अमेरिकी डॉलर की मजबूती से न्यूजीलैंड डॉलर पर दबाव, 0.5700 के स्तर पर टिकी नजरें फेडरल रिजर्व के सख्त रुख और मजबूत अमेरिकी डॉलर के कारण न्यूजीलैंड डॉलर लगातार दबाव में है, जहां 0.5700 का अहम सपोर्ट टूटने पर भारी गिरावट की संभावना बन रही है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में न्यूजीलैंड डॉलर लगातार बिकवाली के दबाव का सामना कर रहा है। फेडरल रिजर्व के आक्रामक मौद्रिक संकेतों और अमेरिकी डॉलर की बढ़ती मजबूती के चलते न्यूजीलैंड डॉलर बनाम अमेरिकी डॉलर की जोड़ी में गिरावट का सिलसिला बना हुआ है। हालिया कारोबारी सत्रों में यह जोड़ी 0.5700 के बेहद अहम मनोवैज्ञानिक सपोर्ट स्तर के करीब जूझती देखी गई है। 16 सितंबर को बने दो महीने के निचले स्तर 0.5703 के आसपास यह लगातार चौथे कारोबारी सत्र में कंसोलिडेशन के दौर में रही है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक यह जोड़ी 0.5717 के आसपास कारोबार कर रही है, जो पिछले बंद 0.5723 के मुकाबले 0.11 प्रतिशत की दैनिक गिरावट दर्शाता है। तकनीकी संकेतकों पर नजर डालें तो बाजार में मंदी का रुख स्पष्ट रूप से हावी है। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी RSI लगातार नीचे फिसलते हुए ओवरसोल्ड क्षेत्र की दहलीज पर पहुंच चुका है। 14-दिवसीय RSI का स्तर 29 पर आ गया है, जो इस बात की पुष्टि करता है कि विक्रेता बाजार पर अपनी पकड़ बेहद मजबूत कर चुके हैं। इसके साथ ही मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस यानी MACD भी नकारात्मक क्षेत्र में बना हुआ है, जिससे डाउनट्रेंड के जारी रहने की आशंका और गहरा गई है। 52 हफ्तों के दौरान इस करेंसी जोड़ी का दायरा 0.5584 से 0.6093 के बीच रहा है, और मौजूदा मूल्य एक्शन इस दायरे के निचले स्तरों की ओर झुकाव दर्शा रहा है। गिरावट गहराने पर नीचे के अहम स्तर विदेशी मुद्रा विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह जोड़ी 0.5700 के महत्वपूर्ण सपोर्ट स्तर से नीचे फिसलती है, तो बिकवाली और तेज हो सकती है। ऐसी स्थिति में पहला बड़ा तकनीकी लक्ष्य 8 जुलाई का निचला स्तर 0.5671 होगा। यदि दबाव बरकरार रहा और यह स्तर भी टूटता है, तो अगला प्रमुख सपोर्ट 0.5650 पर नजर आएगा। इसके बाद 26 जून के निचले स्तर 0.5626 तक गिरावट का रास्ता खुल सकता है। मंदी का यह दौर यदि थमता नजर नहीं आया, तो मुद्रा जोड़ी 0.5600 के बड़े राउंड स्तर की ओर भी अग्रसर हो सकती है। 20-दिवसीय बोलिंजर बैंड का निचला दायरा भी 0.5679 के आसपास स्थित है, जो संभावित गिरावट के शुरुआती चरण में अस्थायी रुकावट दे सकता है। शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स के लिए तकनीकी पिवट 0.5718 के स्तर पर बना हुआ है। इसके ठीक नीचे निकटतम सपोर्ट S1 स्तर 0.5715 और S2 स्तर 0.5714 पर मौजूद हैं, जबकि 20-दिवसीय अहम सपोर्ट लगभग 0.5707 के आसपास आंका गया है। बिकवाली की मौजूदा गति यह दर्शाती है कि जब तक कोई ठोस खरीदारी संकेत नहीं मिलता, तब तक हर उछाल पर दबाव आने की संभावना बनी रहेगी। संभावित वापसी और ऊपरी रुकावटें दूसरी तरफ, यदि कीवी मुद्रा में निचले स्तरों से खरीदारी लौटती है, तो खरीदारों के लिए सबसे पहली चुनौती 18 सितंबर के उच्चतम स्तर 0.5787 को पार करने की होगी। इस स्तर के टूटने के बाद जोड़ी मनोवैज्ञानिक रूप से महत्वपूर्ण 0.5800 के स्तर की ओर बढ़ सकती है। हालांकि, 0.5800 से ऊपर की राह बिल्कुल भी आसान नहीं होगी क्योंकि वहां कई तकनीकी बाधाएं मौजूद हैं। 100-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज यानी SMA 0.5833 पर स्थित है, जो एक मजबूत प्रतिरोध का काम करेगा। इसके बाद 200-दिवसीय SMA और 50-दिवसीय SMA का संगम 0.5853 पर मौजूद है, जहां से 50-दिवसीय SMA 0.5855 के स्तर पर अतिरिक्त दबाव बनाता दिख सकता है। एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज यानी EMA के मोर्चे पर भी 20-दिवसीय EMA 0.5811, 50-दिवसीय EMA 0.5835 और 200-दिवसीय EMA 0.5830 पर स्थित हैं। हालांकि लंबी अवधि के EMA के बीच क्रॉसओवर दिखाई दे रहा है, लेकिन स्पॉट कीमत का इन सभी मूविंग एवरेज से नीचे बने रहना यह संकेत देता है कि व्यापक संरचना अभी भी मंदी के अधीन है। ऊपरी स्तरों पर 20-दिवसीय प्रमुख रेजिस्टेंस 0.5978 पर स्थित है, जबकि तात्कालिक रेजिस्टेंस R1 0.5720 और R2 0.5723 पर बने हुए हैं। वैश्विक बाजारों और प्रमुख मुद्राओं की स्थिति विदेशी मुद्रा बाजार के ओवरऑल प्रदर्शन को देखें तो मुद्रा हीटमैप के अनुसार न्यूजीलैंड डॉलर ने कनाडाई डॉलर के मुकाबले सबसे मजबूत प्रदर्शन दर्ज किया, जबकि अमेरिकी डॉलर के मुकाबले यह कमजोर रहा। पूरे वित्तीय बाजार की व्यापक तस्वीर पर नजर डालें तो अन्य प्रमुख जोड़ियों में भी डॉलर का असर साफ देखा जा रहा है। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर बनाम अमेरिकी डॉलर की जोड़ी सोमवार को किसी स्पष्ट दिशा के लिए संघर्ष करती रही और 0.7140 के क्षेत्र का दोबारा परीक्षण करने के बाद दबाव में आ गई। यह जोड़ी एशियाई कारोबारी सत्र की शुरुआत से पहले 0.7100 के निचले स्तरों पर स्थिर होने की कोशिश कर रही थी। उधर अमेरिकी डॉलर बनाम जापानी येन की जोड़ी सोमवार को एशिया में 157.00 के स्तर से नीचे खिसकती नजर आई। शुक्रवार को बैंक ऑफ जापान द्वारा रेट चेक किए जाने के बाद संभावित सरकारी हस्तक्षेप के जोखिमों ने जापानी येन को सहारा दिया। इसके अलावा, बैंक ऑफ जापान ने मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने की दिशा में एक और कदम उठाते हुए अपनी शॉर्ट-टर्म ब्याज दर के लक्ष्य को 7-2 के बहुमत से 1.00 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत कर दिया, जो कि बाजार की अपेक्षाओं के अनुरूप रहा। जापान में छुट्टी और रूस-यूक्रेन तथा मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने भी निवेशकों को सतर्क बनाए रखा, जिससे डॉलर की गिरावट सीमित रही। कमोडिटी और बॉन्ड बाजार में हलचल कमोडिटी बाजार में सोने की कीमतों पर भी दबाव देखने को मिला। मजबूत अमेरिकी डॉलर के कारण पीली धातु सुस्त शुरुआत के साथ 4,350 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के करीब कारोबार करती रही, भले ही अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में गिरावट देखी गई हो। वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही के अंतिम हफ्तों में वैश्विक वित्तीय बाजार एक दिलचस्प मोड़ पर खड़े हैं। बाजार में अनिश्चितता और उतार-चढ़ाव बना हुआ है, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी है, जबकि यूरोपीय और अमेरिकी शेयर बाजार बढ़त के साथ खुलने की स्थिति में दिखे। बाजार का तनाव मुख्य रूप से सरकारी बॉन्ड में केंद्रित रहा, जहां यूरोपीय और अमेरिकी यील्ड शुक्रवार को तेजी से उछलकर निवेशकों को चौंका चुकी हैं। इस व्यापक वैश्विक पृष्ठभूमि में न्यूजीलैंड डॉलर का 0.5700 के स्तर पर टिके रहना आने वाले दिनों की दिशा तय करने में अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगा। इसका आप पर असर अमेरिकी डॉलर में मजबूती और न्यूजीलैंड डॉलर में कमजोरी का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार, निवेश और मुद्रा विनिमय दरों पर पड़ेगा। • मुद्रा विनिमय पर असर: न्यूजीलैंड जाने वाले पर्यटकों और वहां पढ़ रहे भारतीय छात्रों के लिए कीवी डॉलर की कमजोरी फायदेमंद हो सकती है। उन्हें न्यूजीलैंड डॉलर खरीदने के लिए अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कम खर्च करना पड़ेगा। • आयात-निर्यात व्यापार: मजबूत अमेरिकी डॉलर के कारण वैश्विक स्तर पर आयात लागत बढ़ सकती है। डॉलर में भुगतान करने वाली कंपनियों पर मुद्रा विनिमय के उतार-चढ़ाव का सीधा वित्तीय दबाव रहेगा। • विदेशी मुद्रा ट्रेडर्स: 0.5700 का स्तर टूटने पर भारी वोलैटिलिटी देखने को मिल सकती है। ट्रेडर्स को सख्त स्टॉप-लॉस और 0.5671 तथा 0.5650 के सपोर्ट स्तरों पर नजर रखने की सलाह दी जाती है। • सोने और कमोडिटी की कीमतें: डॉलर में मजबूती रहने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और अन्य धातुओं की कीमतों में सीमित बढ़त या नरमी का दौर देखा जा सकता है। निवेशकों को कमोडिटी आवंटन की समीक्षा सावधानीपूर्वक करनी चाहिए। ऐसा क्यों हुआ न्यूजीलैंड डॉलर में गिरावट का मुख्य कारण अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सख्त मौद्रिक संकेत और सुरक्षित निवेश के रूप में अमेरिकी डॉलर की बढ़ती मांग है। इसके अतिरिक्त तकनीकी रूप से ओवरसोल्ड होते संकेतकों और वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव ने भी जोखिम वाली मुद्राओं पर भारी दबाव बनाया है। • फेडरल रिजर्व का रुख: अमेरिकी केंद्रीय बैंक द्वारा ब्याज दरों को लेकर दिए गए सख्त संकेतों ने डॉलर इंडेक्स को नई मजबूती दी है। इसके चलते उच्च जोखिम वाली मुद्राओं जैसे न्यूजीलैंड डॉलर से पूंजी सुरक्षित डॉलर संपत्तियों में जा रही है। • तकनीकी कमजोरी और बिकवाली: 14-दिवसीय RSI 29 के स्तर तक गिरकर ओवरसोल्ड स्थिति में पहुंच चुका है। लगातार 4 कारोबारी सत्रों से 0.5703 के निचले स्तर के आसपास कंसोलिडेशन के कारण तकनीकी ट्रेडर्स ने शॉर्ट पोजीशन बढ़ा दी हैं। • वैश्विक केंद्रीय बैंकों की नीतियां: बैंक ऑफ जापान द्वारा नीतिगत ब्याज दरों को 1.00 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत करने और वैश्विक बॉन्ड यील्ड में उतार-चढ़ाव ने भी विदेशी मुद्रा प्रवाह को प्रभावित किया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते तनाव के बीच निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं। सवाल-जवाब 1. न्यूजीलैंड डॉलर बनाम अमेरिकी डॉलर जोड़ी में ताजा गिरावट की मुख्य वजह क्या है? अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सख्त मौद्रिक संकेतों और मजबूत अमेरिकी डॉलर के कारण न्यूजीलैंड डॉलर पर बिकवाली का भारी दबाव बना हुआ है। 2. मौजूदा समय में NZD/USD का अहम सपोर्ट स्तर कौन सा है? मौजूदा समय में 0.5700 का स्तर सबसे अहम सपोर्ट है, जिसके टूटने पर 0.5671, 0.5650 और 0.5626 के स्तर खुल सकते हैं। 3. आरएसआई (RSI) तकनीकी संकेतक वर्तमान में क्या संकेत दे रहा है? 14-दिवसीय आरएसआई 29 के स्तर पर है, जो दर्शाता है कि मुद्रा जोड़ी ओवरसोल्ड क्षेत्र में प्रवेश कर चुकी है और विक्रेता हावी हैं। 4. यदि कीवी मुद्रा में सुधार होता है तो प्रमुख रुकावट स्तर कौन से होंगे? उछाल की स्थिति में पहला प्रतिरोध 0.5787 और 0.5800 पर है, जिसके बाद 100-दिवसीय एसएमए 0.5833 और 200-दिवसीय एसएमए 0.5853 पर बाधाएं हैं। 5. बैंक ऑफ जापान ने अपनी ब्याज दरों में क्या बदलाव किया है? बैंक ऑफ जापान ने 7-2 के बहुमत से अपनी शॉर्ट-टर्म ब्याज दर का लक्ष्य 1.00 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत कर दिया है। 6. सोने की कीमतों पर डॉलर की मजबूती का क्या असर देखा गया? अमेरिकी डॉलर की मजबूती के कारण सोने की कीमतों में नरमी रही और यह लगभग 4,350 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के पास कारोबार कर रहा था। https://trendkia.com/market/ameriki-dolara-ki-majabuti-se-new-zealand-dollar-para-dabava-0-5700-ke-stara-para-tiki-najaren-35992 TrendKia — Har trend, sabse pehle.