अमेरिकी डॉलर के मुकाबले स्विस फ्रैंक में बड़ी गिरावट, दो हफ्ते के निचले स्तर पर मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और भू-राजनीतिक अनिश्चितता के कारण स्विस फ्रैंक कमजोर हुआ है। निवेशक अब अमेरिका के मुद्रास्फीति डेटा और फेड चेयरमैन की गवाही पर नजर बनाए हुए हैं। मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच सोमवार को स्विस फ्रैंक (CHF) अमेरिकी डॉलर (USD) के मुकाबले तेजी से कमजोर हुआ। ताजा आंकड़ों के अनुसार, USD/CHF का भाव 0.8126 के आसपास ट्रेड कर रहा है, जो 0.50% की बढ़त के साथ 25 जून के बाद से अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। भू-राजनीतिक तनाव और बाजार की प्रतिक्रिया सप्ताहांत के दौरान संयुक्त राज्य अमेरिका (US) और ईरान के बीच मिसाइल और ड्रोन हमलों का आदान-प्रदान हुआ। स्थिति तब और गंभीर हो गई जब तेहरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा बंद करने का दावा किया। इस घटनाक्रम ने कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ला दिया है और वैश्विक स्तर पर मुद्रास्फीति को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। इस अनिश्चितता के बावजूद, स्विस फ्रैंक को वह सुरक्षित निवेश (safe-haven) मांग नहीं मिल पाई है, जिसकी आमतौर पर ऐसे समय में उम्मीद की जाती है। वास्तव में, फरवरी के अंत में अमेरिका-ईरान संघर्ष शुरू होने के बाद से स्विस फ्रैंक अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 5% से अधिक गिर चुका है। स्विस नेशनल बैंक का हस्तक्षेप स्विस फ्रैंक पर दबाव का एक बड़ा कारण स्विस नेशनल बैंक (SNB) की सक्रियता भी है। बैंक विदेशी मुद्रा बाजार में अत्यधिक मजबूती को रोकने के लिए हस्तक्षेप करने को तैयार है। 30 जून को जारी आंकड़ों से पता चला है कि SNB ने 2026 की पहली तिमाही में 3.94 अरब स्विस फ्रैंक मूल्य की विदेशी मुद्रा खरीदी थी। विशेषज्ञों का मानना है कि SNB का मुख्य उद्देश्य सट्टा खरीद को हतोत्साहित करना और फ्रैंक की अत्यधिक मजबूती को रोकना है, ताकि यह एक नीतिगत उपकरण के रूप में काम कर सके। बाजार की आगामी चुनौतियां निवेशकों की नजरें अब मंगलवार को आने वाले अमेरिकी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) डेटा और फेड चेयरमैन केविन वॉर्श की कांग्रेस में होने वाली गवाही पर टिकी हैं। फिलहाल, ग्रीनबैक (अमेरिकी डॉलर) की मजबूती ने पाउंड (GBP/USD) को भी तीन दिन के निचले स्तरों की ओर धकेल दिया है, जहां वह 1.3360 के आसपास संघर्ष कर रहा है। इसी तरह, EUR/USD में भी बिकवाली का दबाव देखा जा रहा है, जिससे यह 1.1400 के प्रमुख स्तर का सामना कर रहा है। कमोडिटी और क्रिप्टो बाजार पर असर सोने की कीमतों में भी कमजोरी देखी गई है, जो 4,000 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के प्रमुख स्तर के करीब ट्रेड कर रहा है। यह गिरावट मध्य पूर्व की अनिश्चितता और डॉलर के मजबूत प्रदर्शन के कारण है। क्रिप्टोकरेंसी बाजार में भी सोमवार को सुस्ती रही। बिटकॉइन (BTC) 63,000 डॉलर के स्तर पर मंडरा रहा है, जबकि एथेरियम (ETH) 1,800 डॉलर से नीचे कारोबार कर रहा है। तेल की कीमतों में 4% की बढ़ोतरी हुई है और ब्रेंट क्रूड 79 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। जुलाई के बाजार ने दिसंबर में दर वृद्धि को आधार मानकर अपनी रणनीति तय की थी, लेकिन बदलती भू-राजनीतिक स्थितियों ने इन अनुमानों को फिर से सोचने पर मजबूर कर दिया है। इसका आप पर असर भारत में: कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण पेट्रोल और डीजल की लागत पर दबाव पड़ सकता है, जिससे महंगाई बढ़ सकती है। निवेशकों के लिए: वैश्विक अस्थिरता के बीच सुरक्षित निवेश (जैसे सोना और डॉलर) में उतार-चढ़ाव रह सकता है, इसलिए अपने पोर्टफोलियो में सावधानी बरतें। सवाल-जवाब 1. स्विस फ्रैंक की कीमत में गिरावट का क्या कारण है? स्विस फ्रैंक में गिरावट का मुख्य कारण मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और स्विस नेशनल बैंक का बाजार में हस्तक्षेप है। 2. वर्तमान में USD/CHF का क्या स्तर है? वर्तमान में USD/CHF 0.8126 के आसपास ट्रेड कर रहा है, जो 25 जून के बाद का उच्चतम स्तर है। 3. अगला बड़ा आर्थिक डेटा कब आएगा? अगला बड़ा डेटा मंगलवार को जारी होने वाला अमेरिकी CPI रिपोर्ट है, जिस पर निवेशकों की पैनी नजर है। 4. होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने का क्या असर हुआ है? इसके बंद होने से तेल की कीमतों में 4% की बढ़ोतरी हुई है और वैश्विक मुद्रास्फीति की चिंताएं बढ़ गई हैं। https://trendkia.com/market/ameriki-dolara-ke-mukabale-swiss-franc-men-bari-giravata-7421 TrendKia — Har trend, sabse pehle.