अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उछाल से सोने की रफ्तार थमी, 100-दिवसीय एसएमए पर कड़ा मुकाबला अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड के 5% के स्तर को छूने और डॉलर में मजबूती के चलते सोने की तेजी 100-दिवसीय एसएमए के पास रुक गई है। फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की भारी संभावनाओं के बीच सर्राफा बाजार कड़े तकनीकी दायरे में फंसा है। अंतरराष्ट्रीय सर्राफा बाजार में सोने की चाल एक बार फिर भारी तकनीकी और बुनियादी दबाव के घेरे में आ गई है। अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड में आए तेज उछाल और डॉलर की मजबूती ने सुरक्षित निवेश माने जाने वाले इस गैर-यील्ड वाले कीमती धातु पर कड़ा ब्रेक लगा दिया है। चार्ट पर सोने की कीमतें 100-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज (एसएमए) यानी $4,328 के मजबूत रेजिस्टेंस लेवल को पार करने के लिए संघर्ष कर रही हैं। मंगलवार के कारोबार में XAU/USD $4,295 प्रति औंस के आसपास कारोबार करता नजर आया, जिसमें 0.06% की गिरावट दर्ज की गई। डॉलर इंडेक्स (DXY) छह प्रमुख मुद्राओं की तुलना में 0.19% की बढ़त के साथ 99.66 के स्तर पर पहुंच गया, जिससे सर्राफा खरीदारों की रफ्तार कमजोर पड़ गई। ऊर्जा संकट और 5% तक पहुंची अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड बाजार में इस बड़े बदलाव की मुख्य वजह मध्य पूर्व में बढ़ता तनाव और ऊर्जा आपूर्ति से जुड़े झटके हैं। सऊदी अरब की ईस्ट-वेस्ट ऑयल पाइपलाइन पर हूती विद्रोहियों द्वारा किए गए हमले के बाद ऊर्जा कीमतों में अचानक तेजी आ गई। इस व्यवधान के कारण प्रतिदिन लगभग 70 लाख बैरल तेल उत्पादन कम से कम तीन से पांच सप्ताह के लिए बंद होने का अनुमान है। तेल की आपूर्ति में इस बड़े व्यवधान ने निवेशकों के बीच महंगाई के एक नए दौर की आशंका पैदा कर दी है। महंगाई दोबारा भड़कने के इसी डर ने अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड को 5% की सीमा के पार धकेल दिया, जो लगभग 19 वर्षों में नहीं देखा गया स्तर था। इसके बाद यील्ड 5.00% पर स्थिर हुई। चूंकि बॉन्ड यील्ड निवेश का एक निश्चित रिटर्न देती है, इसलिए ब्याज न देने वाले सोने का आकर्षण कम हुआ है। फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों में बढ़ोतरी की प्रबल संभावना ट्रेजरी यील्ड में इस इजाफे ने अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा मौद्रिक नीति को और अधिक सख्त करने की अटकलों को पुख्ता कर दिया है। प्राइम टर्मिनल के आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर की बैठक में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना 97% तक पहुंच चुकी है, जबकि दिसंबर की बैठक के लिए यह संभावना बढ़कर 99% हो गई है। जब केंद्रीय बैंक दरों को उच्च स्तर पर रखते हैं या उनमें इजाफा करते हैं, तो डॉलर और सरकारी बॉन्ड में पूंजी का प्रवाह बढ़ जाता है, जिससे सोने पर सीधा दबाव बनता है। लेबर मार्केट के मोर्चे पर भी मजबूती के संकेत मिले हैं; चार सप्ताह का औसत एडीपी रोजगार बदलाव पिछले सप्ताह के संशोधित आंकड़े 12.25K की तुलना में 16.25K अधिक दर्ज किया गया। यह मजबूत लेबर डेटा नीति निर्माताओं को सख्त कदम उठाने के लिए और अधिक गुंजाइश देता है। तकनीकी स्तर: 100-दिवसीय और 50-दिवसीय एसएमए के बीच फंसा सर्राफा तकनीकी चार्ट पर नजर डालें तो सोने की कीमत वर्तमान में दो अहम मूविंग एवरेज के बीच फंसी नजर आ रही है। ऊपर की तरफ 100-दिवसीय एसएमए ($4,328) एक मजबूत छत की तरह काम कर रहा है, जिसे बुल्स पार नहीं कर पा रहे हैं। वहीं नीचे की तरफ 50-दिवसीय एसएमए यानी $4,275 का स्तर खरीदारों के लिए रक्षा पंक्ति बना हुआ है। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (आरएसआई) मंदी का रुख दर्शा रहा है, लेकिन किसी एक पक्ष की निर्णायक जीत का संकेत नहीं दे रहा। यदि कीमतें $4,275 के 50-दिवसीय एसएमए से नीचे फिसलती हैं, तो बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है। ऐसी स्थिति में बाजार 6 जुलाई के उच्च स्तर $4,202 की ओर रुख कर सकता है, और इसके बाद 29 जुलाई के $3,996 के निचले स्तर का परीक्षण हो सकता है, जो $4,000 का अहम मनोवैज्ञानिक स्तर भी है। लाइव मार्केट डेटा और वर्तमान तकनीकी संकेत लाइव मार्केट डेटा के अनुसार, सत्र के ताजा आंकड़ों में सोना $4,425 पर दर्ज हुआ है, जो पिछले बंद भाव $4,400 से 0.57% की बढ़त दर्शाता है। इसका 52-सप्ताह का दायरा $3,664 से $5,586 के बीच रहा है, जबकि वॉल्यूम 20-दिवसीय औसत का 0.90 गुना है। तकनीकी संकेतकों में 14-दिवसीय आरएसआई 50 पर स्थिर है, जो न्यूट्रल मोमेंटम दर्शाता है। एमएसीडी -1.38 और सिग्नल लाइन 19.46 (हिस्टोग्राम -20.83) पर मंदी का रुख दिखा रहा है। 20-दिवसीय ईएमए $4,430, 50-दिवसीय ईएमए $4,393 और 200-दिवसीय ईएमए $4,426 पर स्थित हैं, जबकि 50-दिवसीय एसएमए $4,325 और 200-दिवसीय एसएमए $4,553 पर है। 50-दिवसीय ईएमए का 200-दिवसीय ईएमए से नीचे जाना एक डेथ क्रॉस दर्शाता है। बॉलिंगर बैंड ($4,255 से $4,729) के भीतर कीमत बनी हुई है, जबकि एडीएक्स 17 पर कमजोर ट्रेंड की पुष्टि करता है। वर्तमान पिवट पॉइंट $4,412 पर है, जिसके ऊपर रेजिस्टेंस R1 $4,452 और R2 $4,480 हैं, जबकि नीचे सपोर्ट S1 $4,385 और S2 $4,345 पर मौजूद हैं। सुरक्षित निवेश और केंद्रीय बैंकों की खरीदारी का ऐतिहासिक आधार इतिहास गवाह रहा है कि सोना हमेशा मूल्य संचय और विनिमय के एक विश्वसनीय माध्यम के रूप में उभरा है। आभूषणों के अतिरिक्त, संकट और अनिश्चितता के दौर में निवेशक अपनी पूंजी बचाने के लिए सोने का रुख करते हैं क्योंकि यह किसी संप्रभु सरकार या जारीकर्ता की साख पर निर्भर नहीं करता। केंद्रीय बैंक भी अपनी मुद्राओं को स्थिरता देने और अंतरराष्ट्रीय साख मजबूत करने के लिए सोने के भंडार को तेजी से बढ़ाते हैं। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के आंकड़ों के अनुसार, केंद्रीय बैंकों ने वर्ष 2022 में रिकॉर्ड 1,136 टन सोना अपने भंडार में जोड़ा था, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 70 अरब डॉलर थी। चीन, भारत और तुर्की जैसे उभरते देशों के केंद्रीय बैंक अपने विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी लगातार बढ़ा रहे हैं। मुद्रा बाजारों और अन्य संपत्तियों का रुख कमोडिटी और मुद्रा बाजार एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हैं। अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड यील्ड की मजबूती ने अन्य वैश्विक मुद्राओं पर भी असर डाला है। एशियाई कारोबारी सत्र में AUD/USD 0.7150 के नीचे कमजोर रहा, जो तीन सप्ताह से अधिक के निचले स्तर के करीब था। चीन की ओर से अगस्त महीने के मिले-जुले आर्थिक आंकड़ों ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को कोई सहारा नहीं दिया। वहीं USD/JPY 155.00 के स्तर की ओर बढ़ता दिखाई दिया, जहां ट्रेडर्स बैंक ऑफ जापान और फेडरल रिजर्व की आगामी बैठकों पर नजर बनाए हुए हैं। दूसरी ओर, डिजिटल एसेट बाजार में भी कमजोरी दिखी; प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी जैसे रिपल (XRP), कार्डानो (ADA) और हाइपरलिक्विड (HYPE) मंगलवार को लगभग 2% की गिरावट के साथ लाल निशान में कारोबार कर रहे थे, जहां निवेशक क्लैरिटी एक्ट क्लोजर वोट से पहले सतर्क रुख अपनाए हुए थे। डॉलर की वापसी से सोना एक माह पहले के $4,700 के शिखर से फिसलकर अब $4,000 के दायरे के करीब अधिक संवेदनशील नजर आ रहा है। इसका आप पर असर अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उछाल और सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव का सीधा प्रभाव आम निवेशकों, ज्वैलरी खरीदारों और वैश्विक वित्तीय बाजारों पर पड़ रहा है। • सोने के खरीदारों के लिए: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने की कीमतों में रुकावट से घरेलू खुदरा बाजार में तत्काल बड़ी तेजी थम सकती है। आभूषण खरीदने या शादियों के लिए खरीदारी करने वाले उपभोक्ताओं को कीमतों में स्थिरता का लाभ मिल सकता है। • फिक्स्ड इनकम निवेशकों के लिए: अमेरिकी बॉन्ड यील्ड के 5% पर पहुंचने से अंतरराष्ट्रीय ऋण बाजार में रिटर्न बढ़ा है। इसके चलते सुरक्षित सरकारी प्रतिभूतियों की तरफ वैश्विक फंडों का रुझान बढ़ रहा है। • करेंसी और आयात लागत पर असर: अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने से अन्य देशों की आयात लागत बढ़ सकती है। कच्चे तेल और ऊर्जा उत्पादों के दाम बढ़ने से आम जनता पर अप्रत्यक्ष महंगाई का बोझ पड़ सकता है। • डिजिटल और रिस्क एसेट ट्रेडर्स के लिए: मजबूत डॉलर और सख्त मौद्रिक नीति से क्रिप्टोकरेंसी और इक्विटी बाजारों में बिकवाली का दबाव देखा जा रहा है। जोखिम भरे निवेशों में ट्रेड करने वालों को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी होगी। ऐसा क्यों हुआ सोने की कीमतों में मौजूदा ठहराव और बॉन्ड यील्ड में आए अप्रत्याशित उछाल के पीछे मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिकी मौद्रिक नीति से जुड़े कई प्रमुख कारण शामिल हैं। • पाइपलाइन पर हमला और तेल संकट: सऊदी अरब की ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन पर हूती हमले ने 70 लाख बैरल प्रतिदिन के तेल उत्पादन को तीन से पांच हफ्तों के लिए रोक दिया है। इस भारी आपूर्ति व्यवधान ने ईंधन की कीमतें बढ़ाकर महंगाई के दोबारा उभरने का खतरा पैदा किया। • ट्रेजरी यील्ड का ऐतिहासिक स्तर: बढ़ती महंगाई के डर से निवेशकों ने 10-वर्षीय अमेरिकी बॉन्ड की यील्ड को 5% के पार पहुंचा दिया, जो 19 वर्षों का उच्चतम स्तर है। उच्च यील्ड वाले बॉन्ड ने ब्याज न देने वाले सोने की निवेश मांग को सीधे तौर पर प्रभावित किया। • फेडरल रिजर्व की सख्त मौद्रिक नीति: प्राइम टर्मिनल के अनुसार अक्टूबर में 97% और दिसंबर में 99% ब्याज दर वृद्धि की संभावना है। लगातार सख्त होती नीति ने डॉलर इंडेक्स को मजबूत कर सर्राफा की चाल को 100-दिवसीय एसएमए के नीचे सीमित कर दिया। सवाल-जवाब 1. सोने की कीमतों में हालिया तेजी क्यों रुक गई? अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड के 5% तक पहुंचने और मजबूत अमेरिकी डॉलर के कारण बिना ब्याज वाले सोने पर बिकवाली का दबाव बढ़ गया। 2. सऊदी अरब की पाइपलाइन घटना का बाजार पर क्या असर पड़ा? हमले के कारण प्रतिदिन लगभग 70 लाख बैरल तेल उत्पादन 3 से 5 हफ्तों के लिए बंद हो गया, जिससे ऊर्जा की कीमतें और महंगाई की आशंकाएं बढ़ गईं। 3. फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की क्या संभावना है? प्राइम टर्मिनल के अनुसार अक्टूबर में ब्याज दर बढ़ने की संभावना 97% और दिसंबर में 99% आंकी गई है। 4. चार्ट पर सोने के लिए कौन से मुख्य सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तर हैं? सोने के लिए 100-दिवसीय एसएमए ($4,328) मुख्य रेजिस्टेंस है, जबकि 50-दिवसीय एसएमए ($4,275) तात्कालिक सपोर्ट के रूप में काम कर रहा है। 5. यदि सोना $4,275 के नीचे गिरता है तो अगला स्तर क्या हो सकता है? कीमतें $4,275 के नीचे जाने पर 6 जुलाई के स्तर $4,202 और फिर $3,996 के स्तर तक फिसल सकती हैं। 6. केंद्रीय बैंकों ने सोने के भंडार को लेकर क्या कदम उठाए हैं? वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के अनुसार केंद्रीय बैंकों ने 2022 में रिकॉर्ड 1,136 टन सोना अपने भंडार में जोड़ा था। https://trendkia.com/market/ameriki-bonda-yilda-men-uchhala-se-gold-ki-raphtara-thami-100-divasiya-sma-para-kara-mukabala-33893 TrendKia — Har trend, sabse pehle.