71% मुनाफा बढ़ने के बाद भी क्यों फिसल रहे वेदांता के शेयर, जानिए ब्रोकरेज की राय अनिल अग्रवाल की मेटल कंपनी वेदांता का पहली तिमाही का मुनाफा सालाना आधार पर 71% उछला, फिर भी शुक्रवार को शेयर दबाव में रहे। जानिए एमके ग्लोबल और मोतीलाल ओसवाल इस पर क्या कह रहे हैं। अनिल अग्रवाल के नेतृत्व वाली मेटल और माइनिंग दिग्गज वेदांता लिमिटेड के शेयर शुक्रवार, 31 जुलाई को दबाव में कारोबार करते दिखे। यह गिरावट कंपनी के वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के नतीजे आने के ठीक एक दिन बाद देखने को मिली, जबकि नतीजों में कंपनी ने सालाना आधार पर मुनाफे में 71% की जोरदार बढ़ोतरी दर्ज की थी। यानी नंबर मजबूत थे, लेकिन बाजार की चाल उल्टी रही। सुबह 11 बजे तक वेदांता का शेयर बीएसई पर 0.24% की गिरावट के साथ 266.95 रुपये प्रति शेयर पर कारोबार कर रहा था। इस दौरान कंपनी का मार्केट कैप 1,04,329.15 करोड़ रुपये रहा। कारोबारी सत्र के दौरान शेयर ने 269.00 रुपये का इंट्राडे हाई और 263.20 रुपये का इंट्राडे लो छुआ। पहली तिमाही में तगड़ा मुनाफा अनिल अग्रवाल की कंपनी वेदांता लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में अपना कंसॉलिडेटेड शुद्ध मुनाफा 71% उछालकर 5,473 करोड़ रुपये पर पहुंचा दिया। इसी दौरान कंपनी का शुद्ध राजस्व सालाना आधार पर 50% बढ़ा। मेटल से लेकर माइनिंग तक फैले इस कारोबारी समूह के लिए यह एक मजबूत तिमाही रही। जानकारों की मानें तो नतीजे कुल मिलाकर उम्मीद के मुताबिक ही रहे। इसकी सबसे बड़ी वजहें रहीं अनुकूल LME कीमतें, बेहतर वॉल्यूम ग्रोथ, ऊंचा प्रीमियम और फॉरेक्स से हुआ फायदा। तिमाही के दौरान जिंक सेगमेंट का राजस्व सबसे दमदार प्रदर्शन करने वालों में शामिल रहा। हिंदुस्तान जिंक ने संभाला सारा भार तिमाही दर तिमाही प्रदर्शन में जो सुधार दिखा, उसके पीछे सबसे बड़ी भूमिका हिंदुस्तान जिंक की मुनाफे में तेज बढ़ोतरी की रही। इस एक कंपनी ने अकेले कंसॉलिडेटेड EBITDA में करीब 95.6% का योगदान दिया, जिसकी बदौलत वेदांता पहली तिमाही में इतना मजबूत प्रदर्शन दर्ज कर सकी। साफ है कि समूह की कमाई का सबसे बड़ा इंजन फिलहाल जिंक कारोबार ही है। ब्रोकरेज क्या कह रहे हैं एमके ग्लोबल ने शेयर पर अपनी 'खरीदें' यानी 'बाय' रेटिंग बरकरार रखी है और इसके लिए 350 रुपये प्रति शेयर का टारगेट प्राइस तय किया है। ब्रोकरेज ने अपनी रिपोर्ट में कहा, "हम शेयर पर बाय की सलाह और 350 रुपये का टारगेट प्राइस बनाए रखते हैं।" ब्रोकरेज ने बताया कि उसने वित्त वर्ष 2027 के EBITDA अनुमान को काफी हद तक स्थिर रखा है, लेकिन वित्त वर्ष 2028-29 के EBITDA अनुमान में 4% की कटौती की है। इसकी वजह चांदी की कीमत का ज्यादा सतर्क अनुमान है, जिसे पहले के 65 डॉलर प्रति औंस से घटाकर अब 60 डॉलर प्रति औंस रखा गया है। दूसरी ओर मोतीलाल ओसवाल का रुख थोड़ा सतर्क है। ब्रोकरेज ने शेयर पर 'न्यूट्रल' रेटिंग बनाए रखते हुए 290 रुपये प्रति शेयर का टारगेट प्राइस दिया है। मोतीलाल ओसवाल ने अपनी रिपोर्ट में कहा, "वेदांता की पहली तिमाही का प्रदर्शन काफी हद तक उम्मीद के मुताबिक रहा, जिसे बेहतर वॉल्यूम और अनुकूल LME कीमतों का सहारा मिला।" ब्रोकरेज के मुताबिक फिलहाल शेयर वित्त वर्ष 2028 के अनुमान पर 7.6x EV/EBITDA पर कारोबार कर रहा है। अपने SoTP वैल्यूएशन के आधार पर ब्रोकरेज ने शेयर की उचित कीमत करीब 290 रुपये आंकी है, जिसमें जिंक कारोबार सबसे बड़ा योगदान देने वाला हिस्सा बना हुआ है। कंपनी का मानना है कि आने वाली क्षमता ऊंचे VAP उत्पादों को सहारा देगी और कीमतों का माहौल अनुकूल रहने से कमाई में मजबूत ग्रोथ बनी रहेगी। तो क्या यह खरीदने का सही मौका है निवेशकों के सामने तस्वीर साफ है। कंपनी के बुनियादी आंकड़े मजबूत हैं, मुनाफा और राजस्व दोनों तेजी से बढ़े हैं, और एमके ग्लोबल जैसे ब्रोकरेज 350 रुपये तक की तेजी की उम्मीद जता रहे हैं। लेकिन मोतीलाल ओसवाल का न्यूट्रल रुख और 290 रुपये का टारगेट यह भी याद दिलाता है कि मौजूदा भाव पर बहुत बड़ी बढ़त की गुंजाइश सीमित हो सकती है। कुल मिलाकर, दमदार तिमाही के बावजूद शेयर के दबाव में रहने की यही दो-तरफा राय बड़ी वजह है। इसका आप पर असर • निवेशकों के लिए: वेदांता का मुनाफा और राजस्व दोनों तेजी से बढ़े हैं, पर टारगेट प्राइस पर ब्रोकरेज बंटे हुए हैं, इसलिए तेजी की गुंजाइश 290 से 350 रुपये के दायरे में मानी जा रही है। • ट्रेडर्स के लिए: शुक्रवार को शेयर 263.20 से 269.00 रुपये के बीच झूला, यानी अच्छे नतीजों के बाद भी भाव में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। सवाल-जवाब 1. वेदांता का शेयर 31 जुलाई को किस भाव पर कारोबार कर रहा था? सुबह 11 बजे तक वेदांता का शेयर बीएसई पर 0.24% की गिरावट के साथ 266.95 रुपये प्रति शेयर पर था। 2. वेदांता का पहली तिमाही का मुनाफा कितना रहा? कंपनी का कंसॉलिडेटेड शुद्ध मुनाफा 71% बढ़कर 5,473 करोड़ रुपये पर पहुंचा और राजस्व 50% बढ़ा। 3. मजबूत नतीजों के बावजूद शेयर दबाव में क्यों रहा? ब्रोकरेज की राय बंटी हुई है, मोतीलाल ओसवाल का न्यूट्रल रुख और 290 रुपये का टारगेट मौजूदा भाव पर सीमित बढ़त का संकेत देता है। 4. एमके ग्लोबल का वेदांता पर टारगेट प्राइस क्या है? एमके ग्लोबल ने 'बाय' रेटिंग के साथ 350 रुपये प्रति शेयर का टारगेट प्राइस रखा है। 5. मोतीलाल ओसवाल की रेटिंग और टारगेट क्या है? मोतीलाल ओसवाल ने 'न्यूट्रल' रेटिंग बनाए रखते हुए 290 रुपये प्रति शेयर का टारगेट दिया है। 6. तिमाही में सबसे बड़ा योगदान किसका रहा? हिंदुस्तान जिंक की मुनाफे में तेज बढ़ोतरी ने अकेले कंसॉलिडेटेड EBITDA में करीब 95.6% का योगदान दिया। https://trendkia.com/market/71-munapha-barhane-ke-bada-bhi-kyon-phisala-rahe-vedanta-ke-sheyara-janie-brokareja-ki-raya-12358 TrendKia — Har trend, sabse pehle.