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  "type": "article",
  "title": "मणिपुर में यूनाइटेड नागा काउंसिल ने चार महीने बाद हटाई आर्थिक नाकेबंदी, त्रिपक्षीय बैठक के बाद बड़ा फैसला",
  "summary": "मणिपुर में यूनाइटेड नागा काउंसिल ने केंद्र और राज्य सरकार के साथ हुई त्रिपक्षीय बातचीत के बाद नेशनल हाईवे पर जारी चार महीने लंबी आर्थिक नाकेबंदी को स्थगित कर दिया है। यह फैसला गुवाहाटी में हुई बैठक के बाद लिया गया है।",
  "content": "मणिपुर में नागा जनजातियों के शीर्ष निकाय यूनाइटेड नागा काउंसिल ने शनिवार को राज्य के राष्ट्रीय राजमार्गों पर पिछले चार महीने से चल रही आर्थिक नाकेबंदी को स्थगित करने का आधिकारिक ऐलान किया है। केंद्र सरकार और मणिपुर सरकार के प्रतिनिधियों के साथ गुवाहाटी में हुई त्रिपक्षीय बैठकों के दौर के बाद यह सकारात्मक कदम उठाया गया है।\n\n \n\nत्रिपक्षीय बातचीत और शांति बहाली की पहल\n\nगुवाहाटी में आयोजित इस उच्चस्तरीय त्रिपक्षीय बैठक के दौरान क्षेत्र में मौजूदा कानून व्यवस्था की स्थिति और शांति बहाली के उपायों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में भाग लेने वाले पक्षों के बीच बनी रजामंदी के बाद यूनाइटेड नागा काउंसिल की ओर से नाकेबंदी को वापस लेने की घोषणा की गई। संगठन ने एक आधिकारिक बयान जारी कर स्पष्ट किया कि समझौते के तहत यह नाकेबंदी 26 सितंबर को शाम 6 बजे से प्रभावी रूप से स्थगित कर दी जाएगी।\n\n \n\nनाकेबंदी की शुरुआत और मुख्य वजह\n\nमई के महीने में कांगपोकपी जिले के लेइलोन वाइपेई गांव से छह लियांगमाई नागा नागरिकों के अपहरण की दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बाद यह आर्थिक नाकेबंदी शुरू की गई थी। इस विरोध प्रदर्शन के तहत इंफाल को दीमापुर से जोड़ने वाले एनएच-2 और एनएच-37 राजमार्गों पर यातायात पूरी तरह बाधित कर दिया गया था। बाद में 10 जून को उन सभी अपहृत नागरिकों के शव बरामद किए गए थे, जिसके बाद से तनाव और आंदोलन का दायरा बना हुआ था।\n\n \n\nव्यापार, जरूरी सामान और आर्थिक असर\n\nराजमार्गों के लंबे समय तक ठप रहने के कारण पूरे मणिपुर में आवश्यक वस्तुओं और खाद्य सामग्रियों की ढुलाई पर भारी असर पड़ा था, जिससे आम बाजारों में कई चीजों की कीमतें काफी बढ़ गई थीं। इस पूरे आंदोलन के दौरान विभिन्न सामाजिक संगठनों और वर्गों से मिले सहयोग तथा एकजुटता के प्रति यूनाइटेड नागा काउंसिल ने आभार व्यक्त किया है। सरकार और नागा प्रतिनिधियों के बीच हुई इस महत्वपूर्ण चर्चा से राज्य में जनजीवन को सामान्य करने की दिशा में एक बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।\n\nइसका आप पर असर\nनाकेबंदी हटने से मणिपुर में जरूरी सामानों की आवाजाही और कीमतों पर सीधा असर पड़ेगा।\n\n• भारत में: देश के अन्य हिस्सों से पूर्वोत्तर और मणिपुर आने वाले माल ढुलाई मार्गों पर परिवहन सुचारू होगा।\n\n• मणिपुर में: पिछले चार महीने से आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बाधित होने के कारण बढ़े दामों में राहत मिलने की उम्मीद है और राजमार्गों पर यात्रा सामान्य होगी।\n\nऐसा क्यों हुआ\nयह फैसला केंद्र सरकार, राज्य प्रशासन और नागा प्रतिनिधियों के बीच हुई उच्चस्तरीय बैठकों का परिणाम है।\n\n• त्रिपक्षीय बैठक: गुवाहाटी में केंद्र, राज्य और यूनाइटेड नागा काउंसिल के प्रतिनिधियों के बीच हुई चर्चा से सहमति का रास्ता निकला।\n\n• कानून व्यवस्था: मई में अपहरण की घटना और उसके बाद शव मिलने से उपजे तनाव को शांत करने के लिए शांति-बहाली के उपाय किए गए।\n\n• समझौता: सभी पक्षों के बीच बनी रजामंदी के तहत 26 सितंबर की शाम को नाकेबंदी समाप्त करने का निर्णय लिया गया।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. यूनाइटेड नागा काउंसिल ने नाकेबंदी कब हटाने की घोषणा की?\nसंगठन ने 26 सितंबर को शाम 6 बजे से आर्थिक नाकेबंदी को स्थगित करने की घोषणा की है।\n\n2. यह त्रिपक्षीय बैठक कहां आयोजित की गई थी?\nयह त्रिपक्षीय बैठक गुवाहाटी में आयोजित की गई थी।\n\n3. आर्थिक नाकेबंदी की मुख्य वजह क्या थी?\nमई में कांगपोकपी जिले से छह लियांगमाई नागा नागरिकों के अपहरण और बाद में उनके शव मिलने के बाद यह नाकेबंदी शुरू की गई थी।\n\n4. कौन से राष्ट्रीय राजमार्ग इस नाकेबंदी से प्रभावित थे?\nइंफाल को दीमापुर से जोड़ने वाला एनएच-2 और एनएच-37 राजमार्ग इस नाकेबंदी से प्रभावित थे।",
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  "category": "मणिपुर",
  "publishedAt": "2026-09-26",
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    "यूनाइटेड नागा काउंसिल",
    "मणिपुर नाकेबंदी",
    "त्रिपक्षीय वार्ता",
    "एनएच-2",
    "गुवाहाटी बैठक"
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  "site": "TrendKia"
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