मणिपुर के पहाड़ी इलाकों में सुरक्षा पर विशेष जोर, असम राइफल्स ने बुलाई अहम खुफिया बैठक मणिपुर के उखरूल और कामजोंग जिलों में सुरक्षा हालात की समीक्षा के लिए असम राइफल्स ने एक उच्च स्तरीय खुफिया बैठक का आयोजन किया, जिसमें सीमाई और आंतरिक सुरक्षा मुद्दों पर चर्चा हुई। मणिपुर के संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने और आपसी तालमेल को बेहतर बनाने के उद्देश्य से एक उच्च स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। उखरूल और कामजोंग जिलों के वर्तमान हालात की समीक्षा के लिए असम राइफल्स की पहल पर लीड इंटेलिजेंस एजेंसियों की यह बैठक बुधवार को संपन्न हुई। इस अहम बैठक का मुख्य फोकस क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए तमाम सुरक्षा तंत्रों के बीच समन्वय को और अधिक मजबूत करना था। शीर्ष अधिकारियों की मौजूदगी और चर्चा के मुख्य बिंदु इस महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन हेडक्वार्टर 10 सेक्टर असम राइफल्स के बैनर तले किया गया जिसकी अध्यक्षता सेक्टर के उप महानिरीक्षक ब्रिगेडियर अमित कुमार शर्मा ने की। बैठक में सिविल प्रशासन, राज्य पुलिस, विभिन्न खुफिया एजेंसियों और असम राइफल्स के कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। उखरूल और कामजोंग जिलों के उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक भी इस दौरान मौजूद रहे। इसके अलावा सेक्टर के अंतर्गत आने वाली असम राइफल्स यूनिटों के कमांडेंट और मुख्यालय के स्टाफ ऑफिसर भी चर्चा में सक्रिय रूप से शामिल हुए। क्षेत्रीय सुरक्षा और शरणार्थी संकट पर मंथन बैठक के दौरान दोनों पहाड़ी जिलों में हाल ही में सामने आए घटनाक्रमों का बारीकी से विश्लेषण किया गया और शांति व्यवस्था को प्रभावित करने वाले तमाम कारकों पर विचार-विमर्श हुआ। अधिकारियों ने शरणार्थी स्थिति, सरकारी आदेशों के पालन और अवैध व्यापार पर नकेल कसने के उपायों जैसे गंभीर विषयों पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान खुफिया जानकारियों के त्वरित आदान-प्रदान और सभी एजेंसियों द्वारा मिलकर संयुक्त कार्रवाई करने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया गया। जमीनी हालात का आकलन और भविष्य की रणनीति एक रक्षा प्रवक्ता के अनुसार इस उच्च स्तरीय संवाद से सुरक्षा बलों और नागरिक प्रशासन को आपस में सूचनाएं साझा करने में मदद मिली जिससे जमीन पर स्थिति का अधिक स्पष्ट और सटीक आकलन करने का अवसर मिला। असम राइफल्स का कहना है कि इस बैठक ने उभरती हुई सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए नागरिक प्रशासन, पुलिस, खुफिया इकाइयों और सुरक्षा बलों के बीच घनिष्ठ सहयोग के महत्व को एक बार फिर रेखांकित किया है। बैठक में शामिल सभी एजेंसियों ने उखरूल और कामजोंग में सुरक्षा उपायों को धार देने और नियमित समन्वय बनाए रखने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। वीर जवानों को दी गई श्रद्धांजलि इस बैठक से अलग एक अन्य कार्यक्रम में असम राइफल्स ने अपने उन चार जवानों को याद किया जिन्होंने नौ सितंबर 1963 को कर्तव्य पथ पर अपने प्राण न्यौछावर कर दिए थे। नागालैंड के जुन्हेबोटो क्षेत्र के सपोटाभी इलाके में उग्रवादियों का डटकर मुकाबला करते हुए ये जवान शहीद हुए थे। इंस्पेक्टर जनरल असम राइफल्स साउथ हेडक्वार्टर के अंतर्गत चंदेल जिले के मोदी गैरीसन में एक विशेष पुष्पांजलि समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान हवलदार मनीलियाना लुशाई, राइफलमैन डामोर बहादुर, राइफलमैन सातल सिंह राय और राइफलमैन मंडे थापा को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। बल के अधिकारियों ने कहा कि इन सैनिकों का अदम्य साहस और कर्तव्य के प्रति समर्पण संगठन की सैन्य परंपरा का एक स्वर्णिम हिस्सा है और उनकी शहादत को हमेशा याद रखा जाएगा। इसका आप पर असर मणिपुर के पहाड़ी जिलों में सुरक्षा और खुफिया तंत्र के बीच समन्वय बढ़ने से स्थानीय स्तर पर आपराधिक गतिविधियों और अवैध व्यापार पर लगाम कसने में मदद मिलेगी। • भारत में: सीमावर्ती और अशांत पहाड़ी क्षेत्रों में सुरक्षा बलों और नागरिक प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल से राष्ट्रीय सुरक्षा नीतियों को जमीनी स्तर पर अधिक प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकेगा। • मणिपुर में: उखरूल और कामजोंग जिलों के आम नागरिकों को बेहतर कानून-व्यवस्था, सुचारू प्रशासनिक कामकाज और शरणार्थी प्रबंधन से जुड़ी गतिविधियों में स्थिरता देखने को मिलेगी। ऐसा क्यों हुआ पहाड़ी जिलों में हालिया सुरक्षा समीक्षा बैठकें क्षेत्र की संवेदनशीलता और सामरिक महत्व को देखते हुए आयोजित की जाती हैं। • सामरिक आवश्यकता: उखरूल और कामजोंग जैसे सीमावर्ती और पहाड़ी जिलों में शरणार्थी आवाजाही, अवैध व्यापार और स्थानीय सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए निरंतर खुफिया निगरानी जरूरी होती है। • आपसी समन्वय: नागरिक प्रशासन और सुरक्षा बलों के बीच सूचना के अंतर को पाटने तथा संयुक्त अभियानों को समय पर अंजाम देने के लिए नियमित उच्च स्तरीय बैठकों का प्रावधान है। सवाल-जवाब 1. यह उच्च स्तरीय सुरक्षा बैठक कहाँ और किसके द्वारा आयोजित की गई थी? यह बैठक असम राइफल्स द्वारा मणिपुर के उखरूल और कामजोंग जिलों के हालातों की समीक्षा के लिए आयोजित की गई थी। 2. बैठक की अध्यक्षता किसने की? इस बैठक की अध्यक्षता हेडक्वार्टर 10 सेक्टर असम राइफल्स के उप महानिरीक्षक ब्रिगेडियर अमित कुमार शर्मा ने की। 3. बैठक में किन प्रमुख मुद्दों पर चर्चा हुई? अधिकारियों ने शरणार्थी स्थिति, सरकारी आदेशों के क्रियान्वयन, अवैध व्यापार की रोकथाम और खुफिया सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान पर चर्चा की। 4. असम राइफल्स ने किस ऐतिहासिक घटना को याद किया? असम राइफल्स ने नौ सितंबर 1963 को नागालैंड के जुन्हेबोटो क्षेत्र में उग्रवादियों का मुकाबला करते हुए शहीद हुए चार जवानों को श्रद्धांजलि दी। 5. किन चार जवानों की शहादत को याद किया गया? हवलदार मनीलियाना लुशाई, राइफलमैन डामोर बहादुर, राइफलमैन सातल सिंह राय और राइफलमैन मंडे थापा को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। https://trendkia.com/manipur/security-review-in-manipur-hills-as-assam-rifles-convenes-key-intelligence-meet-30894 TrendKia — Har trend, sabse pehle.