अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और डॉलर में गिरावट से सोने में लौटी तेजी, कमोडिटी फंड्स की शॉर्ट कवरिंग से मिला सहारा वैश्विक शेयर बाजारों में नरमी और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट के बाद सोने की कीमतों में ताजा लिवाली देखने को मिली है। टीडी सिक्योरिटीज के अनुसार, डॉलर के कमजोर पड़ने और सीटीए फंड्स की शॉर्ट कवरिंग से कीमती धातुओं को ठोस सहारा मिला है। अंतरराष्ट्रीय वित्तीय बाजारों में गुरुवार को सोने की कीमतों में नए सिरे से जोरदार लिवाली देखी गई है। वैश्विक शेयर बाजारों में कमजोरी और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में आई गिरावट के चलते अमेरिकी डॉलर साल के उच्चतम स्तर से फिसल गया, जिससे बहुमूल्य धातुओं को मजबूत समर्थन मिला। कमोडिटी ट्रेडिंग एडवाइजर्स यानी सीटीए फंड्स द्वारा बड़े पैमाने पर की जा रही शॉर्ट कवरिंग ने सोने और अन्य कीमती धातुओं के भाव को नीचे गिरने से रोककर एक अहम सहारा प्रदान किया है। सीटीए शॉर्ट कवरिंग और केंद्रीय बैंकों की मांग से कीमती धातुओं को मजबूती कीमती धातुओं के पूरे बाजार में सिस्टमैटिक शॉर्ट कवरिंग के कारण राहत मिली है। टीडी सिक्योरिटीज के विश्लेषण के अनुसार, ब्याज दरों में आई नरमी और सिस्टमैटिक शॉर्ट कवरिंग के दम पर सीटीए फंड्स बहुमूल्य धातुओं के सेगमेंट में अपनी बड़ी शॉर्ट पोजीशन को काट रहे हैं, जिससे सोने को जरूरी सपोर्ट मिला है। अमेरिकी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक यानी सीपीआई के मजबूत आंकड़ों के बाद डॉलर और ब्याज दरों में जो शुरुआती उछाल आया था, वह अब धीमा पड़ चुका है। इस ठहराव ने कीमती धातुओं को संभलने का पूरा मौका दिया है। इसके अलावा, मैक्रो डिस्क्रिशनरी पोजीशन अभी भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। ईटीएफ यानी एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स में लगातार आ रहा निवेश और दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों की मजबूत खरीदारी भी सोने की मांग को लंबी अवधि में मजबूती दे रही है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई से जुड़े निवेशों को लेकर बढ़ती चिंताओं के कारण इक्विटी बाजारों में बिकवाली बढ़ी, जिसने निवेशकों को सुरक्षित संपत्तियों की ओर लौटने पर मजबूर किया है। मुद्रा बाजारों में हलचल: ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और जापानी येन का हाल मुद्रा बाजारों में गुरुवार के एशियाई सत्र के दौरान कई बड़े बदलाव देखे गए। ऑस्ट्रेलिया के कमजोर रोजगार आंकड़ों के कारण ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 0.6950 के करीब दबाव में बना रहा। इसके साथ ही इस मुद्रा जोड़ी ने पिछले दिन के मासिक उच्च स्तर से अपनी गिरावट को और बढ़ाते हुए एक नए साप्ताहिक निचले स्तर को छू लिया। हालांकि, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट ने डॉलर को अप्रैल 2025 के उस उच्च स्तर से पीछे खींच लिया, जो बुधवार को गर्म अमेरिकी सीपीआई आंकड़ों के बाद बना था। इस गिरावट की वजह से ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के नुकसान को कुछ हद तक सीमित करने में मदद मिली। दूसरी ओर, डॉलर बनाम जापानी येन की जोड़ी ने भी अपने तीन सप्ताह के उच्चतम स्तर से गिरावट का सिलसिला जारी रखा। गुरुवार के एशियाई कारोबार के दौरान इस जोड़ी में लगातार बिकवाली देखी गई और यह फिसलकर 158.00 से नीचे आ गई। विदेशी मुद्रा बाजार के कारोबारी इस समय पूरी तरह सतर्क हैं, क्योंकि यह अटकलें तेज हैं कि जापानी अधिकारी अपनी मुद्रा येन को सहारा देने के लिए बाजार में प्रत्यक्ष हस्तक्षेप कर सकते हैं। साथ ही, चीन द्वारा बॉन्ड खरीद की चर्चाओं के बीच अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट आई, जिसने डॉलर की बुधवार की तेजी को पूरी तरह उलट दिया और इस करेंसी जोड़ी पर दबाव और बढ़ा दिया। क्रिप्टो बाजार में मंदी का रुख और रिपल का संघर्ष डिजिटल एसेट बाजार में मंदी का दौर जारी है, जहां रेमिटेंस टोकन रिपल लगभग 1.30 डॉलर के पास कारोबार करते हुए मंदी के रुझान में फंसा हुआ है। रिपल की कीमतों में यह कमजोरी पूरे क्रिप्टो बाजार के व्यापक दबाव को दर्शाती है। अमेरिका में महंगाई की गति तेज होने की आशंकाओं के चलते निवेशक डिजिटल संपत्तियों से दूरी बना रहे हैं, जिसके कारण संपूर्ण क्रिप्टोकरेंसी बाजार में भारी बिकवाली का माहौल बना हुआ है। ब्रिटेन में पहले बजट से पूर्व मजबूत आर्थिक संकेत यूनाइटेड किंगडम के वित्तीय परिदृश्य में एक अलग सकारात्मक तस्वीर उभर रही है। चांसलर द्वारा अपना पहला बजट पेश किए जाने में अब 2 सप्ताह से भी कम समय बचा हुआ है। ब्रिटेन के सामान्य रुझानों के विपरीत, इस आगामी बजट की आर्थिक और वित्तीय पृष्ठभूमि काफी उत्साहजनक नजर आ रही है। यूके बॉन्ड बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिल रही है, जबकि एफटीएसई 100 इस सप्ताह का सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला प्रमुख शेयर सूचकांक बनकर उभरा है। इसके साथ ही ब्रिटिश पाउंड भी अमेरिकी डॉलर के मुकाबले धीरे-धीरे अपनी स्थिति मजबूत और स्थिर कर रहा है। इसका आप पर असर अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड और डॉलर में आई नरमी से सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों को सहारा मिला है, जबकि क्रिप्टो और विदेशी मुद्राओं में अस्थिरता बनी हुई है। • सोने के खरीदारों के लिए: अंतरराष्ट्रीय बाजार में आई रिकवरी से घरेलू खुदरा बाजार में सोने के भाव स्थिर या मजबूत हो सकते हैं। यदि आप शादी-ब्याह या आभूषण खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो डॉलर और बॉन्ड यील्ड की चाल पर नजर रखकर खरीदारी का समय तय करें। • क्रिप्टो निवेशकों के लिए: अमेरिकी महंगाई की चिंताओं के बीच रिपल और अन्य डिजिटल मुद्राओं में भारी बिकवाली देखी जा रही है। डिजिटल एसेट में नया निवेश करने से पहले बाजार के स्थिर होने का इंतजार करना समझदारी होगी। • करेंसी कारोबारियों के लिए: जापानी येन में संभावित सरकारी हस्तक्षेप और अमेरिकी दरों के ठहराव से मुद्रा बाजार में बड़ा उतार-चढ़ाव आ सकता है। फॉरेक्स ट्रेडर्स को स्टॉप लॉस सख्त रखना चाहिए ताकि तेज रिवर्सल से नुकसान न हो। • वैश्विक इक्विटी निवेशकों के लिए: एआई और तकनीकी शेयरों पर दबाव के कारण वैश्विक शेयर बाजारों में कमजोरी देखी जा रही है। ऐसे माहौल में पोर्टफोलियो को केवल टेक शेयरों तक सीमित रखने के बजाय सुरक्षित संपत्तियों में विविधता लाना जरूरी है। ऐसा क्यों हुआ सोने की कीमतों में ताजा सुधार और डॉलर के अपने उच्चतम स्तर से फिसलने के पीछे कई तकनीकी और मैक्रोइकोनॉमिक कारण सक्रिय रहे हैं। सीपीआई आंकड़ों के बाद आई शुरुआती तेजी के बाद ब्याज दरों और डॉलर में ठहराव आने से वित्तीय बाजारों का संतुलन बदला है। • अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट: अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में आई अचानक तेज गिरावट ने अमेरिकी डॉलर पर दबाव डाला, जिससे डॉलर अपनी अप्रैल 2025 की ऊंचाई से नीचे आ गया। इसके साथ ही चीन द्वारा बॉन्ड खरीदारी की चर्चाओं ने भी यील्ड को नीचे धकेलने में अहम भूमिका निभाई। • सीटीए फंड्स की शॉर्ट कवरिंग: डेरिवेटिव्स और कमोडिटी बाजारों में सीटीए फंड्स ने अपनी पिछली मंदी की पोजीशन यानी शॉर्ट ट्रेड्स को तेजी से काटना शुरू किया। इस स्वचालित शॉर्ट कवरिंग ने सोने और अन्य कीमती धातुओं को तुरंत ठोस मूल्य समर्थन प्रदान किया। • एआई निवेश और इक्विटी कमजोरी: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े भारी निवेशों और उनके रिटर्न को लेकर निवेशकों में चिंताएं बढ़ीं, जिससे वैश्विक शेयर बाजारों में कमजोरी आई। इस बिकवाली ने फंड्स को जोखिम भरी संपत्तियों से हटाकर सोने जैसी सुरक्षित संपत्तियों में जाने के लिए प्रेरित किया। • केंद्रीय बैंकों और ईटीएफ की निरंतर मांग: महंगाई और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों की सोने की मजबूत खरीदारी और ईटीएफ में निवेश लगातार बना हुआ है। यह दीर्घकालिक ढांचागत मांग सोने की कीमतों के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच का काम कर रही है। सवाल-जवाब 1. सोने की कीमतों में गुरुवार को तेजी क्यों आई? वैश्विक शेयर बाजारों में कमजोरी, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में गिरावट और सीटीए फंड्स द्वारा शॉर्ट कवरिंग किए जाने से सोने में तेजी आई। 2. टीडी सिक्योरिटीज ने सोने के बारे में क्या विश्लेषण दिया है? टीडी सिक्योरिटीज के अनुसार, ब्याज दरों में नरमी के चलते सीटीए फंड्स अपनी शॉर्ट पोजीशन काट रहे हैं, जिससे कीमती धातुओं को अच्छा सपोर्ट मिल रहा है। 3. डॉलर-येन करेंसी जोड़ी 158.00 से नीचे क्यों फिसली? अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट और जापानी अधिकारियों द्वारा येन को बचाने के लिए बाजार में संभावित हस्तक्षेप की अटकलों से यह जोड़ी 158.00 से नीचे आई। 4. ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में गिरावट की मुख्य वजह क्या रही? ऑस्ट्रेलिया के कमजोर रोजगार आंकड़ों के कारण ऑस्ट्रेलियाई डॉलर गिरकर लगभग 0.6950 के साप्ताहिक निचले स्तर पर पहुंच गया। 5. क्रिप्टो बाजार और रिपल पर क्या असर देखा जा रहा है? अमेरिका में बढ़ती महंगाई की चिंताओं के कारण क्रिप्टो बाजार में बिकवाली जारी है, जिससे रिपल लगभग 1.30 डॉलर के पास मंदी के रुख में फंसा हुआ है। 6. ब्रिटेन के आगामी बजट को लेकर बाजार का माहौल कैसा है? चांसलर के पहले बजट से 2 सप्ताह से कम समय पहले ब्रिटेन में माहौल सकारात्मक है, जहां यूके बॉन्ड में तेजी है और एफटीएसई 100 शीर्ष प्रदर्शन करने वाला सूचकांक बना हुआ है। https://trendkia.com/market/ameriki-bond-yield-aura-dollar-men-giravata-se-sone-men-lauti-teji-kamoditi-phndsa-ki-short-covering-se-mila-sahara-47924 TrendKia — Har trend, sabse pehle.