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  "type": "article",
  "title": "मणिपुर के मुख्यमंत्री ने 1891 के शहीदों को किया याद, देशभक्त दिवस से पहले एकता की अपील",
  "summary": "मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने 1891 के एंग्लो-मणिपुरी युद्ध के शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए देशभक्त दिवस से पहले राज्य में एकता और शांति बनाए रखने की अपील की।",
  "content": "मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने बुधवार को 1891 के एंग्लो-मणिपुरी युद्ध में शहीद हुए वीरों को श्रद्धांजलि दी और देशभक्त दिवस से पहले राज्य के लोगों से एकता, सद्भाव और शांति बनाए रखने की अपील की।\n\n1891 के शहीदों को श्रद्धांजलि\nदेशभक्त दिवस हर साल 13 अगस्त को मनाया जाता है। यह दिन उन वीरों की याद में समर्पित है जिन्होंने 1891 के एंग्लो-मणिपुरी युद्ध के दौरान मणिपुर की संप्रभुता की रक्षा करते हुए अपनी जान गंवाई थी। इस मौके पर जारी अपने संदेश में सिंह ने खासतौर पर युवराज टिकेंद्रजीत सिंह, थंगल जनरल और उस लड़ाई में शहीद हुए बाकी देशभक्तों को नमन किया।\n\nमजबूती की विरासत\nमुख्यमंत्री ने कहा कि पुरखों की यह कुर्बानी हमें याद दिलाती है कि मणिपुर की असली ताकत हमेशा उसके लोगों की सहनशीलता, एकजुटता और दृढ़ इच्छाशक्ति में रही है, न कि किसी एक नेता या संस्था में। उन्होंने कहा कि शहीदों की यह विरासत आज के मणिपुर को आपसी मतभेद भुलाकर आपसी सम्मान और सद्भाव कायम रखने की प्रेरणा देनी चाहिए। सिंह के मुताबिक इन शहीदों का साहस, देशभक्ति और बलिदान दशकों बाद भी नई पीढ़ियों को प्रेरित करता रहता है।\n\nएकता और विकास की अपील\nसिंह ने मणिपुर के हर समुदाय से अपील की कि वे मिलकर राज्य को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और समृद्ध बनाने की दिशा में काम करें, क्योंकि शांति, आपसी समझ और सहयोग के बिना राज्य आगे नहीं बढ़ सकता। उन्होंने मणिपुर की एकता और क्षेत्रीय अखंडता को बनाए रखने के लिए नए सिरे से प्रतिबद्धता जताने की भी अपील की और कहा कि हर नागरिक तक विकास और तरक्की पहुंचाने के लिए किसी एक समूह की नहीं बल्कि सामूहिक कोशिशों की जरूरत है। सिंह ने अपने संदेश में कहा, \"आइए हम उम्मीद और दृढ़ संकल्प के साथ मिलकर आगे बढ़ें, और एकजुट होकर एक मजबूत, अधिक शांतिपूर्ण और विकसित मणिपुर बनाने का संकल्प लें।\"\n\nयुवाओं के लिए संदेश\nमुख्यमंत्री ने खासतौर पर नागरिकों और खासकर युवा पीढ़ी से अपील की कि वे मणिपुर के ऐतिहासिक नायकों के साहस, बलिदान और निस्वार्थ सेवा से प्रेरणा लें, क्योंकि यही आदर्श आगे चलकर राज्य की दिशा तय करेंगे। उन्होंने अपने संदेश के अंत में निजी तौर पर कहा कि वे इस पावन अवसर पर मणिपुर के अमर नायकों को श्रद्धांजलि अर्पित करने में राज्य की जनता के साथ शामिल हो रहे हैं, यह श्रद्धांजलि 1891 के शहीदों और उनके आदर्शों दोनों को समर्पित है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. देशभक्त दिवस कब मनाया जाता है?\nहर साल 13 अगस्त को देशभक्त दिवस मनाया जाता है।\n\n2. यह दिन किस घटना की याद में मनाया जाता है?\n1891 के एंग्लो-मणिपुरी युद्ध में मणिपुर की संप्रभुता की रक्षा करते हुए शहीद हुए वीरों की याद में यह दिन मनाया जाता है।\n\n3. मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में किन शहीदों को श्रद्धांजलि दी?\nउन्होंने युवराज टिकेंद्रजीत सिंह, थंगल जनरल और युद्ध में शहीद हुए अन्य देशभक्तों को श्रद्धांजलि दी।\n\n4. मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में मुख्य रूप से क्या अपील की?\nउन्होंने सभी समुदायों से मिलकर मणिपुर को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और समृद्ध बनाने तथा राज्य की एकता व क्षेत्रीय अखंडता बनाए रखने की अपील की।\n\n5. मुख्यमंत्री ने युवा पीढ़ी से क्या कहा?\nउन्होंने युवाओं से मणिपुर के ऐतिहासिक नायकों के साहस, बलिदान और निस्वार्थ सेवा से प्रेरणा लेने को कहा।\n\n6. यह संदेश कब जारी किया गया?\nयह संदेश बुधवार को, देशभक्त दिवस से एक दिन पहले जारी किया गया।",
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  "category": "मणिपुर",
  "publishedAt": "2026-08-12",
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    "मणिपुर",
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