मणिपुर में जल निकायों के संरक्षण को गति, उप मुख्यमंत्री लोसी दिखो ने समीक्षा बैठक में दिए निर्देश मणिपुर राज्य आर्द्रभूमि प्राधिकरण की छठी बैठक में 132 जल निकायों की ग्राउंड-ट्रूथिंग और 71 आर्द्रभूमियों के हेल्थ कार्ड की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। मणिपुर में जल निकायों के संरक्षण और उनके प्राकृतिक पारिस्थितिक तंत्र को बचाने के लिए राज्य स्तर पर प्रयास तेज कर दिए गए हैं। राज्य सचिवालय के उप मुख्यमंत्री सम्मेलन कक्ष में आयोजित मणिपुर राज्य आर्द्रभूमि प्राधिकरण (MSWA) की छठी बैठक में जल स्रोतों के टिकाऊ प्रबंधन, सीमाओं के भौतिक सीमांकन और संरक्षण योजनाओं की गहन समीक्षा की गई। पर्यावरण संरक्षण और अदालती दिशा-निर्देशों पर ज़ोर वन, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन विभाग का प्रभार संभाल रहे उप मुख्यमंत्री लोसी दिखो ने इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने राज्य की नदियों, झीलों और आर्द्रभूमि क्षेत्रों के दीर्घकालिक संरक्षण के लिए कड़े तंत्र विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया। बैठक के दौरान भारत के उच्चतम न्यायालय में लंबित याचिका W.P. (Civil) No. 304 of 2018 से जुड़े कानूनी मामलों और अदालती निर्देशों के अनुपालन की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई, ताकि राज्य में जल निकायों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। बैठक में प्रस्तुत किए गए 5 मुख्य एजेंडा बिंदु पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के निदेशक तथा MSWA के सदस्य सचिव डॉ. टी. ब्रजकुमार सिंह ने प्राधिकरण के समक्ष 5 प्रमुख एजेंडा प्रस्ताव रखे। इनमें पांचवीं बैठक की कार्यवाही की पुष्टि, प्राधिकरण की समितियों का पुनर्गठन, और राज्य प्राथमिकता आर्द्रभूमि के रूप में चिन्हित 7 जल निकायों की अधिसूचना स्थिति शामिल थी। इसके अलावा, शेष आर्द्रभूमियों के भौतिक सीमांकन, एकीकृत प्रबंधन योजनाओं (IMP) की तैयारी, और रामसर स्थलों के रूप में नामांकन संबंधी प्रस्तावों की प्रगति पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। ग्राउंड-ट्रूथिंग, हेल्थ कार्ड और सीमांकन की वर्तमान स्थिति राष्ट्रीय जलीय पारिस्थितिकी तंत्र संरक्षण योजना (NPCA) के दिशा-निर्देशों के तहत तैयार की गई रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में अब तक 132 आर्द्रभूमियों की ग्राउंड-ट्रूथिंग जांच पूरी की जा चुकी है। इनमें से 71 आर्द्रभूमियों का डिजिटल सीमांकन पूरा कर लिया गया है, और इन्हीं 71 जल निकायों के लिए विस्तृत संक्षिप्त दस्तावेज़ तथा 'हेल्थ कार्ड' तैयार किए गए हैं। वर्तमान में 7 आर्द्रभूमियों का भौतिक सीमांकन कार्य संपन्न हो चुका है, जबकि विभिन्न जिलों की 3 प्रमुख आर्द्रभूमियों को औपचारिक रूप से अधिसूचित किया जा चुका है। इसका आप पर असर मणिपुर में आर्द्रभूमि क्षेत्रों के संरक्षण और प्रबंधन से राज्य के पर्यावरण और आम जनजीवन पर सीधा और दूरगामी प्रभाव पड़ेगा। • भारत भर में: राष्ट्रीय स्तर पर आर्द्रभूमि संरक्षण से प्रवासी पक्षियों के आवास सुरक्षित होंगे और जैव विविधता को बढ़ावा मिलेगा। इससे जल चक्र के संतुलन को बनाए रखने और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने में मदद मिलेगी। • मणिपुर में: राज्य में 71 आर्द्रभूमियों के डिजिटल सीमांकन से अतिक्रमण पर रोक लगेगी और प्राकृतिक जल स्रोतों का बचाव होगा। स्थानीय समुदायों को बाढ़ नियंत्रण, बेहतर जल गुणवत्ता और मत्स्य पालन के नए अवसर प्राप्त होंगे। • स्थानीय पर्यावरण पर: रामसर स्थल घोषित होने से वैश्विक पहचान और संरक्षण कोष मिलेगा। इससे झील किनारे रहने वाले लोगों की आजीविका सुरक्षित होगी और पर्यटन क्षेत्र को मजबूती मिलेगी। • कानूनी और प्रशासनिक प्रभाव: स्पष्ट भौतिक सीमांकन और अधिसूचना से भूमि विवादों में कमी आएगी। नागरिक और किसान जल संसाधनों का अधिक कुशल और टिकाऊ उपयोग कर सकेंगे। सवाल-जवाब 1. मणिपुर राज्य आर्द्रभूमि प्राधिकरण की बैठक की अध्यक्षता किसने की? बैठक की अध्यक्षता उप मुख्यमंत्री लोसी दिखो ने की, जिनके पास वन, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन विभाग का प्रभार भी है। 2. मणिपुर में अब तक कितनी आर्द्रभूमियों की ग्राउंड-ट्रूथिंग की गई है? राज्य में अब तक 132 आर्द्रभूमियों की ग्राउंड-ट्रूथिंग जांच पूरी की जा चुकी है। 3. कितनी आर्द्रभूमियों के लिए हेल्थ कार्ड और डिजिटल सीमांकन पूरा हुआ है? कुल 71 आर्द्रभूमियों का डिजिटल सीमांकन किया जा चुका है और उनके लिए संक्षिप्त दस्तावेज़ एवं हेल्थ कार्ड तैयार किए गए हैं। 4. उच्चतम न्यायालय में आर्द्रभूमि से संबंधित कौन सा मामला लंबित है? उच्चतम न्यायालय के समक्ष W.P. (Civil) No. 304 of 2018 मामला लंबित है, जिससे जुड़े विषयों पर बैठक में चर्चा हुई। 5. मणिपुर में कितनी आर्द्रभूमियों को औपचारिक रूप से अधिसूचित किया गया है? वर्तमान में 3 आर्द्रभूमियों को औपचारिक रूप से अधिसूचित किया गया है, जबकि 7 का भौतिक सीमांकन पूरा हो चुका है। https://trendkia.com/manipur/manipur-men-jala-nikayon-ke-snrakshana-ko-gati-upa-mukhyamntri-losii-dikho-ne-samiksha-baithaka-men-die-nirdesha-23304 TrendKia — Har trend, sabse pehle.