100-दिन के मूविंग एवरेज के नीचे यूरो-डॉलर में मंदी का दबाव बरकरार, जानें तकनीकी स्तर और वैश्विक बाजारों का हाल यूरो-डॉलर की जोड़ी में अल्पकालिक मजबूती के बावजूद 100-दिवसीय एसएमए के नीचे नकारात्मक रुझान बना हुआ है। फ्रांसीसी बॉन्ड यील्ड में उछाल और फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति की उम्मीदों के बीच मुद्रा और वैश्विक बाजारों की स्थिति पर एक नज़र। विदेशी मुद्रा बाजार में यूरो और अमेरिकी डॉलर की जोड़ी (EUR/USD) 1.1245 के आसपास स्थिरता दर्ज कर रही है, हालांकि समग्र बाजार आउटलुक 100-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) के नीचे लगातार नकारात्मक बना हुआ है। तकनीकी संकेतकों में रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) के न्यूट्रल स्तरों के पास होने के कारण आगे भी कुछ समय के लिए कंसोलिडेशन या एक सीमित दायरे में कारोबार देखा जा सकता है। मौजूदा कारोबारी सत्र में लाइव आंकड़ों के अनुसार EUR/USD लगभग 1.12 के स्तर पर बना हुआ है, जिसका 52 सप्ताह का दायरा 1.11 से 1.20 के बीच रहा है। तकनीकी स्तर और महत्वपूर्ण सपोर्ट व रेजिस्टेंस EUR/USD की चाल पर नज़र डालें तो दैनिक चार्ट पर यह जोड़ी 100-दिवसीय मूविंग एवरेज और 20-दिवसीय बॉलिंगर सिंपल मूविंग एवरेज के थोड़े नीचे बनी हुई है। यद्यपि निचले स्तरों पर थोड़ी स्थिरता दिखी है, लेकिन निकट अवधि का दृष्टिकोण मंदी की ओर इशारा करता है। 14-अवधि का RSI लगभग 42 के स्तर पर है, जो न्यूट्रल 50 रेखा से नीचे है। यह इस बात का संकेत है कि मंदी की गति थोड़ी धीमी जरूर हुई है, लेकिन दिशा बदली नहीं है। ऊपर की ओर पहला तात्कालिक रेजिस्टेंस स्तर 6 अक्टूबर के उच्च स्तर 1.1276 पर स्थित है। इसके ऊपर जाने पर बॉलिंगर बैंड की ऊपरी सीमा 1.1372 पर रुकावट आ सकती है। व्यापक मंदी के दबाव को समाप्त करने के लिए EUR/USD को 100-दिवसीय मूविंग एवरेज के मुख्य क्षेत्र 1.1455 को पार करना होगा। दूसरी तरफ, नीचे की ओर पहला सपोर्ट 19 अक्टूबर के निचले स्तर 1.1185 पर देखा जा रहा है, जिसके बाद बॉलिंगर बैंड की निचली सीमा 1.1120 आती है। सबसे महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक सपोर्ट स्तर 1.1000 पर कायम है। फ्रांसीसी बॉन्ड बाजार में उथल-पुथल और फेड का रुख यूरोपीय मोर्चे पर फ्रांस के 10-वर्षीय सरकारी उधार की लागत (बॉन्ड यील्ड) बुधवार को बढ़कर 5% से ऊपर पहुंच गई, जो बीते 24 वर्षों में पहली बार देखा गया है। फ्रांस में सार्वजनिक सेवाओं में कटौती के विरोध में हुए सप्ताहांत के उपद्रव ने यह साफ कर दिया है कि सरकार के लिए बजट घाटे को नियंत्रित करना कितना राजनीतिक रूप से चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है। इसके बावजूद, वित्तीय संस्था सोसाइट जनराल (Societe Generale) के विश्लेषकों का कहना है कि यह हैरान करने वाला है कि गैस कीमतों में उछाल और बॉन्ड बाजार की अनिश्चितता के बावजूद यूरो में भारी गिरावट नहीं आई। उनके अनुसार पिछले दो हफ्तों में पारंपरिक सह-संबंध कमजोर पड़ा है और बाजार में अधिकांश बुरी खबरें पहले ही समायोजित (priced in) हो चुकी हैं। दूसरी ओर, अमेरिका में व्यापारियों को अगले सप्ताह फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की बहुत कम संभावना दिखती है। सीएमई फेडवॉच टूल (CME FedWatch) के अनुसार अगली दर वृद्धि की संभावना अब दिसंबर में जताई जा रही है। फेड अध्यक्ष वारश के हालिया बयानों का रुख ऐतिहासिक औसत से थोड़ा नरम रहा है। वैश्विक वित्तीय संकट से सतर्क दृष्टिकोण अपनाते हुए उन्होंने एआई से जुड़ी मांग, रोजगार और मुद्रास्फीति के आंकड़ों के आधार पर सतर्क और डेटा-आधारित नीति का संकेत दिया है, जिससे डॉलर पर तात्कालिक आक्रामक तेजी का दबाव कम हुआ है। यूरोपीय अर्थव्यवस्था और मुद्रा प्रणाली की बुनियाद यूरो यूरोज़ोन के 20 सदस्य देशों की आधिकारिक मुद्रा है और अमेरिकी डॉलर के बाद दुनिया में सबसे ज्यादा कारोबार की जाने वाली मुद्रा है। वैश्विक विदेशी मुद्रा लेनदेन में यूरो की हिस्सेदारी लगभग 31% है, जिसका दैनिक टर्नओवर $2.2 ट्रिलियन से अधिक है। इसमें EUR/USD मुद्रा जोड़ी सबसे प्रमुख है, जो कुल लेनदेन के 30% हिस्से को संभालती है। इसके बाद EUR/JPY (4%), EUR/GBP (3%) और EUR/AUD (2%) का स्थान आता है। जर्मनी के फ्रैंकफर्ट में स्थित यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) यूरोज़ोन की मौद्रिक नीति और ब्याज दरों का संचालन करता है। ECB की अध्यक्ष क्रिस्टीन लागार्ड और गवर्निंग काउंसिल की साल में आठ बार बैठक होती है, जिसका मुख्य उद्देश्य 2% मुद्रास्फीति लक्ष्य के साथ मूल्य स्थिरता बनाए रखना है। इसके अलावा यूरोज़ोन की अर्थव्यवस्था में जर्मनी, फ्रांस, इटली और स्पेन की 75% हिस्सेदारी है, इसलिए इन चार देशों के जीडीपी (GDP), पीएमआई (PMI) और व्यापार संतुलन आंकड़े यूरो की दिशा निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अन्य वैश्विक बाजारों और परिसंपत्तियों की स्थिति वैश्विक बाजारों के अन्य हिस्सों पर नज़र डालें तो एशियाई सत्र के दौरान ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (AUD/USD) 0.7000 तक गिर गया, क्योंकि मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव से जोखिम भरी परिसंपत्तियों पर असर पड़ा। वहीं जापानी येन (USD/JPY) अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट और बैंक ऑफ जापान की सख्ती की उम्मीदों के चलते एक सप्ताह के निचले स्तर 157.00 के करीब आ गया। सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई और यह $4,100 से नीचे गिरकर एक सप्ताह के निचले स्तर पर पहुंच गया। क्रिप्टो बाजार में कार्डानो (ADA) 50-दिवसीय ईएमए 0.228 डॉलर के ऊपर टिकने में विफल रहने के बाद 0.222 डॉलर के नीचे कारोबार कर रहा है। अमेरिकी शेयर बाजार में डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज 52,800 के करीब बंद हुआ, जिसे गोल्डमैन सेक्स (GS) और कैटरपिलर (CAT) से मजबूत समर्थन मिला, जबकि स्पेसएक्स (SpaceX) की राजस्व वृद्धि 161% दर्ज की गई। इसका आप पर असर यह समाचार अंतरराष्ट्रीय मुद्रा व्यापार और वैश्विक वित्तीय परिसंपत्तियों में रुचि रखने वाले निवेशकों के लिए सीधा प्रभाव रखता है। • भारत में: विदेशी मुद्रा व्यापार में शामिल भारतीय निवेशकों और निर्यातकों को डॉलर और यूरो के बीच की अस्थिरता के आधार पर अपने सौदों की हेजिंग रणनीतियों में बदलाव करना होगा। • वैश्विक स्तर पर: 100-दिवसीय एसएमए के नीचे यूरो में जारी कमजोरी से यूरोज़ोन में यात्रा या व्यापार करने वाले अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को अपनी पोर्टफोलियो रणनीति को पुनर्गठित करने की आवश्यकता हो सकती है। • मुद्रा कारोबार: EUR/USD में 1.1185 सपोर्ट ब्रेकआउट पर नज़र रखने वाले ट्रेडर्स स्टॉप-लॉस सीमाओं को बेहतर ढंग से प्रबंधित कर सकते हैं। • ब्याज दरें: फेड और ईसीबी की मौद्रिक नीतियों में बदलाव के आधार पर डॉलर सूचकांक की गति से उभरते बाजारों की मुद्राओं पर असर पड़ सकता है। ऐसा क्यों हुआ यूरो-डॉलर जोड़ी में हालिया दबाव और सीमित दायरे में कारोबार के पीछे कई तकनीकी और व्यापक आर्थिक कारण मौजूद हैं। • तकनीकी प्रतिरोध: EUR/USD का भाव अपने 100-दिवसीय मूविंग एवरेज और 20-दिवसीय बॉलिंगर बैंड के नीचे बना हुआ है, जिससे मंदी का पूर्वाग्रह कायम है। • राजकोषीय अनिश्चितता: फ्रांस में 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड का 5% से ऊपर जाना और सार्वजनिक कटौती पर सामाजिक असंतोष यूरोपीय अर्थव्यवस्था पर दबाव बना रहा है। • केंद्रीय बैंकों का रुख: अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति में तात्कालिक वृद्धि की कम संभावना और ईसीबी के मुद्रास्फीति रुख से निवेशकों का दृष्टिकोण सतर्क बना हुआ है। सवाल-जवाब 1. EUR/USD के लिए मुख्य रेजिस्टेंस स्तर कौन से हैं? पहला तात्कालिक रेजिस्टेंस 1.1276 पर है, जिसके बाद अगला महत्वपूर्ण प्रतिरोध 100-दिवसीय मूविंग एवरेज के पास 1.1455 पर स्थित है। 2. EUR/USD के लिए सबसे महत्वपूर्ण सपोर्ट स्तर क्या हैं? पहला सपोर्ट 1.1185 के निचले स्तर पर है, जबकि सबसे महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक सपोर्ट स्तर 1.1000 पर बना हुआ है। 3. फ्रांसीसी बॉन्ड यील्ड में क्या बदलाव आया है? फ्रांस के 10-वर्षीय उधार की लागत बढ़कर 5% से ऊपर पहुंच गई है, जो पिछले 24 वर्षों में उच्चतम स्तर है। 4. वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में यूरो का कितना योगदान है? यूरो वैश्विक मुद्रा लेनदेन के लगभग 31% हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है, जिसका औसत दैनिक कारोबार $2.2 ट्रिलियन से अधिक है। https://trendkia.com/market/100-din-ke-moving-average-ke-neeche-eur-usd-mein-mandi-ka-dabav-barakar-jane-takniki-star-aur-vaishvik-bazaron-ka-hal-50854 TrendKia — Har trend, sabse pehle.