# 160.00 के स्तर के पार मजबूती से टिका USD/JPY, मध्य पूर्व तनाव से क्रूड ऑयल और डॉलर में तेजी

> जापानी येन पर दबाव और अमेरिकी डॉलर की लगातार मजबूती से USD/JPY 160.00 के ऊपर बना हुआ है। वहीं, मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण क्रूड ऑयल और डीजल की कीमतों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-09-02 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/160-00-ke-stara-ke-para-majabuti-se-tika-usd-jpy-middle-east-tanava-se-crude-oil-aura-us-dollar-men-teji-26172 · **Language:** Hindi
**Tags:** USD/JPY, जापानी येन, अमेरिकी डॉलर, कच्चा तेल, फॉरेक्स मार्केट, बैंक ऑफ जापान, फेडरल रिजर्व, क्रूड ऑयल, finance

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में जापानी येन (JPY) के मुकाबले अमेरिकी डॉलर (USD) की मजबूती लगातार बनी हुई है। USD/JPY करेंसी पेयर 160.00 के मनोवैज्ञानिक स्तर से ऊपर कारोबार कर रहा है और 160.20 के स्तर पर पहुंच गया है, जो पिछले बंद स्तर 159.75 से 0.28 प्रतिशत की बढ़त दर्शाता है। जुलाई के उत्तरार्ध (31 जुलाई) के बाद से यह इस जोड़ी का उच्चतम स्तर है। हालांकि एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान 160.50 के स्तर के पास थोड़ी सुस्ती देखी गई, लेकिन व्यापक तेजी का रुझान अब भी बरकरार है। जापान की राजकोषीय चुनौतियों और बैंक ऑफ जापान (BoJ) तथा अमेरिकी फेडरल रिजर्व के बीच ब्याज दरों के व्यापक अंतर ने जापानी येन पर लगातार दबाव बनाए रखा है।

## जापानी येन पर दबाव और कैरी ट्रेड की भूमिका
जापान और अमेरिका के बीच ब्याज दरों का बड़ा अंतर निवेशकों को JPY कैरी ट्रेड की ओर आकर्षित कर रहा है। निवेशक कम ब्याज दर वाली करेंसी येन में कर्ज लेकर उच्च प्रतिफल वाली संपत्तियों में निवेश कर रहे हैं, जिससे येन की विनिमय दर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। दूसरी ओर, बैंक ऑफ जापान (BoJ) द्वारा निकट भविष्य में अपनी मौद्रिक नीति को कड़ा करने और ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदें डॉलर की ऊपरी बढ़त को कुछ हद तक सीमित कर रही हैं। इसके अलावा, विदेशी मुद्रा बाजार के कारोबारी शुक्रवार को जारी होने वाली अमेरिकी नॉन-फॉर्म पेरोल (NFP) रिपोर्ट का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, जिससे फेडरल रिजर्व के अगले कदमों का संकेत मिलेगा।

## तकनीकी संकेतक और मुख्य सपोर्ट व रेजिस्टेंस स्तर
तकनीकी चार्ट पर USD/JPY का रुझान काफी सकारात्मक बना हुआ है। 4-घंटे के चार्ट पर यह पेयर 200-पीरियड सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) के ऊपर मजबूत स्थिति में है। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 54 के स्तर पर बना हुआ है, जबकि 14-दिन का ADX 37 पर है, जो एक मजबूत ट्रेंड की ओर इशारा करता है। वहीं MACD इंडिकेटर -0.21 पर है, जो सिग्नल लाइन -0.44 के ऊपर और हिस्टोग्राम 0.23 के साथ बुलिश क्रॉसओवर प्रदर्शित कर रहा है। मूविंग एवेरजेज में 20-डे EMA 159.60, 50-डे EMA 160.04 और 200-डे EMA 157.83 पर स्थित है। 50-डे EMA का 200-डे EMA से ऊपर होना (गोल्डन क्रॉस) लंबी अवधि के अपट्रेंड की पुष्टि करता है।

गिरावट की स्थिति में USD/JPY के लिए 159.62 पर स्थित 50.0 प्रतिशत फिबोनाची (Fibo) रिट्रेसमेंट पहला मजबूत सपोर्ट जोन प्रदान करता है। यदि बिकवाली का दबाव बढ़ता है, तो अगला सपोर्ट 38.2 प्रतिशत फिबोनाची स्तर यानी 158.59 के आसपास होगा। इसके बाद 23.6 प्रतिशत फिबोनाची रिट्रेसमेंट का 157.32 का स्तर महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच साबित हो सकता है। ऊपर की ओर, तत्काल पिवट बिंदु 160.23 है, जबकि पहला रेजिस्टेंस R1 160.36 और R2 160.52 पर है। इस पेयर की 52-सप्ताह की रेंज 146.22 से 163.98 के बीच रही है।

## जीबीपी और यूरो पर अमेरिकी डॉलर का दबाव
ग्लोबल मार्केट में अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में आई तेजी का असर अन्य प्रमुख वैश्विक मुद्राओं पर भी साफ देखा जा रहा है। ब्रिटिश पाउंड (GBP/USD) दबाव में आकर 1.3500 के निचले स्तरों की ओर खिसक गया है, जो दो सप्ताह का निचला स्तर है। अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बीच निवेशक सुरक्षित निवेश के रूप में डॉलर को प्राथमिकता दे रहे हैं।

इसी तरह, यूरो (EUR/USD) में भी गिरावट दर्ज की गई है। EUR/USD पेयर 1.1600 के प्रमुख सपोर्ट स्तर को तोड़कर नीचे आ गया है। अमेरिकी अर्थव्यवस्था से आए मिश्रित आंकड़ों के बावजूद डॉलर में आई रिकवरी ने यूरो की विनिमय दर को प्रभावित किया है। पिछले 30 दिनों के मुद्रा प्रदर्शन सूचकांक के अनुसार जापानी येन न्यूजीलैंड डॉलर के मुकाबले सबसे ज्यादा मजबूत रहा, लेकिन अमेरिकी डॉलर के सामने इसे लगातार संघर्ष करना पड़ रहा है।

## मध्य पूर्व में सैन्य तनाव और क्रूड ऑयल में रिकॉर्ड तेजी
विदेशी मुद्रा बाजार के अलावा ऊर्जा और जिंस बाजारों में भी बड़ा हलचल देखने को मिल रहा है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड की रिपोर्ट के अनुसार, संयुक्त राज्य अमेरिका के सैन्य बलों ने ईरान में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं। इन हमलों के तहत केसम द्वीप (Qeshm Island), हॉर्मूज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के आसपास के क्षेत्रों और दक्षिणी ईरान में बड़े धमाकों की खबर है। इस सैन्य कार्रवाई के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है।

वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड ऑयल लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में तेजी दर्ज करते हुए 24 जुलाई के बाद के अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। पिछले छह कारोबारी दिनों में से पांच दिन क्रूड ऑयल में सकारात्मक रुझान देखा गया है। वहीं, रिफाइनिंग सेक्टर में डीजल क्रैक स्प्रेड (WTI के मुकाबले अल्ट्रा-लो सल्फर डीजल फ्यूचर्स का प्रीमियम) इतिहास में पहली बार $100 प्रति बैरल के आंकड़े को पार कर गया और इंट्राडे ट्रेडिंग में $102.00 के रिकॉर्ड स्तर तक जा पहुंचा।

## सोने की कीमतों में गिरावट और महंगाई की आशंका
सैन्य संघर्ष और महंगे ईंधन के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था में मुद्रास्फीति (महंगाई) बढ़ने का जोखिम गहरा गया है। इस वजह से अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को उच्च स्तर पर बनाए रखने या दरों में और वृद्धि करने की संभावनाएं मजबूत हुई हैं। इसका सीधा असर सोने के बाजार पर पड़ा है।

एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना गिरकर लगभग चार सप्ताह के निचले स्तर पर आ गया और $4,300 प्रति औंस के स्तर से नीचे फिसलने की कगार पर पहुंच गया। निवेशक बॉन्ड यील्ड और डॉलर की मजबूती को देखते हुए बुलियन मार्केट से पैसा निकाल रहे हैं, जिससे कीमती धातुओं में बिकवाली देखी जा रही है।

## इसका आप पर असर
वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार और कच्चे तेल में जारी यह उथल-पुथल सीधे तौर पर भारतीय अर्थव्यवस्था, आयात लागत और व्यक्तिगत निवेश पोर्टफोलियो को प्रभावित करती है।

- **भारत में मुद्रा और आयात लागत:** डॉलर के मजबूत होने और कच्चे तेल के $100+ प्रति बैरल के पास जाने से भारत का आयात बिल बढ़ेगा। इसके परिणामस्वरूप आने वाले हफ्तों में भारतीय रुपये (INR) पर दबाव बढ़ सकता है और पेट्रोल-डीजल की कीमतें प्रभावित हो सकती हैं।
- **भारतीय रिटेल निवेशकों पर असर:** अंतरराष्ट्रीय सोने की कीमतों में गिरावट से घरेलू सर्राफा बाजार में सोना सस्ता हो सकता है। यह उन खरीदारों और निवेशकों के लिए खरीदारी का मौका बन सकता है जो पिछले उच्च स्तरों के कारण रुक गए थे।
- **फिक्स्ड इनकम और इंटरेस्ट रेट्स:** वैश्विक स्तर पर महंगाई बढ़ने की आशंका से अमेरिकी और भारतीय केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में कटौती टाल सकते हैं। इससे लोन लेने वाले ग्राहकों को होम लोन और कार लोन की EMI में राहत के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।
- **ट्रेडर्स और फॉरेक्स इन्वेस्टर्स:** 160.00 का स्तर USD/JPY पेयर के लिए एक महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस और सपोर्ट जोन बन चुका है। जो ट्रेडर्स अंतरराष्ट्रीय करेंसी मार्केट में ट्रेडिंग करते हैं, उन्हें शुक्रवार को आने वाले NFP डेटा तक कड़े स्टॉप-लॉस का पालन करना चाहिए।

## ऐसा क्यों हुआ
USD/JPY की 160.00 के ऊपर मजबूती और ऊर्जा बाजार में अचानक आई तेजी के पीछे कई मौद्रिक और भू-राजनीतिक कारक जिम्मेदार हैं।

- **ब्याज दरों का व्यापक अंतर:** फेडरल रिजर्व की उच्च ब्याज दर नीति और बैंक ऑफ जापान की उदार मौद्रिक नीति के कारण अंतर-देशीय दर का अंतर बहुत बड़ा है। यह निवेशकों को लगातार जापानी येन बेचकर अमेरिकी डॉलर खरीदने के लिए प्रोत्साहित करता है।
- **मध्य पूर्व में सैन्य संघर्ष:** अमेरिका द्वारा ईरान में IRGC के ठिकानों और हॉर्मूज़ जलडमरूमध्य क्षेत्र पर किए गए हवाई हमलों ने कच्चे तेल की आपूर्ति को लेकर वैश्विक चिंताएं बढ़ा दी हैं।
- **डीजल सप्लाई में कमी:** रिफाइनिंग क्षमताओं में आई अड़चनों और भू-राजनीतिक तनाव के कारण डीजल क्रैक स्प्रेड ऐतिहासिक रूप से $102.00 प्रति बैरल के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है, जिससे ऊर्जा बाजार में तेजी आई है।
- **आगामी मैक्रो डेटा की अनिश्चितता:** शुक्रवार को जारी होने वाले अमेरिकी नॉन-फॉर्म पेरोल (NFP) आंकड़ों से पहले निवेशक सुरक्षित परिसंपत्तियों में डॉलर को तरजीह दे रहे हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. USD/JPY करेंसी पेयर वर्तमान में किस स्तर पर कारोबार कर रहा है?
USD/JPY करेंसी पेयर 160.00 के प्रमुख स्तर से ऊपर 160.20 के आसपास कारोबार कर रहा है, जो 31 जुलाई के बाद का उच्चतम स्तर है।

### 2. जापानी येन में लगातार कमजोरी का मुख्य कारण क्या है?
जापान की राजकोषीय चुनौतियां और बैंक ऑफ जापान तथा अमेरिकी फेडरल रिजर्व के बीच ब्याज दरों का बड़ा अंतर येन की कमजोरी का मुख्य कारण है।

### 3. तकनीकी चार्ट पर USD/JPY के लिए कौन से मुख्य सपोर्ट स्तर हैं?
USD/JPY के लिए पहला सपोर्ट 50.0% फिबोनाची स्तर पर 159.62 है, जिसके बाद 38.2% स्तर पर 158.59 और 23.6% स्तर पर 157.32 पर सपोर्ट मौजूद है।

### 4. मध्य पूर्व तनाव का कच्चे तेल और डीजल पर क्या असर पड़ा है?
ईरान में सैन्य ठिकानों पर अमेरिकी हमलों के बाद WTI क्रूड ऑयल 24 जुलाई के बाद के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया और डीजल क्रैक स्प्रेड रिकॉर्ड $102.00 प्रति बैरल पर दर्ज किया गया।

### 5. सोने की कीमतों में हालिया गिरावट क्यों देखी जा रही है?
कच्चे तेल में तेजी से महंगाई की आशंका बढ़ी है, जिससे फेड द्वारा ब्याज दरें ऊंची रखने की संभावना के कारण सोना गिरकर $4,300 प्रति औंस से नीचे चार हफ्ते के निचले स्तर पर आ गया।

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