100-दिवसीय SMA के नीचे कमजोर हुआ AUD/JPY, मजबूत होते जापानी येन ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर बढ़ाया दबाव वैश्विक बाजार में जापानी येन में मजबूती और तकनीकी संकेतकों के दबाव के कारण AUD/JPY जोड़ी में गिरावट देखी जा रही है, जिससे यह 111.11 के करीब कारोबार कर रही है। वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और जापानी येन (AUD/JPY) की विनिमय दर में कमजोरी का दौर जारी है। शुक्रवार को यूरोपीय कारोबारी सत्र की शुरुआत में यह क्रॉस करेंसी जोड़ी गिरकर 111.11 के स्तर के आसपास कारोबार करती देखी गई, जो पिछले सत्र के बंद स्तर 111.32 से करीब 0.19 प्रतिशत नीचे है। बाजार विश्लेषकों के अनुसार, इस मुद्रा जोड़ी का निकट अवधि का रुख बेयरिश बना हुआ है। तकनीकी मोर्चे पर कमजोर रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) और प्रमुख मूविंग एवरेज के नीचे रहने से बिकवाली का दबाव साफ तौर पर देखा जा सकता है। वर्तमान में बाजार में जापानी येन की तरफ निवेशकों का झुकाव बढ़ा है, जिसका मुख्य कारण जापानी अधिकारियों द्वारा मुद्रा बाजार में संभावित हस्तक्षेप की आशंका है। जापानी येन और बैंक ऑफ जापान की मौद्रिक नीति जापानी येन (JPY) दुनिया की सबसे अधिक कारोबार वाली प्रमुख मुद्राओं में से एक है। इसकी कीमत व्यापक रूप से जापानी अर्थव्यवस्था के प्रदर्शन, बैंक ऑफ जापान (BOJ) की नीतियों और अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड के साथ ब्याज दरों के अंतर से तय होती है। हाल के दिनों में बैंक ऑफ जापान के रुख में बड़ा बदलाव देखा गया है। पिछले सप्ताह केंद्रीय बैंक ने अपनी नीतिगत ब्याज दर को 1.00 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत करने का निर्णय लिया था। यह फैसला 7-2 के बहुमत से लिया गया था, जिसने मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम चिह्नित किया। हालांकि, इस फैसले को बाजार ने बहुत अधिक आक्रामक या हॉकिश नहीं माना क्योंकि दो नीति निर्माताओं ने इस बढ़ोतरी का विरोध किया था। ब्याज दर बढ़ोतरी के बाद बैंक ऑफ जापान के गवर्नर काजुओ उएदा ने संकेत दिया कि वह आने वाले समय में नीति को और सख्त करने के पक्ष में हैं। उन्होंने अक्टूबर में एक और तत्काल बढ़ोतरी या भविष्य में बड़ी दर वृद्धि की संभावना से इनकार नहीं किया है। बैंक ऑफ जापान का एक मुख्य काम जापानी मुद्रा की कीमत को नियंत्रित करना भी है। ऐतिहासिक रूप से देखें तो 2013 से 2024 के बीच बैंक ऑफ जापान की अत्यधिक उदार मौद्रिक नीति के कारण येन की कीमत में बड़ी गिरावट आई थी। अमेरिकी फेडरल रिजर्व और अन्य केंद्रीय बैंकों की सख्त नीतियों की तुलना में जापान में दरें बहुत कम थीं, जिससे निवेशकों ने येन से दूरी बनाई। हालांकि, अब इस नीति को धीरे-धीरे खत्म करने और दरों में बढ़ोतरी करने से जापानी येन को वैश्विक स्तर पर मजबूती मिल रही है। ऑस्ट्रेलियाई अर्थव्यवस्था और रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया का रुख दूसरी ओर, ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (AUD) की बात करें तो बाजार को उम्मीद है कि रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) आगामी सप्ताह में अपनी नीतिगत दर में 25 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी कर सकता है। हालांकि गुरुवार को जारी ऑस्ट्रेलियाई श्रम बाजार के आंकड़ों में बेरोजगारी दर में मामूली वृद्धि दर्ज की गई थी, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह वृद्धि इतनी बड़ी नहीं है कि RBA को ब्याज दर बढ़ाने से रोक सके। ऑस्ट्रेलिया में मुद्रास्फीति को काबू में रखने के लिए केंद्रीय बैंक का रुख अभी भी सख्त बना हुआ है। इसके बावजूद, वैश्विक बाजार में जापानी येन के प्रति बढ़ते आकर्षण और अमेरिकी डॉलर की मजबूती के कारण ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर दबाव बना हुआ है, जिसके चलते AUD/JPY जोड़ी में रिकवरी की संभावनाएं सीमित दिखाई दे रही हैं। दैनिक चार्ट पर तकनीकी विश्लेषण और महत्वपूर्ण स्तर दैनिक मूल्य चार्ट पर AUD/JPY का तकनीकी ढांचा कमजोर नजर आ रहा है। यह जोड़ी वर्तमान में बोलिंगर बैंड के मध्य बैंड (111.80) और 100-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) के नीचे कारोबार कर रही है। जब तक कीमत इन महत्वपूर्ण स्तरों से नीचे बनी रहेगी, तब तक बाजार में बेयरिश सेंटिमेंट हावी रहने की आशंका है। वर्तमान में रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 43 के आसपास चल रहा है, जो यह दर्शाता है कि बाजार में गिरावट का रुख तो है लेकिन यह अभी अत्यधिक ओवरसोल्ड क्षेत्र में नहीं पहुंचा है। यह स्थिति स्पष्ट करती है कि बाजार में आने वाले किसी भी उछाल को ऊपरी स्तरों पर कड़े प्रतिरोध का सामना करना पड़ेगा। ऊपरी स्तरों पर पहला मजबूत प्रतिरोध बोलिंगर बैंड के मध्य स्तर यानी 111.70 से 111.80 के बीच दिखाई दे रहा है। यदि खरीदार इस स्तर को पार करने में सफल होते हैं, तो अगला बड़ा प्रतिरोध 112.80 के स्तर पर स्थित 100-दिवसीय SMA होगा। इसके बाद बोलिंगर बैंड का ऊपरी बैंड 114.18 पर एक कड़े अवरोध के रूप में काम करेगा। इसके विपरीत, नीचे की ओर पहला महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक सपोर्ट 110.00 के स्तर पर है। यदि यह जोड़ी 110.00 के सपोर्ट को तोड़ती है, तो अगला पड़ाव 14 सितंबर का निचला स्तर 109.67 हो सकता है। इसके बाद गिरावट बढ़ने पर बोलिंगर बैंड की निचली सीमा 109.20 और लाइव डेटा के अनुसार 108.88 के स्तर तक जा सकती है। सुरक्षित निवेश के रूप में येन और वैश्विक बाजार की स्थिति जापानी येन को वित्तीय बाजारों में एक सुरक्षित निवेश या सेफ-हेवन माना जाता है। इसका मतलब यह है कि जब भी वैश्विक अर्थव्यवस्था या भू-राजनीति में तनाव बढ़ता है, तो निवेशक जोखिम वाली संपत्तियों को बेचकर अपनी पूंजी को येन में लगाना पसंद करते हैं। वर्तमान में दुनिया भर में बढ़ते भू-राजनीतिक जोखिमों और बॉन्ड यील्ड में उतार-चढ़ाव के कारण सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ी है। इसके अतिरिक्त, अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने बॉन्ड यील्ड में अत्यधिक वृद्धि को नियंत्रित करने के लिए 6 अरब डॉलर मूल्य के दीर्घकालिक ट्रेजरी बॉन्ड वापस खरीदने की घोषणा की है। ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट द्वारा घोषित इस कदम का उद्देश्य बाजार में स्थिरता लाना है। इस बीच, अन्य बाजार क्षेत्रों पर नजर डालें तो अमेरिकी फेड के सख्त रुख और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने वैश्विक स्तर पर महंगाई की चिंता बढ़ा दी है। इस वजह से अमेरिकी बॉन्ड यील्ड बहु-वर्षीय उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। इन परिस्थितियों में सोने की कीमतें भी प्रभावित हुई हैं। एशिया में शुक्रवार को सोना अपने साप्ताहिक निचले स्तर 4,244 डॉलर से सुधरकर कारोबार कर रहा है लेकिन अभी भी 4,300 डॉलर के नीचे बना हुआ है। अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने से अन्य प्रमुख मुद्राओं जैसे कि AUD/USD में गिरावट देखी गई है, जो अगस्त के बाद से अपने सबसे निचले स्तर 0.7000 के पास कमजोर स्थिति में है। वहीं, USD/JPY जोड़ी में तेजी रुक गई है और यह हस्तक्षेप के डर से 159.00 के स्तर से थोड़ा नीचे कारोबार कर रही है। इसका आप पर असर वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में हो रहे इस बदलाव का भारतीय निवेशकों और आयातकों पर सीधा असर पड़ सकता है। • आयातकों पर प्रभाव: यदि येन में मजबूती जारी रहती है, तो जापान से आयात किए जाने वाले कलपुर्जे और तकनीकी सामान महंगे हो सकते हैं। इससे भारतीय विनिर्माण क्षेत्र की लागत में मामूली बढ़ोतरी होने की संभावना है। • फॉरेक्स ट्रेडिंग पर असर: भारतीय रिटेल फॉरेक्स ट्रेडर्स जो क्रॉस-करेंसी पेयर में निवेश करते हैं, उन्हें अत्यधिक सावधानी बरतनी चाहिए। बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ने से स्टॉप-लॉस हिट होने का खतरा बढ़ गया है। • निर्यातकों के लिए अवसर: जो भारतीय कंपनियां ऑस्ट्रेलिया और जापान दोनों बाजारों में निर्यात करती हैं, उन्हें विनिमय दरों में अस्थिरता के कारण अपनी हेजिंग रणनीतियों में बदलाव करना होगा। यह उनके मार्जिन को सुरक्षित रखने में मदद करेगा। ऐसा क्यों हुआ इस मुद्रा जोड़ी में गिरावट मुख्य रूप से दोनों देशों की मौद्रिक नीतियों में आ रहे बदलाव और बाजार में हस्तक्षेप के डर की वजह से हुई है। • बैंक ऑफ जापान की नीति में बदलाव: जापान द्वारा ब्याज दरों को 1.25 प्रतिशत तक बढ़ाना और आगे दरें बढ़ाने के संकेत देना येन को मजबूत कर रहा है। दशकों की ढीली नीति के खत्म होने से निवेशकों का भरोसा येन में बढ़ा है। • मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप का डर: जापानी सरकार द्वारा येन को बहुत अधिक कमजोर होने से बचाने के लिए प्रत्यक्ष हस्तक्षेप की चेतावनी दी गई है। इस चेतावनी ने बेयरिश ट्रेडर्स को भारी बिकवाली से पीछे हटने पर मजबूर किया है। • वैश्विक बॉन्ड यील्ड और महंगाई: अमेरिकी बॉन्ड यील्ड के बढ़ने और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से महंगाई की चिंताएं बढ़ी हैं। इस स्थिति में निवेशकों ने सुरक्षा के लिहाज से सुरक्षित निवेश के रूप में येन को प्राथमिकता दी है। सवाल-जवाब 1. AUD/JPY जोड़ी में वर्तमान में क्या रुझान दिख रहा है? AUD/JPY जोड़ी का हालिया रुझान बेयरिश है और यह 100-दिवसीय SMA तथा बोलिंगर मध्य बैंड के नीचे 111.11 के स्तर के आसपास कारोबार कर रही है। 2. बैंक ऑफ जापान ने हाल ही में ब्याज दरों में क्या बदलाव किया है? बैंक ऑफ जापान ने अपनी नीतिगत ब्याज दर को 7-2 के बहुमत से 1.00% से बढ़ाकर 1.25% कर दिया है, जो मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने की दिशा में एक कदम है। 3. यदि गिरावट जारी रहती है तो पहला प्रमुख सपोर्ट स्तर कौन सा है? नीचे की ओर पहला महत्वपूर्ण सपोर्ट स्तर 110.00 का मनोवैज्ञानिक स्तर है, जिसके टूटने पर अगला सपोर्ट 109.67 पर है। 4. ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर आगामी रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) के फैसले का क्या प्रभाव पड़ सकता है? बाजार को आगामी सप्ताह में RBA द्वारा दर में 25 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी की उम्मीद है, जिससे ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को कुछ समर्थन मिल सकता है लेकिन यह येन की मजबूती को पूरी तरह नहीं दबा पाएगा। 5. सुरक्षित निवेश के रूप में येन की क्या भूमिका है? मार्केट स्ट्रेस या भू-राजनीतिक तनाव के समय में निवेशक येन को एक सुरक्षित और स्थिर निवेश मानते हैं, जिससे अशांत समय में इसकी मांग और कीमत बढ़ जाती है। https://trendkia.com/market/100-divasiya-sma-ke-niche-kamajora-hua-aud-jpy-majabuta-hote-jpy-ne-aud-para-barhaya-dabava-38271 TrendKia — Har trend, sabse pehle.