# 1.3700 के स्तर से नीचे थमी पौंड स्टर्लिंग की रफ्तार, कच्चे तेल में तेजी और अमेरिकी पाबंदियों से डॉलर को मिला सहारा

> अमेरिकी डॉलर में आई हल्की रिकवरी के कारण GBP/USD मुद्रा जोड़ा 1.3640 के करीब सुस्ता रहा है। ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंधों से कच्चे तेल के दाम चढ़ने और अमेरिकी ट्रेजरी द्वारा बायबैक बढ़ाने की घोषणा से वैश्विक बाजारों में हलचल बनी हुई है।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-08-25 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/1-3700-ke-stara-se-niche-thami-pound-sterling-ki-raphtara-kachche-tela-men-teji-aura-us-sanctions-se-dollar-ko-mila-sahara-21722 · **Language:** Hindi
**Tags:** GBP/USD, पौंड स्टर्लिंग, अमेरिकी डॉलर, बैंक ऑफ इंग्लैंड, फॉरेक्स मार्केट, कच्चा तेल, सोना, finance

वैश्विक मुद्रा बाजार में पौंड स्टर्लिंग और अमेरिकी डॉलर के बीच जारी तेजी का सिलसिला 1.3700 के मनोवैज्ञानिक स्तर से ठीक पहले थम गया है। अमेरिकी डॉलर सूचकांक (DXY) में 99.10 के आसपास आई हल्की मजबूती के बावजूद GBP/USD मुद्रा जोड़ा 1.3640 के आसपास कारोबार कर रहा है। हालांकि अल्पावधि में पौंड का रुझान अब भी सकारात्मक बना हुआ है, लेकिन मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका द्वारा ईरान पर लगाई गई नई पाबंदियों ने कच्चे तेल की कीमतों को बढ़ा दिया है, जिससे डॉलर को निचले स्तरों पर सहारा मिल रहा है।

## GBP/USD का तकनीकी ढांचा और विशेषज्ञ विश्लेषण
तकनीकी चार्ट पर नजर डालें तो पौंड स्टर्लिंग अपनी मजबूत स्थिति बनाए हुए है। यह जोड़ा 20 दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) जो 1.3531 के पास स्थित है, उससे ऊपर बना हुआ है। जब तक कीमत इस मूविंग एवरेज से ऊपर बनी रहती है, तब तक व्यापक बाजार का ढांचा सकारात्मक ही माना जाएगा। इस स्तर की ओर आने वाली किसी भी गिरावट को जारी तेजी के बीच एक सुधारात्मक दौर के रूप में देखा जा रहा है। यदि 1.3530 का समर्थन स्तर टूटता है, तभी निचले स्तरों की ओर गहरा करेक्शन देखने को मिल सकता है।

रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स अर्थात RSI (14) वर्तमान में 69 के आसपास घूम रहा है, जो मजबूत खरीदारी गति का संकेत देता है। हालांकि, RSI के ओवरबॉट क्षेत्र के करीब पहुंचने से यह भी संकेत मिलता है कि आगामी सत्रों में पौंड की बढ़त की रफ्तार कुछ धीमी पड़ सकती है। वित्तीय संस्था स्कॉटियाबैंक के रणनीतिकारों ने GBP/USD के तकनीकी परिदृश्य को ठोस रूप से तेजी वाला बताया है। उनके अनुसार, अप्रैल और जून के दौरान 1.3150 के स्तर का दो बार सफल परीक्षण करने के बाद यह मुद्रा जोड़ा आगे बढ़ने के लिए बेहतर स्थिति में है। यदि कीमतें 1.3650 या 1.3660 के पार टिकी रहती हैं, तो इस साल के बाकी महीनों में पौंड स्टर्लिंग 1.4100 के क्षेत्र की ओर बढ़ सकता है।

## बैंक ऑफ इंग्लैंड की मौद्रिक नीति और पौंड के बुनियादी कारक
पौंड स्टर्लिंग के मूल्य को तय करने वाला सबसे मुख्य कारक बैंक ऑफ इंग्लैंड (BoE) द्वारा तय की जाने वाली मौद्रिक नीति है। केंद्रीय बैंक का प्राथमिक लक्ष्य 2 प्रतिशत की स्थिर मुद्रास्फीति दर के साथ मूल्य स्थिरता बनाए रखना है। जब ब्रिटेन में महंगाई बहुत अधिक बढ़ जाती है, तो BoE ब्याज दरों में बढ़ोतरी करता है। ऊंची ब्याज दरें विदेशी निवेशकों को आकर्षित करती हैं, जिससे पौंड की मांग बढ़ती है। इसके विपरीत, जब आर्थिक विकास सुस्त होता है और मुद्रास्फीति गिरती है, तो केंद्रीय बैंक ब्याज दरें घटाकर ऋण को सस्ता करता है ताकि व्यवसाय निवेश बढ़ा सकें।

पौंड स्टर्लिंग दुनिया की सबसे पुरानी मुद्रा (वर्ष 886) है और ब्रिटेन की आधिकारिक मुद्रा है। यह विदेशी मुद्रा बाजार में चौथी सबसे अधिक कारोबार की जाने वाली करेंसी है। 2022 के आंकड़ों के अनुसार, कुल मुद्रा लेनदेन में इसकी हिस्सेदारी 12 प्रतिशत है, जो औसतन 630 अरब डॉलर प्रतिदिन का कारोबार दर्शाती है। इसके प्रमुख ट्रेडिंग जोड़ों में GBP/USD (जिसे 'केबल' कहा जाता है और यह 11% लेनदेन कवर करता है), GBP/JPY (जिसे 'ड्रैगन' कहा जाता है, 3%) और EUR/GBP (2%) शामिल हैं। इसके अतिरिक्त सकल घरेलू उत्पाद (GDP), विनिर्माण और सेवा क्षेत्र के PMI आंकड़े और व्यापार संतुलन जैसे आर्थिक आंकड़े भी पौंड की चाल तय करते हैं।

## अन्य वैश्विक बाजार: यूरो, सोना, क्रिप्टो और अमेरिकी ट्रेजरी की हलचल
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अन्य संपत्तियों पर भी व्यापक हलचल देखी जा रही है। यूरो और डॉलर का जोड़ा (EUR/USD) 1.1650 के करीब संघर्ष कर रहा है। जर्मनी के मजबूत IFO सर्वे आंकड़ों के बावजूद मध्य पूर्व के बढ़ते तनाव और ऊंची बॉन्ड यील्ड के कारण यूरो में खरीदारी नहीं लौट पा रही है। वहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना $4,650 प्रति औंस से नीचे कारोबार कर रहा है। यद्यपि इसने हाल ही में $4,700 का उच्चतम स्तर छुआ था, लेकिन ऊर्जा कीमतों में उछाल के कारण अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में एक और बढ़ोतरी की आशंका से सोने में मुनाफावसूली जारी है।

क्रिप्टोकरेंसी बाजार में सकारात्मक माहौल बना हुआ है और बिटकॉइन $80,000 के ऊपर अपनी बढ़त बनाए हुए है। पिछले 24 घंटों में एयरोड्रोम फाइनेंस (AERO) और वर्चुअल्स प्रोटोकॉल (VIRTUAL) जैसे टोकन शीर्ष प्रदर्शनकर्ताओं में शामिल रहे हैं। दूसरी ओर, अमेरिकी वित्त विभाग (ट्रेजरी) ने बाजार की तरलता बनाए रखने के लिए बड़ा कदम उठाया है। 12:32 GMT पर जारी बयान में अमेरिकी ट्रेजरी ने घोषणा की कि वह 10 से 20 वर्ष और 20 से 30 वर्ष की अवधि वाले बॉन्ड के लिए अपने लिक्विडिटी सपोर्ट बायबैक परिचालन को दोगुना करेगी। इसके तहत 9 सितंबर से 4 नवंबर तक प्रति परिचालन अधिकतम सीमा को $2 अरब से बढ़ाकर कम से कम $4 अरब कर दिया गया है।

## इसका आप पर असर
- **भारत में:** अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से भारत के आयात बिल पर दबाव बढ़ सकता है, जिससे घरेलू स्तर पर ईंधन की कीमतें प्रभावित हो सकती हैं।
- **वैश्विक निवेशकों के लिए:** मुद्रा बाजार में डॉलर की मजबूती और बॉन्ड यील्ड में उतार-चढ़ाव से विदेशी मुद्रा एवं कमोडिटी व्यापारियों को अपनी रणनीतियों में बदलाव करना होगा।

## सवाल-जवाब

### 1. GBP/USD में हालिया तेजी कहां रुकी है?
GBP/USD में तेजी 1.3700 के प्रतिरोध स्तर से ठीक पहले 1.3640 के करीब रुक गई है।

### 2. पौंड स्टर्लिंग के लिए अगला प्रमुख तकनीकी सहायता स्तर कौन सा है?
पौंड के लिए तत्काल सहायता स्तर 20 दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) 1.3531 के पास स्थित है।

### 3. स्कॉटियाबैंक के अनुसार GBP/USD का अगला लक्ष्य क्या हो सकता है?
स्कॉटियाबैंक के अनुसार, यदि यह जोड़ा 1.3650/60 से ऊपर टिकता है, तो यह साल के अंत तक 1.4100 के स्तर तक जा सकता है।

### 4. अमेरिकी ट्रेजरी ने बॉन्ड बायबैक को लेकर क्या घोषणा की है?
अमेरिकी ट्रेजरी ने 10 से 30 वर्ष वाले बॉन्ड के लिए बायबैक परिचालन की सीमा $2 अरब से बढ़ाकर कम से कम $4 अरब प्रति ऑपरेशन करने का निर्णय लिया है।

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