# मणिपुर में सुरक्षा बलों की बड़ी कार्रवाई, प्रतिबंधित संगठनों के तीन उग्रवादी गिरफ्तार

> मणिपुर के विभिन्न इलाकों में चलाए गए तलाशी अभियानों के दौरान पुलिस और सुरक्षा बलों ने तीन उग्रवादियों को पकड़ा, जिनमें केसीपी (पीडब्ल्यूजी), प्रेपाक (प्रो) और आरपीएफ/पीएलए के सदस्य शामिल हैं।

**Type:** article · **Category:** मणिपुर · **Published:** 2026-10-01 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/manipur/manipur-men-suraksha-balon-ki-bari-karravai-pratibndhita-sngathanon-ke-tina-ugravadi-giraphtara-41193 · **Language:** Hindi
**Tags:** मणिपुर पुलिस, केसीपी पीडब्ल्यूजी, सुरक्षा बल, प्रेपाक प्रो, आरपीएफ पीएलए, इंफाल पश्चिम, पूर्वोत्तर सुरक्षा

मणिपुर के विभिन्न इलाकों में सुरक्षा बलों और पुलिस की संयुक्त टीमों ने 30 सितंबर को अलग-अलग अभियानों के तहत तीन प्रतिबंधित उग्रवादी संगठनों के सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया। पकड़े गए व्यक्तियों के पास से जबरन वसूली से जुड़े मांग पत्र बरामद हुए हैं, जबकि कुछ पर युवाओं की भर्ती और सीमा पार भेजने से जुड़ी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप हैं।

## इंफाल पश्चिम में तलाशी अभियान और मांग पत्रों की बरामदगी
अपराध जांच विभाग यानी सीडीओ इंफाल पश्चिम की एक टीम ने पटसोई पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आने वाले लेइतोंग मानिंग लेइकाई इलाके में सघन तलाशी अभियान संचालित किया। इस कार्रवाई के दौरान कांगलेईपाक कम्युनिस्ट पार्टी (पीपुल्स वॉर ग्रुप) अथवा केसीपी (पीडब्ल्यूजी) के एक सक्रिय सदस्य को हिरासत में लिया गया। पकड़े गए व्यक्ति की पहचान 35 वर्षीय खुंद्रकपम बीरेन मेइतेई उर्फ केथाबी उर्फ नानाओ के रूप में हुई है, जो इंफाल पश्चिम जिले के सैरेमखुल मयाई लेइकाई का निवासी है।

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तलाशी की इस प्रक्रिया के दौरान पुलिस टीम ने संगठन से जुड़े 19 मांग पत्र भी अपने कब्जे में लिए। इन दस्तावेजों के आधार पर पुलिस संगठन के वित्तीय नेटवर्क और क्षेत्र में अवैध वसूली के प्रयासों की पड़ताल कर रही है।

## म्यांमार से घुसपैठ और युवाओं की भर्ती का मामला
एक अन्य अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने चंद्रखोंग सामान्य क्षेत्र में वाहनों की जांच के लिए नाकाबंदी की थी। यह कदम खुफिया जानकारी मिलने के बाद उठाया गया था, जिसमें संकेत मिला था कि म्यांमार से कामजोंग के रास्ते एक वरिष्ठ कैडर की घुसपैठ हुई है। जांच के दौरान पीपल्स रिवोल्यूशनरी पार्टी ऑफ कांगलेईपाक (प्रोग्रेसिव) यानी प्रेपाक (प्रो) के एक संदिग्ध वरिष्ठ कैडर को हिरासत में ले लिया गया।

पकड़े गए व्यक्ति की पहचान ककमाई मयाई लेइकाई निवासी 56 वर्षीय मोइरांगथेम बोबोय सिंह उर्फ लैंगम के रूप में हुई है, जिसे संगठन का कथित स्वयंभू कैप्टन बताया गया है। पूछताछ के दौरान सिंह ने बिष्णुपुर जिले के चार किशोरों को संगठन में शामिल करने और उन्हें म्यांमार भेजने की व्यवस्था करने की बात स्वीकार की।

## इंफाल पूर्व में भर्ती और परिवहन की तैयारी नाकाम
उसी दिन यानी 30 सितंबर को सीडीओ इंफाल पूर्व की टीम ने खुरई पुथिबा लेइकाई में भी एक विशेष अभियान चलाया। इस कार्रवाई में रिवोल्यूशनरी पीपुल्स फ्रंट/पीपुल्स लिबरेशन आर्मी यानी आरपीएफ/पीएलए के 46 वर्षीय सदस्य नेप्राम सिंघाजीत सिंह को गिरफ्तार किया गया।

सिंह नए कैडरों को जोड़ने के काम में लगा हुआ था। वह नवभर्ती किए गए कैडरों को उखरुल की ओर भेजने के मकसद से बस टिकटों का बंदोबस्त करने के लिए इलाके में आया था, जिसे सुरक्षा बलों ने समय रहते दबोच लिया।

## इसका आप पर असर
सुरक्षा बलों द्वारा तीन अलग-अलग उग्रवादी संगठनों के कैडरों की गिरफ्तारी से क्षेत्र में जबरन वसूली और युवाओं को भड़काने के प्रयासों पर सीधा असर पड़ा है।

- **भारत में:** सीमा पार म्यांमार से होने वाली अवैध घुसपैठ पर कड़ी निगरानी से राष्ट्रीय सुरक्षा तंत्र मजबूत होता है। इससे पूर्वोत्तर सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय विद्रोही नेटवर्क की गतिविधियों को रोकने में मदद मिलती है।
- **मणिपुर में:** स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों पर 19 मांग पत्रों के जरिए जबरन वसूली का दबाव टल गया है। इसके अलावा नाबालिग किशोरों को बहला-फुसलाकर विद्रोही संगठनों में भेजने की कोशिशों पर रोक लगी है।

## ऐसा क्यों हुआ
यह कार्रवाई सुरक्षा एजेंसियों को मिली विशेष खुफिया सूचनाओं और सीमावर्ती क्षेत्रों में नियमित गश्त के बाद संभव हो सकी। राज्य में सक्रिय प्रतिबंधित संगठनों के खिलाफ चलाए जा रहे निरंतर तलाशी अभियान के तहत यह सफलता मिली है।

- **सीधा कारण:** म्यांमार से कामजोंग मार्ग के जरिए एक वरिष्ठ कैडर के घुसपैठ करने की सटीक खुफिया सूचना ने चंद्रखोंग में तत्काल वाहन तलाशी अभियान शुरू करवाया। इसके साथ ही इंफाल पश्चिम और पूर्व में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना पर टीमें सक्रिय हुईं।
- **पृष्ठभूमि और परिस्थितियां:** प्रतिबंधित विद्रोही समूह अपने वित्तीय ढांचे को चलाने के लिए मांग पत्रों के जरिए जबरन वसूली करते हैं और अपनी शक्ति बढ़ाने के लिए स्थानीय युवाओं की भर्ती करते हैं। सीमा पार मौजूद शिविरों में नए रंगरूटों को प्रशिक्षण के लिए भेजना इन संगठनों की स्थापित रणनीति रही है।
- **आगे क्या होगा:** पकड़े गए व्यक्तियों से मिली जानकारियों के आधार पर जबरन वसूली के शिकार संभावित लोगों की पहचान की जाएगी और भर्ती नेटवर्क से जुड़े अन्य संपर्कों पर कानूनी शिकंजा कसा जाएगा।

## सवाल-जवाब

### 1. मणिपुर में सुरक्षा बलों ने कितने उग्रवादियों को गिरफ्तार किया?
सुरक्षा बलों और पुलिस ने 30 सितंबर को अलग-अलग अभियानों में कुल तीन सक्रिय उग्रवादियों को गिरफ्तार किया।

### 2. केसीपी (पीडब्ल्यूजी) के किस सदस्य को पकड़ा गया और क्या बरामद हुआ?
35 वर्षीय खुंद्रकपम बीरेन मेइतेई उर्फ केथाबी को गिरफ्तार किया गया, जिसके पास से 19 मांग पत्र बरामद किए गए।

### 3. प्रेपाक (प्रो) से जुड़े आरोपी पर क्या आरोप हैं?
मोइरांगथेम बोबोय सिंह पर म्यांमार से घुसपैठ करने और बिष्णुपुर जिले के चार किशोरों को भर्ती कर म्यांमार भेजने का आरोप है।

### 4. आरपीएफ/पीएलए कैडर को कहां और क्यों पकड़ा गया?
नेप्राम सिंघाजीत सिंह को खुरई पुथिबा लेइकाई से पकड़ा गया, जो नए कैडरों को उखरुल भेजने के लिए बस टिकटों का बंदोबस्त कर रहा था।

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