99.00 के स्तर से नीचे फिसला अमेरिकी डॉलर: ट्रेजरी यील्ड में उछाल के बावजूद क्यों कमजोर पड़ा DXY? अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में तेजी और मजबूत आर्थिक आंकड़ों के बावजूद अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) 99.00 के नीचे 35 पिप्स के दायरे में कारोबार कर रहा है, जबकि सोने और बिटकॉइन में जोरदार तेजी जारी है। वैश्विक मुद्रा बाजार में एक दुर्लभ और रणनीतिक बदलाव देखा जा रहा है, जहां अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) 99.00 के मनोवैज्ञानिक स्तर के ठीक नीचे कारोबार कर रहा है और मई के बाद से अपने सबसे निचले स्तर के आसपास बना हुआ है। आमतौर पर जब अमेरिकी बॉन्ड यील्ड बढ़ती है, तो डॉलर को मजबूती मिलती है। हालांकि, हालिया सत्रों में 30-वर्षीय और 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड में तेज उछाल के बावजूद डॉलर इंडेक्स में कोई सुधार दर्ज नहीं किया गया। पूरे कारोबारी सत्र के दौरान इंडेक्स केवल 35 पिप्स के तंग दायरे में 98.50 के निचले स्तर से लेकर 99.00 के ठीक नीचे तक ही सीमित रहा। इसके विपरीत, सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने की कीमतें $4,600 प्रति ट्रॉय औंस के 3 महीने के उच्चतम स्तर को पार कर गईं, जबकि बिटकॉइन (BTC) सप्ताह के दौरान 20% से अधिक चढ़कर $77,000 के पार पहुंच गया। ट्रेजरी का लिक्विडिटी हस्तक्षेप और बॉन्ड यील्ड में उलटफेर बुधवार को 12:32 GMT पर अमेरिकी वित्त विभाग (US Treasury) ने अपने पूर्व निर्धारित कैलेंडर से हटकर एक बड़ा ऐलान किया। विभाग ने 10-वर्ष से 20-वर्ष और 20-वर्ष से 30-वर्ष की परिपक्वता अवधि वाले बॉन्ड के लिए अपनी लिक्विडिटी सहायता बायबैक सीमा को दोगुना करने का फैसला किया। प्रति ऑपरेशन अधिकतम बायबैक राशि को $2 अरब से बढ़ाकर कम से कम $4 अरब कर दिया गया, जो 9 सितंबर से लागू होकर 4 नवंबर तक प्रभावी रहेगा। इस घोषणा के तुरंत बाद 30-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड में 9 बेसिस पॉइंट्स (bps) की गिरावट आई और डॉलर इंडेक्स एक ही सत्र में लगभग 1 प्वाइंट टूट गया। हालांकि, गुरुवार तक बॉन्ड बाजार की यह गिरावट पूरी तरह पलट गई। 30-वर्षीय यील्ड दोबारा 5.25% के ऊपर और 10-वर्षीय यील्ड 4.70% के पार निकल गई। आम तौर पर यील्ड में इस तरह की वापसी से डॉलर में मजबूत रिकवरी आनी चाहिए थी, लेकिन डॉलर इंडेक्स में शून्य बढ़त दर्ज हुई। यील्ड में तेजी आने के बावजूद डॉलर का स्थिर रहना यह दर्शाता है कि निवेशक अब केवल ब्याज दरों के अंतर को नहीं देख रहे हैं, बल्कि अमेरिकी राजकोषीय स्थिति से जुड़े जोखिमों को भी आंक रहे हैं। संरचनात्मक कारण: कर्ज का बोझ, घाटा और ब्याज दर अनुमान बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, बॉन्ड यील्ड में वृद्धि अब डॉलर के लिए फायदेमंद साबित नहीं हो रही है। जब जारीकर्ता खुद लिक्विडिटी बायबैक के जरिए यील्ड घटाने की कोशिश करता है, तो यह बाजार को संकेत देता है कि वास्तविक यील्ड स्तर और ऊपर होना चाहिए। दूसरी ओर, जब $40 ट्रिलियन का विशाल अमेरिकी संघीय कर्ज, $2 ट्रिलियन के पार जाता वार्षिक बजट घाटा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए कॉर्पोरेट उधारी का भारी दबाव यील्ड को ऊपर खींचता है, तो निवेशक इसे विकास के बजाय जोखिम के रूप में देखते हैं। दोनों ही स्थितियां देश की वित्तीय साख पर प्रीमियम की मांग करती हैं, जिससे मुद्रा को नुकसान पहुंचता है। इसके अलावा, फेडरल रिजर्व (Fed) द्वारा सितंबर में ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीदें भी धराशायी हो गई हैं। जुलाई के अंत में जहां सितंबर में दर वृद्धि की संभावना 80% से अधिक आंकी जा रही थी, वहीं अब वायदा बाजार (futures market) इसे केवल एक-तिहाई (लगभग 33%) की संभावना दे रहा है। इस पूरी री-प्राइसिंग प्रक्रिया के दौरान डॉलर इंडेक्स लगातार घटता रहा है। चालू सप्ताह में जहां लंबी अवधि वाली यील्ड्स में बड़ा फेरबदल हुआ, वहीं अल्पकालिक दरों पर इसका बहुत कम असर पड़ा। जो मुद्रा यील्ड के स्तर और मौद्रिक नीति के भावी मार्ग दोनों को नजरअंदाज करने लगे, उसकी री-प्राइसिंग बुनियादी आर्थिक बुनियाद के बजाय फंडिंग जोखिमों पर होने लगती है। मजबूत आर्थिक आंकड़े भी नहीं दे पा रहे डॉलर को सहारा हाल में जारी प्रारंभिक अगस्त कंपोजिट परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) के आंकड़े 56 पर आए, जो पिछले 54.5 के मुकाबले बेहतर हैं और अप्रैल 2022 के बाद का सबसे मजबूत स्तर है। इस तेजी की मुख्य वजह सर्विसेज सेक्टर रही, जिसका PMI 54 के अनुमान के मुकाबले 56.8 पर दर्ज किया गया, जो दिसंबर 2024 के बाद का सबसे तेज विस्तार है। दूसरी ओर, मैन्युफैक्चरिंग PMI 53.9 के अनुमान से गिरकर 53.2 पर आ गया और वस्तुओं का उत्पादन 13 महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया। हालांकि, अमेरिकी अर्थव्यवस्था का लगभग तीन-चौथाई (75%) हिस्सा सर्विसेज सेक्टर से आता है, इसलिए यह एक बड़ा घरेलू आर्थिक सरप्राइज था। सामान्य परिस्थितियों में इस तरह के मजबूत आंकड़े अल्पकालिक दरों को ऊपर खींचते हैं और डॉलर में जोरदार तेजी लाते हैं। लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। जैसे ही डॉलर इंडेक्स ने 99.00 के स्तर को छुआ, वहां से बिकवाली का भारी दबाव आया और इंडेक्स टिकाऊ बढ़त नहीं बना सका। जब कोई मुद्रा चार साल से अधिक के सबसे मजबूत घरेलू आर्थिक आंकड़ों के बावजूद बढ़त बनाए रखने में असमर्थ रहती है, तो यह स्पष्ट हो जाता है कि बाजार अब अपनी अर्थव्यवस्था के बजाय इस बात पर ध्यान दे रहा है कि अमेरिका के घाटे को कौन और किस कीमत पर फंड करने को तैयार है। तकनीकी विश्लेषण: प्रमुख सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तर तकनीकी संकेतकों पर नजर डालें तो DXY फिलहाल एक मंदी के चक्र (bearish phase) में फंसा हुआ है। लाइव मार्केट डेटा के अनुसार, DXY 98.84 पर कारोबार कर रहा है (पिछला बंद 98.90)। 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 30 के स्तर पर है, जो ओवरसोल्ड स्थिति को दर्शाता है। MACD सूचक -0.42 पर है जो -0.30 के सिग्नल लाइन के नीचे मंदी का रुझान दिखा रहा है। 20-दिवसीय EMA 99.78, 50-दिवसीय EMA 100.04 और 200-दिवसीय EMA 99.34 पर स्थित है। 50-दिवसीय मूविंग एवरेज तेजी से 200-दिवसीय मूविंग एवरेज की ओर नीचे झुक रहा है, जिससे 'डेथ क्रॉस' की संभावना बन रही है। इसके अलावा, डेली स्टोकेस्टिक RSI (Stoch RSI) 20 के नीचे बना हुआ है और पिछले दो सत्रों से इसमें कोई रिकवरी नहीं दिखी है। • रेजिस्टेंस स्तर: इंडेक्स के लिए 99.00 का स्तर पहला बड़ा प्रतिरोध है जिसने हालिया ऊंचाई को सीमित किया। इसके ऊपर 99.50 और फिर 200-दिवसीय EMA (99.75 के ठीक नीचे) मुख्य रुकावट हैं। 50-दिवसीय EMA 100.00 के मनोवैज्ञानिक स्तर पर है, जबकि जून के अंत का 101.75 का शिखर इस साल का उच्चतम सीलिंग स्तर है। • सपोर्ट स्तर: नीचे की ओर 98.50 का क्षेत्र तत्काल सपोर्ट का काम कर रहा है। इसके टूटने पर 98.00 और फिर मई का निचला स्तर 97.50 अगला पड़ाव होगा, जो इस रेंज का मुख्य फ्लोर है। 52-सप्ताह का निचला स्तर 95.55 है। • आउटलुक: मूविंग एवरेज बैंड के नीचे मंदी का आउटलुक (Bearish Bias) कायम है। यदि डेली क्लोजिंग 99.75 के ऊपर होती है, तभी यह बियरिश ट्रेंड अमान्य (invalidated) होगा। मुद्रा, सोना और क्रिप्टो बाजारों का विस्तृत जायजा डॉलर की कमजोरी का असर अन्य वैश्विक परिसंपत्तियों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। विदेशी मुद्रा बाजार (FX) में प्रमुख करेंसी पेयर्स की स्थिति इस प्रकार है • GBP/USD: ब्रिटिश पाउंड 1.3670 के उच्चतम स्तर को छूने के बाद थोड़ा लुढ़ककर 1.3600 के शुरुआती स्तरों पर आ गया। ब्रिटेन के कमजोर आर्थिक आंकड़ों और लगातार दो दिनों की बढ़त के बाद मुनाफावसूली से पाउंड में हल्का दबाव दिखा। • EUR/USD: यूरो 1.1700 के महत्वपूर्ण स्तर को पार करने के प्रयास में विफल रहने के बाद 1.1670 के आसपास मामूली नुकसान के साथ कारोबार कर रहा है। • सोना (Gold): कीमती धातुओं में शानदार तेजी देखी जा रही है। सोना $4,550 के स्तर को पार करते हुए $4,600 प्रति ट्रॉय औंस के ऊपर निकल गया, जो इसका 3 महीने का उच्चतम स्तर है। ट्रेजरी यील्ड में उछाल के बावजूद सोने की यह चमक निवेशकों के सुरक्षित ठिकाने की ओर झुकाव को दर्शाती है। • क्रिप्टोकरेंसी: क्रिप्टो बाजार में बुलिश रुझान जारी है। बिटकॉइन (BTC) सप्ताह में 20% से अधिक की छलांग लगाकर $77,000 के पार निकल गया। इथेरियम (ETH) $2,400 के करीब और रिपल (XRP) $1.35 के आसपास मजबूती से टिके हुए हैं। आगामी आर्थिक कैलेंडर: PCE, जीडीपी, पेरोल डेटा और जैक्सन होल आने वाले सत्रों में अमेरिकी अर्थव्यवस्था और डॉलर के लिए कई महत्वपूर्ण आंकड़े जारी होने वाले हैं जो बाजार की दिशा तय करेंगे • मंगलवार (14:00 GMT): अगस्त उपभोक्ता विश्वास (Consumer Confidence) के आंकड़े जारी होंगे। • बुधवार (12:30 GMT): जुलाई पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर (PCE) प्राइस इंडेक्स जारी होगा। कोर PCE के 0.2% MoM (पिछले 0.1% से अधिक) और 3.3% YoY रहने का अनुमान है। इसके साथ ही दूसरी तिमाही के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का प्रारंभिक आंकड़ा 1.5%, व्यक्तिगत खर्च 0.2% और जुलाई ड्यूरेबल गुड्स ऑर्डर 0.7% रहने की उम्मीद है। • 27-29 अगस्त: प्रसिद्ध जैक्सन होल (Jackson Hole) संगोष्ठी आयोजित होगी, जहां केविन वॉश (Kevin Warsh) अपनी शुरुआत करेंगे। इसके अलावा, एनवीडिया (Nvidia) के वित्तीय परिणाम भी बाजार की धारणा को प्रभावित करेंगे। • शुक्रवार (14:00 GMT): यह हफ्ता का सबसे संवेदनशील समय होगा। फेड अध्यक्ष का संबोधन, नॉन-फार्म पेरोल (Nonfarm Payrolls) का प्रारंभिक बेंचमार्क संशोधन और अगस्त मिशिगन उपभोक्ता भावना सूचकांक (1-वर्षीय मुद्रास्फीति प्रत्याशा 4.3%) एक साथ सामने आएंगे। यदि पेरोल डेटा में बड़ा नकारात्मक संशोधन होता है, तो यह डॉलर को और अधिक गहरा झटका दे सकता है। अमेरिकी डॉलर की वैश्विक भूमिका और फेड की मौद्रिक नीति का तंत्र अमेरिकी डॉलर (USD) संयुक्त राज्य अमेरिका की आधिकारिक मुद्रा है और दुनिया के कई अन्य देशों में कानूनी या व्यावहारिक रूप से उपयोग की जाती है। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद डॉलर ने ब्रिटिश पाउंड की जगह लेकर विश्व की प्रमुख रिजर्व मुद्रा का दर्जा हासिल किया था। 1971 में ब्रिटेन वुड्स समझौते के अंत तक डॉलर सोने के मानक (Gold Standard) द्वारा समर्थित था। 2022 के आंकड़ों के अनुसार, वैश्विक विदेशी मुद्रा कारोबार के 88% से अधिक हिस्से पर डॉलर का वर्चस्व है, जो रोजाना औसतन $6.6 ट्रिलियन के लेनदेन को संभालता है। डॉलर के मूल्य को नियंत्रित करने वाला सबसे मुख्य कारक फेडरल रिजर्व (Fed) की मौद्रिक नीति है। फेड का मुख्य दोहरा जनादेश (dual mandate) मूल्य स्थिरता (2% मुद्रास्फीति लक्ष्य) बनाए रखना और अधिकतम रोजगार को बढ़ावा देना है। जब मुद्रास्फीति 2% से अधिक होती है, तो फेड ब्याज दरें बढ़ाता है, जिससे डॉलर मजबूत होता है। इसके विपरीत, जब अर्थव्यवस्था धीमी होती है, तो दरें घटाई जाती हैं, जिससे डॉलर पर दबाव बनता है। अतिवादी परिस्थितियों में फेड क्वांटिटेटिव इजिंग (QE) के तहत नए डॉलर छापकर सरकारी बॉन्ड खरीदता है, जो डॉलर को कमजोर करता है (जैसा 2008 के वित्तीय संकट में हुआ था)। वहीं क्वांटिटेटिव टाइटनिंग (QT) के जरिए बॉन्ड की खरीद रोककर डॉलर को समर्थन दिया जाता है। इसका आप पर असर वैश्विक निवेशकों के लिए: अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और डॉलर इंडेक्स के बीच टूटता संबंध यह संकेत देता है कि वैश्विक बाजारों में अमेरिका के भारी बजट घाटे और कर्ज को लेकर चिंता बढ़ रही है। भारतीय और विदेशी मुद्रा व्यापारियों (FX Traders) के लिए: डॉलर इंडेक्स के 99.00 के नीचे रहने से उभरते बाजारों (जैसे भारतीय रुपया) को अल्पकालिक राहत मिल सकती है, हालांकि सोने और क्रिप्टो परिसंपत्तियों में अस्थिरता जारी रहेगी। सवाल-जवाब 1. डॉलर इंडेक्स (DXY) 99.00 के नीचे क्यों फिसला है? अमेरिका के $40 ट्रिलियन कर्ज और बढ़ते बजट घाटे के कारण निवेशक बॉन्ड यील्ड में तेजी के बावजूद डॉलर में निवेश करने से हिचक रहे हैं, जिससे DXY 99.00 के नीचे 98.50 से 99.00 के दायरे में आ गया है। 2. अमेरिकी ट्रेजरी ने बॉन्ड बायबैक को लेकर क्या घोषणा की है? अमेरिकी ट्रेजरी ने 10 से 30 वर्ष की परिपक्वता वाले बॉन्ड के लिए बायबैक सीमा को $2 अरब से बढ़ाकर कम से कम $4 अरब प्रति ऑपरेशन करने का ऐलान किया है, जो 9 सितंबर से 4 नवंबर तक प्रभावी रहेगा। 3. डॉलर कमजोर होने के बावजूद सोने और बिटकॉइन पर क्या असर पड़ा है? डॉलर की कमजोरी और राजकोषीय चिंताओं के कारण सोना $4,600 प्रति ट्रॉय औंस के 3 महीने के उच्चतम स्तर को पार कर गया, जबकि बिटकॉइन 20% से अधिक चढ़कर $77,000 के ऊपर निकल गया। 4. अमेरिका के हालिया PMI आंकड़ों का डॉलर पर क्या प्रभाव पड़ा? प्रारंभिक अगस्त कंपोजिट PMI 56 और सर्विसेज PMI 56.8 का मजबूत आंकड़ा आने के बावजूद डॉलर इंडेक्स 99.00 का स्तर नहीं बनाए रख सका, जो दिखाता है कि बाजार अब केवल घरेलू आर्थिक आंकड़ों पर व्यापार नहीं कर रहा है। 5. आगामी दिनों में कौन से अमेरिकी आर्थिक आंकड़े जारी होने वाले हैं? मंगलवार को कंज्यूमर कॉन्फिडेंस, बुधवार को जुलाई PCE प्राइज इंडेक्स (कोर PCE 0.2% MoM, 3.3% YoY) और Q2 GDP (1.5%), जबकि 27-29 अगस्त को जैक्सन होल संगोष्ठी और शुक्रवार को पेरोल डेटा में संशोधन जारी होंगे। 6. DXY के लिए प्रमुख तकनीकी सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तर क्या हैं? DXY के लिए 99.00 और 99.50 प्रमुख रेजिस्टेंस स्तर हैं, जबकि 98.50 और 98.00 मुख्य सपोर्ट स्तर बने हुए हैं। 99.75 के ऊपर डेली क्लोजिंग होने पर ही मंदी का रुख अमान्य होगा। https://trendkia.com/market/99-00-ke-stara-se-niche-phisala-us-dollar-fed-niti-aura-bonda-yilda-ke-bicha-kyon-kamajora-para-dxy-19823 TrendKia — Har trend, sabse pehle.