# अमेरिका और ईरान में तनाव के बीच अमेरिकी महंगाई में ऐतिहासिक गिरावट, शेयर और क्रिप्टो बाजार में खलबली

> अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने वैश्विक बाजारों में सतर्कता का माहौल बना दिया है, जबकि अमेरिका में महंगाई दर 3.5 प्रतिशत तक गिरने से ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें जगी हैं. इस बीच विदेशी मुद्रा बाजार से लेकर सोना और क्रिप्टोकरेंसी में भारी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है.

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-07-21 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/america-aura-iran-men-tanava-ke-bicha-us-mahngai-men-aitihasika-giravata-sheyara-aura-kripto-bajara-men-khalabali-9388 · **Language:** Hindi
**Tags:** ग्लोबल मार्केट, अमेरिकी महंगाई, ईरान तनाव, विदेशी मुद्रा, सोना, क्रिप्टोकरेंसी, कार्डानो, finance

नए कारोबारी हफ्ते की शुरुआत के साथ ही वित्तीय बाजार भू-राजनीतिक चिंताओं और व्यापक आर्थिक आंकड़ों की उलझन में फंस गए हैं. इस समय हर तरह की संपत्तियों की कीमतों को तय करने वाला सबसे बड़ा कारण अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता हुआ तनाव है. वीकेंड पर हुई सैन्य घटनाओं ने निवेशकों के मन में एक गहरा डर पैदा कर दिया है, जिसकी वजह से लोग जोखिम भरी संपत्तियों से पैसा निकाल रहे हैं. एक तरफ बाजार में सुरक्षित निवेश की तरफ भागने की होड़ मची है, तो दूसरी तरफ अमेरिका से आए नए आर्थिक आंकड़ों ने तस्वीर को और पेचीदा कर दिया है. अमेरिका में महंगाई दर ऐतिहासिक गति से नीचे आई है, जिसने विदेशी मुद्रा बाजार, कमोडिटी सेक्टर और क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंजों में एक अजीब सी खींचतान पैदा कर दी है.

## अमेरिका में महंगाई दर में ऐतिहासिक गिरावट

व्यापक आर्थिक परिदृश्य को बदलने वाला सबसे अहम आंकड़ा जून महीने का अमेरिकी कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स यानी CPI रिपोर्ट है. मुख्य महंगाई दर ने मासिक आधार पर 0.4 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की है. अप्रैल 2020 में महामारी के कारण आई आर्थिक सुस्ती के बाद से यह एक महीने में आई सबसे बड़ी गिरावट है. इस तेज गिरावट के कारण वार्षिक महंगाई का आंकड़ा भी लुढ़क कर 3.5 प्रतिशत पर आ गया है, जो मई महीने में 4.2 प्रतिशत पर था. इस अचानक आई गिरावट ने लगातार तीन महीनों से बढ़ रहे मूल्य दबाव के सिलसिले को पूरी तरह से तोड़ दिया है.

बुनियादी महंगाई के मोर्चे पर भी बाजार को बड़ी राहत मिली है. कोर कीमतें, जिनमें खाद्य और ऊर्जा की अस्थिर कीमतों को शामिल नहीं किया जाता है, इस महीने पूरी तरह से सपाट रहीं और उनमें कोई वृद्धि नहीं हुई. सालाना आधार पर कोर रेट गिरकर 2.6 प्रतिशत पर आ गया है, जो वॉल स्ट्रीट के अनुमानों से काफी नीचे है. इन आंकड़ों ने अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अधिकारियों को अपनी नीतियों में बदलाव करने के लिए एक मजबूत तर्क दे दिया है.

## यूरोपीय मुद्राओं पर दबाव और केंद्रीय बैंक की रणनीति

अंतरराष्ट्रीय तनाव का सबसे ज्यादा असर विदेशी मुद्रा बाजार पर दिख रहा है, खासकर यूरो और ब्रिटिश पाउंड पर. सोमवार को यूरोपीय कारोबारी सत्र के दौरान EUR/USD पेयर की हालिया तेजी 1.1450 के स्तर के करीब पूरी तरह से थम गई. मिडिल ईस्ट के संघर्ष से पैदा हुए सतर्क कारोबारी माहौल ने यूरोपियन सेंट्रल बैंक यानी ECB से जुड़ी उन उम्मीदों को बेअसर कर दिया है, जिनमें ब्याज दरें बढ़ने की बात कही जा रही थी. निवेशकों को उम्मीद है कि ECB अपनी आगामी गुरुवार की बैठक में बेंचमार्क ब्याज दरों को स्थिर रखेगा. हालांकि, बाजार इस बात के लिए भी तैयार है कि नीति निर्माता सितंबर में संभावित रेट हाइक का संकेत दे सकते हैं. यह आक्रामक रुख मुख्य रूप से युद्ध से जुड़े बढ़ते महंगाई के जोखिमों के कारण है, जिससे पूरे महाद्वीप में ऊर्जा की कीमतें आसमान छूने का खतरा बना हुआ है.

इस बीच, ब्रिटिश पाउंड ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 1.3450 के स्तर से ऊपर अपना मामूली समर्थन बनाए रखा. अमेरिकी मुद्रा में सुस्त कारोबार देखने को मिला, जिससे पाउंड अपनी जमीन बचाए रखने में सफल रहा और व्यापारी आगे की स्पष्टता का इंतजार कर रहे हैं. बाजार के प्रतिभागियों की नजर अब घरेलू मोर्चे पर भी है, क्योंकि मंगलवार को आने वाली यूके की रोजगार रिपोर्ट आगे का रुख तय करेगी.

## हंगरी और तुर्की के बाजारों में भारी उथल-पुथल

अंतरराष्ट्रीय बाजार में जोखिम से बचने की प्रवृत्ति का असर मध्य और पूर्वी यूरोपीय विदेशी मुद्रा बाजारों पर बहुत साफ दिख रहा है. चूंकि इस हफ्ते इस क्षेत्र में कोई बड़ा आर्थिक आंकड़ा नहीं आना है, इसलिए वैश्विक भू-राजनीतिक भावना ही ट्रेडिंग का पूरा पैटर्न तय कर रही है. इस पूरे घटनाक्रम में हंगेरियन फोरिंट सबसे ज्यादा प्रभावित मुद्रा बनकर उभरा है. यह भारी गिरावट सीधे तौर पर बाजार में मौजूद लंबी पोजीशंस और केंद्रीय बैंक द्वारा ब्याज दरों में और कटौती की उम्मीदों से जुड़ी है. शुक्रवार को कारोबार खत्म होने तक EUR/HUF एक्सचेंज रेट 363 के स्तर के बेहद करीब था, जो मुद्रा को उस कमजोर स्तर पर खींच लाया है जो देश के राष्ट्रीय चुनावों के तुरंत बाद देखा गया था.

उम्मीद की जा रही है कि बुडापेस्ट में केंद्रीय बैंक अपनी उधार लागत में 25 बेसिस पॉइंट की कटौती करेगा, जिससे नई आधिकारिक दर 5.75 प्रतिशत हो जाएगी. यह संभावित कदम बैंक के गवर्नर द्वारा पिछली नीतिगत बैठक में दिए गए संकेतों से पूरी तरह मेल खाता है. आगे चलकर व्यापारी बैंक की आधिकारिक टिप्पणी का बारीकी से विश्लेषण करेंगे ताकि यह पता चल सके कि क्या राष्ट्रीय मुद्रा में हालिया भारी बिकवाली ने अधिकारियों को अपने फैसले पर पुनर्विचार करने के लिए मजबूर किया है. दूसरी ओर तुर्की में मुद्रा व्यापारियों का पूरा ध्यान महंगाई के आगामी अनुमानों पर केंद्रित है. यह गुरुवार को होने वाली तुर्की के केंद्रीय बैंक की महत्वपूर्ण बैठक से पहले का आखिरी अहम आंकड़ा है. विश्लेषकों का भारी अनुमान है कि बेंचमार्क ब्याज दर को 37 प्रतिशत के चौंका देने वाले स्तर पर स्थिर रखा जाएगा, जिससे उधारी की लागत आधिकारिक मौद्रिक सीमा के उच्चतम स्तर पर बनी रहेगी.

## मजबूत डॉलर के आगे सोने की चमक फीकी

कमोडिटी सेक्टर की बात करें तो वैश्विक हालात को देखते हुए सोने में एक असामान्य प्राइस एक्शन देखने को मिल रहा है. शुरुआती रिकवरी के प्रयासों के बावजूद कीमती धातु किसी भी सार्थक गति को बनाए रखने में विफल रही. यूरोपीय बाजारों के खुलने पर यह काफी हद तक बिना किसी बदलाव के कारोबार कर रही थी और 4,000 डॉलर प्रति औंस की महत्वपूर्ण बाधा के ठीक नीचे मंडरा रही थी. आमतौर पर ऐसे बढ़ते भू-राजनीतिक संकट के माहौल में निवेशक सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने में भारी पैसा लगाते हैं. लेकिन, सोने की इस संभावित तेजी को मजबूत अमेरिकी डॉलर ने रोक दिया है. अमेरिका में ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची बनी रहने की उम्मीदें डॉलर के लिए एक बड़े समर्थन का काम कर रही हैं. डॉलर के इस ऊंचे मूल्यांकन ने सोने जैसी डॉलर मूल्य वाली कमोडिटी की ऊपर जाने की क्षमता को काफी हद तक सीमित कर दिया है. यह पूरा माहौल फिलहाल मंदी का अनुमान लगाने वाले व्यापारियों के पक्ष में झुका हुआ है.

## क्रिप्टोकरेंसी में उतार-चढ़ाव और कार्डानो का नया अपग्रेड

डिजिटल एसेट इकोसिस्टम भी अपनी तरह की एक अलग उथल-पुथल का सामना कर रहा है. एथेरियम ने पिछले हफ्ते की शुरुआत में शानदार दोहरे अंकों की प्रतिशत छलांग लगाकर बाजार का ध्यान अपनी ओर खींचा था. इस भारी तेजी ने दूसरे सबसे बड़े टोकन को बिटकॉइन, XRP और सोलाना जैसी प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी से काफी आगे निकलने का मौका दिया. हालांकि, ऑन-चेन विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि यह रैली एक कमजोर नींव पर टिकी है. नेटवर्क के अहम संकेतक बताते हैं कि इसमें वास्तविक गति की कमी है, और यह कमजोरी तब स्पष्ट हो गई जब गुरुवार को व्यापक क्रिप्टो बाजार में एक भारी गिरावट दर्ज की गई.

इसके विपरीत, कार्डानो इकोसिस्टम के डेवलपर्स ने वीकेंड के दौरान एक बड़ी तकनीकी उपलब्धि का जश्न मनाया. ADA टोकन के 0.165 डॉलर के रेजिस्टेंस ज़ोन के पास कुछ समय तक स्थिर रहने के बाद, इंजीनियरों ने शनिवार को सफलतापूर्वक वैन रोसेम हार्ड फोर्क को लागू कर दिया. यह मुकाम समुदाय के लिए अत्यधिक ऐतिहासिक महत्व रखता है, क्योंकि यह पहला ऐसा नेटवर्क अपग्रेड है जिसे विकेंद्रीकृत, ऑन-चेन वोटिंग प्रक्रियाओं के माध्यम से पूरी तरह से अधिकृत किया गया था. इस कदम ने प्रभावी रूप से प्रोटोकॉल वर्ज़न 11 को लॉन्च कर दिया है, जो अपने साथ कई गहरी तकनीकी बारीकियां लेकर आया है. इन सुधारों से विकेंद्रीकृत अनुप्रयोगों या स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट्स को चलाने से जुड़े कंप्यूटेशनल खर्चों में भारी कमी आएगी.

ताज़ा लाइव मार्केट डेटा के अनुसार कार्डानो यानी ADA-USD इस समय 0.1746 डॉलर पर कारोबार कर रहा है, जो इसके पिछले बंद भाव 0.1698 डॉलर से 2.84 प्रतिशत की शानदार बढ़त है. टोकन का ट्रेडिंग वॉल्यूम भी अपने 20-दिन के औसत से 1.23 गुना बढ़ गया है, जो बाजार की बढ़ती दिलचस्पी को दिखाता है. हालांकि तकनीकी तौर पर RSI 56 के स्तर पर है और MACD एक बुलिश संकेत दे रहा है जो कि अल्पावधि की गति को दर्शाता है, लेकिन व्यापक तकनीकी तस्वीर अब भी निवेशकों को सतर्क रहने का इशारा कर रही है. यह संपत्ति अभी भी एक लंबी अवधि के डाउनट्रेंड का सामना कर रही है जिसकी पुष्टि चार्ट पर बने डेथ क्रॉस से होती है. ऊपर की तरफ इसके लिए तत्काल रेजिस्टेंस 0.1777 डॉलर पर बन रहा है, जबकि किसी भी गिरावट की स्थिति में प्राथमिक सपोर्ट 0.1705 डॉलर पर टिका हुआ है.

## इसका आप पर असर
यह खबर सीधे तौर पर उन लोगों को प्रभावित करती है जो बाजार में निवेश करते हैं या अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों पर नज़र रखते हैं:

- **शेयर निवेशकों के लिए:** अमेरिका में महंगाई कम होने का मतलब है कि भविष्य में ब्याज दरों में कटौती हो सकती है, जिससे शेयर और क्रिप्टो बाजार में फिर से तेजी आ सकती है.

- **करेंसी और सोना:** मिडिल ईस्ट के तनाव के कारण अमेरिकी डॉलर मजबूत बना हुआ है, इसलिए फिलहाल सोने में कोई बड़ी तेजी नहीं दिख रही है और आयात महंगा रह सकता है.

- **क्रिप्टो निवेशकों के लिए:** कार्डानो का नया अपग्रेड स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट्स को सस्ता बनाएगा, जिससे नेटवर्क पर डेवलपर्स का ध्यान बढ़ सकता है, हालांकि इसका लंबी अवधि का तकनीकी ट्रेंड अभी भी नीचे की तरफ है.

## सवाल-जवाब

### 1. अमेरिका में जून महीने की महंगाई दर में कितनी गिरावट आई?
अमेरिका में जून महीने में मुख्य महंगाई दर 0.4 प्रतिशत गिरी है, जिससे वार्षिक दर घटकर 3.5 प्रतिशत रह गई है.

### 2. यूरो और ब्रिटिश पाउंड पर किस बात का सबसे ज्यादा असर पड़ रहा है?
यूरो और पाउंड पर सबसे ज्यादा असर अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे भू-राजनीतिक तनाव और बाजार में पैदा हुई सतर्कता का पड़ रहा है.

### 3. हंगरी का केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में क्या बदलाव करने वाला है?
उम्मीद है कि हंगरी का केंद्रीय बैंक अपनी बेंचमार्क ब्याज दरों में 25 बेसिस पॉइंट की कटौती करेगा, जिससे नई दर 5.75 प्रतिशत हो जाएगी.

### 4. तुर्की के केंद्रीय बैंक से बाजार को क्या उम्मीदें हैं?
बाजार को उम्मीद है कि तुर्की का केंद्रीय बैंक अपनी आगामी बैठक में ब्याज दरों को 37 प्रतिशत के उच्चतम स्तर पर ही बरकरार रखेगा.

### 5. कार्डानो के नए वैन रोसेम हार्ड फोर्क का क्या फायदा है?
इस नए प्रोटोकॉल अपग्रेड से कार्डानो नेटवर्क पर स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट्स को चलाने की कम्प्यूटेशनल लागत काफी कम हो जाएगी.

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