मणिपुर में 8,320 नशीली कफ सिरप की बोतलें बरामद, सरगना गुजरात से गिरफ्तार मणिपुर पुलिस ने कोडीन युक्त कफ सिरप की तस्करी करने वाले नेटवर्क के मुख्य आरोपी को अहमदाबाद से पकड़ा, जबकि इंफाल और बिष्णुपुर में अलग-अलग छापों में भारी मात्रा में प्रतिबंधित दवाइयां, हथियार और गोला-बारूद जब्त किए गए हैं। मणिपुर में नशीली दवाओं और अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे व्यापक अभियान के तहत सुरक्षा एजेंसियों को कई बड़ी सफलताएं हाथ लगी हैं। पुलिस की एक विशेष जांच टीम ने प्रतिबंधित कफ सिरप की तस्करी से जुड़े नेटवर्क के कथित सरगना को गुजरात के अहमदाबाद से गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही इंफाल में एक नदी तट से 8,320 बोतल कोडीन कफ सिरप का छिपा हुआ जखीरा बरामद किया गया, जबकि दो अन्य अभियानों में हथियार, वायरलेस सेट और एक उग्रवादी संगठन का सक्रिय सदस्य भी पकड़ा गया। अहमदाबाद में पकड़ा गया मुख्य आरोपी इस बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ पोरमपाट पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई एक प्राथमिकी की पड़ताल के दौरान हुआ। मामले की जांच आगे बढ़ने पर मुख्य संदिग्ध के रूप में नोंगथोम्बम जेम्सजीत उर्फ थोई का नाम सामने आया। वह एन मेघजीत का बेटा है और इंफाल वेस्ट के नाओरेमथोंग बाजार में कांगला ड्रग्स एंड सर्जिकल फार्मेसी का संचालन करता है। जांच एजेंसियों ने सुराग मिलने पर जेम्सजीत की लोकेशन अहमदाबाद में ट्रैक की और उसे 6 अक्टूबर को वहां से गिरफ्तार कर लिया। स्थानीय अदालत से उसकी चार दिनों की ट्रांजिट रिमांड हासिल की गई है, जिसके बाद उसे आगे की पूछताछ और कानूनी कार्रवाई के लिए मणिपुर लाया जा रहा है। इस मामले की औपचारिक शुरुआत तब हुई थी जब 4 अक्टूबर को पुलिस ने तीन व्यक्तियों को प्रतिबंधित सामान के साथ दबोचा था। ओइनम थिंगेल नदी तट पर भारी जब्ती शुरुआती कार्रवाई में पकड़े गए आरोपियों में से एक से मिली गोपनीय जानकारी के आधार पर एक बड़ा तलाशी अभियान शुरू किया गया। मणिपुर पुलिस, केंद्रीय सुरक्षा बलों और यादम (YADAM) की संयुक्त टीम ने ओइनम थिंगेल नदी के किनारे तलाशी ली। इस दौरान वहां छिपाकर रखी गई प्रतिबंधित सिरप की खेप बरामद हुई, जिसमें चोको+ (CHOCO+) कफ सिरप के कुल 52 गत्ते के बक्से पाए गए। हर एक बक्से में 160 बोतलें पैक थीं, जिससे कुल बरामदगी 8,320 बोतलों तक पहुंच गई। लैब विवरण के अनुसार, प्रत्येक बोतल में 10 मिलीग्राम कोडीन फॉस्फेट मौजूद था। पुलिस प्रशासन इस खेप के वितरण नेटवर्क और स्थानीय कड़ियों का पता लगाने के लिए मामले की गहन जांच कर रहा है। हथियार, वायरलेस उपकरण और उग्रवादी की गिरफ्तारी राज्य के अन्य हिस्सों में भी सुरक्षा बलों ने सघन तलाशी अभियान जारी रखा। 7 अक्टूबर को वांगोई पुलिस स्टेशन की टीम और केंद्रीय सुरक्षा बलों ने सटीक खुफिया सूचना पर कार्रवाई करते हुए वांगोई पुलिस क्षेत्राधिकार के अंतर्गत वैशेन नदी के किनारे तलाशी ली। इस अभियान में जवानों ने एक 7.62 एमएम एसएलआर (SLR) राइफल मय मैगजीन, एक एसबीबीएल (SBBL) बंदूक, नौ अलग-अलग जिंदा कारतूस और तीन वायरलेस सेट बरामद किए। उसी दिन यानी 7 अक्टूबर को बिष्णुपुर जिले में एक अन्य कार्रवाई करते हुए मणिपुर पुलिस ने प्रतिबंधित संगठन यूनाइटेड नेशनल लिबरेशन फ्रंट (पीपुल) यानी यूएनएलएफ (पी) [UNLF (P)] के एक सक्रिय कैडर को दबोच लिया। पकड़ा गया व्यक्ति 48 वर्षीय मोहम्मद करीमुद्दीन शाह उर्फ राफे है, जिसे बिष्णुपुर की कमांडो टीम ने क्वाक्ता खुमन अवांग लेइकाई से गिरफ्तार किया। अधिकारियों के अनुसार, शाह 2025 में क्वाक्ता तेरखोंगशांगबी में हुए ग्रेनेड हमले में शामिल था। तलाशी के दौरान उसके पास से एक होंडा एक्टिवा स्कूटर और एक मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है। इसका आप पर असर इस कार्रवाई से पूर्वोत्तर क्षेत्र में अवैध दवाओं और हथियारों की आपूर्ति पर महत्वपूर्ण कानूनी और सामाजिक प्रभाव पड़ेगा। • भारत में: अंतरराज्यीय दवा तस्करी नेटवर्क पर पुलिस की पकड़ मजबूत होने से अन्य राज्यों में भी ऐसी अवैध कड़ियों की निगरानी बढ़ेगी। दवा विक्रेताओं और डिस्ट्रीब्यूटरों के लिए कोडीन युक्त दवाओं के स्टॉक का कड़ाई से मिलान अनिवार्य हो सकता है। • मणिपुर में: घाटी और आसपास के इलाकों में नशीली कफ सिरप की अवैध आपूर्ति में भारी कमी आएगी। संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बलों की संयुक्त गश्त और नदी किनारों पर तलाशी अभियान और तेज किए जाएंगे। • फार्मेसी संचालकों के लिए: मेडिकल स्टोर मालिकों को प्रतिबंधित और शेड्यूल दवाओं की बिक्री के रिकॉर्ड पूरी तरह दुरुस्त रखने होंगे। किसी भी अनियमितता पर लाइसेंस निरस्त होने और कानूनी कार्रवाई का जोखिम बढ़ जाएगा। • स्थानीय नागरिकों के लिए: अवैध हथियारों और उग्रवादी तत्वों की धरपकड़ से रिहायशी इलाकों में सार्वजनिक सुरक्षा बेहतर होगी। संदिग्ध गतिविधियों या अज्ञात वस्तुओं की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस नियंत्रण कक्ष को दी जानी चाहिए। ऐसा क्यों हुआ यह कार्रवाई 4 अक्टूबर को नशीले पदार्थों के साथ पकड़े गए तीन तस्करों से मिली खुफिया कड़ियों और पोरमपाट थाने में दर्ज प्राथमिकी की विस्तृत जांच के परिणामस्वरूप संभव हुई। • जांच की कड़ियां: शुरुआती गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में फार्मेसी संचालक के मुख्य सरगना होने और उसके गुजरात भागने की जानकारी सामने आई। इसी तकनीकी सर्विलांस के आधार पर विशेष टीम ने अहमदाबाद पहुंचकर उसे दबोचा। • गुप्त ठिकानों का खुलासा: हिरासत में लिए गए एक आरोपी के कबूलनामे के आधार पर नदी के किनारे छुपाए गए 52 बक्सों के सटीक स्थान का पता चला। सुरक्षा बलों ने इसी सूचना को आधार बनाकर ओइनम थिंगेल नदी क्षेत्र में संयुक्त अभियान चलाया। • सुरक्षा अभियान और खुफिया तंत्र: हथियारों और उग्रवादी सदस्य की बरामदगी विश्वसनीय स्थानीय सूचनाओं और पूर्व के ग्रेनेड हमले की चल रही जांच के तहत की गई। सुरक्षा बल आगामी महीनों में अशांति फैलाने वाले तत्वों पर पहले से नजर रख रहे थे। सवाल-जवाब 1. कफ सिरप तस्करी मामले में मुख्य आरोपी कौन है और उसे कहां से पकड़ा गया? मुख्य आरोपी नोंगथोम्बम जेम्सजीत उर्फ थोई है, जिसे मणिपुर पुलिस ने 6 अक्टूबर को गुजरात के अहमदाबाद से गिरफ्तार किया। 2. ओइनम थिंगेल नदी तट से कफ सिरप की कुल कितनी बोतलें जब्त की गईं? संयुक्त तलाशी अभियान के दौरान 52 बक्सों में रखी गई कुल 8,320 बोतलें बरामद की गईं, जिनमें से प्रत्येक में 10 मिलीग्राम कोडीन फॉस्फेट था। 3. वांगोई क्षेत्र में सुरक्षा बलों ने कौन-से हथियार और उपकरण बरामद किए? सुरक्षा बलों ने एक 7.62 एमएम एसएलआर राइफल मय मैगजीन, एक एसबीबीएल बंदूक, नौ जिंदा कारतूस और तीन वायरलेस सेट जब्त किए। 4. बिष्णुपुर में पकड़े गए उग्रवादी की पहचान क्या है? पकड़े गए व्यक्ति की पहचान 48 वर्षीय मोहम्मद करीमुद्दीन शाह उर्फ राफे के रूप में हुई है, जो प्रतिबंधित संगठन यूएनएलएफ (पी) का सक्रिय सदस्य है। https://trendkia.com/manipur/manipur-men-8-320-nashili-kapha-sirapa-ki-botalen-baramada-saragana-ahmedabad-se-giraphtara-44622 TrendKia — Har trend, sabse pehle.