# मणिपुर के तिपोराम गांव में फिर हिंसा, उपद्रवियों ने फूंक दिए 25 मकान

> मणिपुर के कांगपोकपी जिले स्थित तिपोराम गांव में असामाजिक तत्वों ने 25 घरों में आग लगा दी, जिससे इलाके में तनाव बढ़ गया है।

**Type:** article · **Category:** मणिपुर · **Published:** 2026-09-02 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/manipur/manipur-ke-tiporam-ganva-men-phira-hinsa-upadraviyon-ne-phunka-die-25-makana-26608 · **Language:** Hindi
**Tags:** मणिपुर हिंसा, कांगपोकपी, तिपोराम गांव, आगजनी, सुरक्षा बल, पूर्वोत्तर

मणिपुर के कांगपोकपी जिले में एक बार फिर हिंसा भड़क उठी है, जहां बुधवार को तिपोराम गांव में कम से कम 25 मकानों को आग के हवाले कर दिया गया। यह विनाशकारी घटना इंफाल-तामेंगलॉन्ग (IT) रोड के आसपास स्थित पड़ोसी बस्तियों पर हुए हमलों के ठीक एक दिन बाद सामने आई है, जिससे क्षेत्र में तनाव अत्यधिक बढ़ गया है।

## तिपोराम गांव में हुई भारी तबाही
स्थानीय निवासियों के अनुसार, तिपोराम गांव में उपद्रवियों ने 25 मकानों को आग लगा दी, जिसके बाद ग्रामीणों को वहां से निकलने पर मजबूर होना पड़ा। नुकसान झेलने वाले मकानों में से पांच घर नेपाली समुदाय के लोगों के थे। इससे पहले हिंसा की शुरुआती घटनाओं के दौरान तिपोराम के निवासियों को सुरक्षा के लिहाज से लगभग 15 किलोमीटर दूर मकुई गांव में स्थानांतरित कर दिया गया था। मंगलवार को जब कुछ ग्रामीण अपने घर वापस लौटे, तो उन पर कथित तौर पर गोलीबारी की गई।

गांव वालों का आरोप है कि आगजनी की इस घटना की सूचना सुरक्षा बलों को समय पर दे दी गई थी, लेकिन बुधवार तक उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। हालांकि, सुरक्षा बलों या प्रशासन की ओर से इन आरोपों पर अब तक कोई टिप्पणी या पुष्टि नहीं आई है।

## सोमवार और मंगलवार को हुए हमले
तिपोराम में हुई यह घटना इस हफ्ते की शुरुआत में कांगपोकपी जिले में हुए अन्य हिंसक हमलों के बाद हुई है। सोमवार को तेईखांग कुकी गांव पर हुए हमले में दो महिलाओं सहित तीन लोगों की जान चली गई थी और चार अन्य लोग घायल हुए थे। पुलिस के अनुसार, इस हमले के बाद दोपहर 12:30 बजे तक क्षेत्र में भारी गोलीबारी जारी रही।

इसके बाद मंगलवार को इंफाल-तामेंगलॉन्ग (IT) रोड पर स्थित लियांगमई नागा गांवों को निशाना बनाया गया। पुलिस ने बताया कि इस आगजनी में कम से कम 10 मकान जलकर राख हो गए। इसके अलावा उपद्रवियों ने वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया, जिसमें एक एक्सकेवेटर, एक जिप्सी, एक पिकअप ट्रक और एक बड़ा ट्रक शामिल है।

## चर्च पादरी भी हुए घायल
जारी हिंसा के दौरान घायल हुए लोगों में 49 वर्षीय एन लुईथुईबाउ भी शामिल हैं, जिन्हें दाहिने पेट और हाथ में गोली लगी है। स्थानीय लोगों ने उनकी पहचान एक स्थानीय चर्च पादरी के रूप में की है।

## इसका आप पर असर
मणिपुर में दोबारा भड़की आगजनी और गोलीबारी से सुरक्षा संबंधी चिंताएं बढ़ गई हैं, जिसका सीधा असर स्थानीय निवासियों और पूर्वोत्तर परिवहन मार्गों पर पड़ा है।

- **भारत में:** पूर्वोत्तर भारत के आपूर्ति मार्गों से गुजरने वाले मालवाहन सुरक्षा जांच के कारण प्रभावित हो सकते हैं। उस क्षेत्र की यात्रा करने वाले लोगों को आधिकारिक सुरक्षा सलाह की निगरानी करनी चाहिए।
- **मणिपुर में:** घर नष्ट होने के बाद विस्थापित परिवारों के सामने अस्थायी आवास और भोजन का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। कांगपोकपी जिले में सुरक्षा बल आवाजाही पर प्रतिबंध और कर्फ्यू लागू कर सकते हैं।
- **स्थानीय किसानों और व्यापारियों के लिए:** इंफाल-तामेंगलॉन्ग मार्ग पर व्यापारिक और कृषि गतिविधियां बाधित हुई हैं। जब तक मार्ग पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो जाते, माल ढुलाई पर असर जारी रहेगा।
- **राहत और सहायता कार्यों के लिए:** मकुई जैसे सुरक्षित इलाकों में शरण ले रहे विस्थापितों को तत्काल राहत सामग्री और चिकित्सा सहायता की आवश्यकता है। स्थानीय प्रशासन राहत कार्यों में जुटा हुआ है।

## सवाल-जवाब

### 1. तिपोराम गांव में कितने मकानों को आग के हवाले किया गया?
बुधवार को तिपोराम गांव में कम से कम 25 मकानों को आग लगा दी गई, जिनमें से 5 घर नेपाली समुदाय के लोगों के थे।

### 2. हफ्ते की शुरुआत में तेईखांग कुकी गांव में क्या हुआ था?
सोमवार को तेईखांग कुकी गांव पर हुए हमले में दो महिलाओं सहित तीन लोगों की मौत हो गई थी और चार लोग घायल हुए थे।

### 3. मंगलवार को इंफाल-तामेंगलॉन्ग रोड पर क्या नुकसान हुआ?
लियांगमई नागा गांवों में कम से कम 10 घर जला दिए गए और चार वाहन (एक्सकेवेटर, जिप्सी, पिकअप ट्रक और ट्रक) क्षतिग्रस्त पाए गए।

### 4. हिंसा के दौरान घायल हुए चर्च पादरी कौन हैं?
49 वर्षीय एन लुईथुईबाउ, जो एक स्थानीय चर्च पादरी हैं, को दाहिने पेट और हाथ में गोली लगी है।

### 5. आगजनी से पहले तिपोराम के निवासियों को कहां भेजा गया था?
शुरुआती हिंसा के बाद तिपोराम के ग्रामीणों को लगभग 15 किलोमीटर दूर मकुई गांव में सुरक्षित भेज दिया गया था।

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