अमेरिका-कनाडा व्यापार विवाद गहराने से कैनेडियन डॉलर पर बढ़ा दबाव, बैंक ऑफ कनाडा के फैसले पर टिकी नजरें अमेरिका और कनाडा के बीच बढ़ते व्यापारिक तनाव के कारण कैनेडियन डॉलर दबाव में है। निवेशक बैंक ऑफ कनाडा की ब्याज दर नीति और अमेरिका के बढ़ते बॉन्ड यील्ड पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। यूनाइटेड स्टेट्स और कनाडा के बीच बढ़ते व्यापारिक तनाव के कारण विदेशी मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कैनेडियन डॉलर पर दबाव बना हुआ है। यूरोपीय ट्रेडिंग सत्र के दौरान USD/CAD करेंसी जोड़ी 1.3863 के स्तर के पास कारोबार करती देखी गई। कैनेडियन मुद्रा में यह कमजोरी ऐसे समय में आई है जब वैश्विक निवेशक बैंक ऑफ कनाडा (BoC) के आगामी मौद्रिक नीति निर्णय का इंतजार कर रहे हैं। इसके साथ ही, मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बीच अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में तेजी से अमेरिकी डॉलर को सहारा मिल रहा है। व्यापारिक तनाव से कैनेडियन डॉलर की स्थिति हुई कमजोर कनाडा और अमेरिका के बीच बढ़ते व्यापार विवादों का सीधा असर कैनेडियन डॉलर की विनिमय दर पर पड़ रहा है। वित्तीय विश्लेषकों के अनुसार, इस व्यापारिक खींचतान के गहराने से फॉरेक्स मार्केट में कैनेडियन डॉलर की भूमिका एक कैरी फंडिंग करेंसी के रूप में मजबूत हुई है। टीडी सिक्योरिटीज के बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि व्यापारिक मतभेदों में बढ़ोतरी से USD/CAD जोड़ी में ऊपर की तरफ बढ़ने का जोखिम काफी बढ़ गया है। कारोबारी इस माहौल में कैनेडियन डॉलर पर सतर्क रुख अपना रहे हैं, क्योंकि व्यापार बाधाएं कनाडा के आर्थिक परिदृश्य के लिए चुनौतियां पैदा कर सकती हैं। बैंक ऑफ कनाडा से ब्याज दरें 2.25% पर स्थिर रखने की उम्मीद चालू सप्ताह के दौरान वैश्विक बाजार सहभागियों की निगाहें बैंक ऑफ कनाडा (BoC) की बुधवार को होने वाली मौद्रिक नीति बैठक पर टिकी हैं। नेशनल बैंक ऑफ कनाडा के विश्लेषकों का अनुमान है कि केंद्रीय बैंक अपनी प्रमुख ओवरनाइट ब्याज दर को 2.25% पर अपरिवर्तित रखेगा। ओआईएस बाजार और अधिकांश आर्थिक पूर्वानुमानकर्ताओं का भी यही मानना है। यदि बैंक ऑफ कनाडा ब्याज दरों को 2.25% पर बनाए रखता है, तो यह लगातार सातवां मौका होगा जब नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, केंद्रीय बैंक द्वारा अपनी बैलेंस शीट नीति में भी किसी बदलाव की संभावना नहीं जताई गई है, जो इसकी मौद्रिक स्थिरता बनाए रखने की रणनीति को दर्शाती है। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल की कीमतों का प्रभाव दूसरी तरफ, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल ने अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड को ऊपर धकेला है। बॉन्ड यील्ड में इस बढ़ोतरी से अमेरिकी डॉलर को मजबूत समर्थन मिला है, जिससे कैनेडियन डॉलर पर दबाव और गहरा गया है। अन्य वैश्विक परिसंपत्तियों की बात करें तो GBP/USD 1.3550 के नीचे मामूली गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है, जबकि EUR/USD यूरोज़ोन के एचआईसीपी मुद्रास्फीति आंकड़ों से पहले 1.1600 के करीब बना हुआ है। सर्राफा बाजार में सोना 4,400 डॉलर प्रति औंस के स्तर के आसपास बना हुआ है। वहीं, ऊर्जा बाजार में अमेरिकी डीजल क्रैक स्प्रेड हाल ही में 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर 102.00 डॉलर प्रति बैरल के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया। USD/CAD के लिए प्रमुख तकनीकी सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तर तकनीकी विश्लेषण के दृष्टिकोण से, USD/CAD जोड़ी के लिए पहला मजबूत रेजिस्टेंस 1.3896 पर स्थित 20-अवधि के एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) और 1.3900 के 50.0% फिबोनाची रिट्रेसमेंट स्तर पर बना हुआ है। यदि यह जोड़ी इस स्तर से ऊपर निकलती है, तो अगला रेजिस्टेंस 1.3982 के 38.2% फिबोनाची स्तर और उसके बाद 1.4084 के 23.6% रिट्रेसमेंट स्तर पर देखा जा सकता है। नीचे की ओर, तात्कालिक सपोर्ट 1.3817 के 61.8% फिबोनाची रिट्रेसमेंट पर मौजूद है। गिरावट का दौर जारी रहने पर 1.3700 का 78.6% रिट्रेसमेंट स्तर और 1.3551 का 100% रिट्रेसमेंट स्तर प्रमुख सपोर्ट के रूप में काम करेंगे। व्यापक बाजार स्थिति और डिजिटल परिसंपत्तियों का रुझान विदेशी मुद्रा बाजार के अलावा क्रिस्टोकरेंसी बाजार में भी मंदी का रुख देखने को मिल रहा है। पिछले हफ्ते दोहरे अंकों में आई गिरावट के बाद XRP, ADA और DOGE जैसी प्रमुख डिजिटल संपत्तियां अपने महत्वपूर्ण ईएमए सपोर्ट स्तरों का परीक्षण कर रही हैं। तकनीकी संकेतक बताते हैं कि तेजी का momentum कमजोर होने से इन टोकन में आगे भी सुस्ती बनी रह सकती है। USD/CAD जोड़ी के लाइव बाजार आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान स्पॉट भाव 1.39 के आसपास स्थिर है और 14-अवधि RSI 43 के स्तर पर है, जो तटस्थ से मध्यम श्रेणी का संकेत देता है। इसका आप पर असर अमेरिकी डॉलर और कैनेडियन डॉलर के विनिमय दर में हो रहे इस उतार-चढ़ाव का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार, यात्रा और विदेशी निवेश पर पड़ता है। • भारत में: विदेशी मुद्रा बाजार में उतार-चढ़ाव से भारतीय रुपये की विनिमय दर प्रभावित हो सकती है। आयातकों और निर्यातकों को अंतरराष्ट्रीय अनुबंधों की हेजिंग लागत पर ध्यान देना होगा। • कनाडा और अमेरिका में: कनाडा से अमेरिका सामान भेजने वाले निर्यातकों के मार्जिन पर असर पड़ेगा। कनाडाई डॉलर कमजोर होने से कनाडाई नागरिकों के लिए अमेरिकी यात्रा और आयातित उत्पाद महंगे हो जाएंगे। • फॉरेक्स ट्रेडर्स के लिए: USD/CAD 1.3900 रेजिस्टेंस और 1.3817 सपोर्ट के बीच फंसा हुआ है। व्यापारियों को बैंक ऑफ कनाडा के फैसले के बाद वोलैटिलिटी बढ़ने के लिए तैयार रहना चाहिए। • वैश्विक निवेशकों के लिए: अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और कच्चे तेल की ऊंची कीमतें वैश्विक इक्विटी बाजारों के मूड को सतर्क बनाए रख सकती हैं। सवाल-जवाब 1. USD/CAD जोड़ी में तेजी का मुख्य कारण क्या है? अमेरिका और कनाडा के बीच बढ़ते व्यापारिक तनाव और अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में तेजी के कारण USD/CAD जोड़ी में मजबूती देखी जा रही है। 2. बैंक ऑफ कनाडा से ब्याज दर पर क्या फैसला आने की उम्मीद है? विश्लेषकों का अनुमान है कि बैंक ऑफ कनाडा अपनी मुख्य ब्याज दर को 2.25% पर अपरिवर्तित रखेगा, जो इसका लगातार सातवां होल्ड होगा। 3. USD/CAD के लिए प्रमुख तकनीकी सपोर्ट स्तर कौन से हैं? USD/CAD के लिए प्राथमिक सपोर्ट 1.3817 (61.8% फिबोनाची) पर है, इसके बाद 1.3700 और 1.3551 के स्तर महत्वपूर्ण सपोर्ट का काम करेंगे। 4. USD/CAD के लिए मुख्य रेजिस्टेंस स्तर क्या हैं? तत्काल रेजिस्टेंस 1.3896 (20-EMA) और 1.3900 (50.0% फिबोनाची) पर स्थित है, जिसके बाद 1.3982 और 1.4084 के स्तर आते हैं। https://trendkia.com/market/amerika-kanada-vyapara-vivada-gaharane-se-canadian-dollar-para-dabava-bank-of-canada-ke-phaisale-para-najara-25622 TrendKia — Har trend, sabse pehle.