# मणिपुर के गृह मंत्री ने चार लोगों की मौत के बाद दी सख्त चेतावनी, कहा- किसी भी कीमत पर रुकने नहीं देंगे शांति प्रयास

> मणिपुर के तामेंगलोंग और नोनी जिलों में संदिग्ध उग्रवादियों के हमले में चार लोगों की मौत हो गई है, जिसके बाद गृह मंत्री ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई का भरोसा दिया है।

**Type:** article · **Category:** मणिपुर · **Published:** 2026-09-14 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/manipur/manipur-ke-griha-mntri-ne-chara-logon-ki-mauta-ke-bada-di-sakhta-chetavani-kaha-kisi-bhi-kimata-para-rukane-nahin-denge-shanti-pra-32265 · **Language:** Hindi
**Tags:** मणिपुर हिंसा, गोविंददास कोंथौजाम, तामेंगलोंग हमला, नोनी जिला, कुकी समुदाय, ब्लैक डे मणिपुर, नेशनल हाईवे 37

मणिपुर के गृह मंत्री गोविंददास कोंथौजाम ने तामेंगलोंग और नोनी जिलों में हुई हालिया हिंसक वारदातों की कड़े शब्दों में निंदा की है। इन हमलों में चार लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। गृह मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि राज्य में शांति व्यवस्था और सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए किए जा रहे प्रशासनिक प्रयासों में किसी भी प्रकार की उग्रवादी या हिंसक गतिविधि को बाधा नहीं बनने दिया जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि नागरिकों की सुरक्षा सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।

 

## तामेंगलोंग और नोनी जिलों में हुई हिंसक घटनाएं

यह दुखद घटना तब सामने आई जब संदिग्ध उग्रवादियों ने इन दोनों जिलों के अलग-अलग ग्रामीण इलाकों को निशाना बनाकर हिंसक हमले शुरू कर दिए। इस अचानक हुए हमले में दो महिलाओं समेत कुल चार लोगों की मौत हो गई। गौरतलब है कि यह हिंसक वारदातें उस समय हुईं जब कुकी समुदाय द्वारा हर साल 13 सितंबर को मनाया जाने वाला "साहिनित नी" यानी "ब्लैक डे" का अवसर था। यह दिन विशेष रूप से 1990 के दशक में मणिपुर में हुए कुकी-नागा जातीय संघर्ष के दौरान मारे गए लोगों की याद में मनाया जाता है। इस संवेदनशील मौके पर हुई हिंसा ने पूरे इलाके में तनाव की स्थिति पैदा कर दी है।

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## आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश

घटना पर गहरा शोक और आक्रोश व्यक्त करते हुए गृह मंत्री गोविंददास कोंथौजाम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि टोलेन कुकी गांव में हुआ हमला बेहद निराशाजनक और पीड़ादायक है। इस हमले में लिंगजांगई सिंगसित नामक महिला की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि उनके पति और मासूम बेटे को गोलियां लगने से गंभीर चोटें आईं। गृह मंत्री ने स्पष्ट किया कि निर्दोष नागरिकों के खिलाफ ऐसी कायरतापूर्ण हिंसा को किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने संबंधित सुरक्षा और प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं कि वे मामले की गहनता से जांच करें, अपराधियों की पहचान करें और बिना किसी भय या पक्षपात के कानून सम्मत सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करें।

 

## नेशनल हाईवे 37 के पास सुरक्षा की संवेदनशीलता

मृतक महिला लिंगजांगई सिंगसित पर यह हमला उनके टोलेन कुकी गांव स्थित आवास पर ही किया गया था। यह गांव नेशनल हाईवे 37 के काफी करीब स्थित है, जो राजधानी इंफाल को जिरीबाम से जोड़ने वाला एक बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील मार्ग है। इस हमले में गंभीर रूप से घायल उनके पति सेइनेह सिंगसित ने भी बाद में दम तोड़ दिया। गोलीबारी में घायल होने के कारण उन्हें तत्काल पड़ोसी राज्य असम के सिलचर स्थित अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। गृह मंत्री ने अपने बयान में दोहराया कि शांति प्रयासों को भंग करने की हर साजिश को नाकाम किया जाएगा और न्याय की रक्षा के लिए कानून का राज हर हाल में कायम रहेगा।

## इसका आप पर असर
इस हिंसक घटना और गृह मंत्री की कड़ी प्रतिक्रिया का मणिपुर और देश के अन्य हिस्सों पर सीधा असर पड़ सकता है।

    - **भारत में:** पूर्वोत्तर राज्यों में सुरक्षा व्यवस्था और आंतरिक स्थिरता को लेकर चिंताएं बढ़ सकती हैं। इससे केंद्र सरकार द्वारा इस पूरे संवेदनशील क्षेत्र में सुरक्षा बलों की तैनाती और खुफिया निगरानी बढ़ाने के कदम उठाए जा सकते हैं।

    - **मणिपुर में:** तामेंगलोंग और नोनी जिलों के साथ-साथ महत्वपूर्ण नेशनल हाईवे 37 के आस-पास सुरक्षा व्यवस्था काफी कड़ी की जाएगी। यहां के स्थानीय लोगों और यात्रियों को यात्रा के दौरान अतिरिक्त सुरक्षा जांच और यातायात प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है।

## ऐसा क्यों हुआ
यह हिंसक घटना क्षेत्र में चल रहे पुराने जातीय तनाव और संवेदनशील ऐतिहासिक तिथियों के मेल के कारण हुई है।

    - **ऐतिहासिक संघर्ष की याद:** यह हमला 13 सितंबर को हुआ, जिस दिन कुकी समुदाय "साहिनित नी" (ब्लैक डे) मनाता है। यह दिन 1990 के दशक के भीषण कुकी-नागा संघर्ष की याद दिलाता है, जिससे संवेदनशील मौकों पर सामाजिक तनाव बढ़ जाता है।

    - **उग्रवादी समूहों की सक्रियता:** संदिग्ध उग्रवादियों ने जानबूझकर ग्रामीण इलाकों और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण नेशनल हाईवे 37 के पास स्थित टोलेन कुकी गांव को निशाना बनाया। इस क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति का फायदा उठाकर हमलावर आसानी से वारदातों को अंजाम देते हैं।

    - **सुरक्षात्मक चुनौतियां:** राज्य में विभिन्न जातीय समुदायों के बीच पहले से मौजूद अविश्वास और सुरक्षात्मक कमियों का फायदा उठाकर उग्रवादी तत्व शांति प्रक्रियाओं को बाधित करने का प्रयास कर रहे हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. Who is the Home Minister of Manipur?
गोविंददास कोंथौजाम मणिपुर के गृह मंत्री हैं।

### 2. In which districts did this violent attack take place?
यह हिंसक हमला मणिपुर के तामेंगलोंग और नोनी जिलों में हुआ।

### 3. Who lost their lives in the Tollen Kuki village attack?
इस हमले में लिंगजांगई सिंगसित की मौके पर ही मौत हो गई और उनके पति सेइनेह सिंगसित ने इलाज के लिए ले जाते समय दम तोड़ दिया।

### 4. What day is observed by the Kuki community on September 13?
कुकी समुदाय द्वारा हर साल 13 सितंबर को 1990 के दशक के संघर्ष में मारे गए लोगों की याद में "साहिनित नी" या "ब्लैक डे" मनाया जाता है।

### 5. Which important route is Tollen Kuki village located near?
यह गांव नेशनल हाईवे 37 के पास स्थित है, जो इंफाल को जिरीबाम से जोड़ता है।

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