# मणिपुर ने कचरा प्रबंधन और पहाड़ी शहरों को स्वच्छ बनाने के लिए दो बड़े अभियानों की शुरुआत की

> मणिपुर के मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह ने राज्य में ठोस कचरा निपटान प्रणाली को सुधारने और पहाड़ी क्षेत्रों को स्वच्छ बनाने के लिए 'स्वच्छता ही सेवा' सहित दो अभियानों की शुरुआत की है।

**Type:** article · **Category:** मणिपुर · **Published:** 2026-09-17 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/manipur/manipur-ne-kachara-prabndhana-aura-pahari-shaharon-ko-svachchha-banane-ke-lie-do-bare-abhiyanon-ki-shuruata-ki-32981 · **Language:** Hindi
**Tags:** मणिपुर, वाई खेमचंद सिंह, स्वच्छता ही सेवा, कचरा प्रबंधन, क्लीन हिमालयन हिल सिटीज इनिशिएटिव, इंफाल

मणिपुर के मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह ने गुरुवार को इंफाल में मुख्यमंत्री सचिवालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कचरा प्रबंधन और स्वच्छता प्रणालियों को बेहतर बनाने के उद्देश्य से दो प्रमुख अभियानों की शुरुआत की। 'स्वच्छता ही सेवा, 2026' और 'क्लीन हिमालयन हिल सिटीज इनिशिएटिव' नाम की इन पहलों का लक्ष्य पर्यावरण संरक्षण, बुनियादी ढांचे का आधुनिकीकरण और राज्य भर में स्वच्छता प्रयासों में आम जनता की भागीदारी को बढ़ाना है।

 

## सामुदायिक भागीदारी और व्यवहार में बदलाव पर जोर
 इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह ने आम नागरिकों, शहरी स्थानीय निकायों (ULBs) और अन्य हितधारकों से इन अभियानों में सक्रिय रूप से शामिल होने की अपील की ताकि इन पहलों को सफल बनाया जा सके। मुख्यमंत्री ने अपने आधिकारिक X हैंडल पर एक पोस्ट के जरिए बताया कि ये कार्यक्रम पूरे समाज को साथ लेकर चलने वाले दृष्टिकोण को बढ़ावा देंगे। इसका उद्देश्य लोगों के व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाना और वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन प्रथाओं को अपनाना है। यह रणनीति विशेष रूप से राज्य के पर्यावरण के प्रति संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों में ठोस कचरे और स्वच्छता से जुड़ी चुनौतियों का समाधान करने के लिए तैयार की गई है।

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## बुनियादी ढांचे की मजबूती और क्षमता निर्माण
 मणिपुर अर्बन डेवलपमेंट एजेंसी (MUDA) के तहत शुरू की गई ये पहलें प्रशासनिक निकायों को हर संभव सहायता प्रदान करेंगी। ये कार्यक्रम चुनिंदा स्थानों पर कचरा प्रबंधन के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ जागरूकता बढ़ाने और लोगों के दृष्टिकोण में बदलाव लाने वाली गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित करेंगे। इसके अतिरिक्त, स्वच्छता और सामुदायिक विकास से जुड़े ULBs और अन्य हितधारकों को आवश्यक प्रशिक्षण और संस्थागत सहायता भी दी जाएगी। इससे राज्य में लंबे समय तक चलने वाले और सुरक्षित कचरा निपटान तंत्र को विकसित करने में मदद मिलेगी।

 

## दोनों स्वच्छता अभियानों की विस्तृत रूपरेखा
 अधिकारियों के अनुसार, 'स्वच्छता ही सेवा' अभियान 17 सितंबर से शुरू होकर 2 अक्टूबर तक चलेगा। इस अभियान का मुख्य ध्यान कचरे के स्रोत पर ही उसके चार-तरफा वर्गीकरण यानी अलग-अलग करने पर होगा। इसके अलावा, ठोस कचरा प्रबंधन नियमों के प्रति जागरूकता फैलाने और कचरे से धन बनाने (वेस्ट-टू-वेल्थ) की प्रथाओं को बढ़ावा देने पर भी काम किया जाएगा।

 दूसरी ओर, 100 दिनों तक चलने वाला क्लीन हिमालयन हिल सिटीज इनिशिएटिव मुख्य रूप से क्षमता निर्माण, व्यवहार परिवर्तन संचार (BCC), ऐतिहासिक एवं प्रतिष्ठित स्थलों के संरक्षण और कचरा प्रबंधन प्रणालियों को मजबूत करने पर केंद्रित रहेगा।

## इसका आप पर असर
मणिपुर में शुरू किए गए ये दो स्वच्छता अभियान पर्यावरण के अनुकूल कचरा प्रबंधन और पहाड़ी क्षेत्रों के संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम हैं।



- **भारत भर में:** क्लीन हिमालयन हिल सिटीज इनिशिएटिव अन्य पर्वतीय राज्यों के लिए भी स्वच्छता का एक बेहतरीन मॉडल पेश करता है। इससे देश के अन्य पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोग भी अपने स्थानीय प्रशासन से ऐसी पहलों की मांग कर सकते हैं।

- **मणिपुर में:** स्थानीय निवासियों को 17 सितंबर से 2 अक्टूबर के बीच अपने घरों में ही कचरे को चार अलग-अलग श्रेणियों में बांटना होगा। इसका मतलब है कि लोगों को सूखे, गीले, खतरनाक और रिसाइकिल होने योग्य कचरे को अलग रखना होगा ताकि कचरे का सही निपटान हो सके।

- **सामुदायिक भागीदारी:** स्थानीय शहरी निकायों को कचरे के वैज्ञानिक निपटान के लिए विशेष प्रशिक्षण और सरकारी सहायता दी जाएगी। इस कदम से मोहल्लों में स्वच्छता बढ़ेगी और सड़कों पर पड़े रहने वाले कचरे की समस्या से राहत मिलेगी।

- **पर्यावरण और पर्यटन:** अगले 100 दिनों के भीतर राज्य के ऐतिहासिक स्थलों और पहाड़ी क्षेत्रों में विशेष सफाई और संरक्षण अभियान चलाया जाएगा। इससे पर्यटकों और स्थानीय लोगों को अधिक स्वच्छ और स्वच्छ वातावरण देखने को मिलेगा।

## ऐसा क्यों हुआ
इन पहलों की शुरुआत मणिपुर के पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों में ठोस कचरा निपटान और स्वच्छता की गंभीर चुनौतियों से निपटने के लिए की गई है। पारंपरिक कचरा प्रबंधन प्रणालियां शहरीकरण और पर्वतीय क्षेत्रों की भौगोलिक आवश्यकताओं के साथ तालमेल बिठाने में असमर्थ साबित हो रही थीं।



- **पारिस्थितिक संवेदनशीलता:** पहाड़ी क्षेत्रों में भौगोलिक चुनौतियों के कारण सामान्य कचरा डंपिंग प्रणालियां पर्यावरण के लिए हानिकारक साबित हो रही थीं। इसी कारण से नाजुक पारिस्थितिकी तंत्र को बचाने के लिए विशेष रूप से क्लीन हिमालयन हिल सिटीज इनिशिएटिव जैसे अभियानों की जरूरत महसूस हुई।

- **सामुदायिक भागीदारी की कमी:** पहले के स्वच्छता प्रयासों में आम जनता की सक्रिय भागीदारी और कचरे को स्रोत पर ही अलग करने की आदत की कमी थी। लोगों के व्यवहार में बदलाव लाने पर केंद्रित इन अभियानों को शुरू करके इस कमी को दूर करने का प्रयास किया गया है।

- **वैज्ञानिक बुनियादी ढांचे की आवश्यकता:** स्थानीय शहरी निकायों के पास आधुनिक कचरा-प्रबंधन तकनीकों और कचरे से धन बनाने की प्रथाओं को लागू करने के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं थे। इन अभियानों के माध्यम से इन प्रशासनिक संस्थाओं को सीधे प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता दी जा रही है।

## सवाल-जवाब

### 1. मणिपुर के मुख्यमंत्री द्वारा किन दो पहलों की शुरुआत की गई है?
मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह ने इंफाल में 'स्वच्छता ही सेवा, 2026' और 'क्लीन हिमालयन हिल सिटीज इनिशिएटिव' की शुरुआत की है।

### 2. 'स्वच्छता ही सेवा' अभियान की अवधि क्या है?
यह अभियान 17 सितंबर से शुरू होकर 2 अक्टूबर तक चलेगा।

### 3. क्लीन हिमालयन हिल सिटीज इनिशिएटिव का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस 100 दिवसीय कार्यक्रम का उद्देश्य क्षमता निर्माण, व्यवहार परिवर्तन संचार, ऐतिहासिक स्थलों का संरक्षण और कचरा प्रबंधन प्रणालियों को मजबूत करना है।

### 4. 'स्वच्छता ही सेवा' अभियान के तहत कचरे के निपटान के लिए क्या खास कदम उठाए जाएंगे?
इस अभियान के तहत कचरे को उसके स्रोत पर ही चार अलग-अलग श्रेणियों में बांटने और कचरे से कंचन (वेस्ट-टू-वेल्थ) बनाने की प्रथाओं को बढ़ावा दिया जाएगा।

### 5. मणिपुर में इन स्वच्छता कार्यक्रमों का संचालन कौन सी एजेंसी कर रही है?
इन पहलों का संचालन मणिपुर अर्बन डेवलपमेंट एजेंसी (MUDA) और स्थानीय शहरी निकायों द्वारा किया जा रहा है।

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