# अमेरिकी ब्याज दर में बढ़ोतरी की आशंका से ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में सुस्ती, ट्रंप और शी जिनपिंग की वार्ता पर टिकी नजरें

> फेडरल रिजर्व की ओर से सख्त मौद्रिक नीति जारी रहने के संकेतों और संभावित दर वृद्धि की उम्मीदों के चलते मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर को मजबूती मिली है, जिससे ऑस्ट्रेलियाई डॉलर सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-09-20 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/ameriki-byaja-dara-men-barhotari-ki-ashnka-se-australian-dollar-men-susti-donald-trump-aura-xi-jinping-ki-varta-para-tiki-najaren-35430 · **Language:** Hindi
**Tags:** ऑस्ट्रेलियाई डॉलर, अमेरिकी डॉलर, फेडरल रिजर्व, ब्याज दर, विदेशी मुद्रा, डोनाल्ड ट्रंप, शी जिनपिंग, लौह अयस्क, वित्त

वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में नए सप्ताह की शुरुआत के दौरान मुद्रा जोड़ों में मिलाजुला रुख देखा जा रहा है। अमेरिकी केंद्रीय बैंक द्वारा नीतिगत दरों में आगे और वृद्धि किए जाने की तेज होती संभावनाओं ने अमेरिकी डॉलर को मजबूत सहारा प्रदान किया है। इस बदलते परिदृश्य के कारण ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की गति सुस्त पड़ गई है और मुद्रा जोड़ी 0.7120 के इर्द-गिर्द सीमित दायरे में दबाव का सामना करती दिखी। बाजार के विश्लेषक और कारोबारी इस समय प्रमुख वैश्विक घटनाक्रमों, विशेषकर वाशिंगटन में होने वाली शीर्ष स्तरीय कूटनीतिक चर्चाओं तथा ऑस्ट्रेलिया के आगामी रोजगार आंकड़ों की दिशा का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

## ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख और बाजार का गणित
अमेरिकी मुद्रा में स्थिरता और मजबूती के पीछे नीतिगत ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी की बढ़ती उम्मीदें प्रमुख कारण बनकर उभरी हैं। शिकागो मर्केंटाइल एक्सचेंज के सीमई फेडवॉच टूल के ताजा आंकड़ों के अनुसार, निवेशक अब अक्टूबर की आगामी बैठक में नीतिगत दर में एक और वृद्धि की 56.5% संभावना मानकर चल रहे हैं। यह आंकड़ा महज एक सप्ताह पहले दर्ज की गई 42.5% की संभावना के मुकाबले उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्शाता है। दरों में सख्ती की इस बदलती संभावना ने ग्रीनबैक के प्रति निवेशकों का आकर्षण फिर से बढ़ा दिया है, जिससे प्रतिद्वंद्वी करेंसियों पर स्वाभाविक दबाव बना है।

नीति निर्माताओं की ओर से आ रहे कड़े बयानों ने भी इस धारणा को बल दिया है। फेडरल रिजर्व के अधिकारी श्मिड ने नीतिगत रुख को लेकर काफी आक्रामक संकेत दिए हैं, जिनका मूल्यांकन भाषणों पर नजर रखने वाले ट्रैकर द्वारा 8/10 पर आंका गया, जो उनके सामान्य आधारभूत स्तर 7.2/10 से कहीं अधिक है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हालिया नीतिगत दर वृद्धि मुद्रास्फीति को वापस 2% के लक्ष्य तक लाने की दिशा में एक जरूरी कदम थी। उनके मुताबिक मूल्य दबाव इस समय 3% से ऊपर बना हुआ है और यह केवल ऊर्जा क्षेत्र तक सीमित न रहकर अर्थव्यवस्था के विभिन्न हिस्सों में व्यापक रूप से फैला हुआ है। हालांकि, व्यापक अर्थव्यवस्था और श्रम बाजार को उन्होंने ठोस और संतुलित बताया है। इसके साथ ही फेड सेंटिमेंट इंडेक्स 0.42 अंक चढ़कर 152.09 पर पहुंच गया, जो 100 के सामान्य तटस्थ स्तर से काफी ऊपर रहकर केंद्रीय बैंक के सख्त रुख की पुष्टि करता है।

## ऑस्ट्रेलियाई श्रम बाजार और घरेलू संकेतकों पर नजर
दूसरी तरफ ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा के लिए घरेलू आर्थिक आंकड़े अत्यंत महत्वपूर्ण मोड़ पर हैं। कारोबारी गुरुवार को जारी होने वाली ऑस्ट्रेलिया की आधिकारिक रोजगार रिपोर्ट की प्रतीक्षा कर रहे हैं। आर्थिक अनुमानों के मुताबिक अगस्त महीने में बेरोजगारी दर के 4.5% के स्तर पर स्थिर रहने का अनुमान व्यक्त किया गया है। इसके अलावा, समीक्षाधीन अवधि के दौरान कार्यरत लोगों की कुल संख्या में 20,000 की बढ़ोतरी होने की उम्मीद लगाई जा रही है। यदि श्रम बाजार के ये आंकड़े उम्मीद से बेहतर आते हैं, तो अल्पावधि में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले कुछ अतिरिक्त सहारा मिल सकता है।

रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की नीतिगत दिशा घरेलू मुद्रा के मूल्य निर्धारण में सबसे निर्णायक भूमिका निभाती है। ऑस्ट्रेलियाई केंद्रीय बैंक वाणिज्यिक बैंकों के बीच आपस में उधार लेने की लागत निर्धारित करके पूरी अर्थव्यवस्था में उधारी की लागत को नियंत्रित करता है। इसका मुख्य उद्देश्य नीतिगत दरों में समय-समय पर समायोजन करके महंगाई दर को 2-3% के लक्षित दायरे में बनाए रखना होता है। जब ऑस्ट्रेलियाई केंद्रीय बैंक अन्य प्रमुख वैश्विक केंद्रीय बैंकों की तुलना में अपेक्षाकृत ऊंची ब्याज दरें रखता है, तो इससे ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को समर्थन हासिल होता है, जबकि कम दरों की स्थिति में मुद्रा कमजोर होती है। इसके अतिरिक्त, केंद्रीय बैंक ऋण स्थितियों को प्रभावित करने के लिए मात्रात्मक सहजता अथवा सख्ती का सहारा भी ले सकता है, जहां सहजता मुद्रा के लिए नकारात्मक और सख्ती सकारात्मक मानी जाती है। रिज़र्व बैंक ऑफ़ ऑस्ट्रेलिया के गवर्नर बुलॉक की ओर से दरों को लेकर दिए गए आक्रामक बयानों ने भी हाल के सत्रों में ब्याज दर बढ़ोतरी की उम्मीदों को जगाए रखा है।

## वाशिंगटन में ट्रंप और शी जिनपिंग की अहम बैठक
वैश्विक व्यापार और बाजार के जोखिम रुझान के लिहाज से गुरुवार का दिन काफी संवेदनशील रहने वाला है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच वाशिंगटन में एक द्विपक्षीय शिखर बैठक निर्धारित है। इस महत्वपूर्ण वार्ता का मुख्य एजेंडा दोनों आर्थिक महाशक्तियों के बीच व्यापारिक शुल्कों को लेकर चल रहे तनाव पर विराम लगाना और संभावित समझौते के रास्ते तलाशना है। वित्तीय बाजार इस उच्चस्तरीय बैठक के परिणामों पर बेहद बारीकी से नजर गड़ाए हुए हैं, क्योंकि व्यापार नीतियों में नरमी से वैश्विक व्यापार परिदृश्य में बड़ा सुधार आ सकता है।

चीन की अर्थव्यवस्था का स्वास्थ्य सीधे तौर पर ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के उतार-चढ़ाव को प्रभावित करता है, क्योंकि चीन ऑस्ट्रेलिया का सबसे बड़ा व्यापारिक साझीदार देश है। जब चीनी अर्थव्यवस्था में तेजी होती है, तो वह ऑस्ट्रेलिया से भारी मात्रा में कच्चे माल, वस्तुओं और सेवाओं का आयात करती है, जिससे ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की वैश्विक मांग बढ़ती है और उसकी विनिमय दर मजबूत होती है। इसके विपरीत, जब चीनी विकास दर सुस्त पड़ती है, तो मांग घटने से ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा पर सीधा नकारात्मक असर पड़ता है। इसलिए चीन के आर्थिक आंकड़ों और वहां की व्यापारिक गतिविधियों में किसी भी प्रकार का सकारात्मक अथवा नकारात्मक बदलाव सीधे तौर पर मुद्रा विनिमय दरों में परिलक्षित होता है।

## लौह अयस्क और व्यापार संतुलन का प्रभाव
ऑस्ट्रेलिया प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध देश है और उसका सबसे बड़ा निर्यात उत्पाद लौह अयस्क है, जिसकी वार्षिक हिस्सेदारी 2021 के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 118 अरब डॉलर थी। चीन इस लौह अयस्क का प्राथमिक और सबसे बड़ा खरीदार है। यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में लौह अयस्क की कीमतों का रुख ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा का एक अहम संवाहक माना जाता है। सामान्य नियम के अनुसार, जब वैश्विक बाजार में लौह अयस्क के दाम चढ़ते हैं, तो निर्यात राजस्व बढ़ने से ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की मांग में उछाल आता है। इसके विपरीत, कीमतों में मंदी आने पर मुद्रा पर गिरावट का दबाव बनता है। लौह अयस्क के ऊंचे दाम ऑस्ट्रेलिया के पक्ष में अनुकूल व्यापार संतुलन बनाने में मदद करते हैं, जो मुद्रा के लिए लाभदायक होता है।

किसी भी देश का व्यापार संतुलन, जो कि उसके कुल निर्यात मूल्य और आयात लागत का अंतर होता है, मुद्रा के आंतरिक मूल्य को तय करने में बड़ी भूमिका अदा करता है। जब दुनिया भर में ऑस्ट्रेलिया के निर्यातों की मांग मजबूत रहती है, तो विदेशी खरीदारों द्वारा स्थानीय मुद्रा की खरीदारी बढ़ने के कारण व्यापार अधिशेष की स्थिति निर्मित होती है। इसके चलते सकारात्मक शुद्ध व्यापार संतुलन मुद्रा को नई मजबूती देता है, जबकि व्यापार घाटा मुद्रा में कमजोरी का कारण बन सकता है। इसके अतिरिक्त, बाजार में निवेशकों का जोखिम उठाने का स्वभाव यानी रिस्क-ऑन या रिस्क-ऑफ की स्थिति भी अहम है, जहां जोखिम भरे दौर में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर जैसी परिसंपत्तियों को तरजीह मिलती है।

## तकनीकी स्तर और संस्थागत विश्लेषकों का आकलन
चार्ट पर तकनीकी संरचना की बात करें तो दैनिक समय सीमा में मुद्रा जोड़ी का झुकाव हल्का सकारात्मक दिखाई पड़ता है, क्योंकि हाजिर भाव 100-दिवसीय सरल मूविंग एवरेज (एसएमए) और निचले बॉलिंजर बैंड से ऊपर बने हुए हैं। इसके बावजूद, कीमतें लगभग 0.7164 के 20-दिवसीय बॉलिंजर एसएमए से नीचे टिकी हुई हैं, जिसने ऊपरी स्तरों पर एक मजबूत रुकावट बना रखी है। 14-अवधि का रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (आरएसआई) लगभग 48 के स्तर पर चल रहा है, जो यह दर्शाता है कि बाजार में किसी एकतरफा आक्रामक चाल के बजाय कंसॉलिडेशन यानी ठहराव का माहौल बना हुआ है।

ऊपरी स्तरों पर प्रारंभिक प्रतिरोध 0.7165 के आसपास बॉलिंजर मिडिल बैंड पर दिखाई देता है, जबकि उसके बाद की मजबूत बाधा ऊपरी बैंड के निकट 0.7235 पर स्थित है। वहीं गिरावट की स्थिति में, तत्काल समर्थन 0.7120 के धुरी क्षेत्र में मौजूद है। इसके नीचे फिसलने पर 0.7091 पर स्थित निचला बॉलिंजर बैंड और 0.7078 के निकट 100-दिवसीय एसएमए अहम रक्षा पंक्ति का काम करेंगे। यदि दैनिक आधार पर इस क्लस्टर के नीचे का क्लोजिंग स्तर दर्ज होता है, तो मौजूदा सकारात्मक संरचना कमजोर पड़ जाएगी और गिरावट और गहरी हो सकती है।

यूओबी समूह के रणनीतिकारों ने अपने तकनीकी दृष्टिकोण में रेखांकित किया है कि हालिया उतार-चढ़ाव के बावजूद मुद्रा जोड़ी पर उनका एक से तीन सप्ताह का नजरिया यथावत बना हुआ है। उन्होंने याद दिलाया कि मंगलवार, 15 सितंबर को जब हाजिर भाव 0.7135 पर था, तब उन्होंने स्पष्ट किया था कि गिरावट की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, लेकिन अल्पावधि में स्थितियां ओवरसोल्ड हो चुकी थीं और 0.7050 की ओर जाने से पहले भाव का 0.7100 से नीचे बंद होना जरूरी था। इसके बाद जोड़ी में गिरावट आई और यह 0.7087 पर बंद हुई। इसके पश्चात यूओबी ने 17 सितंबर को जब हाजिर भाव 0.7090 पर था, दोबारा दोहराया कि मुद्रा के 0.7050 के स्तर तक लुढ़कने की संभावना बनी हुई है।

## अन्य वैश्विक मुद्राओं और परिसंपत्तियों की स्थिति
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा विनिमय बाजार के व्यापक दायरे में अन्य प्रमुख करेंसियों और परिसंपत्तियों में भी अहम हलचल दर्ज की गई है। यूरोपीय कारोबारी सत्र में डॉलर के मुकाबले जापानी येन में भारी कमजोरी देखी गई, जिससे यूएसडी/जेपीवाई बढ़कर दो सप्ताह के नए उच्चतम स्तर को छूते हुए 158.00 के करीब जा पहुंचा। बैंक ऑफ जापान द्वारा अपनी अल्पकालिक नीतिगत ब्याज दर को 1.00% से बढ़ाकर 1.25% करने के अपेक्षित फैसले और गवर्नर काज़ुओ उएदा के आक्रामक वक्तव्यों के बावजूद येन पर बिकवाली हावी रही। नीतिगत बैठक में 7-2 के बहुमत से यह निर्णय लिया गया था, लेकिन दो सदस्यों की अप्रत्याशित असहमति ने निवेशकों को हैरान किया। गवर्नर उएदा ने उल्लेख किया कि नीति का चरण अब बदल चुका है।

दूसरी ओर, सुरक्षित निवेश मानी जाने वाली संपत्तियों में सोने ने सप्ताह के उत्तरार्ध में अपनी तेजी को आगे बढ़ाया। पीली धातु शुक्रवार को लगभग 4,400 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के ठीक नीचे कारोबार करती हुई मजबूत लाभ दर्ज कर रही थी। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और अमेरिकी डॉलर पर बने नए बिक्री दबाव ने सोने की कीमतों को अतिरिक्त गति प्रदान की। इसके अतिरिक्त, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में आई नरमी ने शुक्रवार को एशियाई सत्र के दौरान ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को 0.7100 से ऊपर टिके रहने में मदद की थी, हालांकि भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और अमेरिकी फेड के सख्त मिजाज ने दोनों तरफ से बाजार को सीमित दायरे में बांध रखा है।

## इसका आप पर असर
अमेरिकी ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी और वैश्विक व्यापार वार्ताओं का सीधा असर मुद्रा विनिमय दरों, आयात लागत और अंतरराष्ट्रीय निवेश पर पड़ता है।

- **मुद्रा विनिमय और विदेशी यात्रा:** अमेरिकी डॉलर में मजबूती रहने से अन्य वैश्विक मुद्राओं पर दबाव बना रहता है। विदेश यात्रा या पढ़ाई के लिए डॉलर खरीदने वाले छात्रों और पर्यटकों को विनिमय दरों के उतार-चढ़ाव पर नजर रखनी चाहिए।
- **कच्चे माल और धातु बाजार:** लौह अयस्क और औद्योगिक जिंसों की कीमतों का सीधा संबंध चीन की मांग से जुड़ा है। यदि अमेरिका और चीन के बीच व्यापारिक बातचीत सकारात्मक रहती है, तो धातु कारोबारियों को मांग में स्थिरता देखने को मिल सकती है।
- **फॉरेक्स ट्रेडिंग रणनीतियां:** मुद्रा जोड़ी 0.7120 के आसपास सीमित दायरे में कंसॉलिडेट कर रही है। व्यापारियों को आगामी गुरुवार को जारी होने वाले रोजगार आंकड़ों और शिखर वार्ता तक सख्त स्टॉप-लॉस का पालन करना चाहिए।
- **सुरक्षित निवेश और सोना:** ब्याज दरों में अनिश्चितता के बीच सोना 4,400 डॉलर के करीब मजबूती बनाए हुए है। निवेशक पोर्टफोलियो में विविधता लाने और मुद्रा जोखिम से बचाव के लिए कीमती धातुओं के रुझान का उपयोग कर सकते हैं।

## ऐसा क्यों हुआ
मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर की मजबूती और ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर बने दबाव के पीछे अमेरिकी मौद्रिक नीति में सख्ती के बढ़ते कयास और महत्वपूर्ण वैश्विक घटनाक्रमों से जुड़ी अनिश्चितताएं मुख्य वजह हैं।

- **फेडरल रिजर्व की संभावित दर वृद्धि:** अमेरिकी वायदा बाजार में अक्टूबर बैठक के दौरान ब्याज दरों में एक और बढ़ोतरी की संभावना 42.5% से बढ़कर 56.5% हो गई है। नीति निर्माता श्मिड द्वारा 3% से ऊपर बनी महंगाई का हवाला देकर सख्त नीति का समर्थन करने से डॉलर को बल मिला है।
- **ऑस्ट्रेलियाई रोजगार आंकड़ों का इंतजार:** गुरुवार को ऑस्ट्रेलिया की नई श्रम रिपोर्ट जारी होनी है, जिसमें 20,000 नई नौकरियों और 4.5% बेरोजगारी दर का अनुमान है। आंकड़े सामने आने से पहले बाजार प्रतिभागी बड़े सौदे करने से बच रहे हैं।
- **वाशिंगटन में ट्रंप-शी जिनपिंग शिखर वार्ता:** अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच टैरिफ समझौते पर गुरुवार को होने वाली बैठक को लेकर बाजार सतर्क है। चूंकि चीन ऑस्ट्रेलिया का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है, इसलिए वार्ता के नतीजे मुद्रा के लिए बेहद संवेदनशील हैं।
- **केंद्रीय बैंकों के नीतिगत विचलन:** बैंक ऑफ जापान द्वारा दरें 1.25% करने के बावजूद असहमति के स्वरों से येन कमजोर हुआ, जबकि अमेरिकी फेड के कड़े रुख ने वैश्विक पूंजी को अमेरिकी परिसंपत्तियों की ओर आकर्षित रखा है।

## सवाल-जवाब

### 1. सोमवार के कारोबारी सत्र में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर का क्या स्तर देखा गया?
सोमवार को शुरुआती एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 0.7120 के निकट सीमित नुकसान के साथ कारोबार करता दिखा।

### 2. अक्टूबर में अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दर बढ़ाने की क्या संभावना जताई जा रही है?
सीएमई फेडवॉच टूल के अनुसार, अक्टूबर में दर वृद्धि की संभावना बढ़कर 56.5% हो गई है, जो एक सप्ताह पहले लगभग 42.5% थी।

### 3. गुरुवार को ऑस्ट्रेलिया के श्रम बाजार को लेकर क्या अनुमान हैं?
गुरुवार को आने वाली रिपोर्ट में अगस्त के दौरान बेरोजगारी दर 4.5% पर स्थिर रहने और नियोजित लोगों की संख्या में 20,000 की वृद्धि होने का अनुमान है।

### 4. वाशिंगटन में डोनाल्ड ट्रंप और शी जिनपिंग के बीच क्या बातचीत होनी है?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग गुरुवार को वाशिंगटन में अमेरिका-चीन टैरिफ युद्धविराम पर चर्चा करने वाले हैं।

### 5. ऑस्ट्रेलियाई अर्थव्यवस्था के लिए लौह अयस्क का क्या महत्व है?
लौह अयस्क ऑस्ट्रेलिया का सबसे बड़ा निर्यात उत्पाद है, जो 2021 के आंकड़ों के अनुसार सालाना 118 अरब डॉलर का योगदान देता है और इसका मुख्य खरीदार चीन है।

### 6. बैंक ऑफ जापान ने अपनी ब्याज दरों में क्या बदलाव किया है?
बैंक ऑफ जापान ने 7-2 के बहुमत से अपनी अल्पकालिक ब्याज दर के लक्ष्य को 1.00% से बढ़ाकर 1.25% कर दिया है।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._