# मणिपुर के कांगपोकपी में घात लगाकर हमले के बाद सुरक्षा बलों ने चार लियांगमई नागा नागरिकों के शव बरामद किए

> मणिपुर के कांगपोकपी जिले में हथियारबंद हमले के एक दिन बाद सुरक्षा बलों ने एक स्कूल संस्थापक और ग्राम प्राधिकरण अध्यक्ष सहित लियांगमई नागा समुदाय के चार लोगों के शव बरामद कर लिए हैं।

**Type:** article · **Category:** मणिपुर · **Published:** 2026-08-28 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/manipur/manipur-ke-kangpokpi-mein-ghat-lagakar-hamle-ke-baad-suraksha-balon-ne-char-liangmai-naga-nagrikon-ke-shav-baramad-kiye-23568 · **Language:** Hindi
**Tags:** मणिपुर हमला, कांगपोकपी, लियांगमई नागा, सेनापति जिला, मणिपुर पुलिस, यूनाइटेड नागा काउंसिल

मणिपुर के कांगपोकपी जिले में गुरुवार सुबह हुए एक हथियारबंद हमले में मारे गए लियांगमई नागा समुदाय के चार लोगों के शवों को सुरक्षा बलों ने बरामद कर लिया है। राज्य पुलिस के जवानों की एक टीम ने शुक्रवार सुबह घटना स्थल पर पहुंचकर शवों को निकाला, क्योंकि शुरुआती दिन सड़क अवरोध के कारण सुरक्षा बल मौके तक नहीं पहुंच सके थे। इन शवों को सेनापति जिला मुख्यालय ले जाया जा रहा है, जहां इस हत्याकांड के विरोध में स्थानीय निवासियों ने प्रदर्शन किया था और शवों को नागा बहुल जिले में लाने की मांग की थी।

## ग्रामीण रास्ते पर घात लगाकर किया गया हमला
यह दर्दनाक घटना गुरुवार सुबह लगभग 8:30 बजे हुई, जब पांच लोग कांगपोकपी जिले में आईटी रोड पर मकुई अशांग और थानंबा नागा गांवों के बीच एक दूरदराज के रास्ते से वाहन में सवार होकर गुजर रहे थे। इसी दौरान अज्ञात हथियारबंद हमलावरों ने चलती गाड़ी पर अंधाधुंध गोलियां चला दीं। इस गोलीबारी में गाड़ी में सवार चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया।

हमले का शिकार हुए सभी पांचों व्यक्ति लियांगमई नागा समुदाय से संबंधित हैं। आधिकारिक जानकारी के अनुसार मारे गए चार व्यक्तियों की पहचान एक निजी स्कूल के संस्थापक और प्रधानाचार्य तडसोंगबोउ रिंगकांगमई; एम विजुनमई; अनिल विजुनमई; और चवांगकिनिंग ग्राम प्राधिकरण के अध्यक्ष विसोबोउ चारेनामई के रूप में हुई है। वहीं हमले में घायल हुए एकमात्र व्यक्ति की पहचान गैकामंग रिंगकांगमई के रूप में की गई है, जिनका इलाज किया जा रहा है।

## रास्ते में रुकावट के कारण देरी और स्थानीय विरोध
गुरुवार शाम को सुरक्षाकर्मियों ने शवों को बरामद करने के लिए घटना स्थल तक पहुंचने की कोशिश की थी, लेकिन रास्ते में स्थित एक गांव में कथित नाकाबंदी और व्यवधान के कारण वे वहां नहीं पहुंच सके। इसके बाद शुक्रवार सुबह राज्य पुलिस कर्मियों की एक विशेष टीम ने मौके पर पहुंचकर चारों शवों को अपने कब्जे में लिया और उन्हें सेनापति जिला मुख्यालय भेजने की प्रक्रिया शुरू की।

इस घटना की खबर फैलते ही पूरे क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया। गुरुवार रात को बड़ी संख्या में स्थानीय लोग सेनापति जिला मुख्यालय में जमा हुए और शवों को नागा बहुल जिले में लाने की मांग करते हुए उग्र प्रदर्शन किया। शवों के प्रति सम्मान व्यक्त करने का सिलसिला रास्ते में भी देखा गया। जब शवों को ले जा रहा काफिला कांगपोकपी जिले के थोंगलांग अतोंगबा पहुंचा, तो स्थानीय गांव के स्वयंसेवकों ने सम्मान के प्रतीक के रूप में हवा में कई राउंड गोलियां चलाईं।

## उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा और उग्रवादी संगठनों पर आरोप
इस गंभीर घटना के बाद मणिपुर के मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह ने एक उच्च स्तरीय सुरक्षा बैठक बुलाई। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने सुरक्षा बलों को निर्देश दिया कि वे हमले के जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उन्हें तुरंत गिरफ्तार करें और उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाएं।

दूसरी ओर, मणिपुर में नागा समुदाय की शीर्ष प्रतिनिधि संस्था यूनाइटेड नागा काउंसिल (यूएनसी) ने इस हमले पर बयान जारी किया है। यूएनसी ने आरोप लगाया है कि इस घातक हमले में दो उग्रवादी संगठन, कुकी नेशनल फ्रंट (पी) और कुकी रिवोल्यूशनरी आर्मी शामिल थे।

## इसका आप पर असर
यह घटना मणिपुर के पहाड़ी क्षेत्रों में सुरक्षा की नाजुक स्थिति को दर्शाती है और स्थानीय नागरिकों तथा यात्रियों के लिए आवाजाही के जोखिम को बढ़ाती है।

- **राष्ट्रीय स्तर पर:** पूर्वोत्तर राज्यों में शांति और सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखने की चुनौतियों को यह घटना रेखांकित करती है। केंद्र और राज्य सरकारें संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा सकती हैं।
- **मणिपुर में:** कांगपोकपी और सेनापति जिलों के अंतर-ग्रामीण मार्गों पर यात्रा करने वाले नागरिकों को अत्यधिक सतर्कता बरतनी होगी। पुलिस और सुरक्षा बल कई प्रमुख सड़कों पर जांच अभियान और गश्त तेज कर रहे हैं।
- **स्थानीय समुदाय के लिए:** नागा बहुल और पड़ोसी क्षेत्रों में तनाव की स्थिति को देखते हुए नागरिक संगठनों ने शांति बनाए रखने की अपील की है। सार्वजनिक परिवहन और माल ढुलाई पर अस्थाई असर पड़ सकता है।

## सवाल-जवाब

### 1. मणिपुर के कांगपोकपी में क्या घटना हुई?
कांगपोकपी जिले में मकुई अशांग और थानंबा नागा गांवों के बीच एक वाहन पर हथियारबंद हमलावरों ने हमला किया, जिसमें लियांगमई नागा समुदाय के चार लोगों की मौत हो गई और एक व्यक्ति घायल हो गया।

### 2. मारे गए पीड़ितों की पहचान किस रूप में हुई है?
मारे गए लोगों में स्कूल संस्थापक तडसोंगबोउ रिंगकांगमई, एम विजुनमई, अनिल विजुनमई और ग्राम प्राधिकरण अध्यक्ष विसोबोउ चारेनामई शामिल हैं।

### 3. शवों को बरामद करने में देरी क्यों हुई?
गुरुवार शाम को रास्ते में एक गांव के भीतर कथित नाकाबंदी और व्यवधान के कारण पुलिस टीम शुक्रवार सुबह ही घटना स्थल पर पहुंच सकी।

### 4. यूनाइटेड नागा काउंसिल ने क्या आरोप लगाए हैं?
यूएनसी ने आरोप लगाया है कि इस हमले में कुकी नेशनल फ्रंट (पी) और कुकी रिवोल्यूशनरी आर्मी नाम के दो उग्रवादी समूह शामिल थे।

### 5. राज्य सरकार ने इस घटना पर क्या कार्रवाई की है?
मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह ने एक उच्च स्तरीय सुरक्षा बैठक बुलाई और सुरक्षा बलों को हमलावरों की पहचान कर उन्हें तुरंत गिरफ्तार करने के निर्देश दिए।

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