मणिपुर के पारंपरिक युद्ध कौशल थंग-टा को बचाने और आगे बढ़ाने पर दिया जा रहा जोर मणिपुर में ऑल-इंडिया इंटर-UNIVERSITY थंग-टा चैंपियनशिप का आयोजन किया गया है, जिसमें देश भर के कई राज्यों से आए छात्र हिस्सा ले रहे हैं। मणिपुर की सांस्कृतिक विरासत और उसके गौरवशाली इतिहास का अहम हिस्सा माने जाने वाले पारंपरिक मार्शल आर्ट थंग-टा को संरक्षित करने और बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है। इस प्राचीन युद्ध कला का महत्व राज्य की संस्कृति में बेहद गहरा है और यह यहाँ की ऐतिहासिक परंपराओं से मजबूती से जुड़ी हुई है। इम्फाल में राष्ट्रीय चैंपियनशिप का शुभारंभ इम्फाल के खुमान लाम्पाक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स स्थित इंडोर स्टेडियम में ऑल-इंडिया इंटर-University थंग-टा (Men & Women) चैंपियनशिप 2026-27 की आधिकारिक शुरुआत की गई है। इस बड़े आयोजन में देश के विभिन्न हिस्सों से आए तकनीकी अधिकारियों, खिलाड़ियों और प्रतियोगियों का स्वागत किया गया, ताकि विश्वविद्यालय स्तर के एथलीटों को अपनी प्रतिभा दिखाने का एक बेहतरीन मंच मिल सके। बचपन के संस्मरण और मार्शल आर्ट से जुड़ाव इस कला के प्रति व्यक्तिगत जुड़ाव को याद करते हुए बताया गया कि 1975, 1976 और 1977 के दौरान इस अनुशासन में ट्रेनिंग ली गई थी। ब्रूस ली की फिल्म Enter the Dragon के 1978 में रिलीज होने से गहरा प्रेरणा मिली थी, जिसके बाद ताइक्वांडो सीखने के लिए मणिपुर छोड़ना पड़ा था। कभी यह उम्मीद नहीं की थी कि मणिपुर की अपनी पारंपरिक कला थंग-टा इतनी ऊंचाइयों पर पहुँच जाएगी। थंग-टा के गुरुओं और आयोजकों का आभार इस पारंपरिक विधा को आगे बढ़ाने में जुटे सम्मानित गुरुओं के प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त की गई है, साथ ही World Thang-Ta Federation के President के समर्पित प्रयासों की सराहना भी की गई है। इसके अलावा National Sports University के Vice-Chancellor दलजीत सिंह चौधरी का भी इस प्रतिष्ठित चैंपियनशिप के आयोजन के लिए धन्यवाद किया गया है, जो देश भर के विश्वविद्यालयों के युवाओं को अपनी कला प्रदर्शित करने का अवसर दे रही है। ऐतिहासिक संघर्ष और युद्ध कला का महत्व पारंपरिक युद्ध कौशल के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए 1819 से 1826 के बीच के सात साल के विनाश काल का जिक्र किया गया, जब मणिपुर पर बर्मा का कब्जा हो गया था। उस दौर में राज्य के पूर्वजों ने अपनी मातृभूमि को वापस पाने के लिए भारी साहस दिखाया और संघर्ष किया। इसके अलावा 1891 के आंग्ल-मणिपुर युद्ध का भी उल्लेख किया गया, जिसमें मणिपुरी योद्धाओं ने थंग-टा जैसी पारंपरिक युद्ध कलाओं का उपयोग करते हुए अंग्रेजों के खिलाफ बहादुरी से लड़ाई लड़ी थी। प्रतियोगिता में विश्वविद्यालयों की व्यापक भागीदारी वर्तमान में आयोजित हो रही इस चैंपियनशिप में कुल नौ राज्यों के 24 विश्वविद्यालयों से आए प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। इस प्रतियोगिता में कुल 252 छात्र अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे हैं, जिनमें 146 पुरुष और 106 महिला खिलाड़ी शामिल हैं जो मुकाबलों में जोर आजमाइश कर रहे हैं। इसका आप पर असर इस चैंपियनशिप के आयोजन से राज्य में पारंपरिक खेलों को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय युवाओं के लिए खेल के क्षेत्र में नए अवसर सामने आएंगे। • भारत में: देश भर के विश्वविद्यालयों के युवाओं को पारंपरिक खेल संस्कृति से जुड़ने का मौका मिल रहा है। इससे राष्ट्रीय स्तर पर क्षेत्रीय युद्ध कलाओं को पहचान मिलेगी। • मणिपुर में: स्थानीय स्तर पर खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ेगा और पारंपरिक विधाओं के प्रशिक्षण केंद्रों को मजबूती मिलेगी। इससे पर्यटन और सांस्कृतिक आयोजनों को भी बढ़ावा मिल सकता है। ऐसा क्यों हुआ पारंपरिक युद्ध कलाओं के संरक्षण की आवश्यकता ऐतिहासिक महत्व और सांस्कृतिक जड़ों को सुरक्षित रखने के लिए महसूस की जाती है। इस तरह के आयोजनों के पीछे विश्वविद्यालयों के माध्यम से युवा पीढ़ी को प्राचीन विधाओं से जोड़ना मुख्य उद्देश्य रहता है। • ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: मणिपुर के पूर्वजों ने बर्मा के कब्जे और अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाइयों में पारंपरिक युद्ध कौशल का इस्तेमाल किया था। यही वजह है कि यह कला राज्य की वीरता और संघर्ष का प्रतीक मानी जाती है। • खेलों का विस्तार: राष्ट्रीय स्तर पर अकादमिक संस्थानों की भागीदारी से इन विलुप्त हो रही कलाओं को औपचारिक मंच और मान्यता मिलती है। इससे नई पीढ़ी में इन विधाओं को सीखने की रुचि बढ़ती है। सवाल-जवाब 1. थंग-टा किस राज्य का पारंपरिक मार्शल आर्ट है? थंग-टा मणिपुर का एक पारंपरिक और ऐतिहासिक मार्शल आर्ट है। 2. ऑल-इंडिया इंटर-University थंग-टा चैंपियनशिप 2026-27 कहाँ आयोजित की जा रही है? यह चैंपियनशिप इम्फाल के खुमान लाम्पाक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स स्थित इंडोर स्टेडियम में आयोजित हो रही है। 3. इस चैंपियनशिप में कितने राज्यों के विश्वविद्यालय हिस्सा ले रहे हैं? इस प्रतियोगिता में नौ राज्यों के 24 विश्वविद्यालयों के छात्र भाग ले रहे हैं। 4. प्रतियोगिता में कुल कितने खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं? इस आयोजन में कुल 252 छात्र हिस्सा ले रहे हैं, जिनमें 146 पुरुष और 106 महिला खिलाड़ी शामिल हैं। 5. National Sports University के Vice-Chancellor कौन हैं? National Sports University के Vice-Chancellor दलजीत सिंह चौधरी हैं। https://trendkia.com/manipur/manipur-ke-parnparika-yuddha-kaushala-thang-ta-ko-bachane-aura-age-barhane-para-diya-ja-raha-jora-51988 TrendKia — Har trend, sabse pehle.