# मणिपुर के कांगपोकपी में गोलीबारी, दो ग्रामीणों की मौत और एक घायल

> मणिपुर के कांगपोकपी जिले में संदिग्ध उग्रवादियों ने एक गांव पर अंधाधुंध गोलीबारी की, जिसमें दो ग्रामीणों की जान चली गई और एक अन्य व्यक्ति घायल हो गया।

**Type:** article · **Category:** मणिपुर · **Published:** 2026-08-31 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/manipur/two-villagers-killed-and-one-injured-in-armed-attack-in-manipur-s-kangpokpi-25086 · **Language:** Hindi
**Tags:** मणिपुर हिंसा, कांगपोकपी गोलीबारी, कुकी नागा संघर्ष, एन टिकखांग, मणिपुर समाचार

मणिपुर के कांगपोकपी जिले में सोमवार सुबह एक दिल दहला देने वाली हिंसक घटना सामने आई। अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, यहां संदिग्ध उग्रवादियों ने एक गांव पर अचानक हमला बोल दिया और आधुनिक हथियारों से अंधाधुंध गोलियां बरसाईं। इस घातक गोलीबारी की चपेट में आने से मौके पर ही दो ग्रामीणों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। इस अचानक हुए खूनी संघर्ष के बाद पूरे इलाके में भारी तनाव का माहौल बन गया है और सुरक्षा एजेंसियों को तुरंत हाई अलर्ट पर कर दिया गया है।

## कांगपोकपी जिले के एन टिकखांग गांव में हुई वारदात

अधिकारियों के मुताबिक, यह खौफनाक घटना सोमवार सुबह करीब 9:30 बजे टी वईजोंग उपमंडल के अंतर्गत आने वाले एन टिकखांग नामक गांव में घटी। यह एक कुकी बहुल इलाका है जहां सुबह के वक्त अचानक कुछ हथियारबंद लोग पहुंचे और उन्होंने अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। इस बेरहम हमले में 35 वर्षीय लामतिनथांग और नीचिन नामक दो स्थानीय ग्रामीणों की मौके पर ही जान चली गई। इसके अलावा, गोली लगने से 65 वर्षीय सीलुन नामक एक बुजुर्ग निवासी गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया।

## फायरिंग के बीच कई घरों में लगाई गई आग

हमले की भयंकरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि गोलीबारी के दौरान कई आवासीय मकानों को आग के हवाले भी कर दिया गया। जब गोलियों की तड़तड़ाहट गूंज उठी, तो जान बचाने के लिए डरे-सहमे ग्रामीण अपने घरों को छोड़कर भागने लगे और उन्होंने पास के जंगलों में छिपकर शरण ली। हालात तब और बिगड़ गए जब इस क्षेत्र में दो अलग-अलग समुदायों के सशस्त्र समूहों के बीच भी आमने-सामने की गोलीबारी शुरू हो गई, जिससे स्थिति पूरी तरह नियंत्रण से बाहर होने लगी।

## सुरक्षा बलों की तैनाती और हालिया तनाव का इतिहास

हिंसा की सूचना मिलते ही स्थिति को काबू करने और क्षेत्र में शांति बहाل करने के लिए भारी संख्या में सुरक्षा बलों को तुरंत मौके पर रवाना किया गया। सुरक्षा बलों ने इलाके को अपने घेरे में ले लिया है ताकि आगे की किसी भी बड़ी अशांति को रोका जा सके। यह ताजा घटनाक्रम उस दर्दनाक वाकये के कुछ ही दिनों बाद सामने आया है जब संदिग्ध उग्रवादियों ने कांगपोकपी जिले में ही एक वाहन पर घात लगाकर हमला किया था। उस हमले में चार नागा नागरिकों की मौत हो गई थी और एक अन्य व्यक्ति घायल हुआ था। राज्य में नागा और कुकी समुदायों के बीच फरवरी में भड़की हिंसा के बाद से अब तक विभिन्न गोलीबारी की घटनाओं में 20 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है और इस दौरान कई मकानों को आग में जलाया जा चुका है।

## कांचिंग जिले में मशाल जुलूस के दौरान झड़प

एक अन्य घटनाक्रम में, काकचिंग जिले में रविवार रात एक मशाल जुलूस निकाला गया था। यह जुलूस आगामी जनगणना प्रक्रिया से पहले नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन्स (NRC) को अपडेट करने की मांग को लेकर आयोजित किया गया था, जो बाद में हिंसक हो गया। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा कर्मियों पर पथराव शुरू कर दिया, जिसके जवाब में पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। इस तरह राज्य के अलग-अलग हिस्सों में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है।

## इसका आप पर असर
मणिपुर के विभिन्न जिलों में भड़की हिंसा और गोलीबारी की घटनाओं ने स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं।

- **भारत में:** देश भर के संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और सुरक्षा बलों की आवाजाही बढ़ा दी गई है। इस तरह के संघर्षों से आंतरिक सुरक्षा और जातीय सौहार्द पर गहरा असर पड़ता है।

- **मणिपुर में:** कांगपोकपी और काकचिंग जिलों के स्थानीय निवासियों को अपनी दैनिक गतिविधियों में भारी पाबंदियों और डर का सामना करना पड़ रहा है। प्रभावित गांवों के लोगों को अपने घरों को छोड़कर जंगलों में शरण लेनी पड़ी है और प्रशासन ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए गश्त तेज कर दी है।

## सवाल-जवाब

### 1. मणिपुर के कांगपोकपी में यह गोलीबारी कहां और कब हुई?
यह गोलीबारी सोमवार सुबह करीब 9:30 बजे टी वईजोंग उपमंडल के एन टिकखांग गांव में हुई।

### 2. इस हमले में कितने लोग हताहत हुए?
हमले में दो ग्रामीणों, लामतिनथांग और नीचिन की मौत हो गई, जबकि 65 वर्षीय सीलुन घायल हो गए।

### 3. कांचिंग जिले में विरोध प्रदर्शन किस मांग को लेकर था?
कांचिंग जिले में मशाल जुलूस आगामी जनगणना प्रक्रिया से पहले नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन्स (NRC) को अपडेट करने की मांग को लेकर निकाला गया था।

### 4. फरवरी में हिंसा भड़कने के बाद से अब तक कितने लोग मारे जा चुके हैं?
फरवरी में नागा और कुकी समुदायों के बीच हिंसा शुरू होने के बाद से विभिन्न गोलीबारी की घटनाओं में 20 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं।

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