर के संघर्षग्रस्त इलाकों में रहने वाले लोगों को प्रभावित करती है, लेकिन यह राज्य में लंबे समय से जारी अशांति को लेकर देशभर की चिंता भी बढ़ाती है।\n\n• भारत में: यह ताजा घटना मणिपुर को एक अनसुलझी सुरक्षा चुनौती के तौर पर फिर सुर्खियों में ला देती है, जिसका असर सुरक्षाबलों की तैनाती, राहत शिविरों के लिए केंद्रीय मदद और शांति वार्ता की रफ्तार पर पड़ सकता है। ऐसी बार-बार होने वाली घटनाएं किसी टिकाऊ समाधान की राह और मुश्किल बना देती हैं।\n• कांगपोकपी में: लुनजांग और आईटी रोड के आसपास के गांवों के परिवारों को स्कूल भवन गंवाना पड़ा है, जिससे बच्चों की पढ़ाई तब तक बाधित रह सकती है जब तक वैकल्पिक इंतजाम नहीं होता। यहां के लोग आगे भी हमलों की आशंका के साये में जी रहे हैं, क्योंकि इस गलियारे में पहले भी कई बार ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. कांगपोकपी में गोलीबारी कब और कहां हुई?\nयह सोमवार तड़के करीब 5 बजे मणिपुर के कांगपोकपी जिले के लुनजांग गांव में हुई।\n\n2. गोलीबारी कितनी देर चली?\nयह गोलीबारी करीब 30 मिनट तक चली, जिसके बाद थम गई।\n\n3. क्या इस घटना में कोई घायल हुआ?\nपुलिस के मुताबिक इस गोलीबारी में किसी के घायल होने की खबर नहीं है।\n\n4. स्कूल में आग किसने लगाई?\nस्थानीय लोगों ने एनएससीएन (आईएम) और जेडयूएफ-के के सदस्यों पर आरोप लगाया है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।\n\n5. लुनजांग गांव में कौन-कौन तैनात है?\nगांव में मणिपुर राइफल्स की एक चौकी और इंडिया रिजर्व बटालियन के विस्थापित जवान तैनात हैं।\n\n6. इससे पहले कौन सी घटना हुई थी?\nदो दिन पहले चुराचांदपुर में भारतीय सेना और असम राइफल्स की संयुक्त कार्रवाई में यूकेएनए के दो उग्रवादी मारे गए थे और दो घायल हुए थे।",
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  "category": "मणिपुर",
  "publishedAt": "2026-09-07",
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    "मणिपुर हिंसा",
    "कांगपोकपी",
    "लुनजांग गोलीबारी",
    "स्कूल में आगजनी",
    "आईटी रोड",
    "यूकेएनए",
    "चुराचांदपुर मुठभेड़"
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  "site": "TrendKia"
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