# अमेरिकी डॉलर की मजबूती से फिसला यूरो, 1.1490 के स्तर तक गिरावट की आशंका

> अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में तेजी और आगामी फेडरल रिजर्व बैठक से पहले डॉलर मजबूत हुआ है, जिससे यूरो टूटकर 1.1490 के स्तर की ओर बढ़ रहा है।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-09-15 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/ameriki-dolara-ki-majabuti-se-phisala-euro-1-1490-ke-stara-taka-giravata-ki-ashnka-32450 · **Language:** Hindi
**Tags:** यूरो, अमेरिकी डॉलर, फॉरेक्स बाजार, सोना, फेडरल रिजर्व, करेंसी मार्केट

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर की जबरदस्त मजबूती के सामने प्रमुख वैश्विक मुद्राओं पर भारी दबाव देखा जा रहा है। यूरोप की साझा मुद्रा यूरो में तेज गिरावट दर्ज की गई है, जिससे यह अपने अहम तकनीकी स्तरों को तोड़कर नीचे आ चुकी है। बाजार में आई इस भारी उथल-पुथल के बीच तकनीकी संकेत बताते हैं कि यूरो के लिए आने वाले दिनों में गिरावट का दायरा और बढ़ सकता है तथा यह 1.1490 के स्तर तक लुढ़क सकता है। अमेरिकी केंद्रीय बैंक की आगामी बैठक और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण उपजी महंगाई की चिंताओं ने डॉलर इंडेक्स और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड को कई वर्षों के उच्चतम स्तर पर पहुंचा दिया है, जिसका सीधा असर अन्य वैश्विक संपत्तियों पर पड़ रहा है।

## यूरो के तकनीकी स्तर और दैनिक कारोबार का रुख
यूरो के दैनिक कारोबार का विश्लेषण करने पर पता चलता है कि पिछले शुक्रवार को यह तेजी से गिरकर 1.1568 पर आ गया था, जिसके बाद हल्की रिकवरी देखने को मिली थी। इसके बाद जब एशियाई कारोबारी सत्र की शुरुआत में यूरो 1.1590 पर ट्रेड कर रहा था, तब 1.1565 के प्रमुख सपोर्ट स्तर का परीक्षण होने की पूरी संभावना बन रही थी। हालांकि उस समय इस स्तर के नीचे एक स्पष्ट ब्रेकडाउन की उम्मीद अपेक्षाकृत कम आंकी जा रही थी, लेकिन बाजार में बिकवाली का दबाव इतना तेज रहा कि यूरो ने 1.1565 के सपोर्ट को तोड़ दिया और सीधे 1.1522 के निचले स्तर तक गोता लगा दिया।

निचले स्तरों पर खरीदारी लौटने के बाद यूरो थोड़ा संभला और दिन के अंत में 0.44 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1.1547 पर बंद हुआ। इस आंशिक सुधार के बावजूद यह गिरावट अभी पूरी तरह थमती नजर नहीं आ रही है। बाजार की मौजूदा स्थिति को देखते हुए एक अधिक टिकाऊ सुधार की उम्मीद करने से पहले यूरो के एक बार फिर 1.1520 के स्तर तक नीचे जाने की संभावना बनी हुई है। हालांकि अगले प्रमुख सपोर्ट 1.1490 के तत्काल टूटने का खतरा फिलहाल कम दिखाई देता है। ऊपर की ओर, यूरो के लिए 1.1565 पर पहला कड़ा प्रतिरोध मौजूद है, जिसके बाद अगला प्रतिरोध 1.1580 के स्तर पर बना हुआ है।

## मध्यम अवधि का परिदृश्य और अहम प्रतिरोध स्तर
एक से तीन सप्ताह के मध्यम अवधि के नजरिए से देखें तो स्थिति यूरो के लिए काफी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। पिछले शुक्रवार 11 सितंबर को जब हाजिर भाव 1.1625 पर था, तब यह रेखांकित किया गया था कि यदि यूरो 1.1585 के नीचे बंद होता है, तो 1.1565 के प्रमुख सपोर्ट के टूटने की संभावना काफी बढ़ जाएगी। बाजार में उम्मीद से कहीं ज्यादा नकारात्मक गति देखी गई, जिसके चलते यूरो ने 1.1565 के स्तर को निर्णायक रूप से तोड़ा और 1.1522 के निचले स्तर को छू लिया।

डाउनवर्ड मोमेंटम में आई इस तेज बढ़त से संकेत मिलता है कि आने वाले कारोबारी सत्रों में यूरो गिरकर 1.1490 के स्तर की ओर बढ़ सकता है। तकनीकी रूप से यूरो पर यह मंदी का रुख तब तक प्रभावी रहेगा जब तक कि यह 1.1600 के स्तर के ऊपर नहीं निकल जाता। पहले मजबूत प्रतिरोध का स्तर 1.1635 पर तय था, जिसे अब संशोधित कर 1.1600 कर दिया गया है। जब तक यह स्तर पार नहीं होता, तब तक बाजार में हर तेजी पर बिकवाली का दबाव हावी रह सकता है।

## जापानी येन और ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में कमजोरी का सिलसिला
डॉलर के दबदबे का असर केवल यूरो तक सीमित नहीं है, बल्कि अन्य प्रमुख एशियाई और वैश्विक मुद्राएं भी इसकी चपेट में आ गई हैं। मंगलवार को एशियाई सत्र के दौरान ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 0.7150 के नीचे कमजोर बना रहा। यह स्तर पिछले कारोबारी दिन छुए गए तीन सप्ताह से अधिक के निचले स्तर के काफी करीब है। अमेरिकी फेडरल ओपन मार्केट कमेटी यानी एफओएमसी की बैठक से पहले अमेरिकी बॉन्ड यील्ड बहुवर्षीय उच्च स्तर पर टिकी हुई है। इसके साथ ही कच्चे तेल की ऊंची कीमतों से महंगाई का जोखिम बढ़ने के कारण डॉलर लगातार मजबूत बना हुआ है। दूसरी तरफ, अगस्त महीने के लिए चीन से आए मिश्रित आर्थिक गतिविधि आंकड़ों ने भी ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को कोई खास सहारा नहीं दिया।

अमेरिकी डॉलर और जापानी येन की जोड़ी यानी यूएसडी जेपीवाई मंगलवार की सुबह लगातार बढ़त दर्ज करते हुए 155.00 के स्तर की ओर बढ़ती दिखाई दी। विदेशी मुद्रा कारोबारी इस सप्ताह होने वाली अमेरिकी फेडरल रिजर्व और बैंक ऑफ जापान की नीतिगत बैठकों के नतीजों का इंतजार कर रहे हैं। अमेरिकी फेड द्वारा ब्याज दरें ऊंची बनाए रखने या बढ़ाने के कयासों तथा कच्चे तेल जनित महंगाई जोखिमों से अमेरिकी बॉन्ड यील्ड को समर्थन मिल रहा है, जिससे यूएसडी जेपीवाई जोड़ी को मजबूती मिल रही है। हालांकि बैंक ऑफ जापान द्वारा अपनी मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने की दिशा में सख्त रुख अपनाने की संभावना जापानी येन को कुछ सहारा दे सकती है, जिससे इस जोड़ी की तेजी सीमित रहने के आसार भी हैं।

## फेड बैठक से पहले सोने की कीमतों पर दबाव
कमोडिटी बाजार में भी अमेरिकी डॉलर की तेजी और बढ़ती बॉन्ड यील्ड का स्पष्ट नकारात्मक प्रभाव देखने को मिला है। बहुमूल्य धातु सोना लगातार दूसरे दिन कमजोरी के साथ कारोबार करता नजर आया। मंगलवार को यूरोपीय सत्र के पहले हिस्से में सोने के भाव 0.80 प्रतिशत टूटकर 4,265 डॉलर से 4,264 डॉलर के दायरे में आ गए।

यह कीमती धातु सोमवार को छुए गए एक महीने से अधिक के निचले स्तर के बेहद करीब बनी हुई है। निवेशक और कारोबारी मंगलवार से शुरू होने वाली दो दिवसीय महत्वपूर्ण एफओएमसी नीतिगत बैठक के नतीजों को लेकर काफी सतर्क हैं। ब्याज दरों में लंबे समय तक सख्ती बने रहने की आशंकाओं के चलते बिना ब्याज वाली परिसंपत्ति जैसे सोने की मांग पर लगातार दबाव बना हुआ है, जिसके कारण निवेशक फिलहाल नई खरीदारी से बच रहे हैं।

## इसका आप पर असर
विदेशी मुद्रा और कमोडिटी बाजार में आए इस उतार-चढ़ाव से वैश्विक अर्थव्यवस्था, आयात-निर्यात और निवेश पर सीधा प्रभाव पड़ेगा।

- **भारतीय आयातकों और कंपनियों पर:** डॉलर की वैश्विक मजबूती से भारतीय रुपये पर दबाव बढ़ सकता है, जिससे कच्चा तेल और अन्य आयात महंगे हो सकते हैं। आयात बिल बढ़ने से देश के भीतर लॉजिस्टिक्स और विनिर्माण लागत में इजाफा देखने को मिल सकता है।
- **सोने के खरीदारों और निवेशकों पर:** अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने के भाव 4,265 डॉलर के स्तर पर फिसलने से घरेलू बाजार में भी कीमतों में नरमी आ सकती है। त्योहारों या शादियों के लिए सोना खरीदने की योजना बना रहे ग्राहकों के लिए यह गिरावट खरीदारी का बेहतर अवसर दे सकती है।
- **विदेशी मुद्रा में निवेश करने वालों पर:** यूरो में 1.1490 तक की गिरावट का जोखिम होने से यूरो से जुड़े निवेश पर रिटर्न घट सकता है। जो निवेशक करेंसी ट्रेडिंग में सक्रिय हैं, उन्हें 1.1600 के स्टॉप लॉस स्तर पर पैनी नजर रखनी चाहिए।
- **विदेश यात्रा और पढ़ाई करने वालों पर:** डॉलर के लगातार मजबूत होने से अमेरिका में पढ़ाई और यात्रा का खर्च और बढ़ सकता है। हालांकि, यूरो में आई कमजोरी से यूरोप की यात्रा करने या वहां पढ़ने वाले छात्रों के लिए करेंसी एक्सचेंज थोड़ा सस्ता हो सकता है।

## ऐसा क्यों हुआ
विदेशी मुद्रा और कमोडिटी बाजार में यह तीव्र गिरावट अमेरिकी आर्थिक कारकों और प्रमुख केंद्रीय बैंकों की आगामी नीतिगत बैठकों के मेल से पैदा हुई है।

- **अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में जोरदार उछाल:** अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड कई वर्षों के उच्चतम स्तर पर बनी हुई है, जिसने डॉलर को अत्यधिक मजबूत बना दिया है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से उत्पन्न मुद्रास्फीति के खतरे ने ब्याज दरों के लंबे समय तक ऊंचे बने रहने की उम्मीदों को हवा दी है।
- **एफओएमसी की महत्वपूर्ण बैठक का दबाव:** दो दिवसीय अमेरिकी फेडरल रिजर्व नीतिगत बैठक से पहले बाजार में भारी सतर्कता देखी जा रही है। ब्याज दरों में बढ़ोतरी या सख्त रुख के कयासों से गैर-यील्ड वाली संपत्तियों जैसे सोने और अन्य मुद्राओं से निवेशक पूंजी निकाल रहे हैं।
- **प्रमुख तकनीकी सपोर्ट स्तरों का टूटना:** यूरो का 1.1565 के अहम सपोर्ट के नीचे गिरकर 1.1522 तक फिसलना तकनीकी बिकवाली को ट्रिगर कर गया। स्टॉप-लॉस ऑर्डर ट्रिगर होने से मंदी का मोमेंटम और तेज हो गया।
- **कमजोर वैश्विक आर्थिक संकेत:** चीन के अगस्त महीने के मिश्रित गतिविधि आंकड़ों ने जोखिम उठाने की क्षमता को सीमित कर दिया है, जिससे ऑस्ट्रेलियाई डॉलर जैसी वृद्धि से जुड़ी मुद्राओं में भी बिकवाली बढ़ गई।

## सवाल-जवाब

### 1. यूरो में गिरावट का अगला संभावित लक्ष्य क्या है?
तकनीकी विश्लेषण के अनुसार, यूरो के नीचे गिरकर 1.1490 के स्तर तक जाने की संभावना जताई गई है।

### 2. यूरो के लिए तात्कालिक सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तर कौन से हैं?
यूरो के लिए तात्कालिक सपोर्ट 1.1520 और 1.1490 पर है, जबकि रेजिस्टेंस स्तर 1.1565 और 1.1580 पर स्थित हैं।

### 3. अमेरिकी डॉलर की मजबूती के पीछे मुख्य कारण क्या हैं?
कच्चे तेल से जुड़ी महंगाई की चिंताएं, बहुवर्षीय उच्च स्तर पर पहुंची अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और फेड की बैठक से पहले ब्याज दरें ऊंची रहने की संभावना इसके मुख्य कारण हैं।

### 4. सोने की कीमतों में कितनी गिरावट दर्ज की गई?
सोने के भाव यूरोपीय सत्र में 0.80 प्रतिशत गिरकर 4,265 से 4,264 डॉलर प्रति औंस के दायरे में आ गए।

### 5. ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और चीनी आंकड़ों का क्या संबंध रहा?
अगस्त महीने के लिए चीन के मिश्रित आर्थिक गतिविधि आंकड़ों से ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को कोई समर्थन नहीं मिला और यह 0.7150 के नीचे बना रहा।

### 6. यूएसडी जेपीवाई करेंसी पेयर किस स्तर की ओर बढ़ रहा है?
यूएसडी जेपीवाई की जोड़ी 155.00 के स्तर की ओर बढ़ती नजर आ रही है, हालांकि बैंक ऑफ जापान के सख्त रुख से इसकी बढ़त सीमित हो सकती है।

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