# अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट और भू-राजनीतिक तनाव के बीच सोने में तेजी, 4,190 डॉलर के पार पहुंचा भाव

> फेडरल रिजर्व की तरफ से ब्याज दरों पर त्वरित संकेत न मिलने और वैश्विक बॉन्ड यील्ड में आई कमजोरी के चलते सोने की कीमतों में सुधार दर्ज किया गया है। मध्य पूर्व में तनाव और सुरक्षित निवेश की मांग ने भी पीली धातु को सहारा दिया है।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-10-19 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/ameriki-bonda-yilda-men-giravata-aura-bhu-rajanitika-tanava-ke-bicha-gold-men-teji-4190-dolara-ke-para-pahuncha-bhava-49341 · **Language:** Hindi
**Tags:** सोना, फेडरल रिजर्व, अमेरिकी डॉलर, बॉन्ड यील्ड, कच्चा तेल, मध्य पूर्व तनाव, कमोडिटी बाजार, वित्त

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में कारोबारी सप्ताह की शुरुआत सकारात्मक रुख के साथ हुई है। शुरुआती एशियाई कारोबारी सत्र में 4,175 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंचने के बाद धातु में मजबूती बनी रही और ताजा कारोबारी सत्र में यह 4,192 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर देखी गई, जो पिछले बंद भाव 4,181 डॉलर के मुकाबले 0.26 प्रतिशत की बढ़त दर्शाता है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में आक्रामक बढ़ोतरी की संभावनाओं के कमजोर पड़ने और वैश्विक स्तर पर बॉन्ड यील्ड में आई गिरावट ने कीमती धातुओं को मजबूत सहारा दिया है। इसके साथ ही मध्य पूर्व और पूर्वी यूरोप में गहराते भू-राजनीतिक संकट ने निवेशकों को सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर आकर्षित किया है।

## फेडरल रिजर्व का सतर्क रुख और ब्याज दरों का परिदृश्य
बैंकॉक में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की बैठकों के दौरान फेडरल रिजर्व के चेयरमैन वारश के वक्तव्यों पर बाजार की पैनी नजर बनी हुई थी। चेयरमैन ने निकट भविष्य में नीतिगत दरों में किसी तात्कालिक बदलाव का स्पष्ट संकेत देने से परहेज किया। उनके वक्तव्य को संतुलित लेकिन अत्यधिक सतर्क माना गया। उनका यह स्वीकार करना कि वे वैश्विक वित्तीय संकट के दौर के कटु अनुभवों से अब भी पूरी तरह उबर नहीं पाए हैं, उनकी जोखिम से बचने की सतत प्रवृत्ति को दर्शाता है। हालांकि उन्होंने बेहतर नीतियों से प्रेरित संरचनात्मक विकास और निवेश में तेजी का भी उल्लेख किया।

रीद कैपिटल पार्टनर्स के मुख्य निवेश अधिकारी जेराल्ड गैन के अनुसार, मुद्रास्फीति अब भी चिंता का विषय बनी हुई है और आगे सख्ती की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, लेकिन वारश के ताजा रुख से यह स्पष्ट होता है कि लगातार दरें बढ़ाने की कोई खास जल्दबाजी नहीं है। फेड प्रमुख ने अक्टूबर और दिसंबर की आगामी बैठकों को उत्पादन, रोजगार और मुद्रास्फीति के वास्तविक आकलन के लिए निर्णायक क्षण करार दिया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रभाव पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि यह निकट अवधि में मांग को बढ़ावा देने वाला कारक है, लेकिन रोजगार पर इसके प्रभाव अभी अनिश्चित हैं। फेडरल रिजर्व किसी भी पूर्व निर्धारित निर्णय पर बंधने के बजाय आने वाले आर्थिक आंकड़ों के आधार पर ही नीति तय करने का पक्षधर बना हुआ है।

## वैश्विक बॉन्ड यील्ड में तेज गिरावट का असर
ड्यूश बैंक की अर्ली मॉर्निंग रीड रिपोर्ट के अनुसार, वित्तीय बाजारों में सबसे बड़ा घटनाक्रम वैश्विक दरों में आई तेज गिरावट रहा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्षेत्र की विकास दर धीमी रहने की आशंकाओं के बीच दुनिया भर के सॉवरेन बॉन्ड यील्ड में नरमी देखी गई। संयुक्त राज्य अमेरिका में 2 वर्षीय ट्रेजरी यील्ड 5.9 बेसिस प्वाइंट गिरकर 4.74 प्रतिशत पर आ गई, जबकि बेंचमार्क 10 वर्षीय बॉन्ड यील्ड 12.7 बेसिस प्वाइंट टूटकर 5.06 प्रतिशत दर्ज की गई।

यह नरमी केवल अमेरिका तक सीमित नहीं रही बल्कि एक व्यापक वैश्विक रुझान के रूप में सामने आई। यूरोप में 10 वर्षीय जर्मन बंड यील्ड में 5.3 बेसिस प्वाइंट की गिरावट दर्ज की गई, जबकि फ्रांसीसी ओएटी यील्ड 8.5 बेसिस प्वाइंट और इतालवी बीटीपी यील्ड 6.7 बेसिस प्वाइंट लुढ़क गई। बॉन्ड यील्ड में इस गिरावट ने अमेरिकी डॉलर पर दबाव बनाया, जिससे बिना ब्याज वाली संपत्तियों जैसे सोने में निवेश का आकर्षण बढ़ गया।

## भू-राजनीतिक घटनाक्रम और तेल आपूर्ति की चिंताएं
भू-राजनीतिक मोर्चे पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्होंने रूस के साथ डीजल निर्यात समझौता किया है और कई प्रतिबंधों को रोक दिया है, क्योंकि वे यूक्रेन के साथ शांति वार्ता से व्लादिमीर पुतिन को दूर नहीं करना चाहते हैं। दूसरी ओर, मध्य पूर्व में हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास वाणिज्यिक जहाजों पर कई हमलों की सूचना मिलने के बाद तेहरान के एक अधिकारी ने चेतावनी दी कि अमेरिका या इजरायल के किसी भी नए हमले का जवाब देने के लिए ईरान ने नई जवाबी रणनीति तैयार कर ली है।

रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष तथा मध्य पूर्व में गहराते विवाद कच्चे तेल की कीमतों को बढ़ाकर नई मुद्रास्फीति चिंताओं को जन्म दे सकते हैं। हालांकि उच्च मुद्रास्फीति पारंपरिक रूप से सोने के पक्ष में काम करती है, लेकिन केंद्रीय बैंकों द्वारा सख्त मौद्रिक नीतियां जारी रखने की आशंकाएं कभी-कभी तेजी को सीमित भी कर सकती हैं।

## विदेशी मुद्रा बाजार में हलचल
मुद्रा बाजार में भी महत्वपूर्ण उतार-चढ़ाव देखने को मिले हैं। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले लगातार दूसरे कारोबारी दिन बढ़त दर्ज की। रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया के सहायक गवर्नर क्रिस केंट के सख्त बयानों और चीन से आने वाले व्यापक आर्थिक आंकड़ों से पहले ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा 0.6900 के निचले स्तर से उबरकर तीन महीने के उच्चतम स्तर के करीब पहुंच गई।

दूसरी ओर, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले जापानी येन में मजबूती के कारण डॉलर-येन जोड़ी पर दबाव देखा गया। बैंक ऑफ जापान के गवर्नर काजुओ उएदा के सख्त रुख और मुद्रा बाजार में संभावित सरकारी हस्तक्षेप की आशंकाओं ने येन को समर्थन दिया है। हालांकि, फेडरल रिजर्व द्वारा दरों में सख्ती बनाए रखने की दीर्घकालिक संभावनाओं ने डॉलर को भारी गिरावट से रोके रखा है।

## सोने का ऐतिहासिक महत्व और केंद्रीय बैंकों की भूमिका
मानव इतिहास में सोने की भूमिका हमेशा से मूल्य के संचय और विनिमय के माध्यम के रूप में अटूट रही है। आभूषणों के निर्माण के अलावा, संकट के समय में इसे सबसे सुरक्षित वित्तीय आश्रय माना जाता है। किसी विशिष्ट सरकार या संस्था पर निर्भर न होने के कारण यह मुद्रा अवमूल्यन और अनियंत्रित मुद्रास्फीति के विरुद्ध एक मजबूत सुरक्षा कवच प्रदान करता है।

दुनिया भर के केंद्रीय बैंक सोने के सबसे बड़े धारक हैं। अशांत आर्थिक दौर में अपनी स्थानीय मुद्राओं को सहारा देने और विदेशी मुद्रा भंडार में विविधता लाने के लिए केंद्रीय बैंक भारी मात्रा में सोना खरीदते हैं। उच्च स्वर्ण भंडार किसी भी देश की वित्तीय साख का मजबूत पैमाना माना जाता है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2022 में केंद्रीय बैंकों ने अपने भंडारों में रिकॉर्ड 1,136 टन सोना जोड़ा, जिसकी कीमत लगभग 70 अरब डॉलर थी। यह इतिहास में किसी एक वर्ष में की गई सबसे बड़ी आधिकारिक खरीद थी। चीन, भारत और तुर्की जैसे उभरते बाजारों के केंद्रीय बैंक लगातार अपने स्वर्ण भंडार में उल्लेखनीय वृद्धि कर रहे हैं।

## तकनीकी स्तर और बाजार का दायरा
तकनीकी विश्लेषण के नजरिए से सोने की चाल एक सीमित दायरे में बनी हुई है। लाइव तकनीकी आंकड़ों के अनुसार, 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स 45 के स्तर पर तटस्थ स्थिति में है, जबकि मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस हिस्टोग्राम 6.19 के साथ हल्का सकारात्मक संकेत दे रहा है। 20-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज 4,217 डॉलर, 50-दिवसीय 4,284 डॉलर और 200-दिवसीय 4,438 डॉलर पर स्थित है, जो दीर्घकालिक स्तर पर सुधार की गुंजाइश को रेखांकित करता है।

बोलिंजर बैंड्स के अनुसार, 4,070 डॉलर से 4,339 डॉलर का दायरा बना हुआ है, जिसका मध्य स्तर 4,205 डॉलर पर स्थित है। दैनिक चार्ट पर 4,185 डॉलर से ऊपर का बंद भाव स्थिरता का पहला संकेत माना जाएगा। तेजी के मार्ग में 4,208 डॉलर और 4,224 डॉलर के प्रतिरोध स्तर मौजूद हैं, जबकि प्रमुख बाधा 100-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज 4,240 डॉलर और ऊपरी बैंड 4,315 डॉलर पर स्थित है। नीचे की ओर, प्रारंभिक समर्थन 4,176 डॉलर और 4,160 डॉलर पर है, जबकि 4,053.65 डॉलर और 4,091 डॉलर के स्तर मजबूत सुरक्षा आधार का काम कर सकते हैं। पिछले 52 हफ्तों के दौरान सोने का न्यूनतम स्तर 3,901 डॉलर और उच्चतम स्तर 5,586 डॉलर दर्ज किया गया है।

## इसका आप पर असर
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में आए इस बदलाव का सीधा असर घरेलू खुदरा आभूषण खरीदारों, निवेशकों और आयात लागत पर पड़ता है।

- **भारत में:** अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने के 4,190 डॉलर के पार जाने से घरेलू सर्राफा बाजार में शादी-ब्याह के मौसम के दौरान आभूषणों की खुदरा कीमतें बढ़ सकती हैं। निवेशकों को सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड या गोल्ड ईटीएफ में निवेश करते समय डॉलर और रुपये की विनिमय दर पर भी नजर रखनी चाहिए।
- **आभूषण खरीदारों पर:** गहनों की बढ़ती कीमतों के कारण खरीदारों को हल्के वजन के आभूषणों या डिजिटल गोल्ड के विकल्पों पर विचार करना पड़ सकता है। त्योहारों और विवाह सीजन में खरीदारी करने वाले ग्राहकों को अग्रिम बुकिंग जैसे विकल्पों का सहारा लेना चाहिए।
- **कमोडिटी ट्रेडर्स के लिए:** बॉन्ड यील्ड में गिरावट से सोने में 4,200 डॉलर के स्तर तक और सुधार देखने को मिल सकता है। व्यापारियों को 4,160 डॉलर के स्टॉप-लॉस के साथ अपने पोजीशन का प्रबंधन करना चाहिए।
- **मुद्रास्फीति और ऊर्जा लागत:** होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव से कच्चे तेल के दाम बढ़ने पर आम उपभोक्ता के लिए ईंधन और परिवहन खर्च महंगा हो सकता है। इससे घरेलू बजट पर प्रत्यक्ष असर पड़ेगा और जरूरी वस्तुओं की कीमतों में तेजी आ सकती है।

## ऐसा क्यों हुआ
सोने की कीमतों में ताजा उछाल केंद्रीय बैंक की ब्याज दर नीतियों में ठहराव और वैश्विक वित्तीय अनिश्चितताओं के एक साथ उभरने का परिणाम है। सुरक्षित संपत्तियों की मांग और घटती बॉन्ड यील्ड ने कीमती धातु की कीमतों को निचली सीमाओं से वापस खींचने में मदद की है।

- **फेडरल रिजर्व की अस्पष्टता:** फेडरल रिजर्व के चेयरमैन ने बैंकॉक में दरों में तत्काल बढ़ोतरी का कोई ठोस संकेत नहीं दिया, जिससे आक्रामक मौद्रिक सख्ती की आशंकाएं कम हुईं। इस नीतिगत ठहराव ने गैर-ब्याज वाली धातु के प्रति निवेशकों का भरोसा फिर से बहाल किया।
- **बॉन्ड यील्ड में भारी गिरावट:** तकनीकी क्षेत्र में सुस्ती की चिंताओं के कारण अमेरिकी 10 वर्षीय यील्ड में 12.7 बेसिस प्वाइंट की तेज गिरावट दर्ज हुई, जिससे डॉलर कमजोर हुआ। कम बॉन्ड यील्ड सीधे तौर पर सोने को वैकल्पिक निवेश के रूप में अधिक आकर्षक बनाती है।
- **मध्य पूर्व में युद्ध का जोखिम:** होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हुए हमलों और ईरान की जवाबी चेतावनी ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार में व्यवधान की आशंकाएं बढ़ा दी हैं। इस गंभीर भू-राजनीतिक तनाव ने वैश्विक फंडों को सुरक्षित वित्तीय संपत्तियों की ओर शरण लेने के लिए प्रेरित किया।
- **केंद्रीय बैंकों की निरंतर खरीदारी:** वित्तीय संकटों और मुद्रा अवमूल्यन के जोखिमों से निपटने के लिए प्रमुख देशों के केंद्रीय बैंक लगातार अपने स्वर्ण भंडार को मजबूत कर रहे हैं। उभरते देशों की यह संस्थागत मांग सोने के लिए एक मजबूत सुरक्षा तल प्रदान कर रही है।

## सवाल-जवाब

### 1. सोने की कीमत में ताजा उछाल का मुख्य कारण क्या है?
फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में तात्कालिक बढ़ोतरी के संकेत न देना, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट और मध्य पूर्व में बढ़ा भू-राजनीतिक तनाव सोने में तेजी के मुख्य कारण हैं।

### 2. फेडरल रिजर्व के चेयरमैन ने ब्याज दरों के संबंध में क्या कहा?
चेयरमैन वारश ने बैंकॉक में स्पष्ट किया कि आने वाले नीतिगत फैसलों के लिए अक्टूबर और दिसंबर की बैठकें महत्वपूर्ण होंगी और वे बिना पुख्ता आंकड़ों के कोई पूर्व-निर्धारित फैसला नहीं लेंगे।

### 3. बॉन्ड यील्ड में कितनी गिरावट दर्ज की गई?
अमेरिका में 2 वर्षीय ट्रेजरी यील्ड 5.9 बेसिस प्वाइंट गिरकर 4.74 प्रतिशत और 10 वर्षीय बॉन्ड यील्ड 12.7 बेसिस प्वाइंट गिरकर 5.06 प्रतिशत पर आ गई।

### 4. मध्य पूर्व में कौन से नए भू-राजनीतिक जोखिम सामने आए हैं?
होर्मुज जलडमरूमध्य के पास वाणिज्यिक जहाजों पर कई हमले हुए हैं और ईरान ने किसी भी नए हमले का जवाब देने के लिए नई रणनीति तैयार करने की चेतावनी दी है।

### 5. वर्ष 2022 में केंद्रीय बैंकों ने कितना सोना खरीदा था?
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के अनुसार, केंद्रीय बैंकों ने 2022 में 70 अरब डॉलर मूल्य का 1,136 टन सोना अपने भंडारों में जोड़ा था, जो एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड है।

### 6. सोने के लिए तात्कालिक तकनीकी प्रतिरोध और समर्थन स्तर क्या हैं?
सोने के लिए 4,208 और 4,224 डॉलर पर तात्कालिक प्रतिरोध है, जबकि नीचे की ओर 4,176 और 4,160 डॉलर पर पहला समर्थन स्तर बना हुआ है।

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