{
  "type": "article",
  "title": "1.3600 के पास पहुंचे पाउंड स्टर्लिंग की चाल पर अमेरिकी डॉलर और बैंक ऑफ इंग्लैंड का असर",
  "summary": "अमेरिकी डॉलर में आई चौतरफा कमजोरी से पाउंड स्टर्लिंग 1.3600 के स्तर पर टिका हुआ है। हालांकि, बैंक ऑफ इंग्लैंड की आगामी सुनवाई और ब्रिटेन के राजकोषीय बजट से पहले करेंसी की तेजी पर सवाल खड़े हो रहे हैं।",
  "content": "ब्रिटिश पाउंड (GBP/USD) अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 1.3600 के स्तर पर अपनी मजबूती बनाए हुए है। हालिया कारोबारी सत्र में यह मुद्रा 32 पिप्स के सीमित दायरे में कारोबार करती दिखी, जो इसके हालिया उच्च स्तर से लगभग 90 पिप्स नीचे है। जुलाई के आखिरी दिनों से तुलना करें, जब GBP/USD की जोड़ी 1.3300 के आसपास कारोबार कर रही थी, तो पाउंड में अब तक लगभग 2.2% की बढ़त दर्ज की गई है। इसी दौरान, अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में 2.3% की गिरावट देखी गई है, जो 101.50 के ठीक नीचे से गिरकर 99.00 के थोड़ा ऊपर आ गया है। इन दोनों आंकड़ों के बीच का एक प्रतिशत के दसवें हिस्से का मामूली अंतर इस पूरी चार-सेंट की चाल की व्याख्या करता है। हालांकि, बाजार विश्लेषकों का मानना है कि पाउंड की यह तेजी ब्रिटेन के मजबूत आर्थिक आंकड़ों के कारण नहीं, बल्कि अमेरिकी डॉलर में आई चौतरफा कमजोरी के चलते आई है। ऐसे में आगामी केंद्रीय बैंक बैठकों और ब्रिटेन के बजटीय ऐलान से पहले पाउंड की इस तेजी के बने रहने पर सवाल खड़े होने लगे हैं।\n\nअमरीकी डॉलर की कमजोरी और पाउंड का उछाल\nविदेशी मुद्रा बाजार में हालिया हलचल घरेलू आर्थिक नीति और मुद्रा के मूल्य निर्धारण के बीच के अंतर को स्पष्ट रूप से दर्शाती है। जुलाई के अंतिम दिनों से, जब GBP/USD 1.3300 के स्तर पर था, पाउंड ने डॉलर के मुकाबले करीब 2.2% की मजबूती हासिल की है। ठीक इसी अवधि के दौरान, डॉलर इंडेक्स 101.50 से नीचे फिसलकर 99.00 के थोड़ा ऊपर आ गया, जिसमें 2.3% की गिरावट दर्ज की गई। पाउंड में आई इस तेजी और डॉलर में आई गिरावट का यह समान अनुपात साबित करता है कि विदेशी मुद्रा बाजार में पाउंड की नई खरीदारी से ज्यादा डॉलर की बिकवाली हावी रही है। वाशिंगटन में मौद्रिक नीति को लेकर बदलते अनुमानों के बाद निवेशकों ने डॉलर में अपनी हिस्सेदारी घटाई है, जिसका सीधा फायदा पाउंड स्टर्लिंग को मिला है।\n\nयूनाइटेड किंगडम की अर्थव्यवस्था के भीतर किसी नए उत्प्रेरक की कमी इस बात की पुष्टि करती है कि पाउंड को विदेशी पूंजी प्रवाह से सहारा मिल रहा है। बैंक ऑफ इंग्लैंड ने 30 जुलाई की बैठक के बाद से ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। पांच हफ्तों से ब्रिटेन में नीतिगत स्तर पर कोई नया फैसला नहीं आने के कारण पाउंड के पास अपनी तेजी को बनाए रखने के लिए कोई स्थानीय ठोस वजह नहीं थी। इसी कारण से करेंसी मार्केट के जानकार इस तेजी को ब्रिटेन की आर्थिक मजबूती के बजाय डॉलर के वैश्विक स्तर पर बिकने का परिणाम मान रहे हैं।\n\nबैंक ऑफ इंग्लैंड की खामोशी और फेड का अनिश्चित रुख\nलंदन और वाशिंगटन के केंद्रीय बैंकों की मौद्रिक नीतियां संस्थागत निवेशकों के लिए अलग-अलग संकेत दे रही हैं। बैंक ऑफ इंग्लैंड ने 30 जुलाई के बाद से अपनी मुख्य बैंक रेट को 3.75% पर स्थिर रखा है और उसकी अगली मौद्रिक नीति समिति की बैठक 17 सितंबर को प्रस्तावित है। ब्रिटेन के मैक्रोइकोनॉमिक आंकड़े भी किसी जल्दबाजी का संकेत नहीं देते। जुलाई महीने में ब्रिटेन की मुद्रास्फीति 2.9% दर्ज की गई थी, जिसमें सेवाओं के क्षेत्र की महंगाई घटकर 3.4% रह गई और उत्पादक इनपुट कीमतों में गिरावट आई। इसके अलावा, श्रम बाजार के आंकड़ों में भी नरमी देखी गई है, जहां पिछली रिपोर्ट में पेरोल में 23,000 नौकरियों की कमी आई थी और बेरोजगारी दर 4.1% दर्ज की गई थी।\n\nदोनों देशों के बीच नॉमिनल इंटरेस्ट रेट स्प्रेड का संतुलन बना हुआ है। ब्रिटेन की 3.75% की बैंक रेट और अमरीका की 3.50% से 3.75% की लक्षित सीमा का ऊपरी स्तर बिल्कुल एक समान है। जब GBP/USD 1.3300 पर ट्रेड कर रहा था, तब भी दोनों देशों की ब्याज दरें समान थीं और आज 1.3600 के स्तर पर भी इनमें कोई अंतर नहीं है। जो चीज वास्तव में बदली है, वह है भविष्य में ब्याज दरों में कटौती को लेकर बाजार की उम्मीदें, जो विशेष रूप से अमरीका के मोर्चे पर बदली हैं। फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष द्वारा फॉरवर्ड गाइडेंस को पूरी तरह से हटाए जाने के बाद निवेशकों के लिए फेड की भावी नीति का अंदाजा लगाना कठिन हो गया है। इसके अलावा, जुलाई की एफओएमसी (FOMC) बैठक में ब्याज दर बढ़ाने के पक्ष में पड़े तीन असहमति वोटों ने अनिश्चितता को और बढ़ा दिया। इसी अनिश्चितता का लाभ उठाकर पाउंड ने अगस्त के दौरान बढ़त बनाई है।\n\nवास्तविक ब्याज दरें, गिल्ट यील्ड और अक्टूबर बजट की चुनौतियां\nनिश्चित आय (फिक्स्ड इनकम) बाजार के नजरिए से पाउंड के पक्ष में मुख्य तर्क वास्तविक ब्याज दरों का अंतर और ब्रिटेन के गिल्ट यील्ड का ऊंचा होना है। अमरीका की तुलना में ब्रिटेन की वास्तविक ब्याज दरों में लगभग 62 बेसिस पॉइंट्स की बढ़त बनी हुई है। ब्रिटेन के 10-वर्षीय गिल्ट यील्ड 5% से ऊपर बने हुए हैं, जो समकक्ष अमरीकी ट्रेजरी यील्ड की तुलना में 35 से 45 बेसिस पॉइंट्स अधिक हैं। कैरी ट्रेड रणनीति के तहत यह ऊंचा यील्ड वैश्विक निवेशकों के लिए पाउंड में निवेश को आकर्षक बनाता है।\n\nहालांकि, वित्तीय रणनीतिकार चेतावनी देते हैं कि ऊंचे गिल्ट यील्ड को केवल सकारात्मक रिटर्न के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। ग्रुप ऑफ सेवन (G7) देशों में ब्रिटेन दूसरा सबसे कम सकल ऋण बोझ वाला देश है, लेकिन इसके बावजूद ऊंचा यील्ड निवेशकों द्वारा मांगे जा रहे जोखिम प्रीमियम को दर्शा सकता है। यही अंतर तय करेगा कि पाउंड की यह चार-सेंट की बढ़त आने वाले पतझड़ के मौसम में कायम रह पाती है या नहीं।\n\nइसके साथ ही, 28 अक्टूबर को पेश होने वाला ब्रिटेन का बजट पाउंड की मजबूती के लिए एक बड़ी परीक्षा साबित होने वाला है। चालू वित्त वर्ष के पहले चार महीनों में सरकारी उधार आधिकारिक अनुमानों से कई अरब पाउंड अधिक हो चुका है। बीते महीने महंगाई से जुड़े कर्मचारियों के वेतन खर्चों में बढ़ोतरी के चलते आयकर से हुई मजबूत कमाई के बावजूद अप्रत्याशित राजकोषीय घाटा दर्ज किया गया। जुलाई में सत्ता में आई नई सरकार ने मौजूदा नियमों के तहत काम करने का वादा किया है, और उसे अब अपने वित्तीय आंकड़ों को सार्वजनिक रूप से साबित करना होगा।\n\nआगामी अहम घटनाक्रम: संसदीय सुनवाई, पेरोल डेटा और जैक्सन होल\nआने वाले दिनों के घटनाक्रम करेंसी मार्केट की दिशा तय करने में निर्णायक होंगे। आगामी गुरुवार को 30 जुलाई के बाद ब्रिटेन का पहला प्रमुख घटनाक्रम देखने को मिलेगा, जब बैंक ऑफ इंग्लैंड की मौद्रिक नीति समिति के सदस्य संसदीय सेलेक्ट कमेटी के समक्ष पेश होंगे। नौ सदस्यीय इस पैनल में तीन सदस्य दरें बढ़ाने के पक्ष में थे, जबकि गवर्नर दरों को स्थिर रखने पर अड़े हुए थे। ऐसे में संसदीय सुनवाई से नीति निर्माताओं के रुख को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आएगी।\n\nइसके बाद, शुक्रवार को भारतीय समयानुसार दोपहर (08:50 GMT) बैंक ऑफ इंग्लैंड के गवर्नर का भाषण निर्धारित है। यह भाषण अमरीका के अगस्त पेरोल आंकड़ों के जारी होने से ठीक चार घंटे पहले होगा। पिछले महीने अमरीकी पेरोल में 23,000 की गिरावट आई थी और बेरोजगारी दर 4.1% पर थी। GBP/USD के पास ब्रिटेन के स्थानीय कारणों से अपनी दिशा तय करने के लिए केवल एक दिन का समय होगा, जिसके बाद बाजार का ध्यान फिर से अमेरिकी आंकड़ों पर केंद्रित हो जाएगा।\n\nदूसरी ओर, वैश्विक वित्तीय बाजारों की निगाहें जैक्सन होल इकोनॉमिक सिम्पोजियम पर टिकी हुई हैं। फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष केविन वॉश शुक्रवार को अध्यक्ष के रूप में अपना पहला जैक्सन होल भाषण देने जा रहे हैं। बाजार केवल सितंबर की नीतिगत बैठक में दरें घटने या बढ़ने की संभावनाओं को नहीं देख रहा, बल्कि फेड के दीर्घकालिक नीतिगत दृष्टिकोण पर स्पष्टता की उम्मीद कर रहा है।\n\nतकनीकी आउटलुक: 1.3600 का स्तर, सपोर्ट, रेजिस्टेंस और इंडिकेटर\nतकनीकी चार्ट संरचना के अनुसार, GBP/USD वर्तमान में 1.3600 के करीब कारोबार कर रहा है। 52-सप्ताह के दायरे में इस जोड़ी का निचला स्तर 1.3000 और उच्च स्तर 1.3800 रहा है। लाइव मार्केट डेटा के अनुसार, 20-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) और 50-दिवसीय EMA 1.3500 पर स्थिर हैं, जबकि 200-दिवसीय EMA 1.3400 पर है। 50-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) और 200-दिवसीय SMA भी 1.3400 के स्तर पर मौजूद हैं। 50-दिवसीय EMA का 200-दिवसीय EMA से ऊपर होना एक 'गोल्डन क्रॉस' संरचना की पुष्टि करता है, जो लंबी अवधि के तेजी के रुख को दिखाता है।\n\nतकनीकी स्तरों की बात करें तो पहला मुख्य प्रतिरोध (रेजिस्टेंस) हालिया उच्च स्तर 1.3700 के ठीक नीचे है, जिसके बाद 1.3700 का मनोवैज्ञानिक स्तर आता है। यदि पाउंड 1.3700 के ऊपर निकलता है, तो अगला लक्ष्य 1.3750 का स्तर होगा। दूसरी ओर, गिरावट की स्थिति में पहला सपोर्ट 1.3550 पर है, जबकि सबसे महत्वपूर्ण मजबूत सपोर्ट 1.3500 के स्तर पर बना हुआ है। इसके नीचे 50-दिवसीय EMA 1.3450 और 200-दिवसीय EMA 1.3400 पर सपोर्ट प्रदान करेंगे।\n\nमोमेंटम इंडिकेटर्स की बात करें तो 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 59 पर है, जो 1.3400 से 1.3700 के बोलिंगर बैंड के भीतर तटस्थ से तेजी के मोमेंटम को दर्शाता है। एमएसीडी (MACD) में बुलिश सिग्नल बना हुआ है, जहां सिग्नल लाइन 0.01 और हिस्टोग्राम 0.00 पर है। एडीएक्स (ADX) 32 पर है जो मजबूत ट्रेंड की मौजूदगी दिखाता है। हालांकि, स्टोकैस्टिक आरएसआई (Stoch RSI) 90 के ऊपर पहुंचकर ओवरबॉट जोन से नीचे की ओर मुड़ रहा है, जो चार-सेंट की तेजी के बाद कंसोलिडेशन की संभावना को बढ़ाता है। यदि दैनिक आधार पर कैंडल 1.3500 के नीचे बंद होती है, तो तेजी का पूर्वाग्रह समाप्त हो जाएगा और 50-दिवसीय EMA का स्तर परीक्षण के दायरे में आ जाएगा।\n\nसोना, क्रूड ऑयल और डीजल क्रैक स्प्रेड की स्थिति\nवैश्विक वित्तीय बाजारों के अन्य परिसंपत्ति वर्गों में भी हलचल देखी जा रही है। सोने की कीमतों में बुधवार की गिरावट के बाद गुरुवार को सुधार देखा गया और यह $4,600 प्रति ट्रॉय औंस के करीब पहुंच गया। डॉलर इंडेक्स में अनिश्चितता के बावजूद कीमती धातुओं में मजबूती बनी हुई है।\n\nऊर्जा बाजार में रिफाइंड उत्पादों की आपूर्ति को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं। हालांकि क्रूड ऑयल की कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर हैं, लेकिन अमरीका में डीजल क्रैक स्प्रेड यानी वेस्ट टेक्ससास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड के मुकाबले अल्ट्रा-लो सल्फर डीजल (ULSD) फ्यूचर्स का प्रीमियम पहली बार $100 प्रति बैरल के पार निकल गया और $102.00 प्रति बैरल के सर्वकालिक उच्च स्तर को छू गया।\n\nप्रमुख करेंसी जोड़ों में, EUR/USD 1.1650 के आसपास कारोबार कर रहा है। इससे पहले यह 1.630 के क्षेत्र तक गिरा था। यूरो में सुस्ती का मुख्य कारण अमेरिकी डॉलर में बना अनिर्णय का माहौल है, क्योंकि निवेशक गैर-कृषि पेरोल (NFP) के वार्षिक संशोधन और जैक्सन होल में फेड अध्यक्ष केविन वॉश के भाषण का इंतजार कर रहे हैं।\n\nब्रिटिश पाउंड का इतिहास, व्यापार और केंद्रीय बैंक तंत्र\nब्रिटिश पाउंड स्टर्लिंग (GBP) दुनिया की सबसे पुरानी चालू मुद्रा है, जिसकी शुरुआत 886 ईस्वी में हुई थी। यह यूनाइटेड किंगडम की आधिकारिक मुद्रा है और वैश्विक विदेशी मुद्रा (FX) बाजार में चौथी सबसे अधिक कारोबार की जाने वाली करेंसी है। 2022 के आंकड़ों के अनुसार, कुल वैश्विक एफएक्स लेनदेन में पाउंड की हिस्सेदारी 12% है, जिसका दैनिक औसत कारोबार 630 अरब डॉलर का है।\n\nपाउंड का सबसे प्रमुख ट्रेडिंग पेयर GBP/USD है, जिसे ट्रेडर्स 'केबल' (Cable) कहते हैं, और यह वैश्विक लेनदेन का 11% हिस्सा रखता है। इसके अलावा, GBP/JPY को 'ड्रैगन' (Dragon) कहा जाता है (3% हिस्सा) और EUR/GBP 2% हिस्सा रखता है। पाउंड जारी करने और मौद्रिक नीति का प्रबंधन बैंक ऑफ इंग्लैंड द्वारा किया जाता है।\n\nपाउंड के मूल्य को प्रभावित करने वाला सबसे बड़ा कारक बैंक ऑफ इंग्लैंड की मौद्रिक नीति है। बैंक ऑफ इंग्लैंड का मुख्य लक्ष्य 2% के आसपास मुद्रास्फीति दर के साथ मूल्य स्थिरता बनाए रखना है। जब महंगाई बढ़ती है, तो बैंक ऑफ इंग्लैंड ब्याज दरों में वृद्धि करता है, जिससे कर्ज महंगा होता है और विदेशी निवेशक उच्च रिटर्न की तलाश में ब्रिटेन में पूंजी लगाते हैं, जिससे पाउंड मजबूत होता है। इसके विपरीत, जब महंगाई बहुत कम हो जाती है या आर्थिक सुस्ती आती है, तो बैंक ऑफ इंग्लैंड ब्याज दरों में कटौती करता है ताकि आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा सके। इसके अलावा सकल घरेलू उत्पाद (GDP), मैन्युफैक्चरिंग व सर्विसेज पीएमआई (PMI), रोजगार के आंकड़े और ट्रेड बैलेंस जैसे आर्थिक संकेतक पाउंड स्टर्लिंग की चाल तय करने में अहम भूमिका निभाते हैं।\n\nइसका आप पर असर\nपाउंड स्टर्लिंग में आई मजबूती और अमेरिकी डॉलर की सुस्ती का असर अंतरराष्ट्रीय यात्रा, विदेशी मुद्रा कारोबार और आयात-निर्यात से जुड़े लोगों पर सीधा पड़ता है।\n\n• फॉरेक्स ट्रेडर्स के लिए: GBP/USD में 1.3600 के पास मजबूती बनी हुई है, लेकिन 1.3500 का स्तर अहम सपोर्ट है। इस स्तर के नीचे क्लोजिंग होने पर स्टॉप-लॉस ट्रिगर हो सकते हैं और मंदी का रुझान शुरू हो सकता है।\n• ब्रिटेन जाने वाले यात्रियों के लिए: पाउंड की मजबूती के कारण भारतीय यात्रियों के लिए ब्रिटेन में खर्च थोड़ा महंगा हो सकता है। यदि आप ब्रिटेन की यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो मुद्रा विनिमय दरों पर ध्यान देना जरूरी है।\n• अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए: यूके की यूनिवर्सिटीज में पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्रों की ट्यूशन फीस और रहने का खर्च बढ़ सकता है। रुपये के मुकाबले पाउंड की मजबूती से बजट प्रबंधन पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा।\n• आयातकों और निर्यातकों के लिए: यूके से सामान आयात करने वाली कंपनियों की लागत में वृद्धि हो सकती है। वहीं यूके को निर्यात करने वाले भारतीय कारोबारियों को करेंसी कन्वर्जन का फायदा मिल सकता है।\n• सोना और कमोडिटी निवेशकों के लिए: डॉलर इंडेक्स में गिरावट से अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतें $4,600 के करीब बनी हुई हैं। कमोडिटी निवेशकों को डॉलर की चाल और जैक्सन होल के बयानों पर नजर रखनी चाहिए।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. GBP/USD 1.3600 के स्तर पर क्यों कारोबार कर रहा है?\nGBP/USD की तेजी का मुख्य कारण अमरीकी डॉलर इंडेक्स में आई 2.3% की गिरावट है, जबकि पाउंड को ब्रिटेन में ऊंचे 10-वर्षीय गिल्ट यील्ड और 62 बेसिस पॉइंट्स के वास्तविक ब्याज दर लाभ से समर्थन मिला है।\n\n2. बैंक ऑफ इंग्लैंड की अगली मौद्रिक नीति बैठक कब है?\nबैंक ऑफ इंग्लैंड की अगली मौद्रिक नीति समिति की बैठक 17 सितंबर को निर्धारित है। केंद्रीय बैंक 30 जुलाई से अपनी बैंक रेट को 3.75% पर स्थिर रखे हुए है।\n\n3. पाउंड के लिए कौन से तकनीकी सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तर महत्वपूर्ण हैं?\nपाउंड के लिए पहला प्रतिरोध 1.3700 के पास है, जबकि मुख्य समर्थन 1.3500 के स्तर पर है। यदि कैंडल 1.3500 के नीचे बंद होती है, तो 50-दिवसीय EMA (1.3450) का परीक्षण हो सकता है।\n\n4. 28 अक्टूबर का ब्रिटेन का बजट पाउंड को कैसे प्रभावित कर सकता है?\nचालू वित्त वर्ष में ब्रिटेन का सरकारी कर्ज अनुमान से अरबों पाउंड अधिक रहा है। 28 अक्टूबर को पेश होने वाला बजट सरकार के वित्तीय आंकड़ों का परीक्षण करेगा, जिससे पाउंड की स्थिरता प्रभावित हो सकती है।\n\n5. जैक्सन होल सिम्पोजियम का करेंसी मार्केट पर क्या असर पड़ सकता है?\nफेड अध्यक्ष केविन वॉश शुक्रवार को अपना पहला जैक्सन होल भाषण देंगे। इसमें अमरीकी ब्याज दरों और सितंबर नीतिगत दृष्टिकोण पर मिलने वाले संकेतों से डॉलर और GBP/USD की चाल तय होगी।",
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  "publishedAt": "2026-08-27",
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