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  "title": "मणिपुर में वखल्लोन मन्नाबा अपुन्बा ने की भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ए. शारदा देवी के इस्तीफे की मांग",
  "summary": "वखल्लोन मन्नाबा अपुन्बा ने मणिपुर में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ए. शारदा देवी के तत्काल इस्तीफे की मांग की है और उन पर अलग प्रशासन की मांग करने वाले विधायकों के खिलाफ कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है।",
  "content": "इंफाल की एक प्रमुख सामाजिक संस्था वाखल्लोन मन्नाबा अपुन्बा कांगлейपाक ने मणिपुर की राजनीतिक फिज़ा में हलचल पैदा करते हुए भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश अध्यक्ष ए. शारदा देवी के तुरंत इस्तीफे की मांग उठाई है। संस्था ने अपनी बात स्पष्ट करते हुए कहा है कि प्रदेश अध्यक्ष राज्य की मूल आबादी की रक्षा करने और अपनी ही पार्टी के उन सात कुकी विधायकों पर कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई करने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई हैं, जिन पर भारत सरकार से अलग प्रशासन की मांग उठाने का गंभीर आरोप लगा है।\n\nकार्रवाई न करने और पार्टी हितों को प्राथमिकता देने का आरोप\n\nसंगठन के प्रचार सचिव लामदम्बा सलाम द्वारा जारी एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में इस बात पर गहरा सवाल उठाया गया है कि आखिर क्यों ए. शारदा देवी ने उन सात विधायकों के खिलाफ पार्टी से निष्कासन जैसी कोई भी सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की है। संगठन का यह भी आरोप है कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने आम नागरिकों की जान, उनकी सुरक्षा और मणिपुर के मूल निवासियों के राजनीतिक अधिकारों से ऊपर अपनी पार्टी के राजनीतिक हितों को तरजीह दी है। यह स्थिति तब और भी चिंताजनक हो जाती है जब राज्य में 3 मई 2023 से लगातार जारी हिंसा और आम नागरिकों की मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है।\n\nनेतृत्व की विफलता और जवाबदेही पर उठे गंभीर सवाल\n\nनेतृत्व क्षमता और प्रशासनिक जवाबदेही पर सीधे सवालिया निशान लगाते हुए संगठन ने कहा है कि मौजूदा संकट के बीच ए. शारदा देवी ने मामले की गंभीरता को ताक पर रख दिया। संगठन का मानना है कि किसी भी उच्च पद पर बैठे व्यक्ति को अपने फैसलों और राज्य के नागरिकों की जान व सुरक्षा को खतरे में डालने वाले हालातों पर जवाबदेह होना ही चाहिए। इसके अलावा संगठन ने खुंद्रकपाम विधानसभा क्षेत्र के तीन युवकों की मौत और नागा नागरिकों की कथित हत्या व उनके शवों को क्षत-विक्षत किए जाने जैसी डरावनी घटनाओं का भी विशेष रूप से हवाला दिया है, जिससे राज्य की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खुल गई है।\n\nसार्वजनिक आक्रोश और पुतला दहन का विरोध प्रदर्शन\n\nजनता के बीच बढ़ते असंतोष का जिक्र करते हुए वाखल्लोन मन्नाबा अपुन्बा ने बताया कि महिलाओं ने कई जगहों पर सड़कों पर उतरकर ए. शारदा देवी के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किए हैं और उनके पुतले भी फूंके हैं। इन प्रदर्शनों को लगातार हो रही नागरिकों की हत्याओं और राजनीतिक नेतृत्व की विफलता के खिलाफ जनता के गुस्से का स्वाभाविक नतीजा बताया गया है। संगठन का कड़ा रुख है कि अगर दो पदों पर एक साथ रहने की संवैधानिक या प्रशासनिक बाध्यता उनकी जिम्मेदारियों के रास्ते की रुकावट बन रही है, तो उन्हें स्वेच्छा से प्रदेश अध्यक्ष का पद छोड़ देना चाहिए ताकि जनता का विश्वास बहाल हो सके।\n\nइसका आप पर असर\nराज्य की राजनीतिक उथल-पुथल और प्रशासनिक फैसलों का सीधा असर आम नागरिकों की सुरक्षा और जनजीवन पर पड़ता है।\n\n• भारत में: देश के अन्य हिस्सों में इस तरह के राजनीतिक घटनाक्रम क्षेत्रीय स्थिरता और आंतरिक सुरक्षा नीतियों को प्रभावित करते हैं।\n\n• मणिपुर में: स्थानीय निवासियों और प्रदर्शनकारी समूहों की बढ़ती नाराजगी से राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति और सुरक्षा उपायों पर सीधा असर पड़ रहा है।\n\nऐसा क्यों हुआ\nयह घटनाक्रम राज्य में लंबे समय से चल रहे जातीय संघर्ष, राजनीतिक मतभेदों और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बढ़ते असंतोष के कारण उपजा है।\n\n• अलगाव की मांग: सात कुकी विधायकों द्वारा भारत सरकार से अलग प्रशासन की मांग किए जाने के बाद से राजनीतिक तनाव काफी बढ़ गया है।\n\n• सुरक्षा की चिंताएं: नागरिकों की लगातार हो रही मौतों और हिंसा की घटनाओं पर प्रभावी रोक न लग पाने से जनता और संगठनों में गहरा रोष है।\n\n• अनुशासनात्मक निष्क्रियता: प्रदेश अध्यक्ष द्वारा बागी विधायकों पर कोई कार्रवाई न किए जाने के कारण स्थानीय संगठनों ने उनके नेतृत्व पर सवाल खड़े किए हैं।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. वखल्लोन मन्नाबा अपुन्बा ने किस बात की मांग की है?\nसंगठन ने मणिपुर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ए. शारदा देवी के तत्काल इस्तीफे की मांग की है।\n\n2. ए. शारदा देवी पर मुख्य आरोप क्या है?\nउन पर अलग प्रशासन की मांग करने वाले सात कुकी विधायकों के खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई न करने का आरोप है।\n\n3. इस प्रेस विज्ञप्ति को किसने जारी किया था?\nयह विज्ञप्ति संगठन के प्रचार सचिव लामदम्बा सलाम द्वारा जारी की गई थी।\n\n4. मणिपुर में अशांति का दौर कब से शुरू हुआ माना जाता है?\nराज्य में हिंसा और नागरिक casualties का दौर 3 मई 2023 से जारी है।",
  "url": "https://trendkia.com/manipur/manipur-men-wakhallon-mannaba-apunba-demands-resignation-of-bjp-president-a-sarda-devi-51914",
  "category": "मणिपुर",
  "publishedAt": "2026-10-26",
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    "मणिपुर",
    "भाजपा",
    "ए शारदा देवी",
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