# मणिपुर में एन बीरेन सिंह के काफिले पर 2024 में हुए हमले के मामले में एनआईए ने चूड़ाचांदपुर से दो लोगों को पकड़ा

> राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने जून 2024 में तत्कालीन मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के काफिले पर हुए घातक हमले के सिलसिले में चूड़ाचांदपुर से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। विशेष अदालत ने दोनों को आठ दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया है।

**Type:** article · **Category:** मणिपुर · **Published:** 2026-09-30 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/manipur/manipur-men-n-biren-singh-ke-kaphile-para-2024-men-hue-hamale-ke-mamale-men-nia-ne-churachandpur-se-do-logon-ko-pakara-40423 · **Language:** Hindi
**Tags:** मणिपुर, एनआईए, एन बीरेन सिंह, चूड़ाचांदपुर, कांगपोकपी, थौबल कोर्ट, राष्ट्रीय जांच एजेंसी, मणिपुर हमला

मणिपुर में तत्कालीन मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के सुरक्षा काफिले पर हुए जानलेवा हमले की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को एक अहम सफलता मिली है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने चूड़ाचांदपुर जिले से दो व्यक्तियों को इस मामले में औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने मंगलवार को जानकारी दी कि पकड़े गए दोनों व्यक्तियों पर हमले की साजिश रचने और उसे अंजाम दिलाने में मदद करने का आरोप है।

## गिरफ्तार आरोपियों की पहचान और पृष्ठभूमि
जांच एजेंसी के अनुसार गिरफ्तार किए गए आरोपियों में 44 वर्षीय जांगमिनलुन सिंगसन उर्फ फ्रेंकी और 21 वर्षीय थांगजोएल हाओकिप उर्फ थांगबोई शामिल हैं। जांगमिनलुन सिंगसन चूड़ाचांदपुर जिले के बेथेल इलाके का रहने वाला है, जबकि थांगजोएल हाओकिप इसी जिले के गम्फाजांग तुइबोंग का निवासी है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ये दोनों व्यक्ति पहले से ही केंद्रीय एजेंसी द्वारा संभाले जा रहे एक अन्य मामले में हिरासत में थे। जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए एजेंसी ने इस वर्तमान साजिश की तह तक जाने के लिए उन्हें औपचारिक रूप से इस मामले में भी गिरफ्तार कर लिया।

## जून 2024 का घात लगाकर किया गया हमला
यह घटना 10 जून 2024 को उस वक्त हुई थी जब कांगपोकपी जिले के के सिनाम गांव के पास राष्ट्रीय राजमार्ग 37 से तत्कालीन मुख्यमंत्री का काफिला गुजर रहा था। रास्ते में अज्ञात हथियारबंद हमलावरों ने काफिले पर अचानक गोलियां बरसाते हुए घात लगाकर हमला कर दिया था। इस हिंसक हमले में दो सुरक्षाकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए थे और सरकारी वाहनों को भारी नुकसान पहुंचा था। घटना के तुरंत बाद स्थानीय न्यू कीथेलमानबी पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जिसके बाद मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए 11 जुलाई 2024 को एनआईए ने जांच की कमान अपने हाथों में ले ली थी।

## अदालत की कार्रवाई और आगे की जांच प्रक्रिया
जांच अधिकारियों का कहना है कि पड़ताल के दौरान इन दोनों व्यक्तियों के हमले की योजना बनाने और उसे सुगम बनाने में अन्य आरोपियों के साथ सीधे संपर्क और संलिप्तता के प्रमाण मिले हैं। इसके बाद दोनों आरोपियों को थौबल स्थित विशेष एनआईए अदालत के समक्ष पेश किया गया, जहां से अदालत ने उन्हें आठ दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया। अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में पूर्व में भी दो अन्य लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। केंद्रीय एजेंसी अब हिरासत के दौरान इनसे साजिश में शामिल अन्य लोगों के नेटवर्क का पता लगाने और शेष हमलावरों की पहचान कर उन्हें पकड़ने की दिशा में काम कर रही है।

## इसका आप पर असर
यह घटनाक्रम राज्य में कानून व्यवस्था और सुरक्षा प्रोटोकॉल की सघन निगरानी को सीधे तौर पर प्रभावित करता है।

- **भारत में:** राष्ट्रीय स्तर पर वीआईपी सुरक्षा और संवेदनशील पूर्वोत्तर मार्गों पर सुरक्षा समीक्षा को कड़ा किया जा रहा है। ऐसे संवेदनशील मामलों में केंद्रीय एजेंसियों के सीधे हस्तक्षेप से सुरक्षा तंत्र को नई सतर्कता बरतनी होगी।
- **मणिपुर में:** कांगपोकपी और चूड़ाचांदपुर सहित राष्ट्रीय राजमार्ग 37 पर सुरक्षा बलों की गश्त और निगरानी बढ़ाई जा सकती है। राजमार्गों पर यात्रा करने वाले नागरिकों और मालवाहकों को सुरक्षा जांच चौकियों पर अतिरिक्त समय देना पड़ सकता है।
- **सुरक्षा प्रोटोकॉल:** सरकारी काफिलों के आवागमन के दौरान अग्रिम सुरक्षा मंजूरी के नियमों को और सख्त बनाया जाएगा। संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासनिक यात्राओं के लिए मार्ग चयन में व्यापक बदलाव देखे जा सकते हैं।
- **कानूनी कार्रवाई:** केंद्रीय जांच एजेंसी की सघन पड़ताल से इस तरह की हिंसक घटनाओं में शामिल स्थानीय सहयोगियों पर कानूनी शिकंजा कसेगा। स्थानीय अदालतों में लंबित मामलों में त्वरित रिमांड और पूछताछ के चरण तेज होंगे।

## ऐसा क्यों हुआ
यह घटनाक्रम जून 2024 में राज्य के शीर्ष प्रशासनिक काफिले पर हुए जानलेवा हमले की तह तक जाने के लिए की जा रही विस्तृत कानूनी जांच का परिणाम है।

- **सीधा कारण:** जांच में पाया गया कि जांगमिनलुन सिंगसन और थांगजोएल हाओकिप ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर काफिले पर हमले की योजना बनाई थी और उसे सुगम करने में मदद की थी। इसी आधार पर एजेंसी ने उनकी संलिप्तता स्थापित होने के बाद उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया।
- **पृष्ठभूमि और स्थितियां:** यह हमला 10 जून 2024 को राष्ट्रीय राजमार्ग 37 पर के सिनाम गांव के पास हुआ था, जब अज्ञात हथियारबंद लोगों ने काफिले पर अचानक गोलीबारी की थी। घटना के बाद स्थानीय पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया और 11 जुलाई 2024 को केस एनआईए को सौंपा गया था।
- **पूर्व हिरासत से संबंध:** दोनों आरोपी पहले से ही केंद्रीय एजेंसी द्वारा संभाले जा रहे एक अन्य मामले में हिरासत में थे। जांचकर्ताओं ने हमले के व्यापक षड्यंत्र को उजागर करने के लिए दोनों को इस केस में भी गिरफ्तार किया।
- **आगे की दिशा:** विशेष एनआईए अदालत ने दोनों आरोपियों को आठ दिन की पुलिस हिरासत में सौंपा है ताकि अन्य षड्यंत्रकारियों की पहचान की जा सके और उनके संपर्कों की कड़ियों को जोड़ा जा सके।

## सवाल-जवाब

### 1. एनआईए ने किन दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है?
एजेंसी ने चूड़ाचांदपुर के बेथेल निवासी 44 वर्षीय जांगमिनलुन सिंगसन उर्फ फ्रेंकी और गम्फाजांग तुइबोंग निवासी 21 वर्षीय थांगजोएल हाओकिप उर्फ थांगबोई को गिरफ्तार किया है।

### 2. तत्कालीन मुख्यमंत्री के काफिले पर हमला कब और कहां हुआ था?
यह हमला 10 जून 2024 को कांगपोकपी जिले के के सिनाम गांव के पास राष्ट्रीय राजमार्ग 37 पर अज्ञात हथियारबंद लोगों द्वारा किया गया था।

### 3. इस हमले में क्या नुकसान हुआ था?
घात लगाकर किए गए इस हमले में दो सुरक्षाकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए थे और सरकारी वाहनों को नुकसान पहुंचा था।

### 4. एनआईए ने इस मामले की जांच कब शुरू की थी?
शुरुआत में न्यू कीथेलमानबी पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया था, जिसके बाद 11 जुलाई 2024 को एनआईए ने जांच की जिम्मेदारी संभाली।

### 5. अदालत ने आरोपियों को कितने दिन की हिरासत में भेजा है?
थौबल स्थित विशेष एनआईए अदालत ने दोनों आरोपियों को आठ दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया है।

### 6. क्या इस मामले में पहले भी गिरफ्तारियां हुई हैं?
हां, अधिकारियों के अनुसार इस मामले में पूर्व में भी दो अन्य लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

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