159.25 के पास थमा जापानी येन, अमेरिका और जापान के दुर्लभ साझा हस्तक्षेप ने बदला बाज़ार का पूरा गणित जापानी येन डॉलर के मुकाबले 159.25 के आसपास ठहरा है, जहां तकनीकी रुझान ऊपर की ओर इशारा कर रहे हैं, लेकिन 2011 के बाद पहली बार हुए अमेरिका-जापान के साझा मुद्रा हस्तक्षेप ने पूरे परिदृश्य को नया रूप दे दिया है। तेज़ उछाल के बाद जापानी येन अब शांत पड़ गया है और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 159.25 के स्तर के करीब सिमटकर कारोबार कर रहा है। इस ठहराव के पीछे एक ऐसी घटना है जो बाज़ार ने पिछले डेढ़ दशक में नहीं देखी थी, यानी जापान और अमेरिका का मिलकर किया गया साझा मुद्रा हस्तक्षेप। लाइव आंकड़ों के मुताबिक यह जोड़ी फिलहाल 159.24 के आसपास घूम रही है, जो पिछले बंद स्तर 159.16 से मामूली 0.05% ऊपर है। यह सपाट सी हलचल इस बात को छिपा लेती है कि करेंसी की ज़मीन के नीचे कितनी बड़ी हलचल मच चुकी है। अभी की तस्वीर दो ताकतों के बीच खींचतान की है। एक तरफ तकनीकी संकेत छोटी अवधि में और ऊपर जाने की गुंजाइश दिखा रहे हैं, दूसरी तरफ सरकारी स्तर पर हुए इस दुर्लभ और तालमेल भरे कदम ने बुनियादी हालात को नए सिरे से गढ़ दिया है। येन बहुत नीचे के चरम स्तरों से जब वापस अपने असल मूल्य की ओर लौट रहा है, तो कारोबारी अब तकनीकी दायरों की सीमा और आधिकारिक कार्रवाई के ढांचागत असर, दोनों को एक साथ तौल रहे हैं। अभी येन कहां खड़ा है लाइव बाज़ार आंकड़ों के हिसाब से USD/JPY जोड़ी 159.24 के पास है और इसका दिन का पिवट स्तर 159.09 है। ऊपर की ओर तत्काल बाधाएं 159.61 और उसके बाद 159.98 पर हैं, जबकि नीचे की ओर सहारा 158.72 और फिर 158.20 के पास दिख रहा है। पिछले एक साल में यह जोड़ी 146.22 से 163.98 के बीच घूम चुकी है। मोमेंटम मापने वाला RSI इस समय 42 के आसपास है, जबकि ADX 39 पर होने से यह साफ है कि रुझान अभी भी मज़बूत बना हुआ है, भले ही रफ्तार थोड़ी थमी हो। यूओबी का नज़दीकी नक्शा यूओबी के क्वेक सेर लिआंग और ली सू एन का आकलन है कि सोमवार को डॉलर में आई तेज़ मज़बूती अब एक शांत ठहराव में बदल गई है और जोड़ी 159.25 के पास टिक गई है। उनका मानना है कि दिन के भीतर यह 158.95 से 159.60 के दायरे में सिमटी रह सकती है। भले ही छोटी अवधि के संकेतक अंदरूनी मज़बूती दिखा रहे हों, लेकिन बाज़ार बुरी तरह ओवरबॉट यानी हद से ज़्यादा खरीदा हुआ है, इसलिए 159.60 के पार किसी बड़ी और तेज़ छलांग की उम्मीद फिलहाल कम ही है। एक से तीन हफ्ते की व्यापक अवधि के लिए यूओबी का झुकाव अब भी ऊपर की ओर है, लेकिन यह दायरा 157.00 से 160.20 के बीच बंधा रहने की संभावना है। बैंक का कहना है कि जब तक भाव अपने 21 दिन के EMA के ऊपर टिका रहता है, तब तक मध्यम अवधि की मज़बूती बरकरार मानी जाएगी। दोनों विश्लेषकों के शब्दों में, "डॉलर का झुकाव भले ऊपर की ओर हो, लेकिन कोई भी बढ़त 157.00/160.20 के ऊंचे दायरे का ही हिस्सा रहने की संभावना है।" वह दुर्लभ आधिकारिक हाथ जिसने पासा पलटा अब असली कहानी यहीं से शुरू होती है। डीबीएस ग्रुप रिसर्च के चांग वेई लिआंग इस बात पर ज़ोर देते हैं कि यह इस साल जापान का दूसरा मुद्रा हस्तक्षेप है, लेकिन जो चीज़ इसे बेहद खास बनाती है वह है इसमें अमेरिका की सीधी और साझा भागीदारी। ऐसा तालमेल भरा हस्तक्षेप बहुत कम देखने को मिलता है। इससे पहले अमेरिका और जापान ने मिलकर आखिरी बार 15 साल पहले, यानी 2011 में यह कदम उठाया था, और तब मकसद उलटा था, यानी 2011 के तोहोकू भूकंप के बाद हद से ज़्यादा मज़बूत हो गए येन को कमज़ोर करना। चांग वेई लिआंग के मुताबिक येन का ऐतिहासिक रूप से कम आंका जाना अब इस साझा कार्रवाई के बाद घटने लगा है। बाज़ार का बुनियादी ढांचा इसलिए बदल गया है क्योंकि जब कोई कदम अकेले जापान नहीं, बल्कि अमेरिका के साथ मिलकर उठाता है, तो उसकी विश्वसनीयता कई गुना बढ़ जाती है। अमेरिकी ट्रेजरी की मौजूदगी क्यों मायने रखती है इस पूरे घटनाक्रम में अमेरिकी ट्रेजरी का शामिल होना सबसे बड़ी बात है। यह ऐसी घटना है जो 2011 के बाद पहली बार हुई है। जब वॉशिंगटन खुद इस मोर्चे पर आता है, तो इससे न सिर्फ आधिकारिक कार्रवाई पर बाज़ार का भरोसा गहरा होता है, बल्कि जापान को अकेले भारी-भरकम स्तर पर अपने ट्रेजरी भंडार बेचने की मजबूरी से भी राहत मिलती है। यानी जापान को अपने डॉलर भंडार को बड़े पैमाने पर घटाए बिना ही अपना मकसद हासिल करने में मदद मिल जाती है। इसी वजह से डीबीएस ग्रुप रिसर्च का कहना है कि इस कदम से अमेरिकी ट्रेजरी बाज़ार में उतार-चढ़ाव यानी वोलैटिलिटी का जोखिम भी घटता है। बाकी एशिया के लिए एक ढाल येन को बेतहाशा कमज़ोर होने से रोकने का असर सिर्फ जापान तक सीमित नहीं रहता। चांग वेई लिआंग बताते हैं कि जब येन बहुत कमज़ोर होता है, तो उसका दबाव दूसरी एशियाई मुद्राओं पर भी पड़ता है, खासकर उन पर जो पहले से ही अपने असल मूल्य से नीचे कारोबार कर रही हैं। इनमें दक्षिण कोरियाई वॉन (KRW) और चीनी रेनमिनबी (RMB) प्रमुख हैं। डीबीएस के डीईईआर मॉडल के हिसाब से ये दोनों करेंसी काफी कम आंकी गई हैं। उनके शब्दों में, "KRW और RMB दोनों हमारे DEER मॉडल के अनुसार काफी कम आंके गए हैं।" ऐसे में येन की कमज़ोरी पर लगाम लगाकर नीति-निर्माता असल में इन क्षेत्रीय मुद्राओं को अनचाहे बिकवाली दबाव से भी बचा रहे हैं। आने वाले हफ्तों का निचोड़ दोनों संस्थानों के आकलन को जोड़कर देखें तो एक साफ तस्वीर उभरती है। एक ओर USD/JPY जोड़ी तकनीकी रूप से ऊंचे स्तरों पर सहारा पाती रहेगी, लेकिन दूसरी ओर आधिकारिक कार्रवाई इस पर एक मज़बूत ढक्कन की तरह काम करेगी। यूओबी का अनुमान है कि छोटी अवधि की चाल 157.00 से 160.20 के बीच बंधी रहेगी और ओवरबॉट मोमेंटम 159.60 के पार किसी आक्रामक बढ़त को रोक देगा। वहीं डीबीएस ग्रुप रिसर्च का कहना है कि अमेरिका और जापान के इस अभूतपूर्व साझा हस्तक्षेप ने येन के लिए एक भरोसेमंद ढांचागत फर्श तैयार कर दिया है, जो आने वाले हफ्तों में जापान की अपनी करेंसी और व्यापक एशियाई मुद्रा बाज़ार, दोनों को स्थिरता देने में मदद करेगा। इसका आप पर असर • ट्रेडर्स के लिए: USD/JPY के 157.00 से 160.20 के दायरे में बंधे रहने की संभावना है और 159.60 के ऊपर बड़ी तेज़ी की उम्मीद कम है, इसलिए इस स्तर के आसपास आक्रामक लॉन्ग पोज़िशन जोखिम भरी हो सकती है। • निवेशकों के लिए: साझा हस्तक्षेप से करेंसी बाज़ार में उतार-चढ़ाव घटने की उम्मीद है, जिससे एशियाई मुद्राओं वॉन और रेनमिनबी में स्थिरता आ सकती है और उनसे जुड़े पोर्टफोलियो को राहत मिल सकती है। • कारोबारियों के लिए: जापान से आयात-निर्यात या येन में लेनदेन करने वाली कंपनियों के लिए करेंसी की चाल थोड़ी अनुमानित रह सकती है, जिससे हेजिंग की योजना बनाना आसान होगा। सवाल-जवाब 1. जापानी येन इस समय किस स्तर के आसपास कारोबार कर रहा है? येन अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 159.25 के करीब सिमटा हुआ है और लाइव आंकड़ों के मुताबिक जोड़ी 159.24 के आसपास है। 2. अमेरिका और जापान का साझा हस्तक्षेप इतना खास क्यों है? ऐसा तालमेल भरा हस्तक्षेप बहुत दुर्लभ है, और अमेरिका की सीधी भागीदारी आधिकारिक कार्रवाई की विश्वसनीयता को कई गुना बढ़ा देती है। 3. इससे पहले दोनों देशों ने मिलकर आखिरी बार कब हस्तक्षेप किया था? इससे पहले अमेरिका और जापान ने 15 साल पहले 2011 में मिलकर हस्तक्षेप किया था, तब मकसद 2011 के तोहोकू भूकंप के बाद ज़्यादा मज़बूत हुए येन को कमज़ोर करना था। 4. यूओबी के मुताबिक USD/JPY किस दायरे में रह सकती है? यूओबी दिन में 158.95 से 159.60 और एक से तीन हफ्ते में 157.00 से 160.20 के दायरे की उम्मीद कर रहा है। 5. इस हस्तक्षेप का दूसरी एशियाई मुद्राओं पर क्या असर होगा? येन की कमज़ोरी पर लगाम लगाने से दक्षिण कोरियाई वॉन और चीनी रेनमिनबी जैसी कम आंकी गई मुद्राओं पर बिकवाली दबाव घटता है। 6. अमेरिकी ट्रेजरी के शामिल होने का क्या फायदा है? इससे जापान को अकेले भारी मात्रा में ट्रेजरी बेचने की मजबूरी से राहत मिलती है और ट्रेजरी बाज़ार में उतार-चढ़ाव का जोखिम घटता है। https://trendkia.com/market/159-25-ke-pasa-thama-japanese-yen-america-aura-japan-ke-durlabha-sajha-hastakshepa-ne-badala-bazara-ka-pura-ganita-15928 TrendKia — Har trend, sabse pehle.