एनएच-2 पर आवागमन बहाली से पटरी पर लौटी मणिपुर की अर्थव्यवस्था, सेनापति को मिलेगा नया मेडिकल कॉलेज मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग-2 पर आवागमन शुरू होने से राज्य की अर्थव्यवस्था में सुधार आया है। साथ ही उन्होंने ग्रामीण सड़कों और स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए बड़ी योजनाओं की घोषणा की। मणिपुर में राष्ट्रीय राजमार्ग-2 पर सुचारू आवाजाही बहाल होने के बाद राज्य की आर्थिक गतिविधियों में तेजी देखी जा रही है। सेनापति जिले के तादुबी स्थानीय मैदान में आयोजित सेवा संकल्प अभियान को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने कहा कि मई 2023 से शुरू हुए संकट के कारण राज्य को भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ी थी, लेकिन अब प्रमुख मार्ग खुलने से हालात में लगातार सुधार दर्ज किया जा रहा है। नाकेबंदी से हुआ 1200 करोड़ रुपये के जीएसटी राजस्व का नुकसान मुख्यमंत्री ने उल्लेख किया कि बंद और नाकेबंदी के चलते व्यापारिक गतिविधियां ठप हो गई थीं। इसका सीधा असर दिहाड़ी मजदूरों की रोजी-रोटी और छात्रों की पढ़ाई पर पड़ा। उन्होंने अनुमान साझा करते हुए बताया कि संकट के कारण वर्ष 2023 से 2026 के बीच मणिपुर को लगभग 1,200 करोड़ रुपये के जीएसटी राजस्व का नुकसान हुआ है। इस मार्ग पर सामान्य स्थिति लौटाने के लिए उन्होंने मारम, तादुबी और माओ क्षेत्र के लोगों के सहयोग की सराहना की। गुवाहाटी और इंफाल को जोड़ने वाली जीवनरेखा फिर सक्रिय राष्ट्रीय राजमार्ग-2 दीमापुर के रास्ते इंफाल को गुवाहाटी से जोड़ने वाला बेहद अहम मार्ग है। इस हाईवे पर 21 अगस्त से सार्वजनिक परिवहन सेवाएं दोबारा शुरू की गई थीं। परिवहन बहाल होने से आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति आसान हुई है और स्थानीय स्तर पर व्यापार को मजबूती मिली है। मुख्यमंत्री ने वर्ष 2025 में पूर्व विधायक एन काईसी के निधन के बाद व्यक्तिगत रूप से तादुबी में इस कार्यक्रम में शामिल होने का निर्णय लिया था। सामुदायिक सौहार्द और साझा पहचान पर बल मुख्यमंत्री ने सभी समुदायों के बीच मतभेदों को आपसी संवाद के माध्यम से सुलझाने की अपील की। मैतेई, नगा और कुकी समुदायों के बीच खुद को मणिपुरी मानने में आ रही हिचकिचाहट पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि लोगों को पहले भारतीय और फिर मणिपुरी के रूप में अपनी पहचान को मजबूत करना चाहिए। शांति और सद्भाव बनाए रखने के लिए सभी पक्षों के सामूहिक प्रयासों को आवश्यक बताया गया। ग्रामीण सड़कों और स्वास्थ्य ढांचे के लिए नई घोषणाएं पहाड़ी क्षेत्रों के संतुलित विकास के लिए मुख्यमंत्री ने महत्वपूर्ण बजट प्रावधानों की जानकारी दी। राज्य के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में अंतर-ग्रामीण सड़कों के निर्माण के लिए बजट में लगभग 10 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। इसके अलावा, पहाड़ी क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुलभ बनाने के लिए सेनापति जिले में एक नया मेडिकल कॉलेज स्थापित किया जाएगा। पिछली सरकार के कार्यकाल में चूड़ाचांदपुर जिले में भी मेडिकल कॉलेज स्थापित किया गया था। सेवा संकल्प अभियान और आर्थिक परिदृश्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक सेवा में 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में देश भर में सेवा संकल्प अभियान आयोजित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य जनसेवा और सुशासन को बढ़ावा देना है। मुख्यमंत्री ने भारत की आर्थिक प्रगति का जिक्र करते हुए कहा कि मोदी के कार्यभार संभालने से पहले देश दुनिया की 11वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था था, जो अब आगे बढ़कर चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। इसका आप पर असर एनएच-2 पर यातायात सामान्य होने और बजट घोषणाओं से राज्य में रोजमर्रा की आपूर्ति और स्वास्थ्य सेवाओं में सीधा सुधार आएगा। • भारत में: उत्तर-पूर्वी राज्यों में आपूर्ति व्यवस्था सुगम होने से अंतर-राज्यीय व्यापार को मजबूती मिलेगी। माल ढुलाई सामान्य होने से आवश्यक वस्तुओं के परिवहन में लगने वाला समय और लागत कम होगी। • मणिपुर में: एनएच-2 पर सार्वजनिक परिवहन बहाल होने से स्थानीय व्यापारियों और यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 10 करोड़ रुपये से संपर्क सड़कें बनने और सेनापति में मेडिकल कॉलेज स्थापित होने से पहाड़ी क्षेत्रों में बुनियादी ढांचा मजबूत होगा। • रोजगार और आजीविका: बाजार और परिवहन सुचारू होने से दैनिक वेतनभोगियों और छोटे व्यापारियों की आय में स्थिरता लौटेगी। सड़क निर्माण परियोजनाओं के शुरू होने से स्थानीय स्तर पर मजदूरों को काम के नए अवसर मिलेंगे। • स्वास्थ्य सुविधाएं: सेनापति जिले में नया मेडिकल कॉलेज खुलने से स्थानीय मरीजों को इलाज के लिए दूरदराज के शहरों में नहीं जाना पड़ेगा। इससे पहाड़ी इलाकों के लोगों के लिए विशेष चिकित्सा सेवाएं सुलभ और सस्ती हो सकेंगी। ऐसा क्यों हुआ मई 2023 से जारी संकट और बार-बार होने वाली नाकेबंदी के कारण मणिपुर की अर्थव्यवस्था गंभीर रूप से प्रभावित हुई थी। स्थानीय सहयोग और प्रशासनिक पहल के बाद राजमार्ग को खोलना संभव हो सका। • नाकेबंदी का प्रभाव: राज्य में हुए संघर्ष के कारण एनएच-2 पर लगातार बंद और अवरोध लगे रहे, जिससे आवश्यक सामानों की ढुलाई रुक गई और राजस्व का भारी नुकसान हुआ। • सामुदायिक सहमति: मारम, तादुबी और माओ इलाकों के स्थानीय निवासियों और नागरिक समूहों के सहयोग से अगस्त में सार्वजनिक वाहनों की आवाजाही दोबारा शुरू हो सकी। • क्षेत्रीय असंतुलन दूर करने की नीति: पहाड़ी क्षेत्रों में ढांचागत सुविधाओं की कमी को पूरा करने और नागरिकों में विश्वास बहाली के उद्देश्य से सरकार ने नए मेडिकल कॉलेज और सड़क कोष की घोषणा की है। सवाल-जवाब 1. मणिपुर के मुख्यमंत्री ने एनएच-2 को लेकर क्या जानकारी दी? मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग-2 पर आवागमन बहाल होने से राज्य की अर्थव्यवस्था में तेजी से सुधार हो रहा है। 2. संकट के दौरान राज्य को जीएसटी राजस्व का कितना नुकसान हुआ? मुख्यमंत्री के अनुसार वर्ष 2023 से 2026 के बीच मणिपुर को लगभग 1,200 करोड़ रुपये के जीएसटी राजस्व का नुकसान हुआ है। 3. राष्ट्रीय राजमार्ग-2 पर सार्वजनिक परिवहन कब से दोबारा शुरू हुआ? इस प्रमुख राजमार्ग पर सार्वजनिक परिवहन सेवाएं 21 अगस्त से बहाल की गईं। 4. ग्रामीण सड़कों के विकास के लिए सरकार ने क्या घोषणा की है? प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में अंतर-ग्रामीण सड़कों के निर्माण के लिए बजट में लगभग 10 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। 5. सेनापति जिले के लिए किस स्वास्थ्य परियोजना की घोषणा की गई? पहाड़ी क्षेत्र में चिकित्सा सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए सेनापति जिले में एक नया मेडिकल कॉलेज स्थापित किया जाएगा। 6. सेवा संकल्प अभियान किस उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है? यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक सेवा में 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है। https://trendkia.com/manipur/nh-2-para-avagamana-bahali-se-patari-para-lauti-manipur-ki-arthavyavastha-senapati-ko-milega-naya-medikala-koleja-47894 TrendKia — Har trend, sabse pehle.