53000 के स्तर पर लौटा डाउ जोंस: बॉन्ड मार्केट के सहारे अमेरिकी शेयर बाजार में 250 अंकों की रिकवरी अमेरिकी शेयर बाजार में तीन दिनों की गिरावट के बाद डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज 250 अंक बढ़कर 53,000 के पार पहुंच गया है। कमजोर रोजगार आंकड़ों और मध्य पूर्व के तनाव के बीच निवेशकों की नजर फेडरल रिजर्व के आगामी कदमों पर टिकी है। अमेरिकी शेयर बाजार में पिछले तीन कारोबारी सत्रों से जारी गिरावट का दौर आखिरकार थम गया है। डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज (DJIA) बुधवार को 52,750 अंक के स्तर पर खुलने के बाद शुरुआती कारोबार में 50-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) 52,700 के निचले स्तर तक फिसल गया था। हालांकि, इसके तुरंत बाद बाजार में जोरदार खरीदारी देखने को मिली, जिससे इंडेक्स अपनी पूरी गिरावट को वसूलते हुए लगभग 250 अंक यानी 0.5 प्रतिशत की बढ़त के साथ 53,000 अंक के महत्वपूर्ण स्तर पर वापस आ गया। इस तेजी को सीधे तौर पर शेयर बाजार का मौलिक बदलाव नहीं माना जा सकता, क्योंकि डाउ जोंस में शामिल 30 प्रमुख कंपनियों की बुनियादी स्थिति में मंगलवार और बुधवार के बीच कोई बड़ा बदलाव नहीं आया है। बाजार की इस रिकवरी में बॉन्ड मार्केट और व्यापक मैक्रोइकोनॉमिक घटनाक्रमों की अहम भूमिका रही है। रोजगार के कमजोर आंकड़े और फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति अमेरिकी अर्थव्यवस्था के हालिया आंकड़े शेयर बाजार के लिए मिले-जुले संकेत दे रहे हैं। प्राइवेट पेरोल के आंकड़ों के अनुसार, अगस्त महीने में निजी क्षेत्र में 38K नई नौकरियां जुड़ी हैं, जबकि बाजार विशेषज्ञों ने 47K का अनुमान जताया था। इससे पहले जुलाई महीने में यह आंकड़ा 46K दर्ज किया गया था। अगस्त का यह आंकड़ा चालू वर्ष में जनवरी के बाद का सबसे निचला स्तर है। रोजगार में हुई इस सुस्ती का मुख्य हिस्सा स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में देखा गया, जबकि कई अन्य क्षेत्रों में नौकरियों में कटौती दर्ज की गई है। सामान्य आर्थिक चक्र में रोजगार डेटा का कमजोर होना शेयर बाजार के लिए सकारात्मक माना जाता है, क्योंकि इससे केंद्रीय बैंक (फेडरल रिजर्व) द्वारा ब्याज दरों में कटौती की संभावना बढ़ जाती है और शेयरों के मूल्यांकन को सहारा मिलता है। हालांकि, इस बार बाजार का पारंपरिक तंत्र ठीक से काम नहीं कर रहा है। फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष ने हालिया संगोष्ठी में स्पष्ट किया था कि गर्मियों के दौरान आए मु्द्रास्फीति के आंकड़े यह साबित करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं कि अर्थव्यवस्था में अंतर्निहित महंगाई का रुझान पूरी तरह से सुधर चुका है। इसके परिणामस्वरूप, वित्तीय बाजार सितंबर की बैठक में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की 66 प्रतिशत संभावना मानकर चल रहे हैं, जो एक सप्ताह पहले दर्ज की गई 40 प्रतिशत संभावना से काफी अधिक है। जब रोजगार बाजार में सुस्ती के बावजूद ब्याज दरें बढ़ने की आशंका बनी रहती है, तो इंडेक्स में आने वाली तेजी को केवल आर्थिक वृद्धि के आधार पर नहीं आंका जा सकता। आज के कारोबार में मुख्य रूप से एनवीडिया (NVDA) और जॉनसन एंड जॉनसन (JNJ) के शेयरों ने डाउ जोंस को ऊपर खींचने में सबसे बड़ा योगदान दिया, और इन दोनों कंपनियों की तेजी का पेरोल डेटा से कोई सीधा संबंध नहीं था। डाउ जोंस के लिए महत्वपूर्ण तकनीकी स्तर और रुझान तकनीकी विश्लेषण के नजरिए से, डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज के लिए तत्काल प्रतिरोध स्तर 53,200 अंक पर स्थित है, जो आज के कारोबारी सत्र का उच्चतम स्तर भी रहा है। इसके ऊपर 53,500 का स्तर एक प्रमुख रुकावट के रूप में काम कर रहा है, जिसने पिछले सप्ताह से बाजार की हर तेजी को सीमित किया है। यदि इंडेक्स इस स्तर को पार करने में सफल होता है, तो अगला प्रतिरोध दायरा 53,800 अंक और 54,000 अंक के आसपास बनेगा। डाउ जोंस का ऑल-टाइम रिकॉर्ड हाई 54,750 अंक के करीब है, जो वर्तमान स्तर से लगभग 3 प्रतिशत ऊपर स्थित है। सपोर्ट स्तरों की बात करें तो 53,000 का मनोवैज्ञानिक स्तर अब एक मजबूत आधार बन चुका है जिसे बुल्स को शुक्रवार तक बचाकर रखना होगा। इसके नीचे, 50-दिवसीय EMA का 52,700 का स्तर सबसे अहम सपोर्ट है, जहां से आज की रिकवरी शुरू हुई थी और जिस पर अगस्त महीने की पूरी तेजी टिकी हुई थी। इसके बाद 52,500 का स्तर अगला सपोर्ट है। फिलहाल 200-दिवसीय EMA 50,000 के आसपास है, जो वर्तमान में खतरे से काफी दूर है। दैनिक स्टोकेस्टिक रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (Stoch RSI) 34 के स्तर पर स्थिर हो गया है, जो यह संकेत देता है कि निचले स्तरों पर बिकवाली का दबाव थम चुका है। जब तक 52,700 का स्तर कायम रहता है, बाजार का रुझान तेजी का बना हुआ है। यदि डाउ जोंस इस स्तर से नीचे बंद होता है, तो बियर्स को नियंत्रण मिल जाएगा और इंडेक्स 52,000 तक गिर सकता है। ऊर्जा बाजार और हॉर्मुज जलडमरूमध्य में वैश्विक स्थिति शेयर बाजार के अलावा वैश्विक ऊर्जा बाजार और कमोडिटी प्रवाह पर भी निवेशकों की पैनी नजर बनी हुई है। अमेरिकी ऊर्जा सचिव के बयानों के अनुसार, हॉर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से सोमवार को 17 मिलियन बैरल से अधिक कच्चा तेल निकाला गया, जो इस युद्ध काल का एक नया रिकॉर्ड है। यदि सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात की बाईपास पाइपलाइनों को शामिल किया जाए, तो क्षेत्रीय निर्यात का आंकड़ा युद्ध से पहले के 20 मिलियन बैरल प्रति दिन (bpd) के स्तर को भी पार कर गया है। हालांकि, जहाजों की ट्रैकिंग करने वाले स्वतंत्र डेटा से एक अलग तस्वीर सामने आती है। प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, सोमवार को हॉर्मुज जलडमरूमध्य से केवल 5 कमोडिटी जहाज गुजरे, जबकि 10-दिवसीय औसत 14 जहाजों का है। इनमें से एक भी तरल ईंधन टैंकर नहीं था। बाद में संशोधित ट्रैकिंग डेटा में कच्चे तेल के प्रवाह का अनुमान बढ़ाकर 8.6 मिलियन बैरल प्रति दिन किया गया, जो कि आधिकारिक दावों का लगभग आधा है। इस विसंगति की मुख्य वजह ट्रांसपोंडर बंद करके यात्रा करने वाले जहाजों की बढ़ती संख्या है। इस बीच, वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) कच्चे तेल की कीमत में लगातार तीसरे दिन तेजी दर्ज की गई और यह 24 जुलाई के बाद के अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। दूसरी ओर, अमेरिका में अल्ट्रा-लो सल्फर डीजल फ्यूचर्स का क्रैक स्प्रेड पहली बार $100 प्रति बैरल को पार कर $102.00 के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया, जो रिफाइनिंग सेक्टर में जारी दबाव को दर्शाता है। डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज का इतिहास और इसकी कार्यप्रणाली डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज दुनिया के सबसे पुराने और सबसे प्रतिष्ठित शेयर बाजार सूचकांकों में से एक है। इसकी स्थापना चार्ल्स डाउ द्वारा की गई थी, जिन्होंने द वॉल स्ट्रीट जर्नल की भी नींव रखी थी। यह सूचकांक अमेरिका की 30 सबसे बड़ी और सबसे अधिक कारोबार वाली ब्लू-चिप कंपनियों के प्रदर्शन को ट्रैक करता है। अन्य आधुनिक सूचकांकों के विपरीत, जो मार्केट कैपिटलाइजेशन पर आधारित होते हैं, डाउ जोंस एक प्राइस-वेटेड सूचकांक है। इसका मतलब यह है कि इसमें शामिल कंपनियों के शेयरों की कीमतें सूचकांक के मूल्य को तय करती हैं, न कि उनका कुल बाजार मूल्य। इसका हिसाब लगाने के लिए सभी 30 कंपनियों के शेयर मूल्यों को जोड़ा जाता है और उन्हें एक विशेष भाजक (Divisor) से विभाजित किया जाता है, जो वर्तमान में 0.152 है। समय-समय पर डाउ जोंस की आलोचना भी होती रही है। विश्लेषकों का मानना है कि केवल 30 कंपनियों को शामिल करने के कारण यह सूचकांक पूरी अमेरिकी अर्थव्यवस्था का व्यापक प्रतिनिधित्व नहीं करता, जैसा कि एस एंड पी 500 (S&P 500) करता है। डाउ जोंस की चाल को कई कारक प्रभावित करते हैं। इनमें कंपनियों के तिमाही वित्तीय परिणाम (Earnings Reports), अमेरिकी और वैश्विक मैक्रोइकोनॉमिक आंकड़े, और फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीतियां मुख्य हैं। ब्याज दरों का स्तर सीधे तौर पर कॉर्पोरेट कर्ज की लागत को प्रभावित करता है, जिससे कंपनियों के मुनाफे और शेयर बाजार की धारणा पर असर पड़ता है। डाउ थ्योरी और व्यापार करने के लोकप्रिय तरीके तकनीकी विश्लेषण में डाउ थ्योरी (Dow Theory) का एक विशेष स्थान है, जिसे चार्ल्स डाउ ने बाजार के प्राथमिक रुझान को पहचानने के लिए विकसित किया था। इस सिद्धांत का मुख्य नियम यह है कि डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज (DJIA) और डाउ जोंस ट्रांसपोर्टेशन एवरेज (DJTA) दोनों को एक ही दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। केवल तभी किसी ट्रेंड को वास्तविक और टिकाऊ माना जाता है। इस सिद्धांत में ट्रेडिंग वॉल्यूम को रुझान की पुष्टि करने वाले कारक के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। डाउ थ्योरी बाजार के चक्र को तीन चरणों में बांटती है: संचय (Accumulation) जब बड़े निवेशक शेयर खरीदना या बेचना शुरू करते हैं, सार्वजनिक भागीदारी (Public Participation) जब आम निवेशक बाजार में प्रवेश करते हैं, और वितरण (Distribution) जब बड़े निवेशक मुनाफा वसूल कर बाहर निकल जाते हैं। निवेशक डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज में विभिन्न वित्तीय साधनों के माध्यम से निवेश और ट्रेडिंग कर सकते हैं। इसके लिए एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ETF) सबसे लोकप्रिय विकल्प हैं, जैसे कि SPDR Dow Jones Industrial Average ETF (DIA), जो निवेशकों को एक ही सिक्योरिटी के जरिए सभी 30 कंपनियों में निवेश का अवसर देता है। इसके अलावा, फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट्स के जरिए व्यापारी इंडेक्स के भावी मूल्य पर दांव लगा सकते हैं, जबकि ऑप्शंस कॉन्ट्रैक्ट्स निवेशकों को जोखिम प्रबंधन का विकल्प देते हैं। म्यूचुअल फंड भी निवेशकों को डाउ जोंस की घटक कंपनियों के विविध पोर्टफोलियो में हिस्सा खरीदने की सुविधा प्रदान करते हैं। करेंसी और क्रिप्टो बाजार का ताजा हाल बुधवार के कारोबारी सत्र में अन्य वित्तीय बाजारों में भी काफी हलचल देखने को मिली। ब्रिटिश पाउंड (GBP/USD) में लगातार गिरावट जारी रही और यह फिसलकर 1.3470 के स्तर के करीब आ गया, जो चार सप्ताह का निचला स्तर है। अमेरिकी डॉलर में मजबूती और भू-राजनीतिक चिंताओं ने पाउंड पर दबाव बनाया। इसके विपरीत, यूरो (EUR/USD) ने सत्र के उत्तरार्ध में गति पकड़ी और 1.1600 की ओर बढ़ गया। अमेरिकी डॉलर में यह कमजोरी जापानी येन को समर्थन देने के लिए विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप की संभावनाओं और कमजोर रोजगार आंकड़ों के कारण आई। डॉलर सूचकांक में गिरावट के कारण सोने (XAU/USD) की कीमतों में जोरदार उछाल देखा गया, जिससे दिन की शुरुआती सारी हानि धुल गई। दूसरी ओर, क्रिप्टोकरेंसी बाजार में सतर्कता का माहौल बना हुआ है। बिटकॉइन (BTC) $77,000 के अपने अल्पकालिक समर्थन स्तर के आसपास बना हुआ है। एथेरियम (ETH) में गिरावट दर्ज की गई और यह $2,400 के करीब पहुंच गया, जबकि रिपल (XRP) में भी मंदी का रुख बना हुआ है। आने वाले दिनों में बाजार की दिशा गुरुवार को जारी होने वाले आईएसएम सर्विसेज पीएमआई (ISM Services PMI) आंकड़ों और फेडरल रिजर्व के अधिकारियों के बयानों से तय होगी। इसका आप पर असर अमेरिकी शेयर बाजार और ब्याज दरों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर भारतीय निवेशकों और आम नागरिकों की जेब पर पड़ता है। • भारत में निवेशकों के लिए: अमेरिकी बाजारों में रिकवरी से भारतीय शेयर बाजारों (निफ्टी और सेंसेक्स) को राहत मिलेगी। आईटी और टेक शेयरों में निवेश करने वाले भारतीय म्यूचुअल फंड निवेशकों के पोर्टफोलियो में स्थिरता आ सकती है। • वैश्विक यात्रियों और छात्रों के लिए: डॉलर की मजबूती और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से रुपया दबाव में आ सकता है। इससे अमेरिका में पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्रों का खर्च बढ़ेगा और विदेश यात्रा महंगी हो सकती है। • पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर: कच्चे तेल और डीजल क्रैक स्प्रेड में तेजी से भारत में ईंधन आयात का बिल बढ़ेगा। यदि कच्चे तेल के दाम लंबे समय तक ऊंचे रहे तो आने वाले समय में घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल के दाम प्रभावित हो सकते हैं। • क्रिप्टो निवेशकों के लिए: बिटकॉइन का $77,000 पर स्थिर होना सतर्कता का संकेत है। भारतीय क्रिप्टो निवेशकों को एथेरियम और अन्य एल्टकॉइन्स में अल्पकालिक उतार-चढ़ाव के प्रति सावधान रहना चाहिए। सवाल-जवाब 1. बुधवार को डाउ जोंस में कितनी तेजी दर्ज की गई? डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज लगभग 250 अंक यानी 0.5 प्रतिशत बढ़कर 53,000 के स्तर पर वापस आ गया। 2. अगस्त महीने में अमेरिका में कितनी नई प्राइवेट नौकरियां जुड़ीं? अगस्त में केवल 38K निजी नौकरियां जुड़ीं, जो कि अनुमानित 47K से कम और जनवरी के बाद का सबसे निचला स्तर है। 3. फेडरल रिजर्व की सितंबर बैठक में ब्याज दर बढ़ने की कितनी संभावना जताई जा रही है? वायदा बाजार के आंकड़ों के अनुसार सितंबर में ब्याज दर बढ़ने की संभावना 66 प्रतिशत तक पहुंच गई है। 4. डाउ जोंस के लिए मुख्य सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तर क्या हैं? तत्काल रेजिस्टेंस 53,200 और 53,500 पर है, जबकि मुख्य सपोर्ट 53,000 और 52,700 (50-दिवसीय EMA) पर स्थित है। 5. डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज का हिसाब कैसे लगाया जाता है? यह एक प्राइस-वेटेड इंडेक्स है जिसमें 30 कंपनियों के शेयर मूल्यों को जोड़कर 0.152 के भाजक से विभाजित किया जाता है। https://trendkia.com/market/53000-ke-stara-para-lauta-dow-jones-bonda-marketa-ke-sahare-ameriki-sheyara-bajara-men-250-ankon-ki-rikavari-26629 TrendKia — Har trend, sabse pehle.