अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट से डॉलर बैकफुट पर, स्विस फ्रैंक में लौटी मजबूती कच्चे तेल में नरमी के चलते अमेरिकी 10-वर्षीय यील्ड गिरकर 4.93 फीसदी पर आ गई है, जिससे डॉलर पर दबाव बढ़ा और स्विस फ्रैंक को मजबूती मिली। हालांकि फेड की सख्त टिप्पणियों ने गिरावट को सीमित रखा। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में शुक्रवार के कारोबारी सत्र के दौरान स्विस फ्रैंक के मुकाबले अमेरिकी डॉलर में लगातार दूसरे दिन कमजोरी देखी गई। एशियाई कारोबारी घंटों में यूएसडी/सीएचएफ की जोड़ी करीब 0.8230 के इर्द-गिर्द कारोबार करती नजर आई, जबकि ताजा सत्र के समाप्ति स्तर के अनुसार यह 0.8218 पर आ चुकी है, जो पिछले बंद स्तर 0.8249 से 0.37 फीसदी की दैनिक गिरावट दर्शाती है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि कच्चे तेल की कीमतों में आई ताजा गिरावट ने वैश्विक स्तर पर महंगाई को लेकर बनी चिंताओं को थोड़ा शांत किया है, जिसका सीधा नकारात्मक असर ग्रीनबैक यानी अमेरिकी डॉलर की मांग पर पड़ा है। ऊर्जा बाजार में यह राहत मुख्य रूप से सऊदी अरब में पाइपलाइन बहाली के सक्रिय प्रयासों और आगामी अमेरिकी तथा खाड़ी देशों के नेताओं के बीच होने वाली उच्चस्तरीय वार्ताओं की खबरों के बाद देखने को मिली है। कच्चे तेल के भाव फिसलने से अमेरिकी ट्रेजरी बाजार में बेंचमार्क यील्ड अपने बहु-वर्षीय शिखरों से पीछे हट गई है। सप्ताह के शुरुआती दिनों में 5.0 फीसदी के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार करने के बाद, 10-वर्षीय अमेरिकी सरकारी बॉन्ड यील्ड घटकर करीब 4.93 फीसदी पर आ गई है। यील्ड में आई इस कमी ने डॉलर में जारी हालिया तेजी की रफ्तार को थाम लिया है। फेडरल रिजर्व के सख्त तेवर और ब्याज दर वृद्धि के अनुमान हालांकि अमेरिकी डॉलर में बड़ी गिरावट की संभावना पर फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वार्श की सख्त टिप्पणियों ने एक तरह से ब्रेक लगा दिया है। फेड चेयरमैन ने सार्वजनिक मंच से आगाह किया कि मुद्रास्फीति बहुत लंबे समय से लक्ष्य से कहीं अधिक ऊंचाई पर बनी हुई है। उन्होंने इस बात को भी रेखांकित किया कि हाल ही में गर्मियों के दौरान सामने आए आर्थिक आंकड़े किसी भी तरह के सार्थक ढांचागत सुधार को प्रदर्शित करने में नाकाम रहे हैं। वार्श की इन तीखी टिप्पणियों के बाद ब्याज दर वायदा बाजार में उम्मीदें बहुत तेजी से बदली हैं। सीएमई फेडवॉच टूल के आंकड़ों से पता चलता है कि ट्रेडर अब फेडरल रिजर्व की आगामी अक्टूबर बैठक में एक और ब्याज दर वृद्धि की 53.1 फीसदी संभावना मानकर चल रहे हैं। उल्लेखनीय है कि केवल एक दिन पहले तक दर बढ़ोतरी की यह संभावना महज 44 फीसदी पर आंकी जा रही थी। नीतिगत दरों में आगे और सख्ती का यह परिदृश्य डॉलर के लिए एक मजबूत सपोर्ट का काम कर रहा है। यूओबी ग्रुप का तकनीकी दृष्टिकोण और महत्वपूर्ण ट्रेडिंग स्तर यूओबी ग्रुप के रणनीतिकारों ने यूएसडी/सीएचएफ के हालिया रुख पर विश्लेषण साझा करते हुए बताया है कि मुद्रा जोड़ी की हालिया तेजी उनके पिछले अनुमानों के बिल्कुल अनुरूप रही है। मंगलवार 15 सितंबर को जब हाजिर भाव 0.8175 पर था, तब रणनीतिकारों ने स्पष्ट किया था कि 0.8245 तक आगे बढ़ने से पहले डॉलर को 0.8205 के स्तर को तोड़कर उसके ऊपर टिकना होगा। बाद में इस जोड़ी ने दोनों स्तरों को पार करते हुए 0.8265 का उच्च स्तर छुआ, जिसने अल्पकालिक तेजी के रुझान की पुष्टि की। इसके बावजूद यूओबी ने निवेशकों को सतर्क करते हुए जोड़ा है कि भले ही गति मजबूत बनी हुई है, लेकिन यह कहना जल्दबाजी होगी कि डॉलर 0.8300 के पार निकलने के लिए पूरी तरह सक्षम है। नीचे की ओर, रणनीतिकारों का कहना है कि यदि भाव 0.8185 के नीचे फिसलते हैं, तो इसका अर्थ होगा कि पिछले सप्ताह के अंत से बनी तेजी की रफ्तार मंद पड़ रही है। दैनिक चार्ट पर 0.8145 का स्तर पहले मजबूत समर्थन बना हुआ था। यदि मुद्रा जोड़ी वर्तमान समर्थन को बनाए रखने में विफल रहती है, तो 1 से 3 सप्ताह के दायरे में तेजी का रुझान पूरी तरह कमजोर पड़ सकता है। स्विस फ्रैंक की बुनियादी विशेषताएं और सेफ-हेवन दर्जा स्विस फ्रैंक स्विट्जरलैंड की आधिकारिक मुद्रा है और यह दुनिया की शीर्ष दस सबसे अधिक कारोबार की जाने वाली मुद्राओं में शामिल है। इसका ट्रेडिंग वॉल्यूम अक्सर स्विट्जरलैंड की कुल अर्थव्यवस्था के आकार से भी कई गुना अधिक निकल जाता है। वैश्विक वित्तीय पटल पर स्विस फ्रैंक का मूल्य व्यापक बाजार धारणा, देश की आर्थिक सेहत और स्विस नेशनल बैंक द्वारा लिए जाने वाले नीतिगत फैसलों पर निर्भर करता है। वैश्विक निवेशक स्विस फ्रैंक को एक सुरक्षित ठिकाना यानी सेफ-हेवन संपत्ति मानते हैं। अनिश्चितता, भू-राजनीतिक तनाव या बाजार में उथल-पुथल के समय पूंजी की सुरक्षा चाहने वाले निवेशक अक्सर स्विस फ्रैंक की ओर रुख करते हैं। स्विट्जरलैंड की स्थिर अर्थव्यवस्था, मजबूत निर्यात क्षेत्र, केंद्रीय बैंक का विशाल विदेशी मुद्रा भंडार और अंतरराष्ट्रीय संघर्षों में तटस्थ रहने की इसकी दीर्घकालिक ऐतिहासिक नीति फ्रैंक को वैश्विक निवेशकों के बीच अत्यंत विश्वसनीय विकल्प बनाती है। ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य में देखें तो वर्ष 2011 से 2015 के बीच स्विस फ्रैंक को यूरो के साथ एक निश्चित सीमा में बांधकर (पेग्ड) रखा गया था। इस व्यवस्था को स्विस नेशनल बैंक ने अचानक खत्म कर दिया था, जिसके बाद फ्रैंक की कीमत में 20 फीसदी से अधिक का अप्रत्याशित उछाल आया था और वैश्विक वित्तीय बाजारों में हड़कंप मच गया था। भले ही वह पैग अब प्रभावी नहीं है, फिर भी पड़ोसी यूरोज़ोन पर स्विस अर्थव्यवस्था की भारी निर्भरता के कारण फ्रैंक और यूरो के भाग्य एक-दूसरे से बेहद मजबूती से जुड़े हुए हैं। कई आर्थिक मॉडल बताते हैं कि यूरो और स्विस फ्रैंक के बीच 90 फीसदी से अधिक का सहसंबंध यानी कोरिलेशन मौजूद है। स्विस नेशनल बैंक की मौद्रिक नीति और आर्थिक संकेतक स्विस नेशनल बैंक मौद्रिक नीति पर निर्णय लेने के लिए साल में केवल चार बार, यानी प्रत्येक तिमाही में एक बार बैठक करता है। अन्य प्रमुख केंद्रीय बैंकों की तुलना में यह आवृत्ति काफी कम है। केंद्रीय बैंक का प्राथमिक उद्देश्य वार्षिक मुद्रास्फीति दर को 2 फीसदी से कम बनाए रखना है। जब भी महंगाई लक्ष्य से अधिक होती है या निकट भविष्य में इसके बढ़ने का अंदेशा होता है, तो बैंक दरों में बढ़ोतरी करके कीमतों पर लगाम कसता है। ऊंची ब्याज दरें आम तौर पर स्विस फ्रैंक के लिए सकारात्मक मानी जाती हैं क्योंकि वे पैदावार बढ़ाती हैं और देश को पूंजी प्रवाह के लिए अधिक आकर्षक बनाती हैं। इसके विपरीत, कम ब्याज दरें फ्रैंक को कमजोर करने का काम करती हैं। स्विट्जरलैंड से जारी होने वाले व्यापक आर्थिक आंकड़े देश की आर्थिक सेहत का आकलन करने के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। स्विस अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से स्थिर मानी जाती है, लेकिन आर्थिक विकास, महंगाई दर, चालू खाता संतुलन या केंद्रीय बैंक के विदेशी मुद्रा भंडार में अचानक आने वाले बदलाव सीधे फ्रैंक के मूल्यांकन पर असर डालते हैं। सामान्य तौर पर मजबूत आर्थिक विकास, कम बेरोजगारी दर और ऊंचा व्यावसायिक भरोसा मुद्रा के लिए अनुकूल होते हैं। यूरोपीय संघ स्विट्जरलैंड का मुख्य आर्थिक साझेदार और प्रमुख सहयोगी है, इसलिए यूरोज़ोन में नीतिगत स्थिरता स्विस फ्रैंक के स्थायित्व के लिए आवश्यक मानी जाती है। वैश्विक फॉरेक्स और कमोडिटी बाजार का व्यापक परिदृश्य अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी का असर अन्य प्रमुख मुद्रा जोड़ियों और कीमती धातुओं पर भी साफ नजर आ रहा है। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन सकारात्मक रुख के साथ कारोबार करता दिखा और एशियाई सत्र में 0.7100 के ऊपर टिका रहा। अमेरिकी यील्ड में नरमी के अलावा रिज़र्व बैंक ऑफ़ ऑस्ट्रेलिया की गवर्नर बुलॉक की सख्त टिप्पणियों ने वहां ब्याज दर वृद्धि के दांव को बढ़ाकर ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को सहारा दिया। हालांकि, फेड की तरफ से दरों को ऊंचा रखने के संकेत और वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं ने इस जोड़ी की बढ़त को सीमित रखा। दूसरी ओर, डॉलर/येन की जोड़ी में शुक्रवार के एशियाई सत्र के दौरान नई खरीदारी देखी गई और यह उछलकर 157.00 के पार पहुंच गई। बैंक ऑफ़ जापान द्वारा नीतिगत ब्याज दर को बढ़ाकर 1.25 फीसदी करने और आक्रामक नीतिगत बयान जारी करने के बावजूद जापानी येन भारी बिकवाली दबाव में आ गया। दर बढ़ोतरी के खिलाफ दो असहमति वोटों ने बाजार धारणा को प्रभावित किया, जिसके चलते सभी निवेशकों की नजरें बैंक ऑफ़ जापान के गवर्नर उएदा की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर टिकी रहीं। गौरतलब है कि एक दशक से अधिक समय तक जापान की अल्ट्रा-लो ब्याज दरों ने दुनिया भर में खरबों डॉलर के निवेश को वित्तपोषित करने में मदद की थी, जिससे येन सबसे सस्ता फंडिंग स्रोत बना हुआ था, लेकिन अब यह समीकरण नए दौर में प्रवेश कर रहा है। कीमती धातुओं के खंड में सोने ने गुरुवार की अपनी रिकवरी को बरकरार रखा और शुक्रवार सुबह यह 4,350 डॉलर के करीब स्थिर रहा। गिरती तेल कीमतों और कम होती अमेरिकी यील्ड के बीच सोने ने गुरुवार का कारोबार 100-दिवसीय एसएमए के ऊपर लगभग 4,320 डॉलर के पास बंद किया था, जहां इसका दैनिक आरएसआई तटस्थ स्थिति में दिखाई दे रहा है। हालांकि खरीदार अभी भी सतर्क रुख अपनाए हुए हैं। तकनीकी संकेतक और प्रमुख स्तर वर्तमान बाजार आंकड़ों के अनुसार यूएसडी/सीएचएफ की 52-सप्ताह की ट्रेडिंग रेंज 0.7629 से 0.8262 के बीच रही है। तकनीकी संकेतकों की बात करें तो 14-दिवसीय आरएसआई 63 के स्तर पर है, जो मध्यम मजबूती का संकेत देता है। एमएसीडी अपने सिग्नल लाइन के साथ 0.00 पर समतल होते हुए तेजी का मामूली रुझान दर्शा रहा है। मूविंग एवरेज संरचना दीर्घकालिक तेजी की ओर इशारा कर रही है, जहां 20-दिवसीय ईएमए 0.8144, 50-दिवसीय ईएमए 0.8101 और 200-दिवसीय ईएमए 0.7999 पर स्थित है। 50-दिवसीय ईएमए के 200-दिवसीय ईएमए से ऊपर होने के कारण चार्ट पर गोल्डन क्रॉस बना हुआ है। बोलिंगर बैंड (20,2) का दायरा 0.7982 से 0.8255 के बीच है, जिसमें मध्य रेखा 0.8119 पर है और मौजूदा भाव बैंड के भीतर बने हुए हैं। 14-दिवसीय एडीएक्स 20 पर है, जो बाजार में ट्रेंड की कमजोरी और सीमित दायरे का संकेत देता है। स्टोकेस्टिक संकेतक पर फास्ट लाइन 78 और सिग्नल लाइन 89 पर है। दैनिक अस्थिरता के आधार पर एटीआर 0.01 पर मापा गया है, जिसे ट्रेडर्स स्टॉप-लॉस बफर के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं। इंट्राडे लेवल्स के लिए दैनिक पिवट बिंदु 0.8231 पर है, जिसके ऊपर रेजिस्टेंस R1 0.8247 और R2 0.8275 पर मौजूद है। वहीं नीचे की तरफ पहला सपोर्ट S1 0.8203 और दूसरा सपोर्ट S2 0.8187 पर स्थित है, जबकि 20-दिवसीय समर्थन 0.8014 और प्रतिरोध 0.8262 के करीब देखा जा रहा है। इसका आप पर असर कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड के पीछे हटने से अंतरराष्ट्रीय मुद्रा विनिमय दरों तथा वैश्विक उधारी लागत पर सीधा असर पड़ रहा है। • मुद्रा कारोबारियों के लिए: यूएसडी/सीएचएफ जोड़ी में आई नरमी और 0.8230 के नीचे फिसलन से अल्पकालिक तेजी का रुझान मंद पड़ा है। ट्रेडर्स को 0.8185 के महत्वपूर्ण सपोर्ट और 0.8247 के रेजिस्टेंस स्तरों पर कड़ी नजर रखनी चाहिए। • आयात-निर्यात और व्यवसायों पर: कच्चे तेल में नरमी और डॉलर पर दबाव से ऊर्जा आयात लागत में फौरी राहत मिल सकती है। हालांकि फेड द्वारा अक्टूबर में ब्याज दर बढ़ाने की 53.1 फीसदी संभावना से डॉलर में गिरावट सीमित रह सकती है, जिससे कंपनियों को हेजिंग रणनीति संतुलित रखनी होगी। • विदेशी निवेश और सुरक्षित संपत्तियों पर: भू-राजनीतिक अनिश्चितता और बाजार की उथल-पुथल के बीच स्विस फ्रैंक तथा सोने में निवेश की मांग बनी हुई है। अंतरराष्ट्रीय पोर्टफोलियो में सुरक्षित संपत्तियों का आवंटन बढ़ाने वाले निवेशकों को कम जोखिम वाली मुद्राओं से सहारा मिल सकता है। • ब्याज दरों के परिदृश्य पर: अमेरिकी 10-वर्षीय यील्ड 4.93 फीसदी पर आने से वैश्विक बॉन्ड बाजारों को अस्थायी स्थिरता मिली है। फेड के आक्रामक रुख के कारण आगामी हफ्तों में घरेलू व अंतरराष्ट्रीय ऋण दरों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। ऐसा क्यों हुआ अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में डॉलर पर दबाव और स्विस फ्रैंक की मजबूती कच्चे तेल में नरमी, गिरती बॉन्ड यील्ड और फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति संबंधी अपेक्षाओं के मिले-जुले असर का परिणाम है। • कच्चे तेल में नरमी और यील्ड में गिरावट: सऊदी अरब द्वारा पाइपलाइन बहाली के काम और आगामी कूटनीतिक वार्ताओं से तेल के दाम गिरे, जिससे महंगाई की चिंताएं शांत हुईं। इसके चलते 10-वर्षीय अमेरिकी बॉन्ड यील्ड 5.0 फीसदी के शिखर से फिसलकर 4.93 फीसदी पर आ गई, जिसने डॉलर की अपील को घटा दिया। • फेड चेयरमैन की सख्त टिप्पणी: फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वार्श ने जोर देकर कहा कि मुद्रास्फीति लंबे समय से बहुत अधिक है और गर्मियों के आंकड़ों में सुधार नहीं दिखा है। इस बयान के बाद अक्टूबर में ब्याज दर बढ़ने की संभावना 44 फीसदी से उछलकर 53.1 फीसदी हो गई, जिसने डॉलर को बड़ा नुकसान झेलने से बचा लिया। • स्विस फ्रैंक का मजबूत बुनियादी ढांचा: स्विट्जरलैंड की राजनीतिक तटस्थता, मजबूत निर्यात क्षेत्र और बड़े विदेशी मुद्रा भंडार के कारण अनिश्चितता के दौर में निवेशक फ्रैंक को सुरक्षित पनाहगाह के तौर पर चुनते हैं। सवाल-जवाब 1. अमेरिकी डॉलर के मुकाबले स्विस फ्रैंक में बढ़त क्यों दर्ज की गई? कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से महंगाई की चिंताएं घटीं, जिससे अमेरिकी 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड गिरकर 4.93 फीसदी पर आ गई और डॉलर पर बिकवाली दबाव बढ़ गया। 2. फेड चेयरमैन केविन वार्श ने महंगाई और ब्याज दरों पर क्या कहा? वार्श ने कहा कि महंगाई बहुत लंबे समय से काफी ऊंची है और हालिया आंकड़ों में ढांचागत सुधार नहीं दिखा है, जिसके बाद अक्टूबर में दर बढ़ने का अनुमान 53.1 फीसदी तक पहुंच गया। 3. यूओबी ग्रुप के अनुसार यूएसडी/सीएचएफ के लिए अहम तकनीकी स्तर कौन से हैं? यूओबी के मुताबिक 0.8185 का स्तर अहम सपोर्ट है जिसके टूटने पर तेजी कमजोर पड़ सकती है, जबकि ऊपर की ओर 0.8300 का स्तर पार करना फिलहाल अनिश्चित बना हुआ है। 4. वैश्विक बाजारों में स्विस फ्रैंक को सुरक्षित संपत्ति क्यों माना जाता है? स्विट्जरलैंड की स्थिर अर्थव्यवस्था, विशाल केंद्रीय बैंक भंडार, मजबूत निर्यात और अंतरराष्ट्रीय संघर्षों में तटस्थता की नीति फ्रैंक को संकट के समय पसंदीदा बनाती है। 5. बैंक ऑफ़ जापान की ब्याज दर वृद्धि के बाद येन पर क्या असर हुआ? बैंक ऑफ़ जापान द्वारा दरें बढ़ाकर 1.25 फीसदी करने के बावजूद असहमति वोटों के कारण येन में बिकवाली बढ़ी और यूएसडी/जेपीवाई उछलकर 157.00 के पार निकल गया। 6. सोने के बाजार में शुक्रवार को क्या रुझान देखा गया? कमजोर बॉन्ड यील्ड और नरमी के बीच सोना शुक्रवार सुबह 4,350 डॉलर के करीब स्थिर रहा और इसने 100-दिवसीय एसएमए 4,320 डॉलर के ऊपर बढ़त बनाए रखी। https://trendkia.com/market/ameriki-bonda-yilda-men-giravata-se-usd-baikaphuta-para-swiss-franc-men-lauti-majabuti-33550 TrendKia — Har trend, sabse pehle.